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कोरबा

मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम के लिए समन्वित कार्ययोजना पर जोर

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रिहायशी क्षेत्रों से हाथियों को दूर रखने वन विभाग की टीमें रहें सतर्क: कलेक्टर

मुआवजा प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर विकसित करने के दिए निर्देश

कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम, हाथी प्रभावित परिवारों के मुआवजा प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा हाथियों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन, विद्युत, राजस्व, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मानव-हाथी द्वंद्व की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने वन विभाग की हाथी निगरानी टीमों को पूरी सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि हाथियों को हरसंभव प्रयास कर रिहायशी क्षेत्रों से दूर रखा जाए, ताकि जनहानि एवं अन्य दुर्घटनाओं की संभावना न्यूनतम रहे। उन्होंने कहा कि हाथी प्रभावित गांवों में समय पर सूचना पहुंचाना तथा ग्रामीणों को सतर्क रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भीड़ नियंत्रण की स्थिति में पुलिस एवं वन विभाग को आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में हाथियों से हुई जनहानि, फसल क्षति, मकान एवं अन्य संपत्ति नुकसान से संबंधित मुआवजा प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मुआवजा वितरण में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होने देने के निर्देश देते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध बनाने के लिए विशेष ऑनलाइन सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए। इसके माध्यम से प्रकरणों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, लंबित मामलों की समीक्षा तथा भुगतान की प्रगति पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।
कलेक्टर ने हाथी विचरण क्षेत्रों से गुजरने वाली 11 केवी विद्युत लाइनों के लो-हैंगिंग प्वाइंट्स का तत्काल सर्वे कर उन्हें मानक ऊंचाई तक सुधारने के निर्देश विद्युत विभाग को दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्युत तारों के संपर्क में आने से किसी भी हाथी की मृत्यु नहीं होनी चाहिए। वन एवं विद्युत विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर झूलते तारों, क्षतिग्रस्त विद्युत खंभों तथा कम ऊंचाई वाली विद्युत लाइनों में शीघ्र सुधार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अवैध विद्युत हुकिंग तथा खेतों में करंटयुक्त तार लगाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक में हाथी प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीण परिवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर अधिक से अधिक पक्के आवास स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। संबंधित विभागों को ऐसे परिवारों का सर्वेक्षण कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।
कलेक्टर श्री दुदावत ने भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) द्वारा चिन्हित हाथी गलियारों में हाथियों के सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित एलीफेंट कॉरिडोर में किसी भी विकास अथवा निर्माण कार्य से पूर्व वन विभाग से आवश्यक अनुमति एवं अभिमत प्राप्त किया जाए तथा विकास योजनाओं में हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्गों को किसी भी प्रकार से बाधित न किया जाए। उन्होंने लेमरू हाथी रिजर्व क्षेत्र तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण के दौरान भी हाथियों के सुरक्षित आवागमन का विशेष ध्यान रखने को कहा।
कलेक्टर ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ करने के लिए लघु वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं, जिससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि हो तथा वन क्षेत्रों पर अनावश्यक दबाव कम हो। साथ ही वनांचल क्षेत्रों में अवैध महुआ लाहान एवं महुआ शराब के निर्माण तथा भंडारण के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में हाथियों के लिए पेयजल एवं प्राकृतिक खाद्य स्रोतों की उपलब्धता बढ़ाने, हाथी विचरण क्षेत्रों में हाईमास्ट एवं सोलर लाइट लगाने, जीपीएस तकनीक से हाथियों की लोकेशन ट्रैक करने, मोबाइल अलर्ट, दीवार लेखन, सूचना संकेतक, सीसीटीवी एवं थर्मल ड्रोन से निगरानी, श्गज संकेतश् एवं श्सजगश् एप के माध्यम से सूचना प्रसारित करने तथा प्रभावित ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने जैसे नवाचारों की भी जानकारी दी गई।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रत्येक शनिवार चयनित विद्यालयों के विद्यार्थियों का वन विभाग के जागरूकता केंद्रों में भ्रमण कराया जाए, ताकि उन्हें हाथियों के व्यवहार, उनसे बचाव, वन संरक्षण, पौधारोपण, मृदा संरक्षण एवं वन अग्नि से बचाव संबंधी व्यवहारिक जानकारी दी जा सके।
बैठक में वनमण्डलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत ने मानव-हाथी द्वंद्व की वर्तमान स्थिति, हाथियों के विचरण क्षेत्र, मुआवजा प्रकरणों की प्रगति तथा विभाग द्वारा किए जा रहे रोकथाम एवं जनजागरूकता कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि हाथी प्रभावित प्रकरणों के मुआवजा वितरण के लिए राशि की कोई कमी नहीं है तथा आवश्यक प्रतिवेदन प्राप्त होते ही प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जा रहा है।
बैठक में वनमण्डलाधिकारी कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, नगर पालिक निगम कोरबा के आयुक्त आशुतोष पांडेय, जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विद्युत, कृषि, उद्यानिकी, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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कोरबा

कोयला खनन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 50 खदानों को स्टार रेटिंग पुरस्कारों से किया गया सम्मानित

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रायपुर में आयोजित स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह 2026 में सुरक्षित, कुशल एवं पर्यावरण अनुकूल खनन की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को मिला सम्मान

केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पुरस्कार वितरित करने के बाद अपने संबोधन में जिम्मेदार एवं सतत खनन पर दिया जोर

रायपुर, 2 नवंबर 2026। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय द्वारा आज रायपुर, छत्तीसगढ़ स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह 2026 का आयोजन किया गया। समारोह में वित्त वर्ष 2024-25 के मूल्यांकन के आधार पर कोयला एवं लिग्नाइट खनन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली देश की कुल 50 पांच सितारा खदानों को सम्मानित किया गया। इनमें 15 भूमिगत (अंडरग्राउंड) तथा 35 ओपनकास्ट खदानें शामिल हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से सुरक्षित, कुशल, वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल खनन की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली खदानों के योगदान को मान्यता दी गई।

समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पुरस्कार वितरित किए। पुरस्कार वितरण के पश्चात अपने संबोधन में उन्होंने कोयला क्षेत्र में उत्कृष्टता, सुरक्षित खनन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जिम्मेदार एवं सतत खनन पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय के अपर सचिव सानोज कुमार झा, कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम, कोयला नियंत्रक संगठन (CCO), नई दिल्ली के कोयला नियंत्रक सतीश कुमार सहित कोयला मंत्रालय एवं विभिन्न कोयला कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में देश की विभिन्न कोयला कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

छत्तीसगढ़ के लिए भी यह समारोह विशेष उपलब्धि का अवसर रहा। पांच सितारा रेटिंग प्राप्त खदानों की सूची में दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की तीन भूमिगत खदानें—बंगवार अंडरग्राउंड माइन, खैराहा UG माइन और बहेराबांध UG माइन—शामिल हैं। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड की गेरे पेलमा सेक्टर-III कोल माइन तथा पारसा केंटे कोलियरीज लिमिटेड की पारसा ईस्ट एंड कांटा बासन ओपनकास्ट कोल माइन को भी पांच सितारा रेटिंग प्राप्त हुई है।

कोयला मंत्रालय की स्टार रेटिंग नीति के अंतर्गत कोयला एवं लिग्नाइट खदानों के प्रदर्शन का विभिन्न निर्धारित मानकों पर व्यापक मूल्यांकन किया जाता है। इनमें परिचालन दक्षता, उत्पादन एवं उत्पादकता, तकनीकी नवाचार, व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, पर्यावरण प्रबंधन, सतत विकास तथा स्थानीय समुदायों के कल्याण से जुड़े पहलू शामिल हैं। मूल्यांकन एवं सत्यापन की प्रक्रिया कोयला नियंत्रक संगठन द्वारा नियुक्त समीक्षकों के माध्यम से की जाती है।

स्टार रेटिंग प्रणाली का उद्देश्य खदानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना तथा उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को व्यापक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल देश के कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ वैज्ञानिक, सुरक्षित एवं सतत खनन को प्रोत्साहित करती है।

कोयला मंत्रालय की यह पहल देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास में कोयला क्षेत्र के योगदान को मजबूत करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

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राज्योत्सव में जनसम्पर्क विभाग के स्टॉल में लोगों को मिली शासकीय योजनाओं की जानकारी

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जनमन, सहित अन्य प्रचार सामग्री का किया गया वितरण

कोरबा 02 नवम्बर 2026। कोरबा शहर के घन्टाघर चौक स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर ओपन आडिटोरियम परिसर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। यहाँ विभिन्न विभागों द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी और योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

इसी कड़ी में जनसंपर्क विभाग द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई।  जिले के विकास प्रगति तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी प्रदर्शित की गई। जिले के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना,  युक्तियुक्त करण एवं अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार,  जल जीवन मिशन अंतर्गत लगे नल, पहाड़ी कोरवाओं के युवा बेरोजगारों को मिली नौकरी के बाद जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास एवं अन्य योजनाओं के लाभ से जीवन में आए बदलाव को बताया गया।

स्टॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित  मासिक पत्रिका जनमन सहित अन्य ब्रोसर,पाम्पलेट व पत्रिकाओं का वितरण भी आमनागरिको को किया गया। यहाँ से शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर युवाओं द्वारा बताया गया कि जनमन जैसी पत्रिका उनके लिए बहुत उपयोगी है। पत्रिका में शासन द्वारा संचालित सभी योजनाओं की जानकारी होती है। जो कि  प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में  काम आती है। साथ ही आमजनों को स्टॉल में लगी फोटो प्रदर्शनी के माध्यम अनेक विभागीय योजनाओं की भी जानकारी प्राप्त हुई। जिससे वे उन योजनाओं से जुड़कर निश्चित ही लाभांवित होंगे। राज्योस्थल पर महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, आदिम जाति विकास, वन, कृषि, मछली पालन, क्रेडा स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्योग, रेशम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित अन्य विभागों द्वारा अपने स्टॉल के माध्यम से विभागीय योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिक इन स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

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मधु स्वीट्स, न्यू दिल्ली स्वीट्स, रवि डेयरी, लल्ला कैफे, नेचुरल स्वीट्स और सुगर क्राउन का निरीक्षण

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दो दुकानों से मिठाइयों के नमूने लिए, चार दुकानों पर 13 हजार रुपये का जुर्माना

कोरबा, 2 नवंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व प्रशासन तथा नगर पालिक निगम की संयुक्त टीम ने मिठाई दुकानों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान निहारिका स्थित मधु स्वीट्स से खोवा तथा टीपी नगर स्थित न्यू दिल्ली स्वीट्स से काजू कतली का नमूना जाँच के लिए लिया गया। खाद्य मानकों का पालन नहीं करने पर निहारिका स्थित रवि डेयरी पर 3,000 रुपये और लल्ला कैफे पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। टीपी नगर स्थित नेचुरल स्वीट्स पर 3,000 रुपये तथा सुगर क्राउन पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
संयुक्त टीम ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।

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