Connect with us

छत्तीसगढ़

घेराव के दौरान 16 पुलिसकर्मी घायल, कांग्रेसियों पर FIR:बैज ने बताया एकतरफा कार्रवाई, भूपेश बोले- पुलिस अधिकारी ध्यान रखें, भाजपा कुछ महीनों की मेहमान

Published

on

रायपुर, एजेंसी। रायपुर में भाजपा और कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हुए बवाल के बाद पुलिस ने कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया।

साथ ही कांच की बोतलें, लकड़ी और जूते भी फेंके, जिससे 16 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी घायल हो गए। खम्हारडीह थाना प्रभारी की शिकायत पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, देर रात रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला अस्पताल पहुंचे और घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना।

वहीं, PCC चीफ दीपक बैज ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताया। कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने खम्हारडीह थाने के बाहर हंगामा किया और भाजपा नेताओं पर FIR की मांग की।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने एक्स पर पथराव का एक वीडियो शेयर किया है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके जाने का आरोप लगाया, साथ ही कहा कि पुलिस के अधिकारी ध्यान रखें, भाजपा कुछ ही महीनों की मेहमान है।

प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग पर रोका

थाना प्रभारी भावेश कुमार गौतम के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास घेराव के विरोध में भाजयुमो के राजीव भवन घेराव कार्यक्रम को देखते हुए खम्हारडीह थाना, रक्षित केंद्र और अन्य थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था।

इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग तक पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रोकने और समझाने की कोशिश की, लेकिन वे पुलिस से धक्का-मुक्की करने लगे।

पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला घायल पुलिसकर्मियों को देखने देर रात पहुंचे अस्पताल।

पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला घायल पुलिसकर्मियों को देखने देर रात पहुंचे अस्पताल।

पुलिस पर पथराव, 16 पुलिसकर्मी घायल

भावेश कुमार गौतम ने बताया कि इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर कांच की बोतलें, पत्थर, लकड़ी और जूते फेंके। इस घटना में पीएसआई देवराज सिंह के सिर में चोट लगी, महिला आरक्षक सीमा बंजारे समेत अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया।

इन कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने इस मामले में सुनील कुकरेजा, विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, आकाश तिवारी, अजीत कुकरेजा, हनी बग्गा, शांतनु झा, गावेश साहू, खुबी डहरिया, सागर दुल्हानी, अजीज भिंसरा और अमित तिवारी समेत अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

बता दें कि मंगलवार (21 जुलाई) रात राहुल गांधी के समर्थन में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया था। इसके अगले दिन बुधवार को भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने निकले थे।

घायल पुलिसकर्मियों की ये तस्वीरें…

प्रदर्शन के दौरान पथराव और कांच फेंकने से पुलिसकर्मी के पैर में चोट आई है।

प्रदर्शन के दौरान पथराव और कांच फेंकने से पुलिसकर्मी के पैर में चोट आई है।

जवान के घुटने पर चोट के निशान ।

जवान के घुटने पर चोट के निशान ।

भूपेश बोले- हद में रहिए भाजपा वालो

भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट किया कि, हद में रहिए भाजपा वालो। कल घेराव के नाम पर भाजपा के लोगों ने रायपुर में कांग्रेस मुख्यालय पर हमला किया। भाजपा के सारे मंत्री भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं को ताक में रखकर इसमें शामिल हुए।

आदतन उपद्रवी इन तत्वों ने कांग्रेस मुख्यालय और हमारे कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेकें, पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़ी। सारा हमला भाजपा और पुलिस की ओर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए, पत्रकार साथियों को भी चोटें आईं।

और पुलिस ने FIR भी हमारे ही लोगों पर दर्ज कर ली। साफ है कि यह पुलिस के संरक्षण में भाजपा सरकार द्वारा किया गया सुनियोजित हमला था। ठीक उसी तरह जिस तरह दिल्ली में छात्रों के साथ हुआ। भाजपा से तो हम निपट लेंगे लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी ध्यान रखें, भाजपा कुछ ही महीनों की मेहमान है….फिर मिलेंगे।

बैज बोले- यह कार्रवाई बदले की भावना

कांग्रेस नेताओं ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए खम्हारडीह थाने के बाहर हंगामा किया। दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा हम चुप बैठने वाले नहीं हैं, हमने चूड़ियां नहीं पहनी हैं। बीजेपी की यह कार्रवाई पूरी तरह से बदले की भावना से प्रेरित है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

GGU लॉ डिपार्टमेंट पेपर लीक मामला, री-एग्जाम का नोटिफिकेशन रद्द:छात्रों के विरोध के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन का फैसला, 27 जुलाई से होना था एग्जाम

Published

on

बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) ने 27 जुलाई को होने वाली BA-LLB के छठे सेमेस्टर की परीक्षा का नोटिफिकेशन रद्द कर दिया है। छात्रों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह फैसला लिया। अब इस परीक्षा का नोटिफिकेशन भी रद्द कर दिया है।

छात्रों ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और री-एग्जाम के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। रजिस्ट्रार प्रो. अश्वनी दीक्षित और अन्य अधिकारियों ने छात्रों को समझाइश दी।

दोबारा परीक्षा के लिए समय नहीं, इसलिए विरोध

छात्रों का कहना था कि दोबारा परीक्षा के लिए उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया है, जिससे तैयारी करना संभव नहीं होगा। दोपहर से ही छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर विभागाध्यक्ष (HOD) से चर्चा कर रहे थे।

हालांकि कोई समाधान नहीं निकलने पर उनका आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र प्रशासनिक भवन पहुंच गए और विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि री-एग्जाम का नोटिफिकेशन वापस नहीं लिया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। छात्रों के बढ़ते विरोध और हंगामे को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आखिरकार री-एग्जाम की अधिसूचना निरस्त करने की घोषणा कर दी।

रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

बीए-एलएलबी के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा दोबारा कराने पर आपत्ति जताई थी। छात्रों का कहना था कि जिस फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है, उसे पारदर्शिता के लिए सार्वजनिक किया जाए। साथ ही री-एग्जाम संबंधी अधिसूचना वापस लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।

डेढ़ महीने तक दबी रही जांच रिपोर्ट

पेपर लीक मामले की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने 6 जून को अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी थी। इसके बावजूद करीब डेढ़ महीने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल को कार्यकाल विस्तार मिलने के बाद मंगलवार (21 जुलाई) को अचानक परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। इसे लेकर भी छात्र सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हुई।

समर्थ पोर्टल हैक नहीं, लॉगिन आईडी से लीक हुआ था पेपर

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच में सामने आया कि समर्थ पोर्टल हैक नहीं हुआ था, बल्कि लॉगिन आईडी और पासवर्ड के जरिए प्रश्नपत्र और अन्य डेटा लीक किया गया। कमेटी ने मामले की पुलिस जांच कराने की भी अनुशंसा की है।

जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने विभागीय जांच समिति बनाई है, जिसमें प्रो. एससी श्रीवास्तव, प्रॉक्टर प्रो. मुकेश कुमार सिंह, प्रो. खेमचंद देवांगन, ओएसडी प्रो. भारती अहिरवार और असिस्टेंट रजिस्ट्रार (परीक्षा) टी.पी. सिंह शामिल हैं।

पहले हटाए जा चुके हैं लॉ विभाग के डीन और एचओडी

पेपर लीक मामले में सवाल उठने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही लॉ विभाग के तत्कालीन एचओडी एवं डीन प्रो. सुधांशु रंजन मोहापात्रा को पद से हटा दिया है। उनकी जगह इतिहास विभाग के प्रो. प्रवीण मिश्रा को लॉ विभाग का नया एचओडी और डीन बनाया गया है। छात्रों ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति और विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष तक भी पहुंचाई थी।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

शेयर ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने का झांसा:जांजगीर-चांपा में व्यापारी से 2.04 करोड़ की ठगी, आरोपी पति-पत्नी रायपुर से गिरफ्तार

Published

on

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले में शेयर मार्केट में निवेश कर रकम दोगुनी करने का लालच देकर एक व्यापारी से 2 करोड़ 4 लाख 97 हजार 502 रुपये की ठगी करने वाले फरार पति-पत्नी को चांपा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार थे। पुलिस ने नया रायपुर से उन्हें पकड़कर लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और चेकबुक जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार, चांपा निवासी बैटरी व्यापारी हेमदत्त केशरवानी ने 24 मई को थाना चांपा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पहचान मारुति विहार कॉलोनी निवासी हरिशंकर गुप्ता और उनकी पत्नी रेखा गुप्ता से थी। हरिशंकर ने खुद को यूनियन बैंक चांपा का कर्मचारी बताया और शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया।

2 करोड़ से ज्यादा निवेश कराया

आरोपियों के झांसे में आकर व्यापारी ने बैंक से लोन लेकर तथा अन्य लोगों के माध्यम से चेक और आरटीजीएस के जरिए 2.04 करोड़ रुपये से अधिक उनके खातों में जमा करा दिए। बाद में आरोपियों ने केवल 39 लाख 99 हजार 400 रुपये लौटाए और बाकी रकम देने में टालमटोल करते हुए फरार हो गए।

तकनीकी जांच से नया रायपुर में मिले

मामला दर्ज होने के बाद चांपा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की लोकेशन नया रायपुर में ट्रेस की। पुलिस टीम ने दबिश देकर हरिशंकर गुप्ता (43) और रेखा गुप्ता (42) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने ठगी की बात स्वीकार कर ली।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और चेकबुक जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और चेकबुक जब्त किए हैं। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

Continue Reading

कोरबा

कोरबा प्रेस क्लब में जयसिंह और अरुण साव आमने-सामने:शपथ ग्रहण समारोह में विकास पर सियासी बहस, उपलब्धियों और चुनावी नतीजों को लेकर तीखी नोकझोंक

Published

on

कोरबा। कोरबा प्रेस क्लब के शपथ ग्रहण समारोह का मंच गुरुवार को उस समय राजनीतिक रंग में रंग गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रदेश सरकार के ढाई साल के कार्यकाल पर सवाल उठाए। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव और उद्योग मंत्री तथा स्थानीय विधायक लखनलाल देवांगन भी मौजूद थे।

अपने संबोधन में जयसिंह अग्रवाल ने कहा, “सरकार अपनी ढाई साल की सिर्फ ढाई उपलब्धियां ही बता दे।” उन्होंने कहा कि यदि विकास के दावे किए जा रहे हैं तो उन पर खुले मंच से सार्वजनिक बहस होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सरकार के किसी भी मंत्री को कोरबा के विकास कार्यों पर चर्चा की चुनौती दी।

डिप्टी सीएम अरुण साव ने चुनावी नतीजों का हवाला देकर किया पलटवार

डिप्टी सीएम अरुण साव ने चुनावी नतीजों का हवाला देकर किया पलटवार

कोरबा का दौरा करने की दी सलाह

जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव लंबे समय बाद कोरबा आए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रहने के बजाय कोरबा, कुसमुंडा, गेवरा, दीपका, कटघोरा और बालको का दौरा करें, ताकि जिले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

महापौर पर नरमी, सरकार पर सवाल

पूर्व मंत्री ने कहा कि कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत का कार्यकाल अभी केवल 16 महीने का है, इसलिए उनके कामकाज पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा। वहीं उन्होंने राज्य सरकार के ढाई साल के कार्यकाल को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी अधिकारियों की गड़बड़ी का खुले मंच से विरोध किया जाता था।

अरुण साव का पलटवार

जयसिंह अग्रवाल के बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा, “पहले जयसिंह अग्रवाल अपने कार्यकाल का आत्ममंथन करें। पांच साल कांग्रेस की सरकार रही, महापौर भी उनके घर से थी, लेकिन जनता ने चुनाव में जवाब दे दिया।”

उन्होंने दावा किया कि वर्तमान भाजपा सरकार ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए काम कर रही है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677