कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में भव्य रूप से मनाया गया जिला स्तरीय राज्योत्सव
गरीब, किसान, महिला और युवाओं के कल्याण से प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित – मंत्री लखन लाल देवांगन
धान का कटोरा छत्तीसगढ़ कृषि, संस्कृति और खनिज संपदा के क्षेत्र में समृद्ध – विधायक प्रेमचंद पटेल
कोरबा 03 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर ओपन ऑडिटोरियम कोरबा मे राज्योत्सव समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री छत्तीसगढ़ शासन लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने राज्योत्सव 2026 के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हुआ है। हमारा प्रदेश बुलंदियों की नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। उन्होनें राज्य निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य का निर्माण किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य का तीव्र गति से विकास हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में एक रुपये प्रति किलो चावल वितरण जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में गरीब, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, छात्र-छात्राओं समेत सभी वर्ग के हित के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। सभी वर्गों के लोग इसका लाभ उठा रहे हैं और राज्य के विकास में अपना अहम योगदान भी दे रहे हैं। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि राज्य में मोदी की गारंटी को शत प्रतिशत पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार बनते ही प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास हेतु राशि जारी की गई है। किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल एवं 21 क्विंटल प्रति एकड़ के दर से धान की खरीदी की जा रही है। दो वर्ष के धान के बकाया बोनस का भुगतान किया गया है। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता संग्रहण किया जा रहा है। चरण पादुका योजना और रामलला दर्शन योजना के माध्यम से भी हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जिला खनिज संस्थान न्यास का सदुपयोग जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु किया जा रहा है। कोरबा जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूल भवनों, स्वास्थ्य सुविधाओं, आश्रम-छात्रावासों और पुल-पुलियों सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति मिली है। जिससे जिला में भी विकास भी तेजी से हो रहा है। श्री देवांगन ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ विकसित राज्य के रूप में पहचाना जाएगा। उन्होंने आमजनो को योजनाओं का लाभ उठाने की अपील करते हुए राज्योत्सव स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल में जाकर विभाग में संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और लाभ उठाने का आग्रह किया।
विधायक कटघोरा प्रेमचन्द पटेल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में धान की बेहतर उत्पादन के कारण इसे धान का कटोरे के रूप में देश विदेश में पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासकीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है जिनसे आमजन लाभान्वित हो रहे है। विधायक श्री पटेल ने कहा की राज्य में सरकार गठन के साथ ही मोदी की गारंटी को पूरे करने का कार्य किया जा रहा है। विकसित राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है। श्री पटेल ने कहा कि हरेली तीजा, पोरा, जैसी तीज त्यौहार, सुआ गीत, ददरिया, पंडवानी जैसे लोकगीत हमारी संपन्न कला संस्कृति की पहचान है। महानदी, इंद्रावती, शिवनाथ, हसदेव, अरपा, पैरी जैसी नदियों के विशाल जल संपदा से राज्य खेती किसानी में खुशहाल और उन्नत है। गंगरेल, मिनीमाता बांगो सहित अन्य बांधो से किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाया जा रहा है। साथ ही बिजली बनाई जा रही है। कोयला, लोहा, बॉक्साइट जैसे अमूल्य खनिज सम्पदा से भी हमारा राज्य परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में मध्यप्रदेश से पृथक होकर नए राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ का निर्माण हुआ। इन बीते वर्षों में प्रदेश का राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। राज्य सरकार ने पीएम आवास, महतारी वंदन, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में गरीब, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, छात्र-छात्राओं समेत सभी वर्ग के हित के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित की है। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के लोग इसका लाभ उठा रहे हैं और राज्य के विकास में अपना अहम योगदान भी दे रहे हैं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह एवं महापौर नगर निगम श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने भी आमजनो को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य निर्माण के साथ ही अनेक चुनोतियाँ सामने आई। जिसका राज्य ने विधिवत रूप से सामना करते हुए विकसित राज्य के रूप में स्थापित हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा राज्य में लगातार विकास के कार्य किया जा रहा हैं। प्रदेश में सभी वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं चलाई जा रहीं है। जिसका लाभ निश्चित रूप से आमजनो को मिल रहा है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने प्रस्तुत किया जिले के विकास का प्रतिवेदन, महिला सशक्तिकरण और युवा विकास कार्याे की दी जानकारी
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने राज्योत्सव के अवसर पर जिले की विकास यात्रा और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में कोरबा की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऊर्जा नगरी के रूप में कोरबा की खदानें, बालको सहित एल्यूमिनियम उद्योग और एनटीपीसी एवं सीएसपीजीसीएल के विद्युत संयंत्र देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम योगदान दे रहे हैं। हसदेव बांगो बांध, समृद्ध वन संपदा और जनजातीय संस्कृति जिले की विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने राज्योत्सव की थीम ‘‘नारी शक्ति, युवा उड़ान‘‘ का उल्लेख करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण है। जिले में महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 2 लाख 90 हजार महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से डेढ़ लाख महिलाओं को संगठित किया गया है, जिनमें 60 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं, ड्रोन दीदी योजना के तहत 10 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। कलेक्टर ने शिक्षा के क्षेत्र में जिले की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि सत्र 2025-26 में हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 77.58 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी का 83.48 प्रतिशत रहा। छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 87.13 दर्ज किया गया है। उन्होंने जिले में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से 1.30 लाख वर्गफीट क्षेत्र में बनने वाले साइंस सेंटर का भी उल्लेख किया। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े साइंस सेंटर के रूप में विकसित होने वाले इस केंद्र में विद्यार्थियों को प्रयोगों और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान सीखने के आधुनिक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्र शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए जिला प्रशासन जिले के समग्र विकास और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव में विभागीय स्टालों के माध्यम से शासकीय योजनाओं के प्रगति की प्रदर्शनी लगाई गई है। जिसका अवलोकन कर आमजन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ ले सकते है। उन्होंने जिलेवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ को बेहतर और नई ऊंचाइयों में पहुचाने हेतु निरंतर कार्य करने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर राज्य हाथकरघा बोर्ड के अध्यक्ष भोजराम देवांगन, गोपाल मोदी, डॉ राजीव सिंह, नरेंद्र देवांगन, अशोक चावलानी, हितानंद अग्रवाल, प्रफुल्ल तिवारी, योगेश जैन, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, वनमण्डलाधिकारी कटघोरा जितेंद्र उपाध्याय, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।
’कैबिनेट मंत्री देवांगन सहित अन्य अतिथियों ने विभागीय स्टॉल का किया अवलोकन ’
राज्योत्सव स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा शासन की योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों पर आधारित स्टॉल लगाए गए थे। मुख्य अतिथि श्री देवांगन सहित अन्य अतिथियों द्वारा सभी स्टॉल का अवलोकन किया गया और विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही शासकीय योजनाओं से आमजनों को लाभांवित किया गया।
महिला बाल विकास विभाग के स्टॉल में अतिथियों द्वारा नन्हें शिशुओं को अन्नप्राशन कराया गया। वन विभाग के स्टॉल में स्थानीय उत्पादों का अवलोकन कर उनके निर्माण एवं उपयोग से अवगत हुए। इसी प्रकार जिला पंचायत, नगर निगम, पुलिस विभाग, समाज कल्याण, आदिमजाति विकास विभाग, शिक्षा, क्रेडा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, पशुपालन, जनसम्पर्क, उद्योग, एसईसीएल, एनटीपीसी, बाल्को सहित अन्य विभाग द्वारा लगाए स्टालो का अवलोकन कर संचालित योजनाओं की जानकारी ली अधिकारियों को योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन के लिए शुभकामना दी।
’लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी गायक सुनील सोनी सहित अन्य स्थानीय कलाकारों ने दी रंगारंग प्रस्तुति’
राज्योत्सव में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति हुई। स्थानीय कलाकारों के साथ ही छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय प्रसिद्ध गायक श्री सुनील सोनी, स्थानीय कलाकारों, स्कूली छात्र-छात्राओं सहित अन्य कलाकारों द्वारा मनमोहक प्रस्तुति दी गईं। देर रात्रि तक गायक श्री सोनी के जसगीत एवं छत्तीसगढ़ी गीतों पर दर्शक झूमते रहे।
कोरबा। कोरबा के बांकीमोंगरा में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मारपीट के 4 और SECL बांकी खदान नंबर-4 में डकैती के 2 आरोपी शामिल हैं।
मारपीट के मामले में आरोपियों ने शराब पीने के लिए 500 रुपए मांगे थे। वहीं, खदान में नकाबपोश बदमाशों ने चौकीदारों को बंधक बनाकर लोहे के रैक और पाइप काटकर चोरी किए थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 नवंबर को जेल भेज दिया।
शराब पीने के लिए मांगे 500 रुपए, मना करने पर बेल्ट से पीटा
पहले मामले में सूरज कुमार बिंझवार ने 1 नवंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे वह अपने साथी दिनेश कुमार बिंझवार के साथ देसी शराब भट्ठी से लौट रहे थे। रास्ते में आरोपियों ने उन्हें रोक लिया और शराब पीने के लिए 500 रुपए मांगे।
पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बेल्ट और हाथ-मुक्कों से दोनों की पिटाई की। पुलिस ने अपराध क्रमांक 226/2026 के तहत BNS की धारा 296, 351(3), 119(1) और 191(2) में केस दर्ज किया।
मारपीट के मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए समीर कुर्रे (19), आशीष कुमार पाटले (29), अमन कुमार कुर्रे (24) और हेमलाल कुर्रे (42) को गिरफ्तार किया। चारों मोंगरा बस्ती, बांकीमोंगरा के रहने वाले हैं। समीर कुर्रे के पास से घटना में इस्तेमाल बेल्ट भी जब्त की गई। चारों को 2 नवंबर को जेल भेज दिया गया।
SECL खदान में चौकीदारों को बनाया बंधक
दूसरे मामले में सुरक्षा गार्ड व्यासनारायण चौहान ने 28 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 26 और 27 अक्टूबर की दरम्यानी रात करीब 1 बजे 10 से 12 नकाबपोश लोग SECL बांकी खदान नंबर-4 में घुस गए।
आरोपियों ने चौकीदारों को बंधक बनाकर उनके मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद गैस कटर से स्टोर में रखे लोहे के रैक और पाइप काटकर ले गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब 28 हजार रुपए बताई गई है।
पिकअप, गैस कटर और ऑक्सीजन सिलेंडर जब्त
पुलिस ने अपराध क्रमांक 223/2026 के तहत BNS की धारा 310(2), 127(2), 317(3) और 317(5) में केस दर्ज किया था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर राहुल विश्वकर्मा (22) और आकाश साहू (20) को गिरफ्तार किया गया।
राहुल पिकअप चालक है, जबकि आकाश कबाड़ दुकान संचालित करता है। पुलिस ने उनके पास से पिकअप वाहन (CG 12 BJ 6180), गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और 2 मोबाइल फोन जब्त किए। दोनों आरोपियों को भी जेल भेज दिया गया।
कोरबा। कोरबा में पटवारियों की बेमियादी हड़ताल मंगलवार को 20वें दिन भी जारी रही। जिलाध्यक्ष को निलंबित करने और 175 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस देने के बाद भी वे घंटाघर धरना स्थल पर डटे रहे। हड़ताल के कारण राजस्व से जुड़े काम और गिरदावरी रुकी हुई है। इससे 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी पर भी असर पड़ने की आशंका है।
पटवारी 13 अक्टूबर से अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं। कोरबा जिले के पटवारी भी घंटाघर धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के कारण राजस्व संबंधी काम प्रभावित हो रहे हैं।
जिलाध्यक्ष निलंबित, 175 पटवारियों को नोटिस
शासन के निर्देश पर प्रशासन ने रविवार से कार्रवाई शुरू की। बलरामपुर जिले में 5 और कोरबा में एक पटवारी को निलंबित किया गया। कोरबा में राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष मिथलेश वर्मा को कलेक्टर ने निलंबित किया है।
प्रशासन के मुताबिक, शासकीय काम में लापरवाही और कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई।
कोरबा जिले के 254 हल्कों में 201 पटवारी पदस्थ हैं। इनमें से हड़ताल में शामिल 175 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सोमवार को कार्यालय समय खत्म होने तक किसी ने जवाब नहीं दिया और न ही कोई काम पर लौटा।
पटवारियों ने कहा- कार्रवाई से नहीं डरेंगे
धरना स्थल पर पटवारियों ने प्रशासन की कार्रवाई को दमनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि वे कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और हड़ताल जारी रखेंगे।
संघ के जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश प्रधान ने कहा कि पटवारी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करते हैं। इसके बावजूद शासन उनकी मांगें पूरी करने के बजाय दमनात्मक नीति अपना रहा है।
जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई पूरे संघ पर कार्रवाई
प्रधान ने कहा कि जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई पूरे संघ पर कार्रवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर किसानों का पूरा धान नहीं खरीदना चाहती। इसी वजह से पटवारियों पर कार्रवाई की जा रही है।
पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
पटवारियों की चार प्रमुख मांगों में पटवारी से राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करना और 2017 के वेतन संशोधन से पैदा हुई वेतन विसंगति दूर करना शामिल है।
कोरबा। कोरबा में त्योहारी सीजन में मिठाइयों की खरीदारी बढ़ने के बीच कोरबा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में लिए गए 120 खाद्य पदार्थों के सैंपलों में से करीब 20 जांच में फेल पाए गए।
यानी लगभग 17% सैंपल अमानक मिले। इस सूची में शहर के कुछ नामी प्रतिष्ठानों के साथ बड़े ब्रांडों के उत्पाद भी शामिल हैं। पतंजलि शुद्ध देसी घी और हल्दीराम के रसगुल्ला-चना के सैंपल भी मानकों पर खरे नहीं उतरे।
120 में करीब 20 सैंपल अमानक
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विभाग ने बीते 10 महीनों में 120 नमूने लिए। इनमें से करीब 20 सैंपल जांच में फेल पाए गए। यह आंकड़ा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सेहत को लेकर सवाल खड़े करता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय भारत के अनुसार, अमानक और मिसब्रांडेड खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मिलावटी दूध, खोवा और मिठाइयों के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां, फूड पॉइजनिंग, दस्त और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
कई प्रतिष्ठानों पर लगाया गया जुर्माना
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर इस साल की गई कार्रवाई में कई प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया गया है। इनमें स्पेशल रेस्टोरेंट पर 1 लाख रुपए, कुरुदभुरी और चेक पोस्ट स्थित होटल पर 50-50 हजार रुपए, नेचुरल स्वीट्स पर 20 हजार रुपए, सरौन डेयरी पर 20 हजार रुपए और मानिकपुर निर्मल डेयरी पर 35 हजार रुपए का जुर्माना शामिल है।
मिलावट पर सजा और जुर्माने का प्रावधान
अभिहित अधिकारी अर्जित कुमार ने बताया कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। उनके अनुसार, खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाए जाने पर मामला कोर्ट में जाता है।
स्वास्थ्य को नुकसान नहीं होने की स्थिति में 1 लाख रुपए और गंभीर बीमारी होने पर 3 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। उपभोक्ता की मृत्यु होने पर उम्रकैद और 10 लाख रुपए तक जुर्माने की बात भी कही गई है।
संयुक्त टीम ने चार प्रतिष्ठानों पर की कार्रवाई
कलेक्टर कुणाल दुदावत और आयुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर तहसीलदार अतुल वैष्णव के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सोमवार देर शाम चार प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। इस दौरान कुल 13 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। टीम ने काजू कतली समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए हैं। इन नमूनों की जांच के बाद ही उनकी गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।