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कोरबा

नए बीटीएपी एल्यूमिना रेलवे रेक के साथ बालको ने आपूर्ति श्रृंखला को किया और मजबूत

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बालकोनगर। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी लॉजिस्टिक्स क्षमता को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने रेलवे यार्ड में दूसरा बीटीएपी (बोगी टैंक एल्यूमिना पाउडर) एम-1 (बी12) रेलवे रेक शामिल किया है। यह कंपनी की प्रचालन दक्षता बढ़ाने, एल्यूमिना की बिना रूकावट आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा एक मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता (1 एमटीपीए) के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश है।

एल्यूमिना एल्यूमिनियम उत्पादन का प्रमुख कच्चा माल है और इसकी समयबद्ध उपलब्धता उत्पादन प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रतिदिन हजारों टन एल्यूमिना लंबी दूरी तय कर बालको के संयंत्र तक पहुंचता है। ऐसे में इसकी सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना कंपनी के संचालन की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण है।

भारतीय रेलवे की लिबरलाइज्ड स्पेशल फ्रेट ट्रेन ऑपरेटर (एलएसएफटीओ) योजना के तहत शामिल किए गए इस नए रेलवे रेक से रेल आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। इससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी, बड़ी मात्रा में एल्यूमिना का अधिक सुरक्षित एवं नियमित परिवहन संभव होगा तथा लॉजिस्टिक्स लागत में दीर्घकालिक दक्षता आएगी। रेल परिवहन के माध्यम से सामग्री की आवाजाही अधिक व्यवस्थित, विश्वसनीय और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी।

यह पहल पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है। रेल परिवहन के बढ़ते उपयोग से लॉजिस्टिक्स से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है, जो वेदांता के वर्ष 2050 तक नेट ज़ीरो कार्बन लक्ष्य के अनुरूप है।

नया रेलवे रेक बालको के आधुनिक डिजिटल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है। 24×7 कंट्रोल टॉवर के माध्यम से जीपीएस आधारित रियल-टाइम ट्रैकिंग, संयंत्र परिसर में केंद्रीयकृत सीसीटीवी निगरानी तथा सस्टेनेबल प्रचालन मॉनिटरिंग से सामग्री की आवाजाही पर निरंतर नजर रखी जाती है। इससे त्वरित निर्णय लेने, बेहतर समन्वय स्थापित करने और संपूर्ण सप्लाई चेन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है।

यह रेलवे रेक केवल परिवहन अवसंरचना का विस्तार नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एक स्मार्ट, मजबूत और टिकाऊ सप्लाई चेन विकसित करने की दिशा में बालको की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। यह निवेश उत्पादन की निरंतरता सुनिश्चित करने, प्रचालन क्षमता बढ़ाने और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एक मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए बालको आधुनिक तकनीक, कुशल लॉजिस्टिक्स और टिकाऊ विकास के माध्यम से देश के एल्यूमिनियम उद्योग में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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कोरबा

अटलजी की प्रतिमा में भ्रष्टाचार शर्मनाक, भाजपा सरकार को जनता से माफी मांगनी चाहिए : डॉ. चरणदास महंत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने  स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा निर्माण में कथित अनियमितता को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अटलजी जैसे सर्वमान्य नेता की स्मृति के साथ भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का ऐसा खिलवाड़ बेहद शर्मनाक है।

डॉ. महंत ने कहा कि कटघोरा के अटल परिसर में लगभग 14 लाख रुपये की लागत से कांस्य प्रतिमा स्थापित की जानी थी, लेकिन आरोप है कि कांस्य प्रतिमा के स्थान पर सीमेंट की प्रतिमा बनाकर उस पर रंग-पेंट कर स्थापित कर दी गई। बारिश के बाद प्रतिमा की सतह उधड़ने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “पानी में बह जाने वाली कांस्य प्रतिमा का यह दुनिया का पहला मामला होगा। अब सरकार बताए कि अटलजी की प्रतिमा कांस्य की थी या सीमेंट की, और यदि कांस्य की थी तो कांस्य आखिर गया कहां?”
डॉ. महंत ने कहा कि यह केवल एक प्रतिमा का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी धन, सरकारी व्यवस्था और अटलजी की प्रतिष्ठा—तीनों के साथ खिलवाड़ का मामला है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर ठेकेदार के राजनीतिक संबंधों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण का ठेका किसे मिला, किस सामग्री की स्वीकृति थी और मौके पर क्या लगाया गया।
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि प्रदेश के नगरीय निकाय क्षेत्रों में अटल परिसर और अटल चौक के निर्माण तथा स्व. वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए विधानसभा में 183 स्थानों की घोषणा और लगभग 45 करोड़ रुपये की राशि जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में कटघोरा की घटना के बाद केवल एक प्रतिमा की जांच पर्याप्त नहीं होगी।
उन्होंने मांग की कि प्रदेश में स्थापित सभी अटलजी की प्रतिमाओं की गुणवत्ता और सामग्री की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए। जिन प्रतिमाओं में घटिया सामग्री, निर्धारित मापदंडों से विचलन या वित्तीय अनियमितता मिले, वहां संबंधित ठेकेदार, सप्लायर और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
डॉ. महंत ने कहा कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू अटल बिहारी वाजपेयी का सम्मान करते थे। इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी अटलजी को संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का अवसर दिया था। अटलजी की राजनीतिक विरासत दलगत सीमाओं से कहीं ऊपर थी।
उन्होंने कहा, “मुझे सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की है कि देश के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक की स्मृति के साथ उन्हीं की पार्टी की सरकार के कार्यकाल में ऐसी बेईमानी के आरोप लग रहे हैं। सरकार को बताना चाहिए कि यह अटलजी का सम्मान है या उनके नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट?”
डॉ. महंत ने भाजपा सरकार के नारे पर भी तंज कसते हुए कहा कि “सरकार कहती है—हमने बनाया, हम ही संवारेंगे। लेकिन कटघोरा में अटलजी की प्रतिमा देखकर सवाल उठता है कि सरकार ने बनाया क्या और संवारा क्या?”
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, दोषियों पर एफआईआर तथा सरकारी राशि की वसूली की कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही प्रदेश में स्थापित सभी अटल प्रतिमाओं का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।

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कोरबा

576.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

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कोरबा। कोरबा जिले में एक जून से आज तक कुल 576.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई।
   अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 616.8 मिलीमीटर, अजगरबहार 418, भैंसमा, 531, करतला 537.5, बरपाली 618.4, कटघोरा 586.9 दीपका 619.9, दर्री 711.9, पाली 616.8, हरदीबाजार 474.6, पोंड़ी-उपरोड़ा 614.8, और पसान तहसील में 575.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसी तरह पिछले 24 घंटे में जिले में 13.5 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।

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कोरबा

खनिज विभाग कोरबा की लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई में 12 वाहन जब्त

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जिलेभर में खनिज माफियाओं के खिलाफ सख्त शिकंजे से मचा हड़कंप

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश तथा उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में अवैध उत्खनन परिवहन व भण्डारण पर प्रतिबंध लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत गठित खनिज उड़़नदस्ता दलों द्वारा जिले के कई स्थानों पर छापा मारकर सघन जांच की गई। जिस दौरान राताखार में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 3 ट्रेक्टर, कसरेंगा में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर, बरमपुर में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 ट्रेक्टर, सुराकछार में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 ट्रेक्टर, पाली में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 ट्रेक्टर, कापूबहरा में मिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर तथा भिलाई बाजार में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर व 1 टीपर सहित कुल 12 वाहनों पर कार्यवाही करते हुए जब्त कर सिविल लाइन थाना, रामपुर, सर्वमंगला पुलिस चौकी, पाली थाना, हरदीबाजार थाना व खनिज जांच चौकी, कटघोरा की अभिरक्षा में सुरक्षार्थ रखा गया है।
      खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर प्रतिबंध सुनिश्चित करना, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। नियमों का उल्लघंन करने, अवैध उत्खनन एवं परिवहन तथा भण्डारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध खान और खनिज (विकास और विनियमन)  अधिनियम, छत्तीसगढ़़ गौण खनिज नियम और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण के विरुद्ध सघन अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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