संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में होगा चौक का नामकरण
सेन समाज का गौरवशाली इतिहास, जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरुषों ने बढ़ाया समाज का मान
केश शिल्पियों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध, समाज की मांगों पर गंभीरता से होगा विचार : मुख्यमंत्री साय
सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने सेन समाज को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सेन समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। इस समाज ने सदियों से भारतीय समाज की सामाजिक व्यवस्था, संस्कारों और समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसे महान नेता का इस समाज से होना पूरे सेन समाज के लिए गौरव की बात है। सेन समाज केवल अपनी पारंपरिक सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जन्म से लेकर विवाह और मृत्यु तक समाज के प्रत्येक संस्कार में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह समाज सनातन परंपराओं और संस्कारों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सेन समाज को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेन समाज के कल्याण के लिए केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का गठन पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में हुआ था। उन्होंने कहा कि सेन समाज और अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उस समय अनेक महत्वपूर्ण पहल की गईं। सैलून संचालन के लिए सेन समाज के लोगों को किट, कुम्हारों को बैटरी चलित चाक और बढ़ई समाज के लोगों को कारपेंट्री किट देने की शुरुआत भी इसी दिशा में की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेन समाज की आज की आवश्यकताओं और मांगों पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करेगी।
संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में चौक का नामकरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में चौक का नामकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नामकरण के लिए कमेटी बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने सेन समाज के विकास और कल्याण के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को आगे बढ़ा रहा सेन समाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुनर और प्रतिभा का सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर वंचित वर्गों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष के प्रतीक रहे हैं। आज उनके सुपुत्र रामनाथ ठाकुर केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी सेन समाज से विधायक श्री रिकेश सेन और छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन समाज की सेवा और प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब केश शिल्प कल्याण बोर्ड को युवा नेतृत्व मिला है, निश्चित रूप श्री गौरी शंकर श्रीवास के नेतृत्व में सेन समाज को आगे बढ़ाने का काम तेजी से होगा।
‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के अनुरूप हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के हर वर्ग को आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक हुनर और छोटे-छोटे व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता, ऋण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को भी सम्मानित कर रहे हैं, जिन्होंने ग्रामीण और सामान्य परिवेश में रहकर उत्कृष्ट कार्य किया है। इससे देश में हुनर और श्रम के प्रति सम्मान की भावना मजबूत हुई है।
ढाई साल में मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे किए
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा करने का काम तेजी से किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं और प्रतिदिन लगभग 1500 से 1600 मकानों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है और किसानों से किए गए वादों को भी पूरा किया गया है। प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है। दो वर्षों का बकाया धान बोनस भी किसानों को दिया गया है।
70 लाख माताओं-बहनों को हर माह मिल रहा महतारी वंदन का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में हर महीने 1000 रुपए की राशि भेजी जा रही है। ढाई वर्षों में इस योजना के माध्यम से 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया रामलला का दर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः शुरू किया गया है। प्रदेश के बुजुर्ग माता-पिता की तीर्थ यात्रा की इच्छा को पूरा करने के लिए सरकार अपने खर्च पर उन्हें देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा करा रही है।
भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए की सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए पारिश्रमिक में वृद्धि की गई है और चरण पादुका योजना को पुनः शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों में 20 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा चुकी है। पुलिस, बिजली और सहकारिता सहित विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसर दिए गए हैं। शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। नई उद्योग नीति के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश को अब तक 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं और अनेक क्षेत्रों में काम शुरू हो गया है।
समाज के पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने सेन समाज के पदाधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के पात्र लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि समाज के जो बेटे-बेटियां किसी योजना के लिए पात्र हैं, उन्हें उसका लाभ दिलाने में समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
बिजली बिल समाधान योजना का लाभ लेने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में बिजली बिलों का भुगतान नहीं होने के कारण कई परिवारों पर एक साथ बड़ी राशि का बिल आ गया है। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना लागू की गई है। इसके तहत पंजीयन कराने पर पात्र उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बड़ी राहत दी जा रही है तथा सरचार्ज आदि भी माफ किया जा रहा है। उन्होंने पात्र लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की।
80 हजार घरों में लग चुके हैं सोलर सिस्टम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से प्रदेश में घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने का काम तेजी से चल रहा है। प्रदेश में अब तक लगभग 80 हजार घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिनमें करीब 40 हजार घरों में बिजली बिल शून्य आ रहा है। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने का आग्रह किया।
सेवा सेतु से घर बैठे मिल रही 700 से अधिक सेवाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा सेतु शुरू किया है। इसमें 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। नागरिक घर बैठे मोबाइल के माध्यम से जाति, आय, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्रों और अन्य सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से सीधे दर्ज करा सकते हैं शिकायत
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू की गई है। इसके माध्यम से लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि तहसीलदार, इंजीनियर, थाना प्रभारी से लेकर सचिव स्तर तक के लगभग 8 हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हैं। शिकायतों के समाधान के लिए एल-1, एल-2, एल-3 और एल-4 स्तर पर व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सेन समाज के लिए गौरीशंकर श्रीवास का चयन कर बहुत सही निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि संघर्ष का दूसरा नाम गौरीशंकर श्रीवास है। वे लगातार समाज के लिए कार्य कर रहे हैं और समाज को आगे बढ़ाने की ललक उनके भीतर है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विधायक श्री रिकेश सेन भी विधानसभा में सेन समाज और समाज के विभिन्न विषयों को सक्रियता के साथ उठाते हैं। उन्होंने कहा कि सेन समाज हजारों वर्षों से गांव और सामाजिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण धुरी रहा है। जन्म, विवाह और मृत्यु सहित जीवन के प्रत्येक संस्कार में सेन समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि सेन समाज के लोग केवल सेवा करने वाले नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा माने जाते हैं और समाज में उनका गहरा विश्वास और संबंध रहा है। उन्होंने भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर को वंचित वर्गों के संघर्ष का बड़ा प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सेन शक्ति सम्मेलन सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सेन समाज के कौशल विकास के लिए कौशल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने समाज के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे आवश्यकतानुसार नए ट्रेड और प्रशिक्षण को जोड़ने के सुझाव दें, ताकि समाज के युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें।
छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि आज का दिन सेन समाज के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का गठन कर इसे सेन समाज को समर्पित किया था और अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बोर्ड को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सेन समाज के लोगों ने निस्वार्थ भाव से सेवा की। उन्होंने समाज के उत्थान और कल्याण से जुड़ी विभिन्न आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने सेन समाज प्रदेश भर से आए प्रशिक्षित युवाओं को किट वितरण किया।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक रिकेश सेन, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, रजककार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, कर्पूरी ठाकुर विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रघुवीर श्रीवास, संचालक समाज कल्याण रणबीर शर्मा सहित बड़ी संख्या में सेन समाज के प्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।
कोरबा/कटघोरा। करीब 02 साल से अधिक समय तक कटघोरा वनमंडल में पदस्थ रहे आईएफएस कुमार निशांत का स्थानांतरण मरवाही डीएफओ के रूप में हो गया है। उनके स्थान पर शासन ने आईएफएस जितेन्द्र कुमार उपाध्याय को पोस्टिंग दी है। श्री उपाध्याय इसके पूर्व धरमजयगढ़ में डीएफओ थे। निशांत का भ्रष्टाचार और तानाशाही से रहा नाता कटघोरा में पदस्थ कुमार निशांत का कटघोरा डीएफओ बनते ही तानाशाही और भ्रष्टाचार से नाता रहा। कटघोरा डीएफओ रहते कैम्पा मद में भारी गड़बड़ी की शिकायत रही और विधानसभा तक इसकी गूंज रही। एक विधायक के सवाल के जवाब में छत्तीसगढ़ के उन आईएफएस अधिकारियों का नाम वनमंत्री केदार कश्यप ने बताया, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत और जांच चल रही है, जिनमें कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत का नाम शामिल है। भ्रष्टाचार की शिकायत और जांच चलने के बाद भी कुमार निशांत को सालों तक अभयदान मिलता रहा और काफी समय कटघोरा डीएफओ के रूप में बिताने के बाद 08 अगस्त को उनका स्थानांतरण मरवाही वनमंडल में डीएफओ के रूप में हुआ है। भ्रष्टाचार में जहां वे चर्चा में रहे, वहीं वे तानाशाही के लिए भी चर्चित रहे। जब जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा-कटघोरा डीएफओ कार्यालय में जा कर लेंगे बैठक उनकी हिटलरशाही आम जनता के लिए तो चर्चा का विषय रहा ही, वे जनप्रतिनिधियों के निर्देशों की भी अवहेलना करने में भी चर्चित रहे। त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव को एक साल से अधिक हो गए। एक साल में जिला पंचायत की सामान्य सभा जितनी बार हुई, उसमें एक बार भी कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत नहीं पहुंचे। जिला पंचायत सीईओ एवं अध्यक्ष डॉ. पवन के निर्देशों को भी वे हवा में उड़ा देते रहे और अपने अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच कहते-फिरते रहे कि उनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता। हुआ भी यही, वे राजा की तरह दम्भ के साथ कटघोरा में अपना पूरा कार्यकाल बिताया और अब 08 अगस्त को शासन स्तर पर हुए तबादला आदेश में वे मरवाही जा रहे हैं।
एक साल की एक भी सामान्य सभा में डीएफओ कुमार निशांत की उपस्थिति न होने पर कई बार कटघोरा डीएफओ को नोटिस दिया गया, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा, इससे खिन्न हो कर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने कहा कि अबकी बार कटघोरा डीएफओ उपस्थित नहीं होते, तो वे सभी सदस्यों के साथ कटघोरा वनमंडल कार्यालय में डीएफओ की बैठक लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं कर सके। सीएम तक हुई शिकायत, लेकिन नौकरशाही हावी रही डॉ. पवन सिंह सहित जिला पंचायत सदस्यों, भाजपा नेताओं ने कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत की तानाशाही एवं भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पास पहुंचे, लेकिन महीनों-महीनों बीत गए, लेकिन उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिला पंचायत सीईओ के आदेश को मानने के लिए वे अपने आपको बाध्य नहीं मानते थे, क्योंकि वे फ्रेश आईएफएस हैं, जबकि जिला पंचायत सीईओ प्रमोटिव एडीएम/जिला पंचायत सीईओ थे।
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से सरकारी स्कूल में शराब और चिकन पार्टी का वीडियो सामने आया है। वीडियो में 5 शिक्षक और 1 स्वीपर स्कूल कैंपस में शराब और चिकन पार्टी करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाया था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी द्विवेदी ने नरेंद्र कुमार लहरें (लेक्चरर), राजू कुमार साहू (लेक्चरर), राजेश धीरी (लेक्चरर), दिनेश चक्रधारी (लेक्चरर), रात्रे (स्वीपर) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
डीईओ ने कहा कि कर्मचारियों से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला मालखरौदा ब्लॉक के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल किरारी का है।
छुट्टी के बाद स्कूल में कर रहे थे पार्टी
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना है। स्कूल की छुट्टी के बाद कुछ शिक्षक और स्वीपर परिसर में शराब और नॉनवेज के साथ पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीण वहां पहुंच गए और उन्होंने पूरी घटना का वीडियो बना लिया।
वायरल वीडियो में टेबल पर शराब की बोतल और प्लेट में नॉनवेज साफ नजर आ रहा है। वहीं, गिलास में शराब का पैक भी दिखाई दे रहा है। वीडियो में कुछ शिक्षक टेबल के आसपास बैठे हुए नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर किया वायरल
ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में पार्टी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद वीडियो तेजी से वायरल हो गया। ग्रामीणों का दावा है कि इससे पहले भी शिक्षक स्कूल कैंपस में इस तरह की पार्टी कर चुके हैं।
5 शिक्षकों और स्वीपर को नोटिस
जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी द्विवेदी ने मामले में एक्शन लेते हुए वीडियो में नजर आ रहे पांच शिक्षकों और एक स्वीपर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी को तीन दिन के भीतर अपना जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने संबंधित कर्मचारियों से घटना को लेकर अपना पक्ष मांगा है। जवाब मिलने के बाद मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन ने 24 IFS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए हैं। अधिकारियों को अलग-अलग वनमंडलों और विभागीय संस्थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जारी आदेश के मुताबिक, गणवीर धम्मशील को वन और जलवायु परिवर्तन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। जबकि उत्तम कुमार गुप्ता को इंद्रावती टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (CCF) बनाया गया है।
दुलेश्वर प्रसाद साहू को मनेन्द्रगढ़ वनमंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंकज राजपूत को रायपुर का नया वन उप संरक्षक (DCF) बनाया गया है। प्रभाकर खलखो को सरगुजा कार्य आयोजना वनमंडल का प्रभारी वन संरक्षक बनाया गया है।
वन विकास निगम में 3 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति
संजय यादव, गीष्मी चांद और ऋषभ जैन को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में प्रतिनियुक्ति दी गई है। वहीं, पंकज कुमार कमल को वन विकास निगम से वापस लेते हुए बलौदाबाजार वन उप संरक्षक बनाया गया है।
लघु वनोपज संघ और PCCF कार्यालय में भी बदलाव
अभिषेक जोगावत को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ में उप महाप्रबंधक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं रौनक गोयल को PCCF कार्यालय में वन उप संरक्षक बनाया गया है।