मुख्यमंत्री ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की
प्रदेश के शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ रही राज्य सरकार: मुख्यमंत्री साय
रामलला दर्शन योजना से 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन
तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा, अब तक 10 हजार श्रद्धालु हुए लाभान्वित
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा बलरामपुर – रामानुजगंज जिले के ग्राम कर्रा की पावन धरा पर महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
बलरामपुर-रामानुजगंज ,26 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से यह क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कर्रा की पावन भूमि पर श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा का आयोजन होना अत्यंत सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज को नमन करते हुए आयोजन समिति और समस्त श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। भगवान भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि उनकी कृपा पूरे छत्तीसगढ़ पर बनी रहे और प्रत्येक परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो।
’छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत को सहेजने और संवारने का हो रहा कार्य’
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपराओं की भूमि है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। प्रदेश के गांव-गांव में प्राचीन शिवालयों, देवी मंदिरों और लोक आस्था के केंद्रों की गौरवशाली परंपरा रही है। राज्य सरकार इस समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा और आत्मीय संबंध है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हांकित किया गया है। अब तक लगभग 10 हजार श्रद्धालु इस योजना का लाभ लेकर विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। ’शांति और विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा बस्तर’
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा कर्मेश्वर के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दशकों तक हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक परिवार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्रा सहित बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी विकास कार्यों को निरंतर गति दी जाएगी। क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए यहां आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
’सदियों पुरानी लोक आस्था का केंद्र है बाबा कर्मेश्वर धाम’
ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की लोक आस्था का प्राचीन और महत्वपूर्ण केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां विराजमान शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। जनश्रुतियों के अनुसार लगभग नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल में शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और तभी से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। वर्तमान में श्री कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णाेद्धार समिति द्वारा मंदिर के जीर्णाेद्धार का कार्य कराया जा रहा है।
बाबा कर्मेश्वर से क्षेत्र की लोक मान्यताओं का भी गहरा संबंध है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार पुराने समय में जब क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होती थी, तब ग्रामीण भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते थे। शिवलिंग पर गाय के गोबर का लेप लगाने की भी एक पारंपरिक मान्यता रही है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इस अनुष्ठान के बाद क्षेत्र में वर्षा होती थी। पीढि़यों से चली आ रही ऐसी लोक आस्थाओं ने बाबा कर्मेश्वर धाम को क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है।
’मां के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा कर्मेश्वर धाम मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के अंतर्गत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान किया।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, आईजी दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालुगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) परीक्षा के फर्जी आदेश की जांच के दौरान कोचिंग संचालक से कथित तौर पर रिश्वत मांगने के मामले में रायपुर पुलिस के ट्रैनी सब-इंस्पेक्टर को एसपी ने सस्पेंड कर दिया है।
सब-इंस्पेक्टर का नाम महेश कुमार ओगरे बताया जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने मामले को रफादफा करने के नाम पर कोचिंग संचालक से 1 लाख रुपए की मांग की थी। शिकायत के मुताबिक, वह 80 हजार रुपए ले भी चुका था।
राखी पुलिस फर्जी आदेश मामले में जांच कर रही थी।
फर्जी परीक्षा आदेश की जांच में रिश्वत मांगने का आरोप
मामला राखी थाना क्षेत्र में दर्ज व्यापमं के फर्जी परीक्षा आदेश से जुड़ा है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। इसी दौरान जांच अधिकारी महेश कुमार ओगरे पर कोचिंग संचालक को कार्रवाई का डर दिखाकर दबाव बनाने और रकम वसूलने का आरोप लगा।
मामले से कोई लेना-देना नहीं, फिर भी मांगे पैसे
बताया गया कि कोचिंग संचालक को बाद में जानकारी हुई कि फर्जी व्यापमं आदेश से जुड़े मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है। इसके बावजूद पुलिसकर्मी ने उसे कार्रवाई की बात कहकर डराया। आरोप है कि इसी दबाव में उससे 80 हजार रुपए लिए गए। इसके बाद संचालक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से की।
जांच के बाद एसपी ने लिया एक्शन
शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में पहली नजर में ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ जबरन दबाव बनाने, अवैध वसूली और पद के अनुचित इस्तेमाल के आरोप सामने आए। पुलिस विभाग ने इसे निष्पक्ष कार्यप्रणाली के अनुरूप आचरण नहीं माना। इसके बाद एसपी ने महेश कुमार ओगरे को निलंबित कर दिया।
रायपुर ग्रामीण एसपी ने प्रशिक्षु सब इस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है।
फर्जी आदेश की जांच भी जारी
दरअसल, व्यापमं की सहायक शिक्षक और व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2026 से संबंधित एक फर्जी परीक्षा निर्देश वॉट्सऐप और सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था। व्यापमं ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया था। शिकायत के बाद राखी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। अब पुलिस फर्जी आदेश और ट्रेनी SI पर लगे रिश्वत के आरोप, दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।
बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर जिले के रतनपुर में मां महामाया मंदिर के गेट के पास चोरी के पुराने विवाद को लेकर भाजपा से जुड़े दो पक्षों के बीच मारपीट का नया वीडियो सामने आया है। वीडियो में कुछ लोग भाजपा नेत्री के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। एक युवक भाजपा नेत्री का हाथ मरोड़ता दिखाई दे रहा है। इसके बाद वहां मौजूद एक महिला ने भाजपा नेत्री के बाल पकड़कर खींचे और थप्पड़ मारे।
दो दिन पहले भाजपा नेत्री का एक और वीडियो वायरल हुआ था। इसमें महिला मोर्चा अल्पसंख्यक की महामंत्री रेहाना बेगम चप्पल से दूसरे पक्ष के एक युवक को मारती दिखाई दे रही थीं। इसके बाद दोनों पक्षों ने रतनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है।
विवाद के दौरान दूसरे पक्ष के युवक ने थप्पड़ मारा
विवाद बढ़ने पर युवक ने भाजपा नेत्री के हाथ मरोड़े
विवाद के दौरान दूसरे पक्ष की महिला ने भाजपा नेत्री के बाल पकड़कर खींचा।
दरअसल, चोरी के पुराने विवाद को लेकर भाजपा से जुड़े दो पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। इसी दौरान महिला मोर्चा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की महामंत्री रेहाना बेगम ने दूसरे पक्ष के एक युवक की चप्पल से पिटाई कर दी।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भाजपा नेत्री बाइक से उतरकर युवक को चप्पल से मारती हुई नजर आ रही हैं।
महिला महामंत्री बाइक से उतरकर युवक को चप्पल से मारती नजर आईं।
अब भाजपा नेत्री के साथ मारपीट का वीडियो आया सामने
महामाया मंदिर के प्रवेश द्वार के पास शनिवार दोपहर दुकानदारों के बीच हुए विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच चप्पल और हाथ-मुक्कों से मारपीट हुई।
पहले भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की महिला मंडल महामंत्री के एक युवक को चप्पल से मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। अब भाजपा नेत्री के साथ मारपीट का दूसरा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
चोरी के पुराने विवाद पर हुई मारपीट
भाजपा नेत्री रेहाना बेगम ने आरोप लगाया कि मोंटी धीवर के कॉल आने के बाद वह दुकान पहुंचीं। वहां राजा पटेल, मेघा पटेल, ईश्वर प्रधान और राजू शर्मा ने उनके बाल पकड़े और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। उन्होंने राजू शर्मा पर दाहिना हाथ मरोड़ने और धमकी देने का भी आरोप लगाया।
भाजपा नेत्री के साथ दूसरे पक्ष के लोगों ने की मारपीट
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दूसरे पक्ष के लोग मिलकर भाजपा नेत्री रेहाना के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा नेत्री ने यह वीडियो अपने बचाव में वायरल किया है।
होटल संचालक तुषार पटेल ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले उनकी दुकान से सामान चोरी हुआ था। शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे उन्होंने फूल दुकान में काम करने वाले करिया उर्फ मनोज से चोरी के बारे में पूछताछ की।
इसके बाद कर्मचारी मोंटी ने दुकान संचालिका रेहाना बेगम को फोन कर मौके पर बुलाया। रेहाना बेगम बाइक से वहां पहुंचीं और आते ही चप्पल से हमला कर दिया।
दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। दुर्ग जिले के पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों का प्रदर्शन करीब 12 घंटे तक चला। 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 छात्र-छात्राओं ने मंगलवार दोपहर खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन रात 12 बजे तक जारी रहा।
मौके पर SDOP, तहसीलदार, SDM और स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक समेत कई अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन खत्म किया।
छात्रों की मांग पर स्कूल में चल रही ओपन स्कूल व्यवस्था अगले सत्र से खत्म करने का फैसला लिया गया। प्राचार्य को भी हटा दिया गया है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 4 नए शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। अब स्कूल में कुल 7 शिक्षक होंगे। साथ ही नए प्राचार्य की भी नियुक्ति की गई है।
हालांकि, छात्रों की मांग 17 शिक्षकों की थी। खासकर आर्ट्स और कॉमर्स के शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र नाराज थे। विभाग ने कॉमर्स के एक शिक्षक की जल्द व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की व्यवस्था होने तक प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं थे।
कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने की कोशिश की।
रात 12 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान बच्चों के लिए खाने की व्यवस्था भी की गई।
दोपहर से शुरू हुआ प्रदर्शन रात 12 बजे तक चला।
4 दिन में मांग पूरी नहीं हुई तो फिर सड़क पर उतरे छात्र
दरअसल, स्कूल में करीब 400 छात्र पढ़ते हैं। छात्रों के मुताबिक उन्हें पढ़ाने के लिए सिर्फ 3 शिक्षक और एक प्रिंसिपल हैं, जबकि स्कूल में कम से कम 17 शिक्षकों की जरूरत है। शिक्षकों की कमी के कारण कई विषयों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है और सिलेबस समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।
इसी समस्या को लेकर छात्रों ने 21 अगस्त को भी प्रदर्शन और चक्काजाम किया था। उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। उन्हें उम्मीद थी कि स्कूल में जल्द शिक्षकों की व्यवस्था कर दी जाएगी, लेकिन 25 अगस्त तक उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं हुई। इसके बाद मंगलवार को छात्र-छात्राएं दोबारा सड़क पर उतर गए।
छात्रों ने करीब 12 घंटे तक चक्काजाम किया।
12 घंटे तक जमे रहे छात्र, अधिकारियों की नहीं सुनी
इस बार छात्रों ने करीब 12 घंटे तक चक्काजाम किया। उनका कहना था कि वे पढ़ाई छोड़कर सड़क पर बैठना नहीं चाहते, लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों का सवाल था कि जब 400 बच्चों के लिए पर्याप्त शिक्षक ही नहीं होंगे तो परीक्षा की तैयारी और सिलेबस कैसे पूरा होगा?
इस दौरान SDOP, तहसीलदार, SDM और स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक ने भी छात्र को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटे। प्रदर्शनकारी कलेक्टर या शिक्षा मंत्री से मिलने की जिद पर अड़े रहे। अंत में शिक्षा मंत्री से फोन पर बातचीत होने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया।
पेंड्रावन के स्टूडेंट्स ने दोबारा खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग जाम कर दिया था।
स्टूडेंट्स का कहना है कि कोर्स समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।
शिक्षा मंत्री के गृह जिले में 2 बार सड़क पर उतरे बच्चे
पेंड्रावन स्कूल दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में आता है। दुर्ग शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का गृह जिला है। स्टूडेंट्स का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था करना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। बता दें कि इससे पहले दुर्ग के सेलूद में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया था। वहीं, शिक्षक और शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी भी लगातार दुर्ग जिले में प्रदर्शन कर रहे हैं।