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छत्तीसगढ़

23 जनवरी के टी-20 मैच के लिए प्रशासन अलर्ट:कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए सख्त निर्देश, कहा– आग, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की पूरी तैयारी रहे

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रायपुर,एजेंसी। शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 23 जनवरी को होने वाले भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 मुकाबले को लेकर प्रशासन और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा और व्यवस्था की समीक्षा की।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बैठक में कहा कि यह मुकाबला न सिर्फ रायपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे में खिलाड़ियों के साथ-साथ स्टेडियम में आने वाले हजारों दर्शकों की सुविधाओं और सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय आयोजन होने के कारण प्रशासन की ओर से तय सभी एसओपी का सख्ती से पालन किया जाना जरूरी है। आपदा की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से स्पष्ट कार्ययोजना तैयार रखने और आम लोगों को बचाव उपायों के बारे में जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आपदा प्रबंधन और सुरक्षा पर विशेष जोर

कलेक्टर ने आग से बचाव को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेडियम में आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों और जिला सेनानी के साथ समन्वय बनाकर इन उपकरणों का पहले ही परीक्षण कर लिया जाए। इसके साथ ही मेडिकल सुविधाओं, एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम और उसके आसपास के पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

सभी गेट पर वालंटियर, दर्शकों की आसान आवाजाही के निर्देश

बैठक में यह भी तय किया गया कि मैच के दौरान सभी एंट्री गेट्स पर आयोजन समिति के वालंटियर तैनात रहेंगे, जिससे दर्शकों की आवाजाही सुचारू बनी रहे और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि किसी भी स्थिति में अव्यवस्था न फैले और दर्शकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

रायपुर कलेक्ट्रेट में तैयारियों को लेकर हुई बैठक

रायपुर कलेक्ट्रेट में तैयारियों को लेकर हुई बैठक

पिछली गलतियों से सबक, इस बार सख्त इंतजाम

पिछले अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान एंट्री को लेकर हुए विवाद से सबक लेते हुए इस बार छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने सख्त फैसले लिए हैं। संघ ने साफ कर दिया है कि फर्स्ट इनिंग खत्म होने के बाद किसी भी दर्शक को स्टेडियम में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 350 से ज्यादा प्राइवेट बाउंसरों की तैनाती की जा रही है, जबकि क्रिकेट संघ के 45 अधिकारी विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। स्टेडियम के 13 गेटों पर लोहे की रेलिंग लगाई गई है, ताकि अवैध एंट्री को रोका जा सके।

खाने-पीने की चीजों पर भी सख्ती

खाने-पीने की चीजों को लेकर भी इस बार सख्ती बरती जा रही है। पिछले भारत-दक्षिण अफ्रीका मुकाबले के दौरान दर्शकों ने स्टेडियम में खाद्य पदार्थों की मनमानी कीमत वसूले जाने की शिकायत की थी। इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ इस बार ऐसे नियम लागू कर रहा है, जिससे दर्शकों से तय कीमत से ज्यादा वसूली न हो।

स्टेडियम के सभी एंट्री गेट्स पर इस बार तिहरी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। पुलिस, प्राइवेट गार्ड्स और क्रिकेट संघ के कर्मचारियों की संयुक्त ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति न बने। पिछली बार कुछ दर्शक रेलिंग कूदकर मैदान तक पहुंच गए थे, जिसे देखते हुए इस बार बाउंड्री लाइन पर भी बाउंसर्स तैनात किए जाएंगे।

आईपीएल मुकाबलों को लेकर आरसीबी टीम मैनेजमेंट पहले ही रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निरीक्षण कर चुका है। रायपुर में आखिरी बार वर्ष 2013 में आईपीएल मुकाबला खेला गया था, जब दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स आमने-सामने थे।

अब जब स्टेडियम पूरी तरह से बीसीसीआई के अधीन है और अंतरराष्ट्रीय मानकों की सभी सुविधाओं से लैस है, तो बड़े क्रिकेट आयोजनों की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं।

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छत्तीसगढ़

रायपुर में धान में पानी डालने का मामला:ग्रामीणों ने किया हंगामा, आरंग के धान खरीदी केंद्र मामले में कलेक्टर ने लिया संज्ञान, जांच कमेटी गठित

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रायपुर,एजेंसी। रायपुर के आरंग विकासखंड के भलेरा सहकारी समिति के धान खरीदी केंद्र में धान के स्टैक में पानी डालने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया है, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस टीम को तुरंत मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की वस्तुस्थिति की जांच करने और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सहायक आयुक्त के नेतृत्व में जांच

प्राप्त जानकारी के अनुसार सहायक आयुक्त विनय शुक्ला के नेतृत्व में सहकारिता विस्तार अधिकारी सुमित डडसेना और सहकारिता निरीक्षक अशोक साहू की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर जांच कर रही है। टीम द्वारा खरीदी केंद्र में रखे धान के स्टैक, भंडारण व्यवस्था और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया है

वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया है

ग्रामीणों से भी ली जाएगी जानकारी

जांच दल द्वारा स्थानीय ग्रामीणों और किसानों से भी जानकारी ली जा रही है, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और जांच रिपोर्ट तथ्यों के आधार पर तैयार की जा सके।

टीम को तुरंत मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की वस्तुस्थिति की जांच करने और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

टीम को तुरंत मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की वस्तुस्थिति की जांच करने और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

अनियमितता मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच में किसी कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़

रतनपुर को मिला प्रदेश का पहला डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट:₹13.12 करोड़ की केंद्रीय सहायता से होगा निर्माण, तोखन साहू की पहल

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बिलासपुर,एजेंसी। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत रतनपुर को प्रदेश का पहला डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट (DHP) स्वीकृत किया गया है। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 13.12 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की है।

छत्तीसगढ़ का पहला डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू के निरंतर प्रयासों और पहल से रतनपुर को यह महत्वपूर्ण परियोजना मिली है।यह परियोजना नई दिल्ली में आयोजित सेंट्रल सैंक्शनिंग एंड मॉनिटरिंग कमेटी (CSMC) की बैठक में टेक्नोलॉजी एंड इनोवेटिव सब-मिशन (TISM) के अंतर्गत मंजूर की गई।

यह छत्तीसगढ़ का पहला डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट होगा,जो रतनपुर में आधुनिक और उन्नत निर्माण तकनीकों का उपयोग कर आवास निर्माण का एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करेगा।

बिलासपुर सांसद तोखन साहू के प्रयासों से रतनपुर को यह महत्वपूर्ण परियोजना मिली

बिलासपुर सांसद तोखन साहू के प्रयासों से रतनपुर को यह महत्वपूर्ण परियोजना मिली

परियोजना सामाजिक कल्याण गतिविधियों के लिए रेंटल मॉडल पर होगी संचालित

स्वीकृत परियोजना के तहत G+2 मॉडल पर एक आधुनिक आवासीय परिसर विकसित किया जाएगा। प्रत्येक इकाई का कार्पेट एरिया 28.57 वर्गमीटर और प्लिंथ एरिया 42.79 वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। यह परियोजना सामाजिक कल्याण गतिविधियों के लिए रेंटल मॉडल पर संचालित होगी।

इस परियोजना में डाइनिंग रूम, किचन, टॉयलेट सहित कार्यालय कक्ष, गतिविधि कक्ष, टॉयलेट सहित मेडिकल रूम, टॉयलेट सहित केयरटेकर कक्ष और लॉन्ड्री रूम जैसी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक सामुदायिक भवन का भी निर्माण किया जाएगा।

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छत्तीसगढ़

टीचर्स एसोसिएशन ने DPI को दिया विभागीय TET का प्रपोजल:आयु सीमा में छूट और अनुभव को वेटेज देने की मांग, परीक्षा ऑफलाइन लेने का सुझाव

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रायपुर,एजेंसी। टीईटी को लेकर चल रही अनिश्चितता के बीच छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग से विभागीय सीमित टीईटी परीक्षा कराने की मांग उठाई है। इस मुद्दे को लेकर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने लोक शिक्षण संचालनालय में अधिकारियों से मुलाकात कर शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा पर चर्चा की।

बैठक में अधिकारियों ने टीईटी देने वाले सहायक शिक्षकों की संख्या, बिना टीईटी वाले शिक्षकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव और न्यायालय व शासन से जुड़े पहलुओं पर जानकारी ली। साथ ही एसोसिएशन से विभागीय टीईटी परीक्षा को लेकर विस्तृत सुझाव देने को कहा।

प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने डीपीआई ऋतुराज रघुवंशीऔर उप संचालक ए.एन. बंजारा से कहा कि प्रदेश में लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा और पदोन्नति के अवसर बनाए रखने के लिए “विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा” आयोजित करना जरूरी है।

एसोसिएशन ने इस संबंध में शिक्षा सचिव और संचालक को प्रस्ताव भेजकर विभागीय टीईटी कराने की मांग भी की है।

पुनर्विचार याचिका खारिज होने पर बढ़ सकती है परेशानी

एसोसिएशन ने कहा कि यदि न्यायालय में दायर पुनर्विचार याचिका खारिज हो जाती है तो टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए निर्धारित दो वर्ष की समय-सीमा समाप्त होने का खतरा रहेगा। ऐसी स्थिति में कई शिक्षक सेवा-सुरक्षा और पदोन्नति के लाभ से वंचित हो सकते हैं।

एसोसिएशन ने यह भी आशंका जताई कि क्रमोन्नति प्रकरण की तरह फिर से शिक्षकों को न्यायालयीन प्रक्रिया के नाम पर भटकाया जा सकता है। इसलिए विभागीय सीमित टीईटी परीक्षा शिक्षकों के हित में सकारात्मक कदम होगा। एसोसिएशन ने विभाग आठ बिन्दुओं में एक प्रस्ताव दिया हैं। इसके अलाव एग्जाम पैटर्न पर भी सुझाव दिया है।

प्रपोजल के प्वाइंटस

  • कार्यरत शिक्षकों के लिए पृथक विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाए।
  • परीक्षा का पाठ्यक्रम व्यावहारिक और सेवा-अनुभव आधारित हो।
  • न्यूनतम उत्तीर्णांक युक्तिसंगत रखा जाए ताकि अनुभवी शिक्षक अपात्र न हों।
  • परीक्षा में आयु सीमा में छूट और सेवा अनुभव को वेटेज दिया जाए।
  • परीक्षा को पदोन्नति और सेवा नियमितीकरण से जोड़ा जाए।
  • परीक्षा प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और विभागीय स्तर पर ही संचालित हो।
  • परीक्षा प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक दोनों स्तरों के लिए आयोजित की जाए।
  • परीक्षा के लिए सुझाए गए प्रावधान

एग्जाप पैटर्न पर सुझाव

सेवाकालीन परीक्षा होने के कारण न्यूनतम उत्तीर्णांक 33 प्रतिशत रखा जाए।

पेपर-1 और पेपर-2 आयोजित किए जाएं।

प्रश्न कक्षा 1–5 और 6–8 के पाठ्यक्रम व सामान्य शैक्षणिक अवधारणाओं पर आधारित हों।

दोनों परीक्षाओं के बीच कम से कम 15 दिन का अंतर रखा जाए।

परीक्षा ऑफलाइन (OMR आधारित) हो।

कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न हों और परीक्षा अवधि 3 घंटे की हो।

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