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कुसमुंडा

पुलिस की तत्पर कार्रवाई: गंगा नगर बाजार के पास हुई डकैती का पर्दाफाश, 02 शातिर आरोपी गिरफ्तार, रू.21,000 मूल्य के लूटे गए मोबाइल फोन व नकदी बरामद

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कोरबा/कुसमुंडा। थाना कुसमुंडा पुलिस ने गंगा नगर बाजार के पास राहगीरों को रोककर मारपीट, चाकू दिखाकर डकैती करने वाले गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए 3 मोबाइल फोन और नकदी सहित कुल रू.21,000 की संपत्ति बरामद कर ली है।

30 अक्टूबर 2026 की रात प्रार्थी अपने साथियों (सुरेंद्रपाल कंवर, ज्योतिश कुमार, उमेश कंवर, प्रमोद कंवर व अजय सिंह) के साथ ग्राम खोडरी से लौट रहा था। रात करीब 11:00 बजे जब वे गंगा नगर बाजार के समीप पहुंचे, तभी 7 से 8 अज्ञात व्यक्तियों ने लूट की नीयत से उनकी मोटरसाइकिल रोक ली।
आरोपियों ने हाथ-मुक्कों, बेल्ट व डंडे से प्रार्थी और उसके साथियों की बेरहमी से पिटाई की और चाकू दिखाकर डराते हुए प्रार्थी का विवो Y31, ज्योतिश कुमार का ओप्पो A5 (मय पर्स व रू.500 नकद) तथा सुरेंद्र पाल कंवर का विवो Y18 मोबाइल फोन लूट कर फरार हो गए। मारपीट में प्रार्थी व उसके साथियों को गंभीर चोटें आईं।
पीड़ित की शिकायत पर थाना कुसमुंडा में अपराध क्रमांक 186/2026, धारा 331(4), 305, 3(5) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कुसमुंडा पुलिस ने तत्काल विशेष टीम गठित कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू की। मुखबिर तंत्र और त्वरित छानबीन के आधार पर पुलिस ने घटना में संलिप्त दो आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर लूटी गई समस्त संपत्ति बरामद कर ली गई।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

  • निशांत प्रसाद केंवट (20 वर्ष), पिता: लक्ष्मी प्रसाद केंवट, साकिन: कुदरीपार (शिव मंदिर के पास), थाना बांकीमोंगरा, जिला कोरबा (छ.ग.)।
  • शिवा बिंझवार (20 वर्ष), पिता: रामसिंह बिंझवार, साकिन: मोंगरा बस्ती, थाना बांकीमोंगरा, जिला कोरबा (छ.ग.)।
    बरामदगी
  • विवो Y31, ओप्पो A5 और विवो Y18 मोबाइल फोन
  • लूटी गई नकदी रकम
  • कुल बरामदगी मूल्य: लगभग रू.21,000

दोनों आरोपियों को सक्षम न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है।

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कुसमुंडा

ऐतिहासिक एवं पौराणिक पहचान वाले लक्ष्मण नाला के अस्तित्व पर संकट, निर्माण कार्य तत्काल बंद कराने की मांग

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निजी कंपनी की सुविधा के लिए स्थानीय धरोहर को नुकसान पहुँचाने की आशंका, कलेक्टर से निष्पक्ष जाँच की मांग

कोरबा/कुसमुंडा। जिले के ग्राम कुचेना कुसमुंडा स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक लोकमान्यता से जुड़े लक्ष्मण नाला के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे को लेकर ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ने चिंता व्यक्त की है। समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कलेक्टर जिला कोरबा को ज्ञापन सौंपकर लक्ष्मण नाला के आसपास कराए जा रहे सड़क एवं अन्य निर्माण कार्यों पर जाँच पूरी होने तक तत्काल रोक लगाने तथा इस स्थल के संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है ।

समिति के अनुसार ग्राम कुचेना का लक्ष्मण नाला स्थानीय ग्रामीणों की ऐतिहासिक पौराणिक एवं सांस्कृतिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है। स्थानीय बुजुर्गों एवं ग्रामीणों के बीच प्रचलित लोकमान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मण जी के वनवास काल से इस स्थान का संबंध माना जाता है। ग्रामीणों के अनुसार यहाँ एक बड़े पत्थर की आकृति भी मौजूद है, जिसे लक्ष्मण जी द्वारा ईंट काटे जाने से संबंधित मान्यता से जोड़कर देखा जाता है। यह स्थल लंबे समय से स्थानीय जनमानस की आस्था एवं सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रहा है ।

निजी कंपनी की सुविधा के लिए निर्माण, निष्पक्ष जाँच जरूरी

सपुरन कुलदीप ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र में किसानों की निजी भूमि खरीदकर कोयला डिस्पैच के लिए स्टॉक एवं सड़क निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। आशंका है कि इस निर्माण से लक्ष्मण नाला की प्राकृतिक संरचना जल प्रवाह तथा उससे जुड़ी ऐतिहासिक-पौराणिक पहचान को नुकसान पहुँच सकता है ।

उन्होंने कहा कि यदि किसी निजी कंपनी की व्यावसायिक सुविधा के लिए सड़क निर्माण किया जा रहा है, तो उसकी आवश्यकता स्वीकृति जनहित एवं स्थानीय धरोहर पर पड़ने वाले प्रभाव की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। किसानों की भूमि खरीदी जाने, भूमि के मूल्य तथा निर्माण से संबंधित दस्तावेजों की भी जाँच की जानी चाहिए, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके ।

विकास का विरोध नहीं, धरोहर की सुरक्षा जरूरी

समिति अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संगठन विकास कार्यों का विरोधी नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर किसी महत्वपूर्ण प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के अस्तित्व को खतरे में डालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण नाला केवल जल निकासी का माध्यम नहीं बल्कि स्थानीय ग्रामीणों की लोकस्मृति और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा स्थल है एक बार ऐसी धरोहर नष्ट हो जाने पर उसकी भरपाई संभव नहीं होगी ।

समिति की प्रमुख मांगें

समिति ने कलेक्टर से मांग की है कि:—

  1. लक्ष्मण नाला के आसपास चल रहे निर्माण कार्यों पर जाँच पूरी होने तक तत्काल रोक लगाई जाए ।
  2. राजस्व विभाग संबंधित ग्राम पंचायत एवं अन्य सक्षम विभागों की संयुक्त टीम बनाकर स्थल का निरीक्षण एवं सीमांकन कराया जाए ।
  3. नाले की प्राकृतिक संरचना जल प्रवाह और स्थानीय ऐतिहासिक-पौराणिक मान्यताओं का दस्तावेजीकरण कराया जाए ।
  4. किसानों की भूमि खरीदी भूमि के मूल्य सड़क निर्माण की आवश्यकता तथा निजी कंपनी को होने वाले संभावित लाभ की निष्पक्ष जाँच की जाए ।
  5. सड़क निर्माण की स्वीकृति नक्शा वैधानिक अनुमति एवं अन्य संबंधित अभिलेखों की जाँच कराई जाए ।
  6. लक्ष्मण नाला को सुरक्षित रखने के लिए संरक्षण योजना बनाई जाए तथा आवश्यकता होने पर वैकल्पिक सड़क मार्ग पर विचार किया जाए ।
  7. जाँच एवं की गई कार्रवाई की जानकारी ग्रामवासियों और समिति को लिखित रूप में दी जाए ।

कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की अपील

सपुरन कुलदीप ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि जनभावनाओं प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था एवं स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए, मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य से किसी प्रकार की अपूरणीय क्षति होने से पहले स्थल की वास्तविक स्थिति का आकलन कर संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए ।

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कुसमुंडा

विस्थापन प्रभावित बेरोजगारों को आऊट सोर्सिंग कंपनियों में रोजगार देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा किसान सभा ने

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4 नवंबर को कुसमुंडा खदान बंद के साथ कोल परिवहन रोकने की चेतावनी

प्रभावितों को नहीं मिल रहा 100% वैकल्पिक रोजगार 30% के नाम पर भू विस्थापितों का अधिकार छीना जा रहा है: प्रशांत झा

कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा ने एसईसीएल की कुसमुंडा खदान क्षेत्र में आउट सोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से होने वाले कामों में प्रभावित भू विस्थापितों और स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर कुसमुंडा से बाइक रैली कलेक्टर कार्यालय तक निकालने के बाद कोसाबाड़ी चौक में प्रदर्शन कर कलेक्टर कोरबा और एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है। किसान सभा ने ज्ञापन के माध्यम से मांगो पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर 4 नवंबर 2026 को कुसमुंडा खदान बंद करने के साथ कोल परिवहन को पूर्ण रूप से रोकने की चेतावनी भी दी है। इस आंदोलन को भू विस्थापित रोजगार एकता संघ ने भी अपना समर्थन दिया है।

किसान सभा ने कहा कि SECL में जमीन अधिग्रहण के बाद हर गांव के भू विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं जमीन अधिग्रहण के समय कई नियमों को बनाकर विस्थापित होने वाले छोटे किसानों को रोजगार से वंचित कर दिया जाता है और आऊट सोर्सिंग के माध्यम से भी होने वाले काम में आऊट सोर्सिंग कंपनियों द्वारा मनमानी की जा रही है जिससे भू विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं।आऊट सोर्सिंग कंपनियों के मनमानी के खिलाफ छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू विस्थापित रोजगार एकता संघ ने विरोध करने का निर्णय लिया है।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत झा ने कहा की एसईसीएल में जमीन अधिग्रहण के बाद हजारों भू विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं और प्रबंधन आऊट सोर्सिंग कंपनियों के साथ सांठ गांठ कर रोजगार को बेचने का काम कर रही है जिसका विरोध हमारे द्वारा किया जा रहा है कुसमुंडा और गेवरा में होने वाले कार्यों में प्रभावितों को प्राथमिकता नहीं दिया जा रहा है जिसका विरोध की शुरवात आज कुसमुंडा में किया गया है और मांगो पर सकारात्मक पहल नहीं हुआ तो 4 नवंबर को कुसमुंडा खदान बंद के साथ कोल परिवहन को पूर्ण रूप से रोका जाएगा और कुसमुंडा क्षेत्र से कोयला परिवहन की गाड़ियों को रोका जाएगा।

किसान सभा के जिला अध्यक्ष जय कौशिक और सचिव दीपक साहू ने कहा की खदान विस्तार के लिए ग्रामीणों की पूरी जमीन ली जाती है लेकिन रोजगार देते समय 100% रोजगार प्रभावित ग्रामीणों को नहीं दिया जा रहा है 30% बाहर के लोगों के नाम पर प्रभावितों के हक के रोजगार को बेचा जा रहा है। विकास के नाम पर अपनी गांव और जमीन से बेदखल कर दीये गए विस्थापित परिवारों की जीवन स्तर सुधरने के बजाय और भी बदतर हो गई है। हजारों छोटे किसानों को खेती किसानी से अलग कर रोजगार से वंचित रखा गया है। विकास की जो नींव कोरबा में रखी गई है उसमें प्रभावित परिवारों की अनदेखी हो रही है। लगातार संघर्ष के बाद खानापूर्ति के नाम पर कुछ लोगों को वैकल्पिक रोजगार दिया जा रहा है।
प्रभावितों के पास अब संघर्ष के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है।

भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के रेशम यादव और दामोदर श्याम ने कहा की जिनकी जमीन गई है उन्हें ना तो स्थाई रोजगार मिल रहा है ना ही उनके परिवार को आऊट सोर्सिंग में काम सभी के हक को बेचा जा रहा है इसके विरोध में एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय और कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया है समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो और उग्र प्रदर्शन होगा।

प्रदर्शन में प्रमुख रूप से जय कौशिक,दामोदर श्याम,रेशम यादव,उत्तम दास,सम्मेलाल,गणेश बिंझवार,दिलीप कंवर,विकास बिंझवार,आनंद पाल, महेंद्रा,संजय,जीवन सारथी,हरि साहू, हुसैन,राजेश्वर दास, नटवर लाल,मनोज महंत,मनीष,हरिहर साहू,श्याम सुंदर महंत,गुड्डू राठौर,रामकुमार,जयचंद,हेमंत पटेल,शशि यादव,गुरु शरण,मनोजके साथ बड़ी संख्या में भू विस्थापित और ठेका मजदूर उपस्थित थे।

मांगे

  1. खदान विस्तार के लिए पूर्व एवं वर्तमान में जिन गांव की जमीन अधिग्रहण हुई है उन गांव के बेरोजगारों को पहली प्राथमिकता के साथ आउट सोर्सिंग कंपनियों में वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
  2. खनन प्रभावित क्षेत्र एवं जिले के ही बेरोजगारों को आऊट सोर्शिंग कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
  3. आउट सोर्सिंग कंपनियों का काम समाप्त होने पर चालू होने वाले नए कंपनियों में पुराने कर्मचारियों को कार्य में पुनः रखा जाए। (वर्तमान में गोदावरी कंपनी बंद होने के कारण जिले के सैकड़ों कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं )।
  4. आउट सोर्सिंग कंपनियों में 70 और 30% रोजगार देने का खेल समाप्त किया जाए। जिनकी जमीन अधिग्रहण हुई है उन्हे पहली प्राथमिकता के साथ खनन प्रभावित जिले के बेरोजगारों को खनन कार्य में 100% रोजगार दिया जाए।

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कुसमुंडा

देशभक्ति का अनूठा संगम : सरस्वती शिशु मंदिर में गूंजा  ‘वन्दे मातरम् ‘

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कोरबा/कुसमुण्डा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुसमुण्डा में गत 25 सितंबर को ठीक 11 बजे राष्ट्र प्रेम से ओत-प्रोत राष्ट्रीय गीत  ‘वन्दे मातरम्’ का भव्य सामूहिक गायन किया गया, जिससे पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ इंजीनियर गंगा उदय जी के मुख्य आतिथ्य, शासकीय विद्यालय कुसमुण्डा के प्राचार्य लक्ष्मीकान्त साहू एवं बीएमएस के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष टिकेश्वर राठौर के विशिष्ट आतिथ्य में हुआ। अध्यक्षता अधिवक्ता रमेश कुमार राठौर ने की।

कार्यक्रम के संयोजक मनीष कुमार मिश्रा, विद्यालय के प्राचार्य चिंतामणी कौशिक, कार्यवाह हर्षवर्धन शर्मा, श्रवण कुमार यादव, रामेश्वर सोनी, जितेन्द्र नाहक, प्रधानपाठक डी. डी. साहू, श्रीमती सुनीता पाटले, सन्तोष राठौर, और सरस्वती ज्ञान मंदिर के शिक्षकगण व भैया-बहनों ने इसमें सक्रिय सहभागिता निभाई। इसके अतिरिक्त, शहीद गोपाल फिरतू विद्यालय के प्राचार्य श्री साहू , महिला मंडल की मातृशक्ति, अभिभावक और क्षेत्र के गणमान्य देशभक्त नागरिक भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
सभी की उपस्थिति और राष्ट्रगीत की गूंज के साथ यह देशभक्तिपूर्ण आयोजन अत्यंत सफलता के साथ संपन्न हुआ। विद्यालय परिवार ने इस सफल आयोजन पर सभी आगंतुकों, अभिभावकों, भैया-बहनों और आचार्य परिवार को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देते हुए सादर आभार व्यक्त किया है।

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