कोरबा। शासकीय कन्या उच्च. माध्यमिक विद्यालय साडा कोरबा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के विशेष ग्रामीण शिविर का शुभारंभ राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी सविता पाठक तथा सह प्रभारी रेणुका लदेर के कुशल नेतृत्व में प्राथमिक शाला दैहानभाठा (गोढ़ी) में हुआ था। आशुतोष पाण्डे (आई ए एस) आयुक्त, नगर निगम कोरबा के मुख्य आतिथ्य एवं उ. मा. वि. गोढ़ी की प्राचार्य रिनी दुबे तथा रा.से.यो. कार्यक्रम अधिकारी राधाकांत कश्यप की उपस्थिति में शिविर का आयोजन सम्पन्न हुआ। इसके पूर्व रविवार को सहायक आयुक्त, आ.जा. कल्याण विभाग, कोरबा श्रीकांत कसेर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं जीतेन्द्र राठौर एन. आई. आई.टी. डिजिटल साक्षरता, चित्रलेखा चंदेल, चेयरपरसन संस्कारम संस्था तथा विपेन्द्र कुमार साहू, अध्यक्ष छ.ग.अ. वितरक संघ कोरबा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। डॉ योगेंद्र कुमार तिवारी ने शिविर का रात्रिकालीन औचक निरीक्षण किया और सभी व्यवस्थाओं को संतोषजनक पाया। शनिवार को मुख्य अतिथि रणधीर पाण्डे, अध्यक्ष नमामि हसदेव सेवा समिति के द्वारा योग के महत्व पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। अनिरुद्ध कुमार राठौर एलएलएम एवं एडवोकेट धनश्री अजय साहू, पार्षद वार्ड न. 07 कोरबा विशिष्ट अतिथि थे। अनिरुद्ध कुमार राठौर के द्वारा शिविर के प्रतिभागियों को वैधानिक प्रक्रियाओं की बारीकियाँ समझाई गई।
शिविर के चौथे दिन शुक्रवार को बौद्धिक चर्चा में “स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय समाज का योगदान” विषय में प्रमेश सिंह चंदेल, सीए सीएस एलएलबी एवं इंजी. आकांक्षा चंदेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इसके पूर्व बुधवार को बौद्धिक परिचर्चा के विषय “खेलकूद का जीवन पर सकारात्मक प्रभाव” में मुख्य अतिथि दीनू पटेल, जिला क्रीड़ा अधिकारी, कोरबा, विशिष्ट अतिथि के. आर.टंडन, सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी, झसेंद्र गभेल, नवपदस्थ सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी एवं रामकृपाल साहू, सहायक खेल अधिकारी, कोरबा, ग्राम पंचायत गोढ़ी वार्ड क्रमांक 5 के पंच पदम सिंह चंदेल, ग्राम सचिव कौशल प्रसाद सोनवानी उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में श्री पटेल ने कहा कि मैदान में खेले गए खेल के द्वारा टीमवर्क, एकाग्रता और संघर्ष सीखते हैं जो जीवन के हर क्षेत्र में हमें सफलता दिलाती है। स्वस्थ शरीर, उज्जवल भविष्य, सकारात्मक सोच खेलों के द्वारा ही बनता है। विशिष्ट अतिथियों ने भी खेलों का महत्व बताते हुए कहा कि खेल केवल हार या जीत का ही नाम नहीं बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और भविष्य गढ़ने का एकमात्र साधन है। मंगलवार को उद्घाटन दिवस में मुख्य अतिथि वी.के. पाठक (आईपीएस) के प्रतिनिधि के रूप मे प्रशांत सिंह, साइबर सेल एक्सपर्ट उपस्थित हुए। उनके साथ डेमन ओगरे, साइबर टेक्निकल एक्सपर्ट, ग्राम पंचायत गोढ़ी की सरपंच झुलकुँवर राजे, वार्ड क्रमांक 5 के पंच पदम सिंह चंदेल, ग्राम सचिव कौशल प्रसाद सोनवानी, प्रधानपाठक ममता डहेरिया,सहायक शिक्षक शिव शंकर चौहान, स्वप्न डहरिया, उमा बाई, गायत्री सिदार,जानकी कर्ष आदि उपस्थित थे। डेमन ओगरे ने साइबर ठगी से बचने के लिए विभिन्न सुझाव दिए।
स्वयंसेविकाओं द्वारा योग सत्र के पश्चात गांव में नशा मुक्ति हेतु लोगों को जागरूक करने हेतु नारे लगाते हुए रैली निकाली गई। बौद्धिक परिचर्चा सत्र के विषय “हमारे प्रेरणा स्रोत विवेकानंद जी” में मुख्य अतिथि हेमंत साहू, संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ प्रांत के संगठन मंत्री,रायपुर तथा विशिष्ट अतिथि मनोज वैष्णव व्याख्याता संस्कृत एवं संस्कृत भारती छत्तीसगढ़ प्रांत के जिला मंत्री रहे। अपने उद्बोधन में श्री साहू ने स्वयंसेविकाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़े हुए विभिन्न पहलुओं को बताया तथा उनके जीवन पर आधारित नीतिपरक कथा भी सुनाई, साथ ही उन्होंने देववाणी संस्कृत भाषा के महत्व को भी बताया। ‘संस्कारम्’ (संस्कार, सेवा और शिक्षा) समिति द्वारा कैंपस के प्रतिभागियों को वेद, पुराण, गीता, रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों की शिक्षाओं का महत्व बताया गया। साथ ही महापुरुषों के जीवन प्रसंगों, नीति श्लोकों तथा राष्ट्रप्रेम की भावना से प्रेरित होने का संदेश दिया। समिति की संरक्षक एवं वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती चित्रलेखा चंदेल, अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा चंदेल, नेहा अग्रवाल, स्वाति अग्रवाल, प्रियंका जायसवाल,दिलीप त्रिपाठी दीपिका पुजारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रासेयो सह प्रभारी रेणुका लदेर के द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम अधिकारी सविता पाठक के द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। रासेयो कैंप में चार दल शामिल थे। (1)रानी लक्ष्मीबाई दल – ज्योति, पेमिला, काजल, खुशी, लुकेशना, तान्या, पूजा, अंजली, प्रियंका, चांदनी, श्रेया, रागिनी (2)रानी पदमावती दल – ज्योति, समीक्षा, मासूम, अंजनी, किरण, प्रीति, आराधना, जमुना, भूमिका, अनुराधा, देव्यानी, अशिवन तिर्की, चांदनी गिरी (3)रानी अहिल्याबाई दल – मोनिका, चांदनी श्रीवास, सिमरन, सुषमा, माही, प्रतिभा, शबाना, मीनाक्षी, रोशनी, सिमरन, साक्षी (4)रानी दुर्गावती दल – कविता, खुशबू, नैना, संजीत, संस्कृति, श्रीया पटेल, आकांक्षा, दिव्या साहू, आसना, दिव्या महंत, प्रिया। छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ द्वारा एक सप्ताह राष्ट्रीय सेवा योजना (N.S.S) के 48 विद्यार्थियों को कैंप में सभी अखबारों को सुबह निशुल्क सेवा प्रदान किया। और उन्हें प्रतिदिन अखबार पढ़ने के लिए प्रेरित किया। जिसमें छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह चंदेल, बालको इकाई के रेशम साहू, जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू, जिला सचिव जय सिंह नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, राय सिंह, रामा, तपेश्वर राठौर, कृष्ण निर्मलकर, अनिल गिरी, राकेश कोषाध्यक्ष बालको इकाई का विशेष योगदान रहा। सम्पूर्ण सात दिवसीय शिविर के संयोजक पदम सिंह चंदेल, पंच वार्ड क्र 5, ग्राम गोढ़ी थे। उक्त आशय की जानकारी राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम की सह प्रभारी रेणुका लदेर ने दी।
कोरबा निवासी 02 लोगों के विरुद्ध म्यूल अकाउंट के मामले में पुलिस की कार्रवाई
कोरबा पुलिस की अपील—अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम एवं मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें
कोरबा। पुलिस अधीक्षक जिला कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटेल एवं साइबर नोडल अधिकारी नितेश ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी ललित कुमार चंद्रा के नेतृत्व में म्यूल अकाउंट के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय से म्यूल अकाउंट (Mule Account) के संबंध में प्राप्त निर्देशों के पालन में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा ऐसे बैंक खातों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिनका उपयोग साइबर अपराधों में किए जाने की आशंका है।
इसी क्रम में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा अलग अलग बैंक खातों के संबंध में अपराध पंजीबद्ध कर धारा 317(2), 318(4) बीएनएस के तहत विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दो अलग अलग अपराधों में दो खाताधारकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में खाता धारक महेंद्र कुमार धीवर निवासी मानस नगर, कोरबा एवं के प्रभाकर राव निवासी कृष्ण नगर कोरबा द्वारा अपने बैंक खातों को लाभ कमाने के उद्देश्य से अन्य व्यक्तियों को कमीशन के बदले उपयोग हेतु दिए जाने की बात सामने आई। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि संबंधित बैंक खाते होल्ड हो गए हैं।
प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर दोनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विवेचना वर्तमान में जारी है।
म्यूल अकाउंट के विरुद्ध कोरबा पुलिस की कार्रवाई
साइबर अपराधियों द्वारा आम नागरिकों को कमीशन अथवा आसान कमाई का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाकर अथवा पहले से संचालित बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त राशि के लेन-देन के लिए किया जाता है। ऐसे बैंक खातों को म्यूल अकाउंट (Mule Account) कहा जाता है।
साइबर अपराध में प्रयुक्त ऐसे खातों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध कराने वाले खाताधारक भी साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं।
कोरबा पुलिस की आम नागरिकों से अपील
साइबर अपराधी लोगों को कमीशन अथवा अन्य प्रकार के लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर अथवा सिम का उपयोग साइबर अपराधों में कर सकते हैं। अतः नागरिक निम्न सावधानियां बरतें—
अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें।
अपना एटीएम/डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी को न दें।
अपना मोबाइल नंबर अथवा सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने के लिए न दें।
किसी व्यक्ति द्वारा कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर बैंक खाता उपलब्ध कराने की बात कही जाए तो सतर्क रहें।
अपने बैंक खाते में होने वाले लेन-देन की नियमित रूप से जानकारी रखें।
किसी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल अपने बैंक एवं पुलिस को सूचित करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में राशि प्राप्त कर उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर अथवा नकद निकालकर न दें।
कोरबा पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि थोड़े से आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम अथवा मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को देकर स्वयं को साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई का हिस्सा न बनाएं।
SECL मानिकपुर जनसुनवाई रद्द करने की मांग:ग्रामीणों ने प्रक्रिया को फर्जी बताया,भू-विस्थापित बोले- पहले पुराने वादे पूरे करो,नहीं तो 3 हजार ग्रामीण करेंगे विरोध
कोरबा। SECL मानिकपुर ओपन कास्ट खदान विस्तार परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। भू-विस्थापित संगठन मानिकपुर ने 21 अगस्त को प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई को रद्द करने की मांग की है।
संगठन ने जनसुनवाई की प्रक्रिया को फर्जी बताते हुए चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो 8 प्रभावित गांवों के करीब 2 से 3 हजार महिला-पुरुष ग्रामीण मौके पर पहुंचकर इसका उग्र विरोध करेंगे।
200-250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप
250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि दशकों पहले खदान के लिए अपनी उपजाऊ जमीन देने के बावजूद करीब 200 से 250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। वहीं, SECL द्वारा गोद लिए गए 7-8 गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी खराब है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और SECL प्रबंधन खदान विस्तार और कॉर्पोरेट मुनाफे को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि विस्थापित परिवारों की पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।
युवाओं के लिए 400-500 स्थायी नौकरी की मांग
भू-विस्थापितों ने प्रभावित गांवों के युवाओं के लिए मौके पर ही 400 से 500 पदों पर नियमित और स्थायी भर्ती शुरू करने की मांग रखी है। इसके अलावा भिलाई खुर्द-1, 2 और 3 में बचे मकानों और जमीनों का दोबारा पारदर्शी तरीके से भौतिक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की गई है।
रापाखरा और दादर खुर्द को लेकर भी मांग
ग्रामीणों ने रापाखरा के विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने और आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, दादर खुर्द के तालाब को गांव की निस्तारी का प्रमुख स्रोत बताते हुए वहां ओबी डंपिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों को सूचना दिए बिना जनसुनवाई कराने का आरोप
ग्रामीण अमन पटेल ने आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन 21 अगस्त को जनसुनवाई कराने जा रहा है, लेकिन प्रभावित गांवों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि करीब 15-20 दिन पहले अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा गया था कि जनसुनवाई की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों को बताया जाएगा। इसके बावजूद अब पंचायत सचिव, सरपंच और अन्य क्षेत्रों को नोटिस भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुराने मुआवजे, रोजगार, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े वादे पूरे नहीं होते, तब तक खदान विस्तार के लिए जनसुनवाई नहीं होने दी जाएगी।
पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध शिकायत निवारण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
बिलासपुर/कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने भूमि के बदले रोजगार से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति का गठन किया है। समिति उपलब्ध अभिलेखों, दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण कर अपनी अनुशंसाएं सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
भूमि के बदले रोजगार की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से लागू की गई यह उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था प्रत्येक पात्र हितग्राही के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
समिति के अध्यक्ष महाप्रबंधक (भू-राजस्व), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर होंगे। समिति में महाप्रबंधक (योजना एवं परियोजना), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/श्रमशक्ति), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/औद्योगिक संबंध) तथा उप-महाप्रबंधक (विधि), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर सदस्य होंगे।
गठित समिति आवश्यकता के अनुसार संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों की जांच करेगी, अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करेगी तथा उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों का सत्यापन करते हुए प्रचलित नियमों एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप शिकायतों का परीक्षण करेगी। इससे प्रकरणों के त्वरित, निष्पक्ष एवं तार्किक निस्तारण में सहायता मिलेगी।
भूमि के बदले रोजगार से संबंधित अनियमितता, जाली अथवा कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग, तथ्य छिपाकर रोजगार प्राप्त करने अथवा अन्य संबंधित मामलों के संबंध में कोई भी व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों एवं साक्ष्यों सहित समिति के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर सकता है।
एसईसीएल ने स्पष्ट किया है कि विधिवत दर्ज की गई शिकायत को वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। अतः शिकायतकर्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे केवल प्रामाणिक तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही शिकायत दर्ज कराएं। कंपनी ने सभी संबंधित पक्षों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि शिकायत केवल अधिकृत माध्यमों से ही प्रस्तुत करें तथा किसी भी प्रकार के बिचौलियों, अपुष्ट सूचनाओं अथवा भ्रामक दावों से सावधान रहें।
एसईसीएल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान कोई शिकायत जानबूझकर असत्य, दुर्भावनापूर्ण अथवा भ्रामक तथ्यों पर आधारित पाई जाती है, अथवा किसी व्यक्ति की छवि धूमिल करने या अनावश्यक उत्पीड़न के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है, तो संबंधित शिकायतकर्ता के विरुद्ध प्रचलित नियमों एवं लागू विधिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
एसईसीएल सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संस्थागत निष्पक्षता के उच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्ध है। कंपनी का विश्वास है कि उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था के माध्यम से भूमि के बदले रोजगार संबंधी शिकायतों के परीक्षण की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनेगी। साथ ही, वास्तविक एवं पात्र हितग्राहियों के हितों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित होने के साथ शिकायत निवारण तंत्र में जनविश्वास एवं संस्थागत जवाबदेही भी और सुदृढ़ होगी।