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छत्तीसगढ़

रायपुर : दिव्यांगजनों के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘दिव्यांग’ शब्द देकर सम्मान और आत्मगौरव का नया भाव दिया : मुख्यमंत्री

प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के तहत 3.58 करोड़ रुपये के सहायक उपकरणों का वितरण, 1739 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित

बलबीर सिंह जुनेजा स्टेडियम के जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण के लिए 7 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा

प्रोजेक्ट 'सहारा' के तहत 3.58 करोड़ रुपये के सहायक उपकरणों का वितरण, 1739 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित
प्रोजेक्ट 'सहारा' के तहत 3.58 करोड़ रुपये के सहायक उपकरणों का वितरण, 1739 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित

रायपुर। किसी भी संवेदनशील और विकसित समाज की पहचान इस बात से होती है कि वहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने का अधिकार मिले। दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी प्रतिभा, क्षमता तथा आत्मविश्वास को सही अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार इसी सोच के साथ दिव्यांगजनों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक अपना योगदान दे सकें। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के अंतर्गत दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

प्रोजेक्ट 'सहारा' के तहत 3.58 करोड़ रुपये के सहायक उपकरणों का वितरण, 1739 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों के प्रति देश की सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने केवल कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार ही नहीं किया, बल्कि उन्हें ‘दिव्यांग’ कहकर सम्मान और आत्मगौरव का नया भाव भी दिया। यह परिवर्तन केवल शब्दों का नहीं, बल्कि समाज की सोच और दृष्टिकोण का परिवर्तन है। प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार भी दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

प्रोजेक्ट 'सहारा' के तहत 3.58 करोड़ रुपये के सहायक उपकरणों का वितरण, 1739 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित

  मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर इंडोर स्टेडियम के जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण के लिए 7 करोड़ रुपये की राशि प्रदान किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना का विकास केवल खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि ऐसे सामाजिक और जनहितकारी आयोजनों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, कृत्रिम हाथ-पैर, वैशाखी, वॉकिंग स्टिक तथा अन्य आधुनिक सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने हितग्राहियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि ये उपकरण केवल सहायता सामग्री नहीं हैं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की नई शुरुआत हैं। इनकी सहायता से दिव्यांगजन शिक्षा, रोजगार, आवागमन और दैनिक जीवन के कार्यों में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे तथा समाज की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जुड़ पाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेशवासियों को सावन माह के प्रथम सोमवार की शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सभी नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सेवा, करुणा और मानवता का संदेश देती है तथा समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता करना हम सभी का दायित्व है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर जिले में विशेष अभियान चलाकर दिव्यांगजनों की व्यापक स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 1600 से अधिक दिव्यांगजनों की पहचान की गई। इस महत्वाकांक्षी पहल के लिए भारत सरकार से 3 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत पहले ही 500 से 600 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए जा चुके हैं, जबकि आज 1000 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं। इस प्रकार कुल 1739 दिव्यांगजन प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल उपकरण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों को अधिक सम्मानजनक, स्वतंत्र और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सर्वांगीण कल्याण के लिए सहायक उपकरण वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शिक्षा एवं रोजगार में आरक्षण, कौशल विकास, पुनर्वास और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र दिव्यांगजन शासन की सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने सभी हितग्राहियों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में मोदी की गारंटी के अधिकांश संकल्पों को धरातल पर उतारा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, रामलला दर्शन योजना तथा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी अनेक योजनाओं ने समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को 29 किश्तों के माध्यम से अब तक 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों तक शासन की सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से ‘सेवा सेतु’ एप के माध्यम से 36 विभागों की 500 से अधिक सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से सप्ताह के सातों दिन चौबीसों घंटे शिकायत दर्ज कराने और समयबद्ध समाधान प्राप्त करने की सुविधा भी नागरिकों को उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट धड़कन, प्रोजेक्ट सुरक्षा, प्रोजेक्ट रेडक्रॉस, प्रोजेक्ट दधीचि, प्रोजेक्ट जिंदगी मुस्कुराएगी, प्रोजेक्ट निःक्षय मित्र, प्रोजेक्ट वंदन और प्रोजेक्ट गोल्डन आवर जैसे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन की ये पहलें संवेदनशील और जनकेंद्रित सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं नवाचारों की श्रृंखला में प्रोजेक्ट ‘सहारा’ दिव्यांगजनों के जीवन में नई आशा, नई सुविधा और नया आत्मविश्वास लेकर आया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट सरल एवं प्रोजेक्ट गोल्डन आवर का शुभारंभ भी किया तथा “नवाचार से प्रगति पथ पर अग्रसर रायपुर” कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के तहत वितरित किए जा रहे सहायक उपकरण दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में दिव्यांगजनों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का वातावरण तैयार किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन केवल शारीरिक चुनौतियों का सामना करते हैं, उनकी प्रतिभा, क्षमता और हौसले किसी भी प्रकार से कम नहीं होते।

तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि प्रोजेक्ट ‘सहारा’ केवल सहायक उपकरण वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, स्वावलंबन और सामाजिक समावेशन का अभियान है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में राज्य सरकार आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के माध्यम से दिव्यांगजनों को समय-समय पर कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है, जिससे वे दक्ष होकर आत्मनिर्भर बनें और सम्मानजनक रोजगार से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि आज वितरित किए जा रहे सहायक उपकरण दिव्यांगजनों के लिए स्वतंत्र जीवन और नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का किया अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी परियोजनाओं एवं नवाचारों से संबंधित स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर योजनाओं से प्राप्त लाभ की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। 

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्रकुमार साहू, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, प्रमुख सचिव समाज कल्याण श्रीमती शहला निगार, संभागायुक्त श्याम धावड़े, कलेक्टर गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन तथा उनके परिजन उपस्थित थे।

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कोरबा

ऋषि पंचमी पर श्रीहरि परिवार के आचार्य भूषण कृष्ण शास्त्री के सान्निध्य में भव्य एवं दिव्य अनुष्ठान

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मारवाड़ी ब्राह्मण महिला मंडल के दो दिवसीय धार्मिक आयोजन में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

कोरबा, 18 सितंबर। मारवाड़ी ब्राह्मण महिला मंडल, कोरबा द्वारा ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर 15 एवं 16 सितंबर को परशुराम भवन में दो दिवसीय भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार एवं शास्त्रोक्त धार्मिक अनुष्ठानों ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया।

इस दो दिवसीय धार्मिक आयोजन में श्रीहरि परिवार के संस्थापक आचार्य भूषण कृष्ण शास्त्री का विशेष सान्निध्य एवं मार्गदर्शन रहा। उनके साथ उनके अनुज ज्योतिर्विद पंडित कुशल शास्त्री तथा सहयोगकर्ता विद्यार्थी अनमोल पांडे के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान वैदिक एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराए गए। मंत्रोच्चार एवं धार्मिक विधियों के बीच श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक अनुभूति का लाभ लिया।

सप्तऋषियों का विधि-विधानपूर्वक पूजन

ऋषि पंचमी के अवसर पर समाज की महिलाओं ने सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। परिवार, समाज एवं समस्त मानव समाज की सुख-समृद्धि, शांति एवं कल्याण के लिए प्रार्थना की गई।

श्रीमती रेनू पुजारी के नेतृत्व में हुआ आयोजन

मारवाड़ी ब्राह्मण महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेनू पुजारी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में समाज की बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। महिला मंडल की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।

धर्म, संस्कृति और संस्कारों का संदेश

आचार्य भूषण कृष्ण शास्त्री एवं उनके सहयोगी आचार्यों के मार्गदर्शन में संपन्न धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से वैदिक परंपराओं, भारतीय संस्कृति एवं सनातन संस्कारों के संरक्षण का संदेश दिया गया। आयोजन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने धार्मिक एवं सामाजिक एकजुटता का परिचय दिया।

महिला मंडल की ओर से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाली सभी बहनों एवं आचार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सप्तऋषियों का आशीर्वाद समाज के सभी सदस्यों पर सदैव बना रहने तथा समाज की सुख-समृद्धि, एकता एवं प्रगति के लिए प्रार्थना की गई।


ऋषि पंचमी के अवसर पर परशुराम भवन में आयोजित दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में श्रीहरि परिवार के संस्थापक आचार्य भूषण कृष्ण शास्त्री, ज्योतिर्विद पंडित कुशल शास्त्री, आचार्य अनमोल पांडे एवं मारवाड़ी ब्राह्मण महिला मंडल की पदाधिकारी व सदस्यगण।

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कोरबा

“दीपोत्सव सा जगमगाया कोरबा: सेवा संकल्प यात्रा के साथ हर घर में जले ‘आशीर्वाद के दीये’, सुशासन और जनसेवा की नई अलख”

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भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के नेतृत्व में जिलेभर में सेवा एवं जनभागीदारी कार्यक्रम, टी.पी. नगर स्थित जिला भाजपा कार्यालय दीपों से हुआ जगमग

कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस एवं उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई है। इसी कड़ी में कोरबा जिले में भी सेवा, जनभागीदारी और जनसेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

अभियान के तहत गुरुवार को जिला कलेक्टर कार्यालय, कोरबा से ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के रथ का भव्य शुभारंभ किया गया। भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में सेवा संकल्प रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, कलेक्टर कुणाल दुदावत, महापौर संजू देवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, निगम सभापति नूतन सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह, राजीव सिंग, अजय विश्वकर्मा, नवीन अरोड़ा, अर्जुन गुप्ता एवं संजय राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

पांचों विकासखंडों में पहुंचेगा सेवा संकल्प रथ

सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के पांचों विकासखंडों के लिए रथ रवाना किया गया है। यह रथ जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगा। रथ के माध्यम से एलईडी स्क्रीन पर केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों और सेवा संकल्प से जुड़े संदेशों का प्रदर्शन किया जाएगा।

इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को शासन की योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी देने तथा सेवा एवं जनभागीदारी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

‘प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर घर-घर जगमगाए आशीर्वाद का दीप’ : गोपाल मोदी

इसी क्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिलेभर में घर-घर पहुंचकर दीप प्रज्वलित किए। कार्यकर्ताओं ने नागरिकों से सेवा, समाजहित और जनभागीदारी के इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

गोपाल मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर घर-घर आशीर्वाद का दीप जगमगाए, यही सेवा संकल्प का संदेश है। सेवा और जनभागीदारी के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।” घर-घर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उत्सवी वातावरण देखने को मिला।

दीपों से जगमगाया भाजपा जिला कार्यालय

वहीं टी.पी. नगर स्थित भाजपा जिला कार्यालय को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया। कार्यालय परिसर में सुंदर रंगोली बनाई गई तथा कार्यकर्ताओं ने दीप प्रज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान के प्रति अपनी सहभागिता व्यक्त की।
दीपों की रोशनी से भाजपा जिला कार्यालय जगमगा उठा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सेवा, समर्पण और जनभागीदारी को अभियान का आधार बनाते हुए जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

मंडल से बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सहभागिता

कार्यक्रम के दौरान भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कहा कि सेवा और जनभागीदारी के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। जिले के विभिन्न मंडलों से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सहभागिता के माध्यम से अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

जिले में सेवा संकल्प यात्रा, ग्राम पंचायतों तक पहुंचने वाले रथ और घर-घर दीप प्रज्वलन जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा, संगठन और सामाजिक सहभागिता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

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कोरबा

विकास के नाम पर ग्रामीणों के भविष्य पर बुलडोजर, SECL और प्रशासन की हठधर्मिता से हरदीबाजार में आक्रोश व तनाव का माहौल

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अस्पताल व हॉस्टल भवन को ढहाए जाने से ग्रामीणों की उम्मीदें टूटीं, भारी पुलिस बल की मौजूदगी से गांव में कर्फ्यू जैसा माहौल

मुआवजा विसंगति रोजगार और पुनर्वास स्थल की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष, भविष्य को लेकर अनिश्चितता

देश हित में कोयला जरूरी, लेकिन किसानों के सीने पर चढ़कर विकास मंजूर नहीं — ग्राम पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीण

कोरबा/हरदीबाजार। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड SECL दीपका क्षेत्र द्वारा प्रशासन पुलिस बल और CISF की मौजूदगी में सुबह 5:00 बजे हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (अस्पताल) एवं हॉस्टल भवन को जबरन ढहाए जाने की कार्रवाई से क्षेत्र में भारी आक्रोश और तनाव व्याप्त है। प्रशासनिक तंत्र के बल पर की गई इस कार्रवाई से अपनी वाजिब मांगों के निराकरण का इंतजार कर रहे स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की उम्मीदें पूरी तरह टूट गई हैं ।

ग्रामीणों का आरोप है कि SECL और प्रशासन की प्राथमिकता केवल खदान विस्तार और कोयला उत्खनन तक सीमित है, जबकि प्रभावितों के मौलिक अधिकारों और समस्याओं की निरंतर अनदेखी की जा रही है ।

ग्रामीणों द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे एवं समस्याएं

  1. मुआवजा और रोजगार में विसंगति:- भू-स्वामियों को तय नीति के अनुसार मुआवजा और रोजगार उपलब्ध कराने में भारी अनियमितता बरती जा रही है। पात्र युवाओं को वैकल्पिक रोजगार न देकर भटकने पर मजबूर किया जा रहा है ।
  2. पुनर्वास (बसाहट) स्थल की दयनीय स्थिति:- SECL द्वारा बसाहट के लिए प्रस्तावित स्थलों पर निर्माण व विकास कार्य अत्यंत निराशाजनक और अधूरे पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों के पुनर्वास पर संकट खड़ा हो गया है ।
  3. जल संकट और प्रदूषण की गंभीर समस्या:- दीपका खदान की दूरी हरदीबाजार से महज 25 मीटर रह गई है। खदान विस्तार से भू-जल स्तर तेजी से गिर रहा है। ठंड का मौसम खत्म होने से पहले ही कुएं बोरवेल और हैंडपंप सूख जाते हैं। लोगों को 2-3 दिनों तक नहाने और भोजन पकाने तक के लिए पानी नसीब नहीं होता। SECL द्वारा जलापूर्ति के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये के टेंडर निकालकर केवल खानापूर्ति की जा रही है ।
  4. हैवी ब्लास्टिंग व सुरक्षा का खतरा:- खदान के अत्यधिक निकट होने के कारण हैवी ब्लास्टिंग से मकानों को क्षति पहुंच रही है और पर्यावरण व स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं ।
  5. प्रशासनिक अनदेखी पर उठे गंभीर सवाल

ग्रामीणों ने व्यथित होकर कहा कि जब-जब दीपका प्रबंधन को जरूरत होती है, जिला प्रशासन पुलिस बल लगाकर बलपूर्वक काम करवा लेता है। पूर्व में नापी और सर्वे के दौरान भी गांव को छावनी में तब्दील कर कर्फ्यू जैसा माहौल बना दिया गया था, लेकिन जब किसानों के मुआवजे रोजगार बसाहट और जल संकट के स्थायी समाधान की बात आती है, तो प्रशासन अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ लेता है । ग्रामीण और प्रभावित किसान अपनी फरियाद लेकर कलेक्टर एसडीएम कार्यालय से लेकर SECL बिलासपुर मुख्यालय (CMD) तक के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं, परंतु कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है ।

पंचायत प्रतिनिधियों का स्पष्ट रुख

हरदीबाजार ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि देश हित में कोयला और ऊर्जा आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है तथा इसके लिए भूमि का अधिग्रहण भी जरूरी है, लेकिन स्थानीय किसानों और ग्रामीणों के सीने पर चढ़कर और उनके भविष्य को रौंदकर किया जाने वाला विकास किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है ।

ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक मुआवजा विसंगति का समाधान, पात्र भू-स्वामियों को रोजगार, व्यवस्थित बसाहट और पेयजल का स्थायी प्रबंध नहीं किया जाता, तब तक SECL और प्रशासन की इस एकतरफा व दमनकारी नीति का विरोध जारी रहेगा ।

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