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छत्तीसगढ़

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।

मंत्रिपरिषद के निर्णय :

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज  मंत्रालय, महानदी भवन में मंत्री परिषद की बैठक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1.    मंत्रिपरिषद ने ’छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन’ को मंजूरी दी है। इस मिशन का उद्देश्य राज्य में सुशासन, नई तकनीक, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। यह मिशन 5 वर्षों के लिए होगा, जिस पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इस मिशन के तहत – 100 AI डेटा लैब बनाई जाएंगी, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहायता दी जाएगी, 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन के कार्यों को आसान और तेज़ बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी।

यह मिशन भारत सरकार के IndiaAI Mission  के अनुरूप छत्तीसगढ़ को उत्तरदायी, नवाचार-आधारित और भविष्य उन्मुख डिजिटल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

2.    मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ में हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट (Heavy Earth Moving Equipment) मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना के लिए भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बीईएमएल भारत सरकार का एक प्रतिष्ठित मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम है। हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र हेतु यह राज्य का पहला उद्योग होगा, जिसकी स्थापना से छत्तीसगढ़ को देश के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी और राज्य में आधुनिक भारी मशीन निर्माण उद्योग की शुरुआत होगी।

मंत्रिपरिषद के इस महत्वपूर्ण निर्णय से राज्य में बड़े निवेश को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। राज्य में संयंत्र की स्थापना से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और छत्तीसगढ़ विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा।

3.    मंत्रिपरिषद् ने लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए वर्क्स एण्ड अकाउंट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) लागू करने के प्रथम चरण को मंजूरी दी है। इस प्रणाली के माध्यम से कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक (e-MB), बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन तथा गुणवत्ता की निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। सी-डैक (C-DAC), पुणे द्वारा विकसित इस प्रणाली को पहले लोक निर्माण विभाग में लागू किया जाएगा, जिसके बाद अन्य निर्माण एवं अधोसंरचना विभागों में भी इसका विस्तार किया जाएगा। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, भुगतान की प्रक्रिया तेज होगी, कार्यों की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी और परियोजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनेगा।

4.    मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना अंतर्गत बारहमासी सड़कों के निर्माण हेतु जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। संशोधनों के तहत ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क एवं नाली निर्माण तथा सड़क निर्माण से पूर्व मनरेगा से मिट्टी कार्य की अनिवार्यता समाप्त की गई है। योजना की पात्रता का दायरा बढ़ाकर ऐसे सभी ग्रामीण मार्गों को शामिल किया गया है, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अथवा अन्य योजनाओं में सम्मिलित नहीं हैं। आवश्यकता अनुसार नाबार्ड ऋण, पर्यावरण एवं अधोसंरचना विकास मद, खनिज न्यास मद सहित अन्य स्रोतों से भी वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे। कार्यों का अनुमोदन प्रशासनिक विभाग करेगा तथा क्रियान्वयन की समीक्षा एवं अंतर्विभागीय समन्वय के लिए राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित की जाएगी। 

5.    मंत्रिपरिषद् ने वित्त विभाग के उस प्रस्ताव का अनुमोदन किया है, जिसके तहत Asian Development Bank  (ADB) से छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के क्रियान्वयन हेतु “Anjor LIGHT (Anjor Linked Implementation & Guidance for Holistic Tracking)’’ तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्णतः अनुदान (Grant) प्राप्त किया जाएगा। यह तीन वर्ष (1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029) की बहु-क्षेत्रीय परियोजना है, जिसमें राज्य शासन अथवा भारत सरकार का कोई वित्तीय अंशदान नहीं होगा।

परियोजना के अंतर्गत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को सुदृढ़ करना, PPP इकोसिस्टम का विकास, ग्रीन एवं ब्लेंडेड फाइनेंस को बढ़ावा देना, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों (SOEs) की कार्यक्षमता में सुधार, क्लाइमेट-रेजिलिएंट परियोजनाओं का विकास तथा छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के अनुरूप प्राथमिकता आधारित परियोजनाओं की पाइपलाइन तैयार की जाएगी। इसके लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) की स्थापना की जाएगी।

यह परियोजना पूर्णतः अनुदान आधारित होने से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा तथा इससे संस्थागत क्षमता निर्माण, निवेश संवर्धन और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति को गति मिलेगी।

6.    मंत्रिपरिषद् ने राज्य योजनाओं के लिए State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की राशि का अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। अब योजनाओं की राशि विभिन्न बैंक खातों में लंबे समय तक निष्क्रिय नहीं रहेगी, बल्कि एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट के माध्यम से आवश्यकता होने पर ही सीधे हितग्राहियों या वेंडरों को भुगतान किया जाएगा। यह मॉडल भारत सरकार द्वारा केंद्र प्रायोजित योजनाओं में लागू SNA प्रणाली की तर्ज पर राज्य की योजनाओं में भी लागू किया जाएगा, जिससे शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को और मजबूती मिलेगी।

इस व्यवस्था से योजनाओं के क्रियान्वयन की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी, वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा और निष्क्रिय राशि, गबन तथा बैंकिंग धोखाधड़ी जैसी संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा। साथ ही, राज्य की नकदी प्रबंधन क्षमता बेहतर होगी, ब्याज का अनावश्यक बोझ कम होगा और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। 

7.    मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को आमजन एवं संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 200 करोड़ रूपए तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध (लिस्टिंग) किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस निर्णय से कंपनी के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के नए विकल्प उपलब्ध होंगे, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य के विद्युत अवसंरचना विकास को और गति मिलेगी।

इसके लिए राज्य शासन द्वारा मूलधन एवं ब्याज के भुगतान पर प्रत्याभूति शुल्क में छूट सहित गारंटी प्रदान की जाएगी। साथ ही, लिस्टिंग प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक निर्णय लेने हेतु कंपनी के संचालक मंडल तथा आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए ऊर्जा विभाग को अधिकृत किया गया है। 

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कोरबा

हरदीबाजार अस्पताल के स्थानांतरण पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश, मुआवजा विसंगति, रोजगार और बसाहट की मांग पूरी होने तक स्थानांतरण का उग्र विरोध

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कोरबा/हरदीबाजार। एसईसीएल (SECL) दीपका एरिया परियोजना के विस्तार को लेकर हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हॉस्पिटल) के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों भू-विस्थापितों और जनप्रतिनिधियों का जबरदस्त आक्रोश एवं उग्र विरोध सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मूल संवैधानिक और मौलिक मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा, यदि प्रशासन ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आज हरदीबाजार तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली रोहित सिंह एवं तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरदीबाजार पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।

मुआवजा पत्रक में भारी गड़बड़ी व गुमराह करने का आरोप

बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दीपका एरिया प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नापी-सर्वे के उपरांत एसईसीएल द्वारा तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में 40% घाटा-बढ़ा दर्शाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियम-कानून में इस तरह के 40%-60% के नियम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन किसानों को गुमराह कर ऐसा पत्रक बना रहा है, जिससे उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे मूल किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ।

केंद्रीय कोयला मंत्री के कड़े निर्देशों की याद दिलाई

ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि हाल ही में कटघोरा विधायक के नेतृत्व में विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया था, इस पर कोयला मंत्री ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय (HQ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किसान के अधिकारों का हनन या उनके साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है ।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  1. मुआवजा विसंगति का समाधान:- मुआवजा पत्रक में की गई 40% की विसंगति को तत्काल सुधारकर किसानों को उनकी भूमि का उचित व वास्तविक मूल्य प्रदान किया जाए ।
  2. शीघ्र रोजगार की उपलब्धता:- भूमि अधिग्रहण के एवज में जितने भी पात्र किसान/विस्थापित हैं उन्हें अविलंब और तत्काल प्रभाव से रोजगार उपलब्ध कराया जाए ।
  3. बसाहट कार्य में तेजी:- विस्थापितों के लिए नए बसाहट स्थल पर जारी निर्माण व विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की गई ।
  4. स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा:- जब तक सभी मौलिक व विधिक अधिकारों की बहाली नहीं होती अस्पताल को यथावत रहने दिया जाए ।

शासन-प्रशासन आगे आकर निकाले समाधान

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास और खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों का नुकसान करके विस्तार स्वीकार्य नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आगे आकर किसानों की इन जायज और मूल समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी हो सके और कोयला खदान का विस्तार भी सुचारू रूप से संचालित हो सके ।

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छत्तीसगढ़

शादीशुदा बहन के बॉयफ्रेंड को फावड़े से काट डाला:देर रात मिलने पहुंचा था, बड़े भाई संग मिलकर बाड़ी में फेंकी लाश, तीनों अरेस्ट

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में 2 महीने पहले हुए युवक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या की वजह लव अफेयर बताई गई है। देर रात बॉयफ्रेंड अपनी शादीशुदा गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। इसी दौरान उसके भाई ने दोनों को पकड़ लिया।

विवाद के बाद बॉयफ्रेंड भागने की कोशिश कर रहा था, तभी भाई ने फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में बहन और बड़े भाई ने लाश ठिकाने लगाने में मदद की। युवक की लाश को गांव की एक बाड़ी में फेंक दिया।

जांच के दौरान डॉग स्क्वाड की टीम आरोपियों के घर के पास पहुंची। डॉग ने घर के दो चक्कर लगाए और इसके बाद मेन गेट पर बैठ गया। पुलिस ने युवती और उसके दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए बार-बार बयान बदलते रहे। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए 200 से ज्यादा टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक तकनीक का एनालिसिस किया।

इसके अलावा ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी प्रक्रियाएं भी अपनाई गईं। मामला मुलमुला थाना क्षेत्र के कोसा गांव का है।

बाड़ी में अमित भंडारी की लाश मिली थी।

बाड़ी में अमित भंडारी की लाश मिली थी।

पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक, अमित भंडारी (25) कोसा गांव रहने वाला था और मजदूरी करता था। उसका उसी गांव की संतोषी सिंह क्षत्रिय से लव अफेयर था। संतोषी शादीशुदा थी, इसके बाद भी उसकी और अमित की बातचीत होती थी। वहीं, संतोषी पति से लड़ाई के बाद अक्सर मायके आ जाती थी।

इस बीच 29 जून को गांव की एक बाड़ी में युवक का शव मिला। उसकी पहचान अमित के रूप में हुई। अमित 27 जून से लापता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की। पुलिस ने जांच में आधुनिक तकनीक की मदद ली। इसमें 200 से ज्यादा मोबाइल टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक जांच की गई। संदिग्धों से ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट भी कराया गया।

घर की दीवार पर मिले खून के धब्बे

पुलिस ने घटना को दोबारा करके भी जांच की और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की फिर से जांच की। बिलासपुर से लाई गई ट्रैकर डॉग विमला ने भी जांच में अहम सुराग जुटाने में मदद की। बिलासपुर से आई ट्रैकर डॉग ‘विमला’ ने हत्यारे के घर के 2 चक्कर लगाने के बाद वहीं घर के सामने बैठ गई।

इसके बाद पुलिस ने घर की दीवार की जांच की, जहां खून के धब्बे मिले। फोरेंसिक टीम ने खून के नमूने लेकर जांच की, जिसमें इंसान की खून होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने तीनों भाई-बहनों से पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने पूरी घटना का खुलासा कर दिया।

अमित भंडारी देर रात गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। (फाइल फोटो)

अमित भंडारी देर रात गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। (फाइल फोटो)

तीनों भाई-बहनों से पूछताछ में खुला राज

पुलिस के मुताबिक, संतोषी अपने मायके आई हुई थी। 27-28 अगस्त की दरमियानी रात अमित और संतोषी ने करीब 1:30 बजे तक फोन पर बात की। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे अमित, संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म करके घर लौटा।

घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा। वहां उसने अपनी बहन को अमित के साथ देखा। इस पर दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान मारपीट हुई और अमित का सिर पीछे की दीवार से टकरा गया। इससे दीवार पर खून का निशान भी लगा।

फावड़े से सिर और छाती पर किया वार

पुलिस के अनुसार, अमित जान बचाने के लिए दीवार फांदकर भागने की कोशिश कर रहा था। तभी बजरंग सिंह ने पास पड़े फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से अमित की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद बजरंग ने अमित के शव को घर के पीछे बाड़ी में झाड़ियों के नीचे छिपा दिया। पुलिस के अनुसार, उसी रात गांव में चोरी की सूचना पर डायल-112 की टीम भी मौजूद थी। लोगों के जागे होने के कारण आरोपी शव को दूसरी जगह नहीं ले जा सके।

बहन ने शव छिपाने में की मदद

पुलिस के मुताबिक, संतोषी सिंह ने पूरी घटना देखी और शव छिपाने में बजरंग की मदद की। अगले दिन बजरंग के बड़े भाई पप्पू सिंह के गांव लौटने पर उसे घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद दोनों भाइयों ने अमित को तलाशने का नाटक किया। वे अमित के परिजनों के साथ थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने में भी शामिल हुए।

आधी रात को शव दूसरी जगह ले गए

पुलिस के अनुसार, 28 जून की मध्यरात्रि करीब 12 बजे मौका देखकर बजरंग और पप्पू ने अमित के शव को गांव के बीच स्थित दूसरे स्थान पर ले जाकर रख दिया। ऐसा उन्होंने हत्या का संदेह खुद पर आने से बचाने के लिए किया।

न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल

फिलहाल, आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल फावड़ा बरामद किया है। इसके अलावा शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी भी जब्त की गई है। आरोपी बहन और भाइयों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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छत्तीसगढ़

अवैध महुआ शराब के अड्डे पर पुलिस का छापा:जांजगीर-चांपा में 5 गांवों में कार्रवाई, 52 बोरी लहान और बनाने का सामान बरामद

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा के अकलतरा थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने सबरिया डेरा में छापा मारकर बड़ी मात्रा में महुआ लहान और शराब बनाने का सामान बरामद किया।

मौके पर मिले 52 बोरी महुआ लहान, 18 बड़े बर्तन, चूल्हा, 10 जरकिन और करीब 80 पैकिंग पाउच को पुलिस ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई गई है।

नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए

नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए

महंगे दाम पर शराब बेचने की मिली थी शिकायत

पुलिस के मुताबिक, कोटमीसोनार क्षेत्र के सबरिया डेरा और धनवार डेरा में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने और उसे महंगे दाम पर बेचने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर एसडीओपी अकलतरा डॉ. मैखलेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार साहू की टीम ने कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान पुलिस को शराब बनाने के लिए तैयार किया गया महुआ लहान और बड़ी मात्रा में उपकरण मिले। पुलिस ने सभी को मौके पर नष्ट कर दिया।

सबरिया डेरा से 18 बड़े बर्तन, 10 जरकिन और 80 पैकिंग पाउच मिले

सबरिया डेरा से 18 बड़े बर्तन, 10 जरकिन और 80 पैकिंग पाउच मिले

चार और गांवों में भी दबिश

पुलिस ने इसके अलावा अकलतरा थाना क्षेत्र के पीपरसत्ती, कोटमीसोनार, लटिया और बम्हनीन में भी अवैध महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ दबिश दी। यह कार्रवाई 8 सितंबर की सुबह की गई।

पुलिस के अनुसार, अलग-अलग स्थानों पर अवैध शराब के संबंध में शिकायतों और मुखबिर से मिली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई।

दुकान और घर से मिली 26 प्लेन शराब

पीपरसत्ती में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दिलीप कुमार उर्फ पप्पू कुमार नायक (52) की दुकान और घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान 26 नग प्लेन देशी शराब बरामद की गई।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अकलतरा थाने में धारा 34(1) आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।

रायपुर : मंत्रिपरिषद के निर्णय : दिनांक: 22 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में मंत्री परिषद की बैठक

1.    मंत्रिपरिषद् की बैठक में प्रदेश के किसानों को खरीफ एवं रबी मौसम में उर्वरकों की समयबद्ध एवं सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरक आपूर्ति, वितरण एवं प्रबंधन से संबंधित विषयों पर सुझाव, अनुशंसा एवं मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है। 

इस उप समिति में उप मुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को अध्यक्ष तथा कैबिनेट मंत्री, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग, कैबिनेट मंत्री, सहकारिता विभाग एवं कैबिनेट मंत्री, वित्त विभाग को सदस्य के रूप में नामित किया गया है।

कृषि उत्पादन आयुक्त उप समिति के संयोजक होंगे। उप समिति आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर सकेगी तथा उर्वरकों की उपलब्धता एवं आपूर्ति से संबंधित विषयों पर राज्य शासन को सुझाव देगी। 

2.    मंत्रिपरिषद् की बैठक में अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास एवं सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद् ने राज्य की तृतीय श्रेणी के पदों – पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी की सीधी भर्ती में अग्निवीर सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने हेतु छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026 बनाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।

यह निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुपालन में लिया गया है। इस आरक्षण का लाभ उन अग्निवीर सैनिकों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की हो।

इस निर्णय से अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे तथा उनके अनुभव और अनुशासन का लाभ पुलिस, वन एवं जेल प्रशासन को मिलेगा।

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कोरबा

हरदीबाजार अस्पताल के स्थानांतरण पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश, मुआवजा विसंगति, रोजगार और बसाहट की मांग पूरी होने तक स्थानांतरण का उग्र विरोध

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कोरबा/हरदीबाजार। एसईसीएल (SECL) दीपका एरिया परियोजना के विस्तार को लेकर हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हॉस्पिटल) के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों भू-विस्थापितों और जनप्रतिनिधियों का जबरदस्त आक्रोश एवं उग्र विरोध सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मूल संवैधानिक और मौलिक मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा, यदि प्रशासन ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आज हरदीबाजार तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली रोहित सिंह एवं तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरदीबाजार पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।

मुआवजा पत्रक में भारी गड़बड़ी व गुमराह करने का आरोप

बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दीपका एरिया प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नापी-सर्वे के उपरांत एसईसीएल द्वारा तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में 40% घाटा-बढ़ा दर्शाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियम-कानून में इस तरह के 40%-60% के नियम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन किसानों को गुमराह कर ऐसा पत्रक बना रहा है, जिससे उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे मूल किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ।

केंद्रीय कोयला मंत्री के कड़े निर्देशों की याद दिलाई

ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि हाल ही में कटघोरा विधायक के नेतृत्व में विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया था, इस पर कोयला मंत्री ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय (HQ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किसान के अधिकारों का हनन या उनके साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है ।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  1. मुआवजा विसंगति का समाधान:- मुआवजा पत्रक में की गई 40% की विसंगति को तत्काल सुधारकर किसानों को उनकी भूमि का उचित व वास्तविक मूल्य प्रदान किया जाए ।
  2. शीघ्र रोजगार की उपलब्धता:- भूमि अधिग्रहण के एवज में जितने भी पात्र किसान/विस्थापित हैं उन्हें अविलंब और तत्काल प्रभाव से रोजगार उपलब्ध कराया जाए ।
  3. बसाहट कार्य में तेजी:- विस्थापितों के लिए नए बसाहट स्थल पर जारी निर्माण व विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की गई ।
  4. स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा:- जब तक सभी मौलिक व विधिक अधिकारों की बहाली नहीं होती अस्पताल को यथावत रहने दिया जाए ।

शासन-प्रशासन आगे आकर निकाले समाधान

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास और खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों का नुकसान करके विस्तार स्वीकार्य नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आगे आकर किसानों की इन जायज और मूल समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी हो सके और कोयला खदान का विस्तार भी सुचारू रूप से संचालित हो सके ।

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छत्तीसगढ़

शादीशुदा बहन के बॉयफ्रेंड को फावड़े से काट डाला:देर रात मिलने पहुंचा था, बड़े भाई संग मिलकर बाड़ी में फेंकी लाश, तीनों अरेस्ट

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में 2 महीने पहले हुए युवक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या की वजह लव अफेयर बताई गई है। देर रात बॉयफ्रेंड अपनी शादीशुदा गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। इसी दौरान उसके भाई ने दोनों को पकड़ लिया।

विवाद के बाद बॉयफ्रेंड भागने की कोशिश कर रहा था, तभी भाई ने फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में बहन और बड़े भाई ने लाश ठिकाने लगाने में मदद की। युवक की लाश को गांव की एक बाड़ी में फेंक दिया।

जांच के दौरान डॉग स्क्वाड की टीम आरोपियों के घर के पास पहुंची। डॉग ने घर के दो चक्कर लगाए और इसके बाद मेन गेट पर बैठ गया। पुलिस ने युवती और उसके दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए बार-बार बयान बदलते रहे। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए 200 से ज्यादा टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक तकनीक का एनालिसिस किया।

इसके अलावा ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी प्रक्रियाएं भी अपनाई गईं। मामला मुलमुला थाना क्षेत्र के कोसा गांव का है।

बाड़ी में अमित भंडारी की लाश मिली थी।

बाड़ी में अमित भंडारी की लाश मिली थी।

पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक, अमित भंडारी (25) कोसा गांव रहने वाला था और मजदूरी करता था। उसका उसी गांव की संतोषी सिंह क्षत्रिय से लव अफेयर था। संतोषी शादीशुदा थी, इसके बाद भी उसकी और अमित की बातचीत होती थी। वहीं, संतोषी पति से लड़ाई के बाद अक्सर मायके आ जाती थी।

इस बीच 29 जून को गांव की एक बाड़ी में युवक का शव मिला। उसकी पहचान अमित के रूप में हुई। अमित 27 जून से लापता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की। पुलिस ने जांच में आधुनिक तकनीक की मदद ली। इसमें 200 से ज्यादा मोबाइल टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक जांच की गई। संदिग्धों से ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट भी कराया गया।

घर की दीवार पर मिले खून के धब्बे

पुलिस ने घटना को दोबारा करके भी जांच की और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की फिर से जांच की। बिलासपुर से लाई गई ट्रैकर डॉग विमला ने भी जांच में अहम सुराग जुटाने में मदद की। बिलासपुर से आई ट्रैकर डॉग ‘विमला’ ने हत्यारे के घर के 2 चक्कर लगाने के बाद वहीं घर के सामने बैठ गई।

इसके बाद पुलिस ने घर की दीवार की जांच की, जहां खून के धब्बे मिले। फोरेंसिक टीम ने खून के नमूने लेकर जांच की, जिसमें इंसान की खून होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने तीनों भाई-बहनों से पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने पूरी घटना का खुलासा कर दिया।

अमित भंडारी देर रात गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। (फाइल फोटो)

अमित भंडारी देर रात गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। (फाइल फोटो)

तीनों भाई-बहनों से पूछताछ में खुला राज

पुलिस के मुताबिक, संतोषी अपने मायके आई हुई थी। 27-28 अगस्त की दरमियानी रात अमित और संतोषी ने करीब 1:30 बजे तक फोन पर बात की। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे अमित, संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म करके घर लौटा।

घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा। वहां उसने अपनी बहन को अमित के साथ देखा। इस पर दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान मारपीट हुई और अमित का सिर पीछे की दीवार से टकरा गया। इससे दीवार पर खून का निशान भी लगा।

फावड़े से सिर और छाती पर किया वार

पुलिस के अनुसार, अमित जान बचाने के लिए दीवार फांदकर भागने की कोशिश कर रहा था। तभी बजरंग सिंह ने पास पड़े फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से अमित की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद बजरंग ने अमित के शव को घर के पीछे बाड़ी में झाड़ियों के नीचे छिपा दिया। पुलिस के अनुसार, उसी रात गांव में चोरी की सूचना पर डायल-112 की टीम भी मौजूद थी। लोगों के जागे होने के कारण आरोपी शव को दूसरी जगह नहीं ले जा सके।

बहन ने शव छिपाने में की मदद

पुलिस के मुताबिक, संतोषी सिंह ने पूरी घटना देखी और शव छिपाने में बजरंग की मदद की। अगले दिन बजरंग के बड़े भाई पप्पू सिंह के गांव लौटने पर उसे घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद दोनों भाइयों ने अमित को तलाशने का नाटक किया। वे अमित के परिजनों के साथ थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने में भी शामिल हुए।

आधी रात को शव दूसरी जगह ले गए

पुलिस के अनुसार, 28 जून की मध्यरात्रि करीब 12 बजे मौका देखकर बजरंग और पप्पू ने अमित के शव को गांव के बीच स्थित दूसरे स्थान पर ले जाकर रख दिया। ऐसा उन्होंने हत्या का संदेह खुद पर आने से बचाने के लिए किया।

न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल

फिलहाल, आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल फावड़ा बरामद किया है। इसके अलावा शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी भी जब्त की गई है। आरोपी बहन और भाइयों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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छत्तीसगढ़

अवैध महुआ शराब के अड्डे पर पुलिस का छापा:जांजगीर-चांपा में 5 गांवों में कार्रवाई, 52 बोरी लहान और बनाने का सामान बरामद

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा के अकलतरा थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने सबरिया डेरा में छापा मारकर बड़ी मात्रा में महुआ लहान और शराब बनाने का सामान बरामद किया।

मौके पर मिले 52 बोरी महुआ लहान, 18 बड़े बर्तन, चूल्हा, 10 जरकिन और करीब 80 पैकिंग पाउच को पुलिस ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई गई है।

नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए

नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए

महंगे दाम पर शराब बेचने की मिली थी शिकायत

पुलिस के मुताबिक, कोटमीसोनार क्षेत्र के सबरिया डेरा और धनवार डेरा में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने और उसे महंगे दाम पर बेचने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर एसडीओपी अकलतरा डॉ. मैखलेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार साहू की टीम ने कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान पुलिस को शराब बनाने के लिए तैयार किया गया महुआ लहान और बड़ी मात्रा में उपकरण मिले। पुलिस ने सभी को मौके पर नष्ट कर दिया।

सबरिया डेरा से 18 बड़े बर्तन, 10 जरकिन और 80 पैकिंग पाउच मिले

सबरिया डेरा से 18 बड़े बर्तन, 10 जरकिन और 80 पैकिंग पाउच मिले

चार और गांवों में भी दबिश

पुलिस ने इसके अलावा अकलतरा थाना क्षेत्र के पीपरसत्ती, कोटमीसोनार, लटिया और बम्हनीन में भी अवैध महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ दबिश दी। यह कार्रवाई 8 सितंबर की सुबह की गई।

पुलिस के अनुसार, अलग-अलग स्थानों पर अवैध शराब के संबंध में शिकायतों और मुखबिर से मिली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई।

दुकान और घर से मिली 26 प्लेन शराब

पीपरसत्ती में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दिलीप कुमार उर्फ पप्पू कुमार नायक (52) की दुकान और घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान 26 नग प्लेन देशी शराब बरामद की गई।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अकलतरा थाने में धारा 34(1) आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में मंत्री परिषद की बैठक प्रारम्भ
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में मंत्री परिषद की बैठक प्रारम्भ

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1.    मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जा रही बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए वर्तमान त्रिपक्षीय अनुबंध (Tripartite Agreement) के स्थान पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (Direct Debit Mandate-DDM) व्यवस्था लागू किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

इस निर्णय से एनटीपीसी सहित अन्य सीपीएसयू से विद्युत आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित होगी तथा भुगतान सुरक्षा की व्यवस्था आरबीआई के वर्तमान प्रावधानों के अनुरूप हो सकेगी। राज्य शासन पर इससे कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा, क्योंकि वितरण कंपनी द्वारा भुगतान की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी तथा आवश्यक होने पर पहले लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) की व्यवस्था प्रभावी रहेगी।

2.    मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स), फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2026 में महत्वपूर्ण संशोधन को स्वीकृति दी गई है। 

3.    मंत्रिपरिषद् द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इस संशोधन में भारत सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय के विनियमन प्रकोष्ठ की अनुशंसाओं के अनुरूप निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना संबंधी प्रावधानों को अधिक व्यावहारिक, गुणवत्तापूर्ण और समकालीन बनाया गया है। 

इसके तहत निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए विन्यास निधि के स्थान पर रक्षित निधि का प्रावधान लागू करने से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवारने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित किए जा सकेंगे। इसमें आधारभूत अधोसंरचना, पुस्तकालय एवं अन्य सुविधाओं को यूजीसी एवं सक्षम नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। इस संशोधन से राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। 

4.    मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस संशोधन के माध्यम से छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करने के साथ ही उससे संबंधित प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। 

जीएसटी लागू होने के बाद वैट संबंधी द्वितीय अपीलों के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है और राज्य में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) की स्थापना भी हो चुकी है। ऐसे में पृथक वाणिज्यिक कर अधिकरण की आवश्यकता नहीं रह गई है। इस संशोधन के बाद अधिकरण में लंबित प्रकरणों का स्थानांतरण राजस्व मंडल को किया जाएगा, जिससे अपीलों के निराकरण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित एवं अधिक प्रभावी हो सकेगी।

5.    मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इस संशोधन का उद्देश्य जीएसटी कानून को सरल बनाना, अनुपालन संबंधी प्रक्रियाओं को आसान बनाना तथा करदाताओं, विशेषकर निर्यातकों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। इससे  कर प्रशासन अधिक प्रभावी होगा, करदाताओं को सुविधा मिलेगी साथ ही राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।

6.    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस संशोधन का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना, उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करना तथा निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस संशोधन विधेयक के प्रारूप को तैयार करने में अन्य अग्रणी राज्यों की औद्योगिक नीतियों का भी अध्ययन किया गया है। इससे निवेश प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

7.    मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में व्यापार और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल एवं समयबद्ध बनाना है। इस तरह का विधेयक लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। 

इसके अंतर्गत डीम्ड परमिशन (Deemed Permission), स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification), तृतीय-पक्ष सत्यापन (Third-party Verification), जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-based Inspection) तथा दोहरे लाइसेंसिंग दायित्वों को समाप्त करने जैसे प्रावधान किए गए हैं। इससे निवेशकों के लिए अनावश्यक प्रक्रियात्मक बाधाएं कम होंगी, कारोबार करने में सुगमता बढ़ेगी तथा राज्य में निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी। 

8.    मंत्रिपरिषद् ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों पर देय ब्याज एवं अधिभार में राहत प्रदान करने हेतु वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दी है। 

इस योजना से पात्र आबंटितियों को निर्धारित शर्तों के तहत बकाया देयों के नियमितीकरण, परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूरा करने में मदद मिलेगी, जो विकास करने के इच्छुक है उनको अवसर मिलेगा और जो इच्छुक नहीं है, वे समय पर आबंटित भूमि को सरेंडर कर सकेंगे। इस निर्णय से मुकदमेबाजी में कमी आएगी, भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। 

9.    मंत्रिपरिषद् ने जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को छत्तीसगढ़ राज्य में अंगीकार करने के लिए विधानसभा में संकल्प प्रस्तुत किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

भारत सरकार द्वारा लाए गए इस संशोधन का उद्देश्य पर्यावरणीय कानूनों के अनुपालन को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। इसके तहत छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर उन पर आर्थिक दंड का प्रावधान तथा दंड निर्धारण एवं अपील की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है। इस निर्णय से राज्य में पर्यावरणीय नियमन को सरल बनाने, अनुपालन को प्रोत्साहित करने तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ प्रभावी पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

10.    मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम, 2011 (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य खाली मकानों को किराये पर देने को बढ़ावा देना और किरायेदारी से जुड़े विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इस संशोधन में भवन स्वामी और किरायेदार के अधिकार व दायित्व स्पष्ट किए गए है, साथ ही संपत्ति प्रबंधक, किराया प्राप्ति, अधिकरण के अध्यक्ष की पदावधि और न्यायालय शुल्क से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए है। यह संशोधन भारत सरकार के आदर्श किरायेदारी अधिनियम, 2021 के अनुरूप है।

11.    मंत्रिपरिषद् द्वारा राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि के आबंटन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

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कोरबा

हरदीबाजार अस्पताल के स्थानांतरण पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश, मुआवजा विसंगति, रोजगार और बसाहट की मांग पूरी होने तक स्थानांतरण का उग्र विरोध

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कोरबा/हरदीबाजार। एसईसीएल (SECL) दीपका एरिया परियोजना के विस्तार को लेकर हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हॉस्पिटल) के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों भू-विस्थापितों और जनप्रतिनिधियों का जबरदस्त आक्रोश एवं उग्र विरोध सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मूल संवैधानिक और मौलिक मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा, यदि प्रशासन ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आज हरदीबाजार तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली रोहित सिंह एवं तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरदीबाजार पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।

मुआवजा पत्रक में भारी गड़बड़ी व गुमराह करने का आरोप

बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दीपका एरिया प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नापी-सर्वे के उपरांत एसईसीएल द्वारा तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में 40% घाटा-बढ़ा दर्शाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियम-कानून में इस तरह के 40%-60% के नियम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन किसानों को गुमराह कर ऐसा पत्रक बना रहा है, जिससे उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे मूल किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ।

केंद्रीय कोयला मंत्री के कड़े निर्देशों की याद दिलाई

ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि हाल ही में कटघोरा विधायक के नेतृत्व में विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया था, इस पर कोयला मंत्री ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय (HQ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किसान के अधिकारों का हनन या उनके साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है ।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  1. मुआवजा विसंगति का समाधान:- मुआवजा पत्रक में की गई 40% की विसंगति को तत्काल सुधारकर किसानों को उनकी भूमि का उचित व वास्तविक मूल्य प्रदान किया जाए ।
  2. शीघ्र रोजगार की उपलब्धता:- भूमि अधिग्रहण के एवज में जितने भी पात्र किसान/विस्थापित हैं उन्हें अविलंब और तत्काल प्रभाव से रोजगार उपलब्ध कराया जाए ।
  3. बसाहट कार्य में तेजी:- विस्थापितों के लिए नए बसाहट स्थल पर जारी निर्माण व विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की गई ।
  4. स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा:- जब तक सभी मौलिक व विधिक अधिकारों की बहाली नहीं होती अस्पताल को यथावत रहने दिया जाए ।

शासन-प्रशासन आगे आकर निकाले समाधान

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास और खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों का नुकसान करके विस्तार स्वीकार्य नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आगे आकर किसानों की इन जायज और मूल समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी हो सके और कोयला खदान का विस्तार भी सुचारू रूप से संचालित हो सके ।

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छत्तीसगढ़

शादीशुदा बहन के बॉयफ्रेंड को फावड़े से काट डाला:देर रात मिलने पहुंचा था, बड़े भाई संग मिलकर बाड़ी में फेंकी लाश, तीनों अरेस्ट

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में 2 महीने पहले हुए युवक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या की वजह लव अफेयर बताई गई है। देर रात बॉयफ्रेंड अपनी शादीशुदा गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। इसी दौरान उसके भाई ने दोनों को पकड़ लिया।

विवाद के बाद बॉयफ्रेंड भागने की कोशिश कर रहा था, तभी भाई ने फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में बहन और बड़े भाई ने लाश ठिकाने लगाने में मदद की। युवक की लाश को गांव की एक बाड़ी में फेंक दिया।

जांच के दौरान डॉग स्क्वाड की टीम आरोपियों के घर के पास पहुंची। डॉग ने घर के दो चक्कर लगाए और इसके बाद मेन गेट पर बैठ गया। पुलिस ने युवती और उसके दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए बार-बार बयान बदलते रहे। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए 200 से ज्यादा टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक तकनीक का एनालिसिस किया।

इसके अलावा ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी प्रक्रियाएं भी अपनाई गईं। मामला मुलमुला थाना क्षेत्र के कोसा गांव का है।

बाड़ी में अमित भंडारी की लाश मिली थी।

बाड़ी में अमित भंडारी की लाश मिली थी।

पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक, अमित भंडारी (25) कोसा गांव रहने वाला था और मजदूरी करता था। उसका उसी गांव की संतोषी सिंह क्षत्रिय से लव अफेयर था। संतोषी शादीशुदा थी, इसके बाद भी उसकी और अमित की बातचीत होती थी। वहीं, संतोषी पति से लड़ाई के बाद अक्सर मायके आ जाती थी।

इस बीच 29 जून को गांव की एक बाड़ी में युवक का शव मिला। उसकी पहचान अमित के रूप में हुई। अमित 27 जून से लापता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की। पुलिस ने जांच में आधुनिक तकनीक की मदद ली। इसमें 200 से ज्यादा मोबाइल टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक जांच की गई। संदिग्धों से ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट भी कराया गया।

घर की दीवार पर मिले खून के धब्बे

पुलिस ने घटना को दोबारा करके भी जांच की और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की फिर से जांच की। बिलासपुर से लाई गई ट्रैकर डॉग विमला ने भी जांच में अहम सुराग जुटाने में मदद की। बिलासपुर से आई ट्रैकर डॉग ‘विमला’ ने हत्यारे के घर के 2 चक्कर लगाने के बाद वहीं घर के सामने बैठ गई।

इसके बाद पुलिस ने घर की दीवार की जांच की, जहां खून के धब्बे मिले। फोरेंसिक टीम ने खून के नमूने लेकर जांच की, जिसमें इंसान की खून होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने तीनों भाई-बहनों से पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने पूरी घटना का खुलासा कर दिया।

अमित भंडारी देर रात गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। (फाइल फोटो)

अमित भंडारी देर रात गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। (फाइल फोटो)

तीनों भाई-बहनों से पूछताछ में खुला राज

पुलिस के मुताबिक, संतोषी अपने मायके आई हुई थी। 27-28 अगस्त की दरमियानी रात अमित और संतोषी ने करीब 1:30 बजे तक फोन पर बात की। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे अमित, संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म करके घर लौटा।

घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा। वहां उसने अपनी बहन को अमित के साथ देखा। इस पर दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान मारपीट हुई और अमित का सिर पीछे की दीवार से टकरा गया। इससे दीवार पर खून का निशान भी लगा।

फावड़े से सिर और छाती पर किया वार

पुलिस के अनुसार, अमित जान बचाने के लिए दीवार फांदकर भागने की कोशिश कर रहा था। तभी बजरंग सिंह ने पास पड़े फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से अमित की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद बजरंग ने अमित के शव को घर के पीछे बाड़ी में झाड़ियों के नीचे छिपा दिया। पुलिस के अनुसार, उसी रात गांव में चोरी की सूचना पर डायल-112 की टीम भी मौजूद थी। लोगों के जागे होने के कारण आरोपी शव को दूसरी जगह नहीं ले जा सके।

बहन ने शव छिपाने में की मदद

पुलिस के मुताबिक, संतोषी सिंह ने पूरी घटना देखी और शव छिपाने में बजरंग की मदद की। अगले दिन बजरंग के बड़े भाई पप्पू सिंह के गांव लौटने पर उसे घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद दोनों भाइयों ने अमित को तलाशने का नाटक किया। वे अमित के परिजनों के साथ थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने में भी शामिल हुए।

आधी रात को शव दूसरी जगह ले गए

पुलिस के अनुसार, 28 जून की मध्यरात्रि करीब 12 बजे मौका देखकर बजरंग और पप्पू ने अमित के शव को गांव के बीच स्थित दूसरे स्थान पर ले जाकर रख दिया। ऐसा उन्होंने हत्या का संदेह खुद पर आने से बचाने के लिए किया।

न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल

फिलहाल, आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल फावड़ा बरामद किया है। इसके अलावा शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी भी जब्त की गई है। आरोपी बहन और भाइयों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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छत्तीसगढ़

अवैध महुआ शराब के अड्डे पर पुलिस का छापा:जांजगीर-चांपा में 5 गांवों में कार्रवाई, 52 बोरी लहान और बनाने का सामान बरामद

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा के अकलतरा थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने सबरिया डेरा में छापा मारकर बड़ी मात्रा में महुआ लहान और शराब बनाने का सामान बरामद किया।

मौके पर मिले 52 बोरी महुआ लहान, 18 बड़े बर्तन, चूल्हा, 10 जरकिन और करीब 80 पैकिंग पाउच को पुलिस ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई गई है।

नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए

नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए

महंगे दाम पर शराब बेचने की मिली थी शिकायत

पुलिस के मुताबिक, कोटमीसोनार क्षेत्र के सबरिया डेरा और धनवार डेरा में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने और उसे महंगे दाम पर बेचने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर एसडीओपी अकलतरा डॉ. मैखलेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार साहू की टीम ने कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान पुलिस को शराब बनाने के लिए तैयार किया गया महुआ लहान और बड़ी मात्रा में उपकरण मिले। पुलिस ने सभी को मौके पर नष्ट कर दिया।

सबरिया डेरा से 18 बड़े बर्तन, 10 जरकिन और 80 पैकिंग पाउच मिले

सबरिया डेरा से 18 बड़े बर्तन, 10 जरकिन और 80 पैकिंग पाउच मिले

चार और गांवों में भी दबिश

पुलिस ने इसके अलावा अकलतरा थाना क्षेत्र के पीपरसत्ती, कोटमीसोनार, लटिया और बम्हनीन में भी अवैध महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ दबिश दी। यह कार्रवाई 8 सितंबर की सुबह की गई।

पुलिस के अनुसार, अलग-अलग स्थानों पर अवैध शराब के संबंध में शिकायतों और मुखबिर से मिली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई।

दुकान और घर से मिली 26 प्लेन शराब

पीपरसत्ती में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दिलीप कुमार उर्फ पप्पू कुमार नायक (52) की दुकान और घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान 26 नग प्लेन देशी शराब बरामद की गई।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अकलतरा थाने में धारा 34(1) आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।

मंत्रिपरिषद के निर्णय
कैबिनेट की बैठक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1.    आज मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रिपरिषद् ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है।

2.    मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

3.    मंत्रिपरिषद् ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा।

4.    मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न अंग है तथा योग शिक्षा, अनुसंधान और उससे संबंधित गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं। विषय की प्रकृति और प्रशासनिक समन्वय को ध्यान में रखते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे योग से संबंधित शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

5.    मंत्रिपरिषद् ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) स्कीम के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की सहमति भारत सरकार को प्रेषित करने की अनुमति प्रदान की है। 

इस निर्णय से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

6.    मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर प्रदान की जा रही मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्राधिकरण को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति मिलेगी तथा नवा रायपुर अटल नगर के सुनियोजित विकास और आधारभूत संरचना के विस्तार को और अधिक मजबूती मिलेगी।

7.    मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग एवं वाहन ट्रैकिंग प्रणाली को अनिवार्य किया जाएगा तथा खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी। 

भण्डारण अनुज्ञापत्रधारियों से वसूल की जाने वाली भण्डारण शुल्क की राशि तथा सिक्योरिटी डिपॉजिट में वृद्धि की गई। इसके अतिरिक्त ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाईसेंस होल्डर को अतिरिक्त जमीन स्वीकृत किए जाने एवं दो भण्डारण लाईसेंसों को समामेलित (एकजाई) संबंधी प्रावधानों को लागू किया गया। 

इस निर्णय से अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित होगी। 

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कोरबा

हरदीबाजार अस्पताल के स्थानांतरण पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश, मुआवजा विसंगति, रोजगार और बसाहट की मांग पूरी होने तक स्थानांतरण का उग्र विरोध

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कोरबा/हरदीबाजार। एसईसीएल (SECL) दीपका एरिया परियोजना के विस्तार को लेकर हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हॉस्पिटल) के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों भू-विस्थापितों और जनप्रतिनिधियों का जबरदस्त आक्रोश एवं उग्र विरोध सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मूल संवैधानिक और मौलिक मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा, यदि प्रशासन ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आज हरदीबाजार तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली रोहित सिंह एवं तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरदीबाजार पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।

मुआवजा पत्रक में भारी गड़बड़ी व गुमराह करने का आरोप

बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दीपका एरिया प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नापी-सर्वे के उपरांत एसईसीएल द्वारा तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में 40% घाटा-बढ़ा दर्शाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियम-कानून में इस तरह के 40%-60% के नियम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन किसानों को गुमराह कर ऐसा पत्रक बना रहा है, जिससे उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे मूल किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ।

केंद्रीय कोयला मंत्री के कड़े निर्देशों की याद दिलाई

ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि हाल ही में कटघोरा विधायक के नेतृत्व में विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया था, इस पर कोयला मंत्री ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय (HQ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किसान के अधिकारों का हनन या उनके साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है ।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  1. मुआवजा विसंगति का समाधान:- मुआवजा पत्रक में की गई 40% की विसंगति को तत्काल सुधारकर किसानों को उनकी भूमि का उचित व वास्तविक मूल्य प्रदान किया जाए ।
  2. शीघ्र रोजगार की उपलब्धता:- भूमि अधिग्रहण के एवज में जितने भी पात्र किसान/विस्थापित हैं उन्हें अविलंब और तत्काल प्रभाव से रोजगार उपलब्ध कराया जाए ।
  3. बसाहट कार्य में तेजी:- विस्थापितों के लिए नए बसाहट स्थल पर जारी निर्माण व विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की गई ।
  4. स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा:- जब तक सभी मौलिक व विधिक अधिकारों की बहाली नहीं होती अस्पताल को यथावत रहने दिया जाए ।

शासन-प्रशासन आगे आकर निकाले समाधान

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास और खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों का नुकसान करके विस्तार स्वीकार्य नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आगे आकर किसानों की इन जायज और मूल समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी हो सके और कोयला खदान का विस्तार भी सुचारू रूप से संचालित हो सके ।

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छत्तीसगढ़

शादीशुदा बहन के बॉयफ्रेंड को फावड़े से काट डाला:देर रात मिलने पहुंचा था, बड़े भाई संग मिलकर बाड़ी में फेंकी लाश, तीनों अरेस्ट

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में 2 महीने पहले हुए युवक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या की वजह लव अफेयर बताई गई है। देर रात बॉयफ्रेंड अपनी शादीशुदा गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। इसी दौरान उसके भाई ने दोनों को पकड़ लिया।

विवाद के बाद बॉयफ्रेंड भागने की कोशिश कर रहा था, तभी भाई ने फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में बहन और बड़े भाई ने लाश ठिकाने लगाने में मदद की। युवक की लाश को गांव की एक बाड़ी में फेंक दिया।

जांच के दौरान डॉग स्क्वाड की टीम आरोपियों के घर के पास पहुंची। डॉग ने घर के दो चक्कर लगाए और इसके बाद मेन गेट पर बैठ गया। पुलिस ने युवती और उसके दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए बार-बार बयान बदलते रहे। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए 200 से ज्यादा टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक तकनीक का एनालिसिस किया।

इसके अलावा ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी प्रक्रियाएं भी अपनाई गईं। मामला मुलमुला थाना क्षेत्र के कोसा गांव का है।

बाड़ी में अमित भंडारी की लाश मिली थी।

बाड़ी में अमित भंडारी की लाश मिली थी।

पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक, अमित भंडारी (25) कोसा गांव रहने वाला था और मजदूरी करता था। उसका उसी गांव की संतोषी सिंह क्षत्रिय से लव अफेयर था। संतोषी शादीशुदा थी, इसके बाद भी उसकी और अमित की बातचीत होती थी। वहीं, संतोषी पति से लड़ाई के बाद अक्सर मायके आ जाती थी।

इस बीच 29 जून को गांव की एक बाड़ी में युवक का शव मिला। उसकी पहचान अमित के रूप में हुई। अमित 27 जून से लापता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की। पुलिस ने जांच में आधुनिक तकनीक की मदद ली। इसमें 200 से ज्यादा मोबाइल टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक जांच की गई। संदिग्धों से ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट भी कराया गया।

घर की दीवार पर मिले खून के धब्बे

पुलिस ने घटना को दोबारा करके भी जांच की और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की फिर से जांच की। बिलासपुर से लाई गई ट्रैकर डॉग विमला ने भी जांच में अहम सुराग जुटाने में मदद की। बिलासपुर से आई ट्रैकर डॉग ‘विमला’ ने हत्यारे के घर के 2 चक्कर लगाने के बाद वहीं घर के सामने बैठ गई।

इसके बाद पुलिस ने घर की दीवार की जांच की, जहां खून के धब्बे मिले। फोरेंसिक टीम ने खून के नमूने लेकर जांच की, जिसमें इंसान की खून होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने तीनों भाई-बहनों से पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने पूरी घटना का खुलासा कर दिया।

अमित भंडारी देर रात गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। (फाइल फोटो)

अमित भंडारी देर रात गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। (फाइल फोटो)

तीनों भाई-बहनों से पूछताछ में खुला राज

पुलिस के मुताबिक, संतोषी अपने मायके आई हुई थी। 27-28 अगस्त की दरमियानी रात अमित और संतोषी ने करीब 1:30 बजे तक फोन पर बात की। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे अमित, संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म करके घर लौटा।

घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा। वहां उसने अपनी बहन को अमित के साथ देखा। इस पर दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान मारपीट हुई और अमित का सिर पीछे की दीवार से टकरा गया। इससे दीवार पर खून का निशान भी लगा।

फावड़े से सिर और छाती पर किया वार

पुलिस के अनुसार, अमित जान बचाने के लिए दीवार फांदकर भागने की कोशिश कर रहा था। तभी बजरंग सिंह ने पास पड़े फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से अमित की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद बजरंग ने अमित के शव को घर के पीछे बाड़ी में झाड़ियों के नीचे छिपा दिया। पुलिस के अनुसार, उसी रात गांव में चोरी की सूचना पर डायल-112 की टीम भी मौजूद थी। लोगों के जागे होने के कारण आरोपी शव को दूसरी जगह नहीं ले जा सके।

बहन ने शव छिपाने में की मदद

पुलिस के मुताबिक, संतोषी सिंह ने पूरी घटना देखी और शव छिपाने में बजरंग की मदद की। अगले दिन बजरंग के बड़े भाई पप्पू सिंह के गांव लौटने पर उसे घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद दोनों भाइयों ने अमित को तलाशने का नाटक किया। वे अमित के परिजनों के साथ थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने में भी शामिल हुए।

आधी रात को शव दूसरी जगह ले गए

पुलिस के अनुसार, 28 जून की मध्यरात्रि करीब 12 बजे मौका देखकर बजरंग और पप्पू ने अमित के शव को गांव के बीच स्थित दूसरे स्थान पर ले जाकर रख दिया। ऐसा उन्होंने हत्या का संदेह खुद पर आने से बचाने के लिए किया।

न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल

फिलहाल, आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल फावड़ा बरामद किया है। इसके अलावा शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी भी जब्त की गई है। आरोपी बहन और भाइयों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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छत्तीसगढ़

अवैध महुआ शराब के अड्डे पर पुलिस का छापा:जांजगीर-चांपा में 5 गांवों में कार्रवाई, 52 बोरी लहान और बनाने का सामान बरामद

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा के अकलतरा थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने सबरिया डेरा में छापा मारकर बड़ी मात्रा में महुआ लहान और शराब बनाने का सामान बरामद किया।

मौके पर मिले 52 बोरी महुआ लहान, 18 बड़े बर्तन, चूल्हा, 10 जरकिन और करीब 80 पैकिंग पाउच को पुलिस ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई गई है।

नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए

नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए

महंगे दाम पर शराब बेचने की मिली थी शिकायत

पुलिस के मुताबिक, कोटमीसोनार क्षेत्र के सबरिया डेरा और धनवार डेरा में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने और उसे महंगे दाम पर बेचने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर एसडीओपी अकलतरा डॉ. मैखलेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार साहू की टीम ने कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान पुलिस को शराब बनाने के लिए तैयार किया गया महुआ लहान और बड़ी मात्रा में उपकरण मिले। पुलिस ने सभी को मौके पर नष्ट कर दिया।

सबरिया डेरा से 18 बड़े बर्तन, 10 जरकिन और 80 पैकिंग पाउच मिले

सबरिया डेरा से 18 बड़े बर्तन, 10 जरकिन और 80 पैकिंग पाउच मिले

चार और गांवों में भी दबिश

पुलिस ने इसके अलावा अकलतरा थाना क्षेत्र के पीपरसत्ती, कोटमीसोनार, लटिया और बम्हनीन में भी अवैध महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ दबिश दी। यह कार्रवाई 8 सितंबर की सुबह की गई।

पुलिस के अनुसार, अलग-अलग स्थानों पर अवैध शराब के संबंध में शिकायतों और मुखबिर से मिली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई।

दुकान और घर से मिली 26 प्लेन शराब

पीपरसत्ती में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दिलीप कुमार उर्फ पप्पू कुमार नायक (52) की दुकान और घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान 26 नग प्लेन देशी शराब बरामद की गई।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अकलतरा थाने में धारा 34(1) आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।

मंत्रिपरिषद के निर्णय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 

1.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code लागू करने के संबंध में Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया तथा समिति के सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया।  
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। अलग-अलग कानूनों के कारण वैधानिक प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न होती है, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल होती है। ऐसे में कानून को सरल, एकरूप और न्यायसंगत बनाने के लिए Uniform Civil Code लागू करना आवश्यक माना जा रहा है, जिससे धार्मिक और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य के नागरिकों, संगठनों एवं विशेषज्ञों से व्यापक सुझाव लेकर Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करेगी। यह समिति वेब पोर्टल के माध्यम से फीडबैक भी आमंत्रित कर सकती है। समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार प्रारूप को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत मंत्रिपरिषद से अनुमोदन के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में एक समान और पारदर्शी नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित हो सके।

2.    मंत्रिपरिषद ने महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस निर्णय से सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये राजस्व की कमी होगी, लेकिन महिला सशक्तीकरण के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम माना गया है। 

3.    मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत उन्हें जीवनकाल में एक बार छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर 25 लाख रूपए तक की संपत्ति (भूमि/भवन) क्रय करने पर देय स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट प्रदान किया जाएगा। देश सेवा में समर्पित सैनिकों का जीवन प्रायः स्थानांतरण और अस्थायित्व से भरा होता है, जिसके बाद वे स्थायी निवास के लिए संपत्ति क्रय करते हैं, ऐसे में यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगा।

 4.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से सेवा क्षेत्र को आबंटन हेतु स्पष्ट वैधानिक पात्रता मिलेगी। भूमि आवंटन प्रावधानों में न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा का तार्किक सामंजस्य स्थापित होगा। लैंड बैंक भूखण्डों हेतु एप्रोच रोड का वैधानिक प्रावधान किया गया है। NBFC सहित वित्तीय संस्थाओं को सम्मिलित करने से उद्योगों के लिए ऋण उपलब्धता के विकल्प बढ़ेंगे। कंपनियों में शेयर धारिता परिवर्तन से संबंधित प्रावधानों में व्यावहारिक स्पष्टता आएगी और Ease of Doing Business सुनिश्चित होगा। PPP मॉडल के लिए स्पष्ट प्रावधान से निजी निवेश एवं औद्योगिक अवसंरचना विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। 

5.    छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। अब केन्द्र अथवा राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेगी। इससे पट्टेदार के एकाधिकार के फलस्वरूप उत्पन्न रेत की आपूर्ति-संकट में कमी आएगी तथा दुर्गम क्षेत्रों में रेत खदानों के सुगम संचालन सहित रेत की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।  

6.    मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में व्यापक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नियंत्रण और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करना है, अवैध खनन को रोकना तथा प्रक्रिया का सरलीकरण करना है।
गौण खनिज की ऐसी खदाने जो अकारण बंद रहती है अथवा शिथिल रहती है, में कठोर प्रावधान लाया गया है। अब इन खदानों के अनिवार्य भाटक दर में 30 वर्षाें के बाद वृद्धि की गई है। इन खदानों को व्यपगत (लैप्स) घोषित किए जाने संबंधी कठोर प्रावधानों को नियमों में शामिल किया गया है, जिसके फलस्वरूप ऐसी खदानों का संचालन अनिवार्य रूप से किये जाने की बाध्यता सुनिश्चित हो सकेगी। खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन/भंडारण पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जिसमें न्यूनतम जुर्माना 25 हजार रूपए निर्धारित किया गया है, जो कि 5 लाख रूपए तक भी हो सकता है। अवैध परिवहन के मामलों में सुपुर्दगी दिए जाने हेतु जमानत राशि का भी निर्धारण किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र संबंधी प्रावधान को पूरे प्रदेश में एकसमान लागू किया जा रहा है। 
इसके अतिरिक्त उत्खनन पट्टों के समामेलन, अनुबंध पश्चात भू-प्रवेश एवं पर्यावरणीय शर्तों के अनुरूप संचालन जैसे प्रावधानों को भी सुदृढ़ किया गया है, जिससे खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित दोहन और राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण को बल मिलेगा।


7.    मंत्रिपरिषद द्वारा दुधारू पशु प्रदाय संबंधी पायलट प्रोजेक्ट योजना में समस्त सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने संबंधी संशोधन तथा एनडीडीबी के साथ निष्पादित एमओयू की संबंधित कंडिका में संशोधन का अनुमोदन किया गया। इससे अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित सभी सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा जिससे उनके स्वरोजगार और आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश के सर्वांगीण, सामाजिक एवं आर्थिक विकास में सहयोग प्राप्त हो सकेगा।
 
8.    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने हेतु आवश्यक टीकाद्रव्यों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए National Dairy Development Board (NDDB) की सब्सिडरी कंपनी Indian Immunologicals Limited, हैदराबाद से टीकों की खरीदी किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। निविदा प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा न बन पाने एवं जेम पोर्टल पर दर उपलब्ध न होने के कारण टीकों की समय पर आपूर्ति में बाधा आ रही थी, जिससे पशुओं का नियमित टीकाकरण प्रभावित हो रहा था। निर्णय के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनवरी 2027 तक आवश्यक टीकाद्रव्यों का क्रय उक्त एजेंसी से किया जाएगा, जिससे पशुओं में रोगों की रोकथाम, मृत्यु दर में कमी, पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा तथा दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन मंं वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

9.    मंत्रिपरिषद की बैठक में एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के प्रावधानों के अनुरूप छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के बीच पेंशन दायित्वों के प्रभाजन के संदर्भ में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूर्व वर्षों में किए गए 10,536 करोड़ रूपए के आधिक्य पेंशन भुगतान की राशि की वापसी पर सहमति दी गई। बैंकों द्वारा पूर्व में हुए त्रुटिपूर्ण लेखांकन के कारण यह अतिरिक्त भुगतान हुआ था, जिसका पुनर्मिलान एवं सत्यापन संयुक्त दल द्वारा किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, मध्यप्रदेश शासन द्वारा 2,000 करोड़ रूपए की राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदान की जा चुकी है तथा शेष 8,536 करोड़ रूपए की राशि आगामी 6 वार्षिक किश्तों में दी जाएगी। मंत्रिपरिषद ने इस व्यवस्था को स्वीकार करते हुए वित्त विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु अधिकृत किया है। 
इसके अतिरिक्त मंत्रिपरिषद की बैठक में आगामी खरीफ सीजन हेतु उर्वरक की व्यवस्था तथा राज्य में LPG गैस की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा की गई।

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कोरबा

हरदीबाजार अस्पताल के स्थानांतरण पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश, मुआवजा विसंगति, रोजगार और बसाहट की मांग पूरी होने तक स्थानांतरण का उग्र विरोध

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कोरबा/हरदीबाजार। एसईसीएल (SECL) दीपका एरिया परियोजना के विस्तार को लेकर हरदीबाजार स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हॉस्पिटल) के स्थानांतरण की कवायद के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों भू-विस्थापितों और जनप्रतिनिधियों का जबरदस्त आक्रोश एवं उग्र विरोध सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मूल संवैधानिक और मौलिक मांगों का त्वरित निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा, यदि प्रशासन ने जबरन अस्पताल हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आज हरदीबाजार तहसील कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली रोहित सिंह एवं तहसीलदार अमित क्रेकेटा की मौजूदगी में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में हरदीबाजार पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।

मुआवजा पत्रक में भारी गड़बड़ी व गुमराह करने का आरोप

बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दीपका एरिया प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नापी-सर्वे के उपरांत एसईसीएल द्वारा तैयार किए गए मुआवजा पत्रक में 40% घाटा-बढ़ा दर्शाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियम-कानून में इस तरह के 40%-60% के नियम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन किसानों को गुमराह कर ऐसा पत्रक बना रहा है, जिससे उन्हें उनकी जमीन का वास्तविक लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे मूल किसानों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ।

केंद्रीय कोयला मंत्री के कड़े निर्देशों की याद दिलाई

ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि हाल ही में कटघोरा विधायक के नेतृत्व में विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया था, इस पर कोयला मंत्री ने एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय (HQ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किसान के अधिकारों का हनन या उनके साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रबंधन तानाशाही रवैया अपना रहा है ।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  1. मुआवजा विसंगति का समाधान:- मुआवजा पत्रक में की गई 40% की विसंगति को तत्काल सुधारकर किसानों को उनकी भूमि का उचित व वास्तविक मूल्य प्रदान किया जाए ।
  2. शीघ्र रोजगार की उपलब्धता:- भूमि अधिग्रहण के एवज में जितने भी पात्र किसान/विस्थापित हैं उन्हें अविलंब और तत्काल प्रभाव से रोजगार उपलब्ध कराया जाए ।
  3. बसाहट कार्य में तेजी:- विस्थापितों के लिए नए बसाहट स्थल पर जारी निर्माण व विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने की मांग की गई ।
  4. स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा:- जब तक सभी मौलिक व विधिक अधिकारों की बहाली नहीं होती अस्पताल को यथावत रहने दिया जाए ।

शासन-प्रशासन आगे आकर निकाले समाधान

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे विकास और खदान विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों का नुकसान करके विस्तार स्वीकार्य नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आगे आकर किसानों की इन जायज और मूल समस्याओं का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए, ताकि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी हो सके और कोयला खदान का विस्तार भी सुचारू रूप से संचालित हो सके ।

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छत्तीसगढ़

शादीशुदा बहन के बॉयफ्रेंड को फावड़े से काट डाला:देर रात मिलने पहुंचा था, बड़े भाई संग मिलकर बाड़ी में फेंकी लाश, तीनों अरेस्ट

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में 2 महीने पहले हुए युवक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या की वजह लव अफेयर बताई गई है। देर रात बॉयफ्रेंड अपनी शादीशुदा गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। इसी दौरान उसके भाई ने दोनों को पकड़ लिया।

विवाद के बाद बॉयफ्रेंड भागने की कोशिश कर रहा था, तभी भाई ने फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में बहन और बड़े भाई ने लाश ठिकाने लगाने में मदद की। युवक की लाश को गांव की एक बाड़ी में फेंक दिया।

जांच के दौरान डॉग स्क्वाड की टीम आरोपियों के घर के पास पहुंची। डॉग ने घर के दो चक्कर लगाए और इसके बाद मेन गेट पर बैठ गया। पुलिस ने युवती और उसके दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए बार-बार बयान बदलते रहे। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए 200 से ज्यादा टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक तकनीक का एनालिसिस किया।

इसके अलावा ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी प्रक्रियाएं भी अपनाई गईं। मामला मुलमुला थाना क्षेत्र के कोसा गांव का है।

बाड़ी में अमित भंडारी की लाश मिली थी।

बाड़ी में अमित भंडारी की लाश मिली थी।

पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक, अमित भंडारी (25) कोसा गांव रहने वाला था और मजदूरी करता था। उसका उसी गांव की संतोषी सिंह क्षत्रिय से लव अफेयर था। संतोषी शादीशुदा थी, इसके बाद भी उसकी और अमित की बातचीत होती थी। वहीं, संतोषी पति से लड़ाई के बाद अक्सर मायके आ जाती थी।

इस बीच 29 जून को गांव की एक बाड़ी में युवक का शव मिला। उसकी पहचान अमित के रूप में हुई। अमित 27 जून से लापता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की। पुलिस ने जांच में आधुनिक तकनीक की मदद ली। इसमें 200 से ज्यादा मोबाइल टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक जांच की गई। संदिग्धों से ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट भी कराया गया।

घर की दीवार पर मिले खून के धब्बे

पुलिस ने घटना को दोबारा करके भी जांच की और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की फिर से जांच की। बिलासपुर से लाई गई ट्रैकर डॉग विमला ने भी जांच में अहम सुराग जुटाने में मदद की। बिलासपुर से आई ट्रैकर डॉग ‘विमला’ ने हत्यारे के घर के 2 चक्कर लगाने के बाद वहीं घर के सामने बैठ गई।

इसके बाद पुलिस ने घर की दीवार की जांच की, जहां खून के धब्बे मिले। फोरेंसिक टीम ने खून के नमूने लेकर जांच की, जिसमें इंसान की खून होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने तीनों भाई-बहनों से पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने पूरी घटना का खुलासा कर दिया।

अमित भंडारी देर रात गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। (फाइल फोटो)

अमित भंडारी देर रात गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। (फाइल फोटो)

तीनों भाई-बहनों से पूछताछ में खुला राज

पुलिस के मुताबिक, संतोषी अपने मायके आई हुई थी। 27-28 अगस्त की दरमियानी रात अमित और संतोषी ने करीब 1:30 बजे तक फोन पर बात की। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे अमित, संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म करके घर लौटा।

घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा। वहां उसने अपनी बहन को अमित के साथ देखा। इस पर दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान मारपीट हुई और अमित का सिर पीछे की दीवार से टकरा गया। इससे दीवार पर खून का निशान भी लगा।

फावड़े से सिर और छाती पर किया वार

पुलिस के अनुसार, अमित जान बचाने के लिए दीवार फांदकर भागने की कोशिश कर रहा था। तभी बजरंग सिंह ने पास पड़े फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से अमित की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद बजरंग ने अमित के शव को घर के पीछे बाड़ी में झाड़ियों के नीचे छिपा दिया। पुलिस के अनुसार, उसी रात गांव में चोरी की सूचना पर डायल-112 की टीम भी मौजूद थी। लोगों के जागे होने के कारण आरोपी शव को दूसरी जगह नहीं ले जा सके।

बहन ने शव छिपाने में की मदद

पुलिस के मुताबिक, संतोषी सिंह ने पूरी घटना देखी और शव छिपाने में बजरंग की मदद की। अगले दिन बजरंग के बड़े भाई पप्पू सिंह के गांव लौटने पर उसे घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद दोनों भाइयों ने अमित को तलाशने का नाटक किया। वे अमित के परिजनों के साथ थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने में भी शामिल हुए।

आधी रात को शव दूसरी जगह ले गए

पुलिस के अनुसार, 28 जून की मध्यरात्रि करीब 12 बजे मौका देखकर बजरंग और पप्पू ने अमित के शव को गांव के बीच स्थित दूसरे स्थान पर ले जाकर रख दिया। ऐसा उन्होंने हत्या का संदेह खुद पर आने से बचाने के लिए किया।

न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल

फिलहाल, आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल फावड़ा बरामद किया है। इसके अलावा शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी भी जब्त की गई है। आरोपी बहन और भाइयों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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छत्तीसगढ़

अवैध महुआ शराब के अड्डे पर पुलिस का छापा:जांजगीर-चांपा में 5 गांवों में कार्रवाई, 52 बोरी लहान और बनाने का सामान बरामद

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा के अकलतरा थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने सबरिया डेरा में छापा मारकर बड़ी मात्रा में महुआ लहान और शराब बनाने का सामान बरामद किया।

मौके पर मिले 52 बोरी महुआ लहान, 18 बड़े बर्तन, चूल्हा, 10 जरकिन और करीब 80 पैकिंग पाउच को पुलिस ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई गई है।

नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए

नष्ट सामग्री की कीमत करीब 2 लाख रुपए

महंगे दाम पर शराब बेचने की मिली थी शिकायत

पुलिस के मुताबिक, कोटमीसोनार क्षेत्र के सबरिया डेरा और धनवार डेरा में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने और उसे महंगे दाम पर बेचने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर एसडीओपी अकलतरा डॉ. मैखलेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार साहू की टीम ने कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान पुलिस को शराब बनाने के लिए तैयार किया गया महुआ लहान और बड़ी मात्रा में उपकरण मिले। पुलिस ने सभी को मौके पर नष्ट कर दिया।

सबरिया डेरा से 18 बड़े बर्तन, 10 जरकिन और 80 पैकिंग पाउच मिले

सबरिया डेरा से 18 बड़े बर्तन, 10 जरकिन और 80 पैकिंग पाउच मिले

चार और गांवों में भी दबिश

पुलिस ने इसके अलावा अकलतरा थाना क्षेत्र के पीपरसत्ती, कोटमीसोनार, लटिया और बम्हनीन में भी अवैध महुआ शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ दबिश दी। यह कार्रवाई 8 सितंबर की सुबह की गई।

पुलिस के अनुसार, अलग-अलग स्थानों पर अवैध शराब के संबंध में शिकायतों और मुखबिर से मिली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई।

दुकान और घर से मिली 26 प्लेन शराब

पीपरसत्ती में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दिलीप कुमार उर्फ पप्पू कुमार नायक (52) की दुकान और घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान 26 नग प्लेन देशी शराब बरामद की गई।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अकलतरा थाने में धारा 34(1) आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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