सजग कोरबा–सतर्क कोरबा अभियान के तहत उरगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई
कोरबा। थाना उरगा क्षेत्र के ग्राम बरपाली स्थित दुकान में दिनांक 07.08.2026 की रात्रि चोरी की घटना हुई थी। सुबह दुकान खोलने पर शटर का ताला टूटा हुआ मिला तथा दुकान में रखी नगदी चोरी होना पाया गया।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 449/2026, धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
CCTV फुटेज से मिला महत्वपूर्ण सुराग
पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल एवं आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया गया। CCTV फुटेज से मिले सुरागों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की पतासाजी कर उन्हें पकड़ा गया।
बिलासपुर से लौटते समय बनाई चोरी की योजना
पूछताछ में आरोपियों द्वारा बताया गया कि वे बिलासपुर गए थे और वहां से वापस लौटते समय दुकान का शटर बंद होने तथा शटर एवं जमीन के बीच गैप दिखाई देने पर चोरी करने की योजना बनाई। इसके बाद आरोपीगण मड़वारानी के पास से सरिया लेकर आए और उसी सरिया की सहायता से दुकान का शटर उठाकर अंदर प्रवेश कर चोरी की घटना को अंजाम दिया।
मुख्य आरोपी
युवराज सिंह राजपूत, पिता दीनदयाल सिंह राजपूत, उम्र 19 वर्ष, निवासी 15 ब्लॉक पंप हाउस, कोरबा के साथ 02 विधि से संघर्षरत बालकों को भी पकड़ा गया है।
बरामदगी आरोपियों के कब्जे से चोरी में प्रयुक्त लोहे की सरिया, घटना में प्रयुक्त स्कूटी एवं चोरी की गई नगद 9000रुपए बरामद की गई है। मुख्य आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया तथा विधि से संघर्षरत बालकों के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की भूमिका CCTV फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर तंत्र की मदद से उरगा पुलिस ने मामले का त्वरित खुलासा किया। ➡️ कोरबा पुलिस द्वारा “ सजग कोरबा–सतर्क कोरबा ” अभियान के तहत चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है।
कोरबा। कोरबा में तीन दिनों की रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद रविवार शाम को आकाश में इंद्रधनुष दिखाई दिया। शाम करीब 6 बजे यह अद्भुत प्राकृतिक नजारा सामने आया, जिसे देखने के लिए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। लगातार बारिश और काली घटाओं के बाद इंद्रधनुष के दर्शन से शहरवासियों का मन प्रसन्न हो उठा।
रविवार सुबह से ही मौसम साफ था और दोपहर होते-होते तेज धूप भी निकल आई थी। पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण लोग घरों में ही थे। ऐसे में धूप के साथ निकले इंद्रधनुष ने लोगों को सुकून और राहत प्रदान की।
15 मिनट तक दिखा इंद्रधनुष
प्रकृति के इस मनमोहक दृश्य को देखने के लिए लोग छतों और सड़कों पर जमा हो गए। इंद्रधनुष लगभग 15 मिनट तक आकाश में स्पष्ट रूप से दिखाई देता रहा। खुले बादलों के बीच सात रंगों का यह खूबसूरत चाप दूर-दूर तक नजर आ रहा था। लोगों ने अपने मोबाइल फोन से इस पल को कैद किया और सोशल मीडिया पर भी साझा किया।
क्या बोले लोग ?
एसईसी एल निवासी किशोर यादव ने बताया, “इस तरह का दृश्य बहुत कम देखने को मिलता है। बारिश रुकने के बाद जब धूप निकली तो अचानक आसमान में इंद्रधनुष दिखा। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी इसे देखने के लिए बाहर आ गए थे। हमने भी इसकी तस्वीरें और वीडियो बनाए।”
वार्ड पार्षद शैलेंद्र सिंह उर्फ पप्पू ने कहा, “हल्की बारिश, धूप और उसके बाद इंद्रधनुष का एक साथ दिखना बेहद दुर्लभ होता है। लोगों में इसको लेकर काफी उत्साह था। बच्चे खुशी से चिल्ला रहे थे।”
कैसे बनता है इंद्रधनुष
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इंद्रधनुष तब बनता है जब सूरज की किरणें हवा में मौजूद पानी की बूंदों से टकराकर सात रंगों में बिखर जाती हैं। यह एक प्राकृतिक प्रकाशीय घटना है।
लगातार उमस और बारिश भरे मौसम के बाद निकले इस इंद्रधनुष ने लोगों को कुछ पल के लिए अपनी परेशानियां भुलाने का मौका दिया। सोशल मीडिया पर भी #KorbaRainbow खूब ट्रेंड कर रहा था। शहरवासी इस मनमोहक नजारे को प्रकृति का एक अनुपम उपहार बता रहे थे।
06 लीटर कच्ची महुआ शराब एवं घटना में प्रयुक्त कैंची बरामद
कोरबा। कोरबा पुलिस द्वारा “ सजग कोरबा, सतर्क कोरबा ” अभियान के तहत अपराध एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सहायता केन्द्र मानिकपुर, थाना कोतवाली पुलिस द्वारा अलग-अलग मामलों में त्वरित कार्रवाई की गई।
मारपीट एवं कैंची से हमला करने वाले 02 आरोपी गिरफ्तार
दिनांक 08.08.2026 को प्राप्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 666/2026, धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5), 118(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मानिकपुर सहायता केन्द्र पुलिस द्वारा तत्काल आरोपियों की पतासाजी हेतु टीम गठित कर कार्रवाई की गई। पुलिस टीम द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों एवं विवेचना के आधार पर दोनों आरोपियों को दिनांक 08.08.2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया।आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त कैंची बरामद कर जप्त की गई। जप्ती की कार्रवाई का ई-साक्ष्य एप के माध्यम से वीडियो तैयार किया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
गिरफ्तार आरोपी फैजान खान, पिता हसन खान, उम्र 19 वर्ष, निवासी मुड़ापार रामनगर, पु स के मानिकपुर। निखिल थवाईत, पिता स्व. सत्यनारायण, उम्र 19 वर्ष, निवासी मुड़ापार निषादपारा, पु स के मानिकपुर।
अवैध महुआ शराब के विरुद्ध कार्रवाई
दिनांक 09.08.2026 को मानिकपुर सहायता केन्द्र की पेट्रोलिंग टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि कदमहाखार उरांव बस्ती निवासी झंगलू उरांव द्वारा अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब रखकर बिक्री की जा रही है।सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल सूचना की तस्दीक कर मौके पर दबिश दी गई तथा आरोपी झंगलू उरांव को पकड़ा गया। आरोपी के कब्जे से 06 लीटर कच्ची महुआ शराब, कीमत लगभग रू.600 बरामद कर विधिवत जप्त की गई। साथ ही शराब बिक्री से प्राप्त रू.100 नगद भी जप्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
मानिकपुर सहायता केन्द्र पुलिस की प्रमुख कार्रवाई मुखबिर सूचना पर तत्काल तस्दीक एवं दबिश। मारपीट प्रकरण में 02 आरोपियों की गिरफ्तारी। घटना में प्रयुक्त कैंची बरामद एवं जप्त। 06 लीटर कच्ची महुआ शराब, कीमत लगभग रू.600 बरामद। शराब बिक्री से प्राप्त रू.100 नगद जप्त। दोनों प्रकरणों में आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई कर न्यायालय पेश।
➡️ कोरबा पुलिस द्वारा “ सजग कोरबा, सतर्क कोरबा ” अभियान के तहत अपराध एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई जारी है।
लालूराम कालोनी निवासी श्रीमती सविता जायसवाल के परिजनों में आक्रोश, कहा-एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं और मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का नाम लापरवाही की वजह से गई मेरी माँ की जान-सोनाली कोरबा। कोरबा में कई ऐसी बड़ी-बड़ी बिल्डिंग बना ली गई और बिना विशेषज्ञ चिकित्सकों के हॉस्पिटल खोल दिए गए और नाम रख दिया गया मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल। 08 मार्च 2026 को नया बस स्टैंड टी पी नगर कोरबा में ऐसा ही एक हॉस्पिटल मंत्री के हाथों उद्घाटित कर दिया गया, जबकि उक्त हॉस्पिटल प्रबंधन ने न तो नर्सिंग होम का लाइसेंस लिया और न ही एक भी स्पेशिलिस्ट डॉक्टर। आज यह हॉस्पिटल मौत का सौदागर बन कर उभरा है। मामला लालूराम कालोनी निवासी श्रीमती सविता जायसवाल के आकस्मिक निधन का है। सोनाली ने बताया कि 04 अगस्त की रात्रि को माँ की कमर में दर्द उठा और उन्हें नजदीक होने के कारण शिवाय हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। भर्ती के समय डाक्टरों ने बताया कि रीढ़ की हड्डी में गेप आ गया है और उन्हें रात्रि को एनआईवी सपोर्ट में रखा गया। तीन दिन बाद उन्हें वेंटिलेटर में रखते ही उनकी मौत हो गई।
एक्स-रे लेने पर पता चला रीढ़ की हड्डी में गेप है
मृतक श्रीमती सविता जायसवाल पति सुनील जायसवाल (62) की पुत्री सोनाली ने रोते हुए बताया कि माँ को एडमिट करने के बाद एक्स-रे किया गया, जहां डाक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में गेप होना बताया और उन्हें एनआईवी सपोर्ट दिया गया। सोनाली के अनुसार डाक्टरों ने बताया कि माँ का आक्सीजन और ब्लड लेबल काफी कम है और उन्हें एनआईवी सपोर्ट देना पड़ेगा। रात्रि में माँ एनआईवी सपोर्ट को बार-बार निकाल देती थी, लेकिन रात्रिकालीन ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों एवं स्टाफ ने लापरवाही बरती और एनआईवी सपोर्ट निकलने के कारण माँ की जान चली गई। सोनाली ने यह भी बताया कि हमें अंदर ही जाने नहीं दिया जाता था और लापरवाही के कारण माँ की जान चली गई।
बिना चेकअप चिकित्सकों ने फार्म भरा दिया-माँ का कंडीशन क्रिटिकल है-सोनाली मृतका की बेटी सोनाली ने बताया कि जब माँ को एडमिट किया गया तो यहां के चिकित्सकों ने पहले कोरे फार्म पर साइन कराने की कोशिश की, लेकिन फार्म में लिखकर आने के बात कही गई तो बिना जांच माँ के कंडीशन को क्रिटिकल बताने वाले फार्म में साइन करा लिया, ताकि खुद का बचाव चिकित्सक कर सकें।
मामला बिगड़ते देख वेंटिलेशन में रखा और तत्काल माँ की मौत हो गई-सोनाली मृतका श्रीमती सविता जायसवाल की बेटी सोनाली ने कहा कि तीन दिन तक माँ के ईलाज में लापरवाही की गई, खासकर रात्रि कालीन ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों और स्टाफ की लापरवाही से माँ की जान आकस्मिक चली गई। एनआईवी सपोर्ट को माँ निकाल देती थी, लेकिन मरीज के पास न तो स्टाफ रहते थे और न ही चिकित्सक, जिसके कारण माँ की हालत बिगड़ी। माँ की हालत बिगड़ते देख चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर में रख दिया और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। सोनाली ने कहा कि माँ की मौत सामान्य नहीं, बल्कि मेरी माँ की मौत का जिम्मेदार शिवाय हास्पिटल है।
एनआईवी सपोर्ट की जगह पाईप क्यों नहीं लगाया चिकित्सकों ने एक्स-रे और ईसीजी करने के बाद चिकित्सकों ने एनआईवी सपोर्ट लगाया, जबकि माँ उसे निकाल दिया करती थी। केस बिगड़ते देख डाक्टरों ने पाईप के जरिये ऑक्सिजन लेबल सामान्य करने के लिए बाद में पाईप लगाया, जबकि पहले ही लगा देना था। सोनाली ने शिवाय हास्पिटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह बात कही और कहा कि मेरी माँ की मौत का जिम्मेदार रात्रि कालीन स्टाफ है।
डाक्टरों से बात न कर पाएं, इसलिए बड़े-बड़े बाउंसर तैनात किए- शिवम
मृतका श्रीमती सविता जायसवाल के पुत्र शिवम ने माँ का कंडीशन जानने के लिए ईलाज कर रहे चिकित्सकों से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बताया कि शिवाय हास्पिटल प्रबंधन कई गुंडे किस्म के बाउंसर रख लिए हैं, जो डाक्टरों से मिलने ही नहीं दिए और कहते रहे जो भी बात करनी है हमसे करो और चिकित्सकों से मिलने ही नहीं दिए। शिवाय हास्पिटल में ईलाज हो न हो, गुंडागर्दी हो रही है। हास्पिटल जैसे मंदिर की जगह में सेवा होनी चाहिए, वहां गुंडागर्दी हो रही है। हास्पिटल जैसी जगह में बाउंसर रखना कहां तक उचित है? शिवम ने कहा- क्या डाक्टरों को अपने ईलाज में खुद को विश्वास नहीं है? नहीं तो बाउंसर रखने की जरूरत ही क्यों पड़ती?
ईलाज के नाम पर सिर्फ लूट का धंधा-प्रदीप जायसवाल
मृतका के जेठ एवं पूर्व अनुविभागीय अधिकारी (जल संसाधन) प्रदीप जायसवाल ने बताया कि भाई बहू श्रीमती सविता जायसवाल की मौत लापरवाही की वजह से हुई है। शिवाय हास्पिटल में न तो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और न ही यहां ढंग से ईलाज होता है। ईलाज के नाम पर सिर्फ मेडिकल लूट का धंधा खोल दिया गया है।
07 को सविता जायसवाल ने अंतिम सांस ली
लालू राम कॉलोनी निवासी प्रदीप जायसवाल के छोटे भाई सुनील जायसवाल की धर्मपत्नी सविता जायसवाल का 07 अगस्त को आकस्मिक निधन हो गया। दूसरे दिन दिनांक 8/8/26 दिन शनिवार को सुबह 11 बजे मोती सागरपारा मुक्तिधाम में सवित जायसवाल का अंतिम संस्कार किया गया।
दशगात्र के बाद मच सकता है बवाल स्व.श्रीमती सविता जायसवाल की पुत्री सोनाली ने कहा कि अभी पूरा परिवार शोक में है, लेकिन हमारी माँ यूं ही नहीं चली गई। शिवाय हास्पिटल वाले रिफर भी नहीं किए और न ही बाहर से विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाए और ईलाज में पूरी लापरवाही बरती गई। डाक्टर फीस लूटने में लगे रहे और अच्छी खासी माँ चली गई। शिवाय हास्पिटल नहीं ले जाते तो माँ हमारी हमारे बीच ही रहती। अभी हम शोक में हैं, लेकिन माँ की मौत का हिसाब होगा।
बिना लायसेंस अवैध हास्पिटल का हो गया था आरंभ
नर्सिंगहोम एक्ट के तहत शिवाय हास्पिटल ने बिना लायसेंस मंत्री से 08 मार्च को लोकार्पण करा दिया था, जो अवैध माना जा रहा था, लेकिन मंत्री के हाथों फीता कटवाने के बाद आखिर प्रबंधन को किसका डर!
हमारा काम मरीज की जान बचाना-डॉ. दिविक मित्तल
प्रतिक्रिया जानने शिवाय हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ. दिविक मित्तल से सम्पर्क किया गया, तो उन्होंने कहा-सविता जायसवाल का ईलाज हालांकि मैंने नहीं किया, लेकिन जो जानकारी है, उसके तहत मैं कह सकता हूं कि सविता जायसवाल क्रिटिकल कंडीशन में आई थीं, उनके लंग्स और किडनी में इंफेक्शन था। हमारा काम मरीज की जान बचाना होता है। मैं उनकी पूरी रिपोर्ट देखने के बाद ही पूरी जानकारी दे सकता हूं। इसे फोन पर नहीं बताया जा सकता, हास्पिटल में आकर मिलना पड़ेगा।