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छत्तीसगढ़

देवभोग के वार्ड 3 में किडनी रोग से 8 मौतें:जल स्रोतों में टीडीएस अधिक, पीने के लिए एक किमी दूर से लाते हैं पानी

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गरियाबंद, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के देवभोग में किडनी की बीमारी का मामला अब चिंता बढ़ा रहा है। सुपेबेड़ा के बाद अब देवभोग मुख्यालय के वार्ड-3 में भी पिछले 6 साल में 7 से ज्यादा लोगों की किडनी की बीमारी से मौत होने का दावा किया जा रहा है। वहीं, जांच में कई जल स्रोतों के पानी में टीडीएस की मात्रा 800 से 1200 मिलीग्राम प्रति लीटर तक मिली है। इसके बाद लोगों ने मोहल्ले का पानी पीना छोड़ दिया है।

इधर, स्थानीय लोगों को 1 किमी दूर से पीने का पानी लाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि वार्ड-3 में पीने लायक पानी का एकमात्र स्रोत सोलर पंप है, लेकिन यह कई महीनों से बंद पड़ा है। लोगों ने समाधान शिविर में आवेदन भी दिए, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 3 में लगभग 350 लोग रहते हैं। यहां तीन सार्वजनिक नल कनेक्शन के अलावा 80 निजी बोर कनेक्शन भी हैं। इनमें 50 से ज्यादा बोर कनेक्शनों के पानी में टीडीएस 800 से 1200 मिलीग्राम प्रति लीटर तक पाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी वजह से यहां किडनी के मरीजों की संख्या ज्यादा है।

देवभोग वार्ड-3 में किडनी रोग से 8 मौतें

जानकारी के अनुसार, वार्ड 3 में किडनी रोग से पीड़ित रविशंकर निषाद, चरण निषाद, अभिमन्यु सेन और खीरोबाई ठाकुर की मौत 2019 में हुई थी। शिक्षक खगेश्वर ठाकुर का निधन 2021 में हुआ, जबकि रामेश्वर यादव और प्रेमसिंह ठाकुर की मौत 2023 में हुई।

वार्ड 3 में रहने वाले एक सरकारी कर्मचारी का किडनी ट्रांसप्लांट भी हो चुका है। उनकी पत्नी ने उन्हें एक किडनी दान की थी। फिलहाल वे डायलिसिस के सहारे इलाज करा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार मांग के बावजूद इलाके के पानी की विस्तृत जांच नहीं की गई है। वार्ड में मौजूद एक अच्छे जल स्रोत पर लगा सोलर सिस्टम भी लंबे समय से बंद पड़ा है।

बोर का पानी पीने से बिगड़ता है पेट

वार्ड-3 के रहने वाले भोलेश्वर राजपूत ने बताया कि पीने का पानी लाने के लिए करीब एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इलाके में बोर का पानी तो है, लेकिन वह पीने लायक नहीं है। इस पानी को पीने से पेट खराब हो जाता है। इसलिए पूरे मोहल्ले के लोग दूसरे इलाके से पीने का पानी लाते हैं।

किडनी की बीमारी के कारण अपने माता-पिता को खो चुके भजन ठाकुर ने बताया कि मोहल्ले के ज्यादातर लोग वार्ड-3 में लगे सोलर पंप से पानी लाते हैं। बताया जाता है कि इस पंप के पानी का टीडीएस सामान्य है।

घनश्याम ठाकुर ने बताया कि वे सुबह परिवार के साथ खेत जाते हैं और वहीं से दिनभर पीने के लिए जरूरी पानी लेकर घर लौटते हैं।

शिकायत के बाद भी नहीं सुधरा सोलर पंप

वार्ड-3 में पीने लायक पानी का एकमात्र स्रोत सोलर पंप है, लेकिन यह कई महीनों से बंद पड़ा है। लोगों ने समाधान शिविर में आवेदन भी दिए, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। फिलहाल लोग हैंडपंप से पानी भरकर ले जाने को मजबूर हैं। घर-घर पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी लंबे समय से बंद पड़ी है।

ज्यादा टीडीएस वाले पानी से पाचन और हड्डियों पर असर

बीएमओ प्रकाश साहू ने बताया कि अगर इससे ज्यादा टीडीएस वाला पानी लंबे समय तक पिया जाए तो स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। इससे पाचन तंत्र और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

उन्होंने बताया कि वार्ड-3 की आबादी को देखते हुए फिलहाल जलजनित बीमारी के कोई खास लक्षण नहीं मिले हैं। इस संबंध में अस्पताल में भी किसी मरीज के पहुंचने की सूचना नहीं है। वार्ड-3 के एक निवासी का स्वास्थ्य संबंधी समस्या को लेकर सफल इलाज किया गया है।

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कोरबा

महिला सुरक्षा के लिए कोरबा पुलिस की विशेष पहल : शहर के साथ संवेदनशील क्षेत्रों एवं पिकनिक स्पॉट्स पर भी होगी पिंक पेट्रोलिंग

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कोरबा। आगामी त्यौहारों को दृष्टिगत रखते हुए महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कोरबा पुलिस द्वारा “ पिंक पेट्रोलिंग ” की शुरुआत की गई है।

पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी द्वारा आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कोरबा से पिंक पेट्रोलिंग का शुभारंभ किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों एवं महिला पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।पिंक पेट्रोलिंग का उद्देश्य केवल शहर के बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों तक सीमित नहीं है। महिला सुरक्षा की दृष्टि से चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों, भीड़-भाड़ वाले स्थानों, सार्वजनिक स्थलों, पिकनिक स्पॉट्स एवं ऐसे स्थानों जहां महिलाओं एवं बालिकाओं की आवाजाही अधिक रहती है, वहां लगातार पेट्रोलिंग की जाएगी।

महिला पुलिसकर्मियों की विशेष टीम रहेगी सक्रिय

पिंक पेट्रोलिंग में महिला थाना की टीम सहित विभिन्न थानों एवं पुलिस इकाइयों में कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। ये टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर महिला सुरक्षा की स्थिति पर नजर रखेंगी तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराएंगी।

आज पिंक पेट्रोलिंग टीम द्वारा प्रमुख बाजार क्षेत्रों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर पेट्रोलिंग की गई। इस दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत संवेदनशील एवं सार्वजनिक स्थानों पर लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। आगामी त्यौहारों को देखते हुए भीड़-भाड़ वाले स्थानों, बाजार क्षेत्रों, पिकनिक स्पॉट्स एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर पिंक पेट्रोलिंग नियमित रूप से जारी रहेगी।आगामी त्यौहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों, बाजारों एवं पिकनिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ छेड़छाड़, पीछा करने अथवा अन्य किसी प्रकार की असामाजिक गतिविधि की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ शुभारंभ

पिंक पेट्रोलिंग के शुभारंभ अवसर पर एडिशनल एसपी नितीश ठाकुर, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी, डीएसपी यातायात श्रीमती ज्योत्सना चौधरी, प्रशिक्षु पुलिस अधीक्षक सुश्री आस्था शर्मा एवं रक्षित निरीक्षक अनथ राम पैकरा मौजूद रहे।वहीं महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक श्रीमती रश्मि थॉमस एवं सुश्री सौम्या सरस्वती कौशिक द्वारा पिंक पेट्रोलिंग टीम का नेतृत्व किया जा रहा है।

कोरबा पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की असुरक्षा अथवा परेशानी महसूस होने पर तत्काल पुलिस से संपर्क करें। पुलिस द्वारा उनकी शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

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कोरबा

कोरबा प्रेस क्लब में नवीन सदस्यता के लिए आवेदन आमंत्रित, 15 सितंबर तक जमा किए जा सकेंगे फॉर्म

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कोरबा। कोरबा प्रेस क्लब के प्रबंध कार्यकारिणी सत्र 2026-28 द्वारा निर्धारित फॉर्मेट में नवीन सदस्यता के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक और पात्र पत्रकार प्रेस क्लब के टी.पी. नगर स्थित कार्यालय तिलक भवन में 15 सितंबर 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच अपना आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।
आवेदन पत्र के साथ निर्धारित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। आवेदक को कम से कम 3 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव होना आवश्यक है। आवेदन के साथ स्व-प्रमाणित शपथ पत्र, पहचान पत्र, वर्तमान संस्थान का परिचय पत्र या नियुक्ति पत्र, तथा प्रकाशित समाचारों या कतरनों की प्रतियां संलग्न करनी होंगी।
संपादक या ब्यूरो प्रमुख की अनुशंसा भी फॉर्म में अनिवार्य रूप से दर्ज होनी चाहिए। प्रेस क्लब प्रबंधन ने सभी आवेदकों से समय-सीमा के भीतर पूर्ण जानकारी एवं स्व-सत्यापित शपथ पत्र के साथ आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है। अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

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कोरबा

मानिकपुर में ट्रेन की चपेट में आने से बुजुर्ग की:कोरबा में रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा, शिनाख्त जारी

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कोरबा। कोरबा जिले के मानिकपुर चौकी क्षेत्र के डंपर फाटक के पास यात्री ट्रेन की चपेट में आने से करीब 65 से 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बुजुर्ग के शरीर के कई टुकड़े हो गए। मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है।

पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आए

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुजुर्ग रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार यात्री ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर के बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक ने कपड़े और माला पहन रखी थी। उनके हाथ में घड़ी भी थी। पुलिस ने पहचान के लिए इन हुलियों और अन्य उपलब्ध जानकारी को सुरक्षित रखा है।

सोशल मीडिया और मुनादी से पहचान की कोशिश

घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस और रेलवे RPF मौके पर पहुंची। शव के टुकड़ों को एकत्र कर आवश्यक कार्रवाई की गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान के लिए पुलिस सोशल मीडिया पर फोटो और हुलिया प्रसारित कर रही है। इसके अलावा आसपास की बस्तियों में मुनादी कराकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। अभी तक कोई व्यक्ति मृतक की पहचान के लिए सामने नहीं आया है।

पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है कि बुजुर्ग को पहले किसी ने देखा था या वह इलाके में भटक रहे थे। फिलहाल पुलिस इसे प्रथम दृष्टया हादसा मानकर सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

अंडरब्रिज की मांग फिर उठी

स्थानीय लोगों के अनुसार, डंपर फाटक क्षेत्र में पहले भी रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान हादसे हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि फाटक के पास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अंडरब्रिज बनाने की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके कारण लोग आज भी जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करते हैं।

पुलिस ने अपील की है कि किसी का बुजुर्ग परिजन लापता है और उसका हुलिया मृतक से मिलता-जुलता है, तो मानिकपुर चौकी से संपर्क कर पहचान में मदद करें।

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