कोरबा। लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल द्वारा आज दिनांक 3 अक्टूबर 2026 को लायंस सेवा सप्ताह के तहत ग्राम खहरकुड़ा, मडवारानी में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। उक्त स्वच्छता अभियान में लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल क्लब के सदस्यों सहित ग्रामवासियो ने अपनी सहभागिता देते हुये ग्राम एवं आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया।
इस अवसर पर लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के सदस्यों ने स्वयं श्रमदान करते हुए आसपास के क्षेत्रों से कचरा एवं गंदगी हटाई तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। अभियान के दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने क्षेत्र में सदैव स्वच्छता बनाए रखेंगे, न स्वयं गंदगी करेंगे और न ही दूसरों को गंदगी करने देंगे।
इस स्वच्छता अभियान के अवसर पर क्लब मार्गदर्शक एवं पूर्व प्रान्तपाल पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल जी ने ग्रामवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं साफ-सुथरा वातावरण स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि हमारा गांव और आसपास का क्षेत्र स्वच्छ रहेगा, तो इसका सीधा लाभ हम सभी के स्वास्थ्य एवं जीवन पर पड़ेगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपने घर, गली, मोहल्ले एवं सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने तथा कचरे का उचित निपटारा करने का आग्रह किया।
लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल के अध्यक्ष लायन दर्शन अग्रवाल जी ने स्वच्छता पखवाड़ा में सहभागिता करते हुए ग्रामीणों को आभार प्रकट करते हुये कहा कि इस स्वच्छता अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को यह संदेश देना रहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की निरंतर जिम्मेदारी है।
उक्त कार्यक्रम में लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के सचिव लायन सुरेन्द्र कुमार डनसेना, लायन सुभाष चंद अनंत, लायन पार्वती दास एवं अन्य लायन सदस्य व ग्रामवासी उपस्थित थे।
21 अक्टूबर तक किसानों के सभी खसरों का एग्रीस्टैक से मिलान कर प्रमाण-पत्र देने के निर्देश वनपट्टा एवं अन्य विशेष श्रेणी के किसानों के प्रकरण समय-सीमा में पूरे करें, खरीदी केंद्रों की तैयारी 25 अक्टूबर तक पूरी करने को कहा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की आवश्यक तैयारी को लेकर कलेक्टर ने की समीक्षा कोरबा, 03 अक्टूबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि किसानों को रकबे में कमी, खसरे छूटने और फसल प्रविष्टि में त्रुटि जैसी समस्याए न आएं, किसी किसान को धान विक्रय करने में परेशानियों का सामना न करना पड़े इसके लिए गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने सभी अधिकारियों और समिति प्रबंधकों को पंजीयन, एग्रीस्टैक और फसल मैपिंग का काम समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि पिछले वर्ष पंजीकृत प्रत्येक किसान के सभी खसरों, फसलों और रकबे का एग्रीस्टैक में मिलान किया जाए। समिति प्रबंधक किसानों को बुलाकर ऑपरेटरों के माध्यम से बी-1 में दर्ज खसरों और फसलों की जांच कराएं। किसी भी पंजीकृत किसान का एक भी खसरा छूटना नहीं चाहिए। तहसीलदार और एसडीएम तहसीलवार तथा समितिवार प्रगति की समीक्षा करें। सभी समितियां जांच पूरी कर 21 अक्टूबर तक प्रमाण-पत्र दें कि पंजीकृत किसानों के सभी पात्र खसरे एग्रीस्टैक में दर्ज हैं।
बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार जिले में 60 सक्रिय आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के अंतर्गत 73 धान खरीदी केंद्र हैं। समिति स्तर पर कुल 52,689 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें 52,383 का एग्रीस्टैक पंजीयन हो चुका है और 306 का पंजीयन शेष है। कलेक्टर ने शेष पंजीयन जल्द पूरा कराने तथा अगले दो-तीन दिनों तक इसकी दैनिक प्रगति की निगरानी करने को कहा।
विशेष श्रेणी के किसानों वनपट्टाधारी, डुबान, शासकीय भूमि और शासकीय पट्टाधारी किसानों सहित के मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। ऐसे किसानों के प्रकरणों में भूमि विवरण, खसरे और अक्षांश-देशांतर की प्रविष्टि पूरी कराई जाए। पिछले वर्ष पंजीकृत किसानों के 7,541 खसरे अपडेट फार्मर रिक्वेस्ट आवेदन की प्रक्रिया के लिए लंबित बताए गए। कलेक्टर ने तहसीलवार सूची को समितिवार तैयार कर संबंधित समितियों तक पहुंचाने और इन मामलों के निराकरण की नियमित समीक्षा करने को कहा। पटवारी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (आरईओ) के स्तर पर लंबित प्रकरणों को भी समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। वनपट्टाधारी और अन्य पात्र पट्टाधारी किसान पंजीयन के लिए संबंधित समितियों में आवेदन प्रस्तुत करें। कलेक्टर ने कहा कि 30 अक्टूबर के बाद प्राप्त आवेदन मान्य नहीं होंगे। समितियां आवेदन प्राप्त करने, दस्तावेजों के सत्यापन और अन्य जरूरी चरणों को समय रहते पूरा करने की कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र किसान का वास्तविक रकबा कम करना उद्देश्य नहीं है; पंजीयन और अभिलेखों का मिलान सही तरीके से किया जाना चाहिए। धान खरीदी केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने 25 अक्टूबर तक केंद्रों को तैयार करने के निर्देश दिए। केंद्रों में साफ-सफाई, नमी मापक यंत्रों का कैलिब्रेशन, इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट और तौल उपकरणों का सत्यापन, बायोमेट्रिक डिवाइस, बारदाने, जल निकासी, बैनर-पोस्टर और निगरानी समिति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नए खरीदी केंद्रों पर स्थल चयन, कंप्यूटर सेट, प्रिंटर, स्कैनर, जनरेटर, ऑपरेटर और केंद्र प्रभारी की उपलब्धता भी समय पर सुनिश्चित करने को कहा। कर्मचारियों और ऑपरेटरों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने बताया कि मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण 12 से 16 अक्टूबर, जिला एवं अनुविभाग स्तर का प्रशिक्षण 19 से 27 अक्टूबर और खरीदी केंद्रों की संभागवार समीक्षा एवं ट्रायल रन नवंबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है। किसानों के लिए टोकन की प्रक्रिया 6 नवंबर से शुरू होगी तथा धान उपार्जन अवधि 15 नवंबर से 31 जनवरी तक संभावित है। उन्होंने पीडीएस बारदानों का संग्रहण समय पर कराने, बारदानों की उपलब्धता पर निगरानी रखने और बकेट क्लेम के लक्ष्य की समीक्षा करने के निर्देश दिए। प्रत्येक तहसीलदार को दस गांव चिन्हित कर पटवारियों के माध्यम से अक्टूबर माह में बकेट क्लेम की शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित कराने को कहा गया। एसडीएम को इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई। पॉलीगॉन ऐप ट्रेसिंग में आ रही समस्याओं का समाधान करने तथा डिजिटल कृषि मोबाइल ऐप में प्रविष्टियों के लिए सर्वेयर लगाकर काम में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। धान विक्रय नहीं करने वाले किसानों की सहमति के आधार पर आवश्यक पंचनामा तैयार कराने को कहा गया। बैठक में अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल एवं ओंकार यादव, खाद्य अधिकारी घनश्याम कंवर, उप पंजीयक सहकारिता एम मिंज, जिला विपणन अधिकारी ऋतुराज देवांगन, उप संचालक कृषि डीपीएस कंवर, सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी सुशील जोशी, डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, बैंक मैनेजर, खाद्य निरीक्षक, सहकारिता निरीक्षक, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी,समिति प्रबंधक और समिति ऑपरेटर उपस्थित थे।
किसान समिति में कराएं खसरों का मिलान, त्रुटि मिलने पर तुरंत कराएं सुधार – कलेक्टर
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी संबंधित समिति में जाकर अपने खसरों का मिलान कराएं और सुनिश्चित करें कि कोई खसरा पंजीयन से छूटा न हो। खसरे या पंजीयन में किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर समिति स्तर पर उसका सुधार अवश्य कराएं। उन्होंने समिति प्रबंधकों को भी किसानों की समस्याओं का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
कोरबा, 03 अक्टूबर 2026। कोरबा विकासखंड की ग्राम पंचायत सिमकेदा के ग्राम ढेंगुरडी निवासी किसान प्याजराम राठिया, पिता होवल सिंह राठिया, उम्र 62 वर्ष, को कृषि विभाग की एनएमईओ खाने योग्य तिलहनी फसलों को बढ़ावा देना योजना के तहत तिलहनी फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सहायता मिली। योजना के माध्यम से उन्हें मूंगफली उत्पादन की वैज्ञानिक जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और बीज उपलब्ध कराए गए। श्री राठिया पहले केवल धान की खेती करते थे। एक ही फसल पर निर्भर रहने के कारण उनकी आय सीमित थी। योजना से मिली जानकारी और सहयोग के बाद उन्होंने मूंगफली की खेती शुरू की। पहले ही वर्ष में मूंगफली उत्पादन उनके लिए लाभप्रद रहा और उन्हें लगभग 8 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई। किसान के अनुसार, योजना से पहले उनकी अनुमानित वार्षिक आय करीब 42 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 50 हजार रुपये हो गई है। तिलहनी फसल अपनाने से उनकी आय में वृद्धि हुई है और खेती के प्रति उनका भरोसा भी बढ़ा है। श्री राठिया ने इस सहयोग के लिए कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
डीबीटी से खाते में पहुंच रही सहायता राशि, कलेश्वरी के परिवार की आर्थिक स्थिति में आया सुधार कोरबा 03अक्टूबर 2026। घर की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में जब महिला के हाथ में अपनी नियमित आर्थिक सहायता हो, तो परिवार की आर्थिक व्यवस्था को संभालने का भरोसा भी बढ़ता है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली मासिक सहायता ने महिलाओं को अपनी घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया है। इस नियमित सहायता से महिलाओं को घर के खर्च को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने और आवश्यकताओं को पूरा करने में सुविधा मिल रही है। कोरबा विकासखंड के ग्राम गढ़ उपरोड़ा की रहने वाली श्रीमती कलेश्वरी के लिए भी महतारी वंदन योजना की मासिक सहायता घर की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग बन रही है। योजना का लाभ मिलने से पहले घरेलू खर्चों को सीमित आर्थिक संसाधनों में ही संतुलित करना पड़ता था। आवश्यक सामान और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उपलब्ध आय के अनुसार खर्च की व्यवस्था करनी होती थी। महतारी वंदन योजना के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा कलेश्वरी का फॉर्म भरवाया गया। योजना का लाभ स्वीकृत होने के बाद अब उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से हर माह एक हजार रुपये की राशि पहुंच रही है। कलेश्वरी इस राशि का उपयोग घर की आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से घरेलू खर्च को संभालने में उन्हें सुविधा हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आया है। कलेश्वरी अपने अनुभव बताते हुए कहती हैं, “आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने मेरा महतारी वंदन योजना का फॉर्म भरवाया। अब हर महीने एक हजार रुपये सीधे खाते में आते हैं। इस राशि से घर की जरूरी चीजें लेने में मदद मिलती है। नियमित रूप से सहायता मिलने से घर का खर्च संभालना पहले की तुलना में आसान हुआ है।” कलेश्वरी ने महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “महतारी वंदन योजना से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहारा मिल रहा है। इस राशि से घर की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस योजना के लिए धन्यवाद देती हूं।”