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कोरबा

खरीफ वर्ष 2026 के लिए कोरबा जिले में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण

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कोरबा। भारत सरकार एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.एस. कंवर ने बताया कि जिले में खाद एवं बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है।

उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों द्वारा सतत कृषि विकास हेतु एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की अनुशंसा के अनुसार रासायनिक उर्वरकों के उपयोग के साथ-साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद एवं हरी खाद जैसे वैकल्पिक उपायों को भी सम्मिलित किया गया है। इसके लिए कृषकों को संतुलित एवं समानुपातिक मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

संतुलित उर्वरक उपयोग को प्रोत्साहित करने, कृषि लागत में कमी लाने, भूमि की उर्वरता शक्ति को सुरक्षित रखने, रासायनिक उर्वरकों के साथ अन्य वैकल्पिक उपायों को बढ़ावा देने, उर्वरकों के कृषि के अतिरिक्त अन्य कार्यों में उपयोग को रोकने तथा कृषकों को गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले की सहकारी समितियों में गत वर्ष की पूर्ति के आधार पर 80 प्रतिशत यूरिया एवं 60 प्रतिशत डीएपी का भंडारण कराया जा रहा है।

यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा अन्य वैकल्पिक उर्वरकों अथवा नैनो यूरिया के रूप में प्रदाय की जाएगी। इसी प्रकार डीएपी की शेष 40 प्रतिशत मात्रा अन्य वैकल्पिक एनपीके उर्वरकों अथवा नैनो डीएपी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। किसी भी परिस्थिति में कृषकों को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। यह पूर्णतः वैकल्पिक रहेगा।

जिले को सहकारी क्षेत्र में प्राप्त 12,700 मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक सहकारी समितियों में 7,132.58 मीट्रिक टन (56.16 प्रतिशत) उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। सहकारी समितियों से अब तक 1,129.94 मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव किया जा चुका है तथा 6,002.64 मीट्रिक टन उर्वरक शेष उपलब्ध हैं।

नैनो उर्वरकों के रूप में नैनो यूरिया 6,842 लीटर एवं नैनो डीएपी 5,044 लीटर, इस प्रकार कुल 11,886 लीटर का भंडारण सहकारी समितियों में किया गया है। इसके विरुद्ध 483.50 लीटर नैनो तरल उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है तथा 11,402.50 लीटर उपलब्ध है।

जिले के प्रत्येक कृषक को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु उनके रकबे के आधार पर वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। यूरिया एवं डीएपी के अतिरिक्त एसएसपी तथा एनपीके जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के माध्यम से भी कृषक आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति कर रहे हैं।

इसके अतिरिक्त इच्छुक एवं चयनित कृषकों को हरी खाद के रूप में ढैंचा बीज 8 किलोग्राम प्रति एकड़ तथा मूंग बीज 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से वितरित किया जा रहा है। साथ ही जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर, कृषि महाविद्यालय कटघोरा, शासकीय उद्यान रोपणी पत्ताड़ी (कोरबा) एवं चिन्हांकित किसानों के खेतों में कराया जा रहा है।

नील हरित काई एवं हरी खाद वायुमंडलीय नत्रजन का स्थिरीकरण कर पौधों को नाइट्रोजन पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं तथा मिट्टी की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणवत्ता को बनाए रखते हुए उसकी उर्वरता शक्ति में वृद्धि करती हैं।

किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु उर्वरक निरीक्षकों द्वारा जिले में संचालित उर्वरक विक्रय केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। खरीफ वर्ष 2026 में 1 अप्रैल 2026 से अब तक 115 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। अनियमितता पाए जाने पर 28 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, 8 विक्रय केंद्रों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा एक विक्रय केंद्र से 58 बोरी यूरिया जब्त करने की कार्रवाई की गई है।

उन्होंने बताया कि कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर कृषकों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण लगातार जारी रहेगा। इस संबंध में बैठक लेकर कलेक्टर ने उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत कठोर प्रशासनिक, कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।

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कोरबा

कोरबा में घर के छज्जे पर लटका मिला कोबरा:रेस्क्यू के लिए तोड़ना पड़ा छज्जा, 1 घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया

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कोरबा। कोरबा जिले के बरमपुर गांव में गुरुवार देर रात एक घर में कोबरा घुस गया। करीब 5 फीट लंबा कोबरा कच्चे मकान के छज्जे पर लटका फुंकार रहा था। सांप को देखकर घर में मौजूद महिलाएं और बच्चे डर गए और बाहर भाग गए। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

घटना रात करीब 11 बजे की है। प्रकाश यादव का परिवार सोने की तैयारी कर रहा था, तभी कमरे के छज्जे से सरसराहट की आवाज सुनाई दी। टॉर्च की रोशनी में देखने पर करीब 5 फीट लंबा कोबरा छज्जे से लटका दिखाई दिया और फुंकार मार रहा था।

मकान कच्चा और खपरैल का होने के कारण कोबरा आसानी से अंदर घुस आया। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर मानस यादव और उमेश यादव की टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि कोबरा छज्जे की दरार में छिपा हुआ था, जिससे रेस्क्यू करना चुनौतीपूर्ण हो गया।

17 फीट ऊंचाई पर चढ़कर किया रेस्क्यू

रेस्क्यू टीम को करीब 17 फीट की ऊंचाई पर चढ़कर जोखिम उठाना पड़ा। सांप तक पहुंचने के लिए घर के एक हिस्से को हल्का तोड़ना भी पड़ा। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया।

जंगल में छोड़ा गया कोबरा

रेस्क्यू के बाद वन विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

बरसात में बढ़ जाती हैं ऐसी घटनाएं

स्नेक कैचर उमेश यादव ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों की छत, स्टोर रूम, अनाज रखने की जगह और छज्जों में पहुंच जाते हैं।

लोगों से की अपील

स्नेक कैचर ने लोगों से अपील की कि घर में सांप दिखने पर घबराएं नहीं। उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।

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कोरबा

पिता से पूछा-मां मुझसे नाराज क्यों है, फिर फूट-फूटकर रोया:सुबह किराए के कमरे में फंदे पर लटका मिला बेटा, सेलून में करता था काम

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में किराए के मकान में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने अपने पिता को फोन कर पूछा, “मां मुझसे नाराज क्यों है?” इसके बाद वह फूट-फूटकर रोने लगा। कुछ देर बाद उसने कॉल काट दी।

शुक्रवार सुबह जब उसके माता-पिता किराए के कमरे पर पहुंचे, तो युवक फांसी के फंदे पर लटका मिला। फिलहाल आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। यह मामला सीएसईबी पुलिस चौकी क्षेत्र का है।

पंखे से लटकर युवक से आत्महत्या कर ली।

पंखे से लटकर युवक से आत्महत्या कर ली।

सेलून में करता था काम

जानकारी के मुताबिक युवक का नाम रोहन उर्फ अमन श्रीवास (24) है, जो ट्रेंड्ज़ स्टूडियो सैलून में काम करता था। रोहन टीपी नगर में किराए के मकान में रहता था। मूल रूप से वह बरपाली का रहने वाला था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन भी है।

देर रात पिता को किया था फोन

रिश्तेदारों ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे रोहन की पिता से सामान्य बातचीत हुई थी। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे उसने फिर कॉल किया। कॉल पर वह रो रहा था और बार-बार पूछ रहा था, “मां मुझसे नाराज क्यों है?” इसके बाद उसने फोन काट दिया।

सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला

शुक्रवार सुबह जब रिश्तेदारों ने कई बार फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। अनहोनी की आशंका पर माता-पिता तुरंत उसके कमरे पहुंचे। दरवाजा खोलने पर रोहन का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। इसके बाद फौरन पुलिस को सूचना दी गई।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

सूचना मिलते ही सीएसईबी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।

माता-पिता और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

जांच के बाद सामने आएगी वजह

सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत का सही कारण पता चल सकेगा। पुलिस रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।

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कोरबा

कोरबा के सिंचाई कॉलोनी में लाखों की चोरी:सूने मकान का ताला तोड़कर सोना, चांदी, नकदी ले उड़े चोर, पुलिस जांच में जुटी

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कोरबा। कोरबा सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रामपुर स्थित सिंचाई कॉलोनी में चोरों ने सूने मकान का ताला तोड़कर लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर घर से सोना-चांदी के गहने, नगदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित भारत लाल साहू, जो सिंचाई विभाग में कर्मचारी हैं, सिंचाई कॉलोनी के क्वार्टर नंबर एचपीटी A2/25 में रहते हैं। वह किसी काम से घर से बाहर गए थे और मकान में ताला लगा था। इसी दौरान चोरों ने मुख्य गेट का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया।

पुलिस सीसीटीवी और फिंगरप्रिंट के आधार पर कर रही जांच

पुलिस सीसीटीवी और फिंगरप्रिंट के आधार पर कर रही जांच

अलमारी तोड़कर ले गए गहने और नकदी

शुक्रवार (24 जुलाई ) सुबह घटना की जानकारी मिलने पर भारत लाल साहू घर पहुंचे तो मुख्य गेट का ताला टूटा मिला। घर के अंदर अलमारी भी तोड़ी गई थी और सामान बिखरा पड़ा था। चोर अलमारी में रखे सोने-चांदी के गहने, करीब 30 से 35 हजार रुपये नकद और अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए। पीड़ित के अनुसार कुल नुकसान करीब 2 से 2.5 लाख रुपये का हुआ है।

सोना-चांदी और नकदी लेकर फरार हुए चोर

सोना-चांदी और नकदी लेकर फरार हुए चोर

पुलिस ने शुरू की जांच

सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी आस्था शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद से भी साक्ष्य जुटाए गए हैं।

बढ़ती चोरी की घटनाओं से लोग चिंतित

स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरबा जिले में हाल के दिनों में चोरी और लूट की घटनाएं बढ़ी हैं। सूने मकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। पीड़ित ने पुलिस से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गया सामान बरामद करने की मांग की है। पुलिस अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।

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