पशु संरक्षण एवं उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने गौ सेवकों से लिए सुझाओ
रेस्क्यू एवं संरक्षण को लेकर दिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश
कबीरधाम, 10 सितंबर 2026। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिला कार्यालय के सभाकक्ष में गौ सेवकों एवं संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में सड़क पर विचरण करने वाले पशुओं, बीमार एवं घायल पशुओं के रेस्क्यु, उपचार तथा उनके लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने गौ सेवकों से उनके कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली और पशुओं के बेहतर संरक्षण एवं उपचार के लिए आवश्यक सुझाव भी लिए। बैठक में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा, गौ सेवक नीलेश सोनी, संस्कार दुबे, तरूण साहू, अंकुश विश्वकर्मा, अनमोल ठाकुर, वैदिक मिश्रा, नीरज ठाकुर, अमित चंद्रवंशी सहित जनप्रतिनिधि, गौ सेवक उपस्थ्ति थे।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि गौ सेवक दिन-रात बीमार और घायल पशुओं की सेवा में जुटे रहते हैं। वे पूरी मेहनत, लगन और सेवाभाव के साथ सड़क पर घायल अवस्था में मिले पशुओं का रेस्क्यु कर उन्हें उपचार के लिए पशु चिकित्सालय तक पहुंचाते हैं। गौ सेवकों द्वारा किए जा रहे इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पशुओं की सेवा और संरक्षण के लिए उनके प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गौ सेवक जब भी किसी सेवा कार्य अथवा घायल पशु के रेस्क्यु के संबंधितकार्य हेतु संपर्क व्यवस्था को दुरुस्त किया जाय। उनकी समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाए।
पशुपालन विभाग के चिकित्सकीय अमले की ली जानकारी
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में पशुपालन विभाग के चिकित्सकों, सहायक चिकित्सकों एवं अन्य उपलब्ध मानव संसाधन तथा विभागीय सेटअप की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों की पदस्थापना स्थल, किन-किन क्षेत्रों में कौन से चिकित्सक कार्यरत हैं तथा किन स्थानों पर चिकित्सकीय सेवाओं की आवश्यकता है, इसकी भी जानकारी ली। उन्होंने सभी चिकित्सकों की बैठक आयोजित कर जिले में पशुओं के उपचार एवं रेस्क्यु व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां पशुओं के उपचार की अधिक आवश्यकता है, वहां चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बीमार एवं घायल पशुओं को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने चिकित्सकों को सेवाभाव, ललक और मेहनत के साथ कार्य करने की बात कही।
पशु रेस्क्यु वाहन 24 घंटे संचालित करने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जिले में उपलब्ध पशु रेस्क्यु वाहन के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पशु रेस्क्यु वाहन को 24 घंटे संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क दुर्घटना में घायल अथवा बीमार पशुओं की सूचना मिलने पर तत्काल रेस्क्यु टीम मौके पर पहुंच सके। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदारी और संपर्क व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
बड़े स्थान पर पशुओं के उपचार एवं विश्राम की व्यवस्था पर चर्चा
बैठक में स्वर्ण जयंती परिसर का निरीक्षण कर वहां पशु चिकित्सालय को शिफ्ट करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने गौ सेवकों, अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से कहा कि परिसर का निरीक्षण कर पशु चिकित्सालय को वहां स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि बड़े और व्यवस्थित स्थान पर पशुओं के उपचार, देखभाल एवं विश्राम के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए, जहां बीमार एवं घायल पशुओं को उपचार के साथ सुरक्षित स्थान, पर्याप्त खुला क्षेत्र तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इससे गौ माता सहित अन्य पशुओं के संरक्षण और सेवा कार्य को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
अधिक से अधिक पैरादान के लिए किसानों को करें प्रेरित
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने आसपास के गांवों के किसानों से संपर्क कर अधिक से अधिक पैरादान कराने के लिए प्रेरित करने कहा। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा फसल अवशेष के रूप में उपलब्ध पैरा को जलाने के बजाय गौवंश के लिए दान किया जाए, इससे पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने गौ सेवकों एवं संबंधित लोगों से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में वीडियो एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए किसानों को पैरादान के लिए जागरूक करें।
दुर्घटना संभावित स्थानों पर बेरिकेडिंग का सुझाव
बैठक में सड़क पर बैठे पशुओं को दुर्घटना से बचाने के लिए दुर्घटना संभावित एवं अत्यधिक मोड़ वाले स्थानों को चिन्हांकित करने पर भी चर्चा हुई। ऐसे स्थानों पर आवश्यकतानुसार बेरिकेडिंग अथवा अन्य सुरक्षा उपाय करने का सुझाव दिया गया, जिससे सड़क पर बैठे पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही वाहन चालकों को भी ऐसे स्थानों पर सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने की बात कही गई।
जांजगीर। सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक को लेकर नगरीय निकायों में अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक के साथ 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
अब अभियान में फील्ड अधिकारियों को एसयूपी (फील्ड इंस्पेक्शन मोबाइल एप) के माध्यम से निरीक्षण करना होगा। इसे जिले के 11 नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। टीम द्वारा शहर में हुए निरीक्षण की रिपोर्ट तत्काल पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। पोर्टल पर विक्रेताओं, उपयोगकर्ताओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही आम नागरिकों से एसयूपी एप के माध्यम से फीडबैक भी लिया जाएगा। इसके जरिए सिंगल यूज प्लास्टिक से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की जा सकेंगी। संबंधित स्थानीय निकाय को उनका निराकरण करना होगा।
बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में तीज पर्व पर मायके जाने की तैयारी कर रही महिलाओं और दूसरे यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा।
इसके चलते 13 और 14 सितंबर को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच चलने वाली 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 2 मेमू ट्रेनों का परिचालन बिलासपुर तक सीमित रहेगा। रेलवे के मुताबिक यह काम उरकुरा-रायपुर स्टोर डिपो के बीच दोहरीकरण परियोजना के तहत उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग के लिए किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए जरूरी बात
तीजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मायके आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में 13 और 14 सितंबर को यात्रा से पहले ट्रेन नंबर जरूर चेक कर लें। रद्द ट्रेन से यात्रा की योजना है तो वैकल्पिक ट्रेन या बस की व्यवस्था पहले कर लेना बेहतर होगा।
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। भाजपा सरकार में मंत्री खुशवंत साहेब के बड़े भाई और सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास के बड़े बेटे ढाल दास ने कांग्रेस ज्वॉइन कर ली। रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीजा-पोरा कार्यक्रम के दौरान उन्हें कांग्रेस में प्रवेश कराया।
ढाल दास ने कहा कि जनता भी जानती है कि भाजपा क्या कर रही है। अगर कांग्रेस मुझे मौका देती है तो मैं मुंगेली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहूंगा। पार्टी जहां से मुझे चुनाव लड़ने के लिए चयनित करेगी, मैं वहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।
उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने से पहले मैंने अपने भाई और पिताजी से बातचीत की थी और उन्हें इस बारे में बताया था। दोनों ने अपनी सहमति दे दी। वहीं उनके भाई मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि कांग्रेस हमेशा तोड़ने की नीति से काम करती है।
रायपुर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ढाल दास को कांग्रेस में प्रवेश कराया।
सामाजिक-राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है परिवार
ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनका परिवार सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है। ऐसे में एक ही परिवार के एक सदस्य के भाजपा सरकार में मंत्री होने और दूसरे के कांग्रेस में शामिल होने को सियासी तौर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
गुरु बालदास के 4 बेटे, ढाल दास सबसे बड़े
सतनामी समाज के प्रमुख धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब का परिवार बाबा गुरु घासीदास की वंश परंपरा से जुड़ा हुआ है। गुरु बालदास के चार बेटे हैं- ढाल दास, सोमेश दास, खुशवंत दास और सौरभ दास। उनकी एक बेटी भी है। इनमें ढाल दास सबसे बड़े बेटे हैं।
गुरु परिवार का सतनामी समाज में धार्मिक और सामाजिक प्रभाव माना जाता है। गिरौधपुरी धाम और भंडारपुरी धाम से जुड़े प्रमुख आयोजनों में परिवार की सक्रिय भूमिका रहती है।
मंत्री के भाई का कांग्रेस में जाना क्यों अहम?
ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने को सिर्फ एक राजनीतिक ज्वाइनिंग के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। वे मंत्री खुशवंत साहब के बड़े भाई हैं और गुरु बालदास के परिवार से आते हैं। ऐसे में उनके कांग्रेस में जाने से एक ही परिवार के राजनीतिक रूप से अलग-अलग दलों में होने का समीकरण सामने आया है।
ढाल दास ने मुंगेली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। मुंगेली विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है और इसे भाजपा के मजबूत प्रभाव वाली सीट माना जाता है। यहां भाजपा के पुन्नूलाल मोहले लंबे समय से प्रमुख राजनीतिक चेहरा हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की थी।
2023 के चुनाव में पुन्नूलाल मोहले को 85,429 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी संजीत बनर्जी को 73,648 वोट मिले थे। दोनों के बीच जीत का अंतर 11,781 वोट रहा था। ऐसे में अगर भविष्य में कांग्रेस ढाल दास को मुंगेली से अपना प्रत्याशी बनाती है, तो चुनावी समीकरण कुछ बदले हुए नजर आ सकते हैं।
कांग्रेस तोड़ने के नीयत से काम करती है- मंत्री खुशवंत
मंत्री खुशवंत साहेब ने भाई के कांग्रेस प्रवेश को लेकर कहा कि वह मेरे भाई हैं। सुख-दुख हो या किसी तरह का तीज-त्योहार, हम हमेशा एक-दूसरे के साथ मिलते हैं और आगे भी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीयत ही समाज और परिवार को तोड़ने की रही है।
उन्होंने कहा कि एक धर्म को दूसरे धर्म से, एक समाज को दूसरे समाज से और एक परिवार को दूसरे परिवार से लड़ाने की कांग्रेस कितनी भी कोशिश कर ले, वह कभी सफल नहीं होगी।