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CGMSC घोटाला…कारोबारी शशांक के जीजा समेत 3 अरेस्ट:फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर भरे, मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की खरीदी में गड़बड़ी की

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो/ आर्थिक अपराध शाखा (ACB/EOW) ने कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले दुर्ग स्थित मोक्षित कॉरपोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

सोमवार गिरफ्तार आरोपियों में रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स प्रा.लि., पंचकुला के डायरेक्टर अभिषेक कौशल, श्री शारदा इंडस्ट्रीज रायपुर के प्रोप्राइटर राकेश जैन और रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स के लाईजनर प्रिंस जैन (शशांक चोपड़ा का जीजा) शामिल हैं। इन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर भरा था।

तीनों को 18 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया है कि राज्य में आम जनता को मुफ्त जांच सुविधा देने के लिए चलाई जा रही “हमर लैब” योजना के तहत मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की खरीदी में भारी गड़बड़ी की गई।

ACB/EOW ने CGMSC घोटाले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

ACB/EOW ने CGMSC घोटाले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

टेंडर में मिलीभगत का खुलासा

जांच के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में मोक्षित कॉर्पोरेशन को लाभ पहुंचाने के लिए रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स और श्री शारदा इंडस्ट्रीज ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर में भाग लिया। टेंडर प्रक्रिया के दौरान तीनों फर्मों ने आपसी मिलीभगत कर प्रतिस्पर्धा को प्रभावित किया और कार्टेल बनाकर एक जैसे पैटर्न में टेंडर भरे।

एक जैसे दस्तावेज और दरें

जांच में यह भी पाया गया कि उत्पादों का विवरण, पैक साइज, रिएजेंट और कंज्यूमेबल्स की जानकारी तीनों फर्मों की ओर से लगभग एक जैसी दी गई। दरें भी समान पैटर्न में कोट की गईं, जिसमें सबसे कम दर मोक्षित कॉर्पोरेशन ने और उसके बाद आरएमएस और श्री शारदा इंडस्ट्रीज ने दरें भरीं।

550 करोड़ का शासन को नुकसान

इस मिलीभगत के चलते मोक्षित कॉर्पोरेशन ने CGMSC को MRP से 3 गुना तक ज्यादा कीमत पर सामग्री की आपूर्ति की, जिससे शासन को लगभग 550 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

आरोपी 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर

गिरफ्तार आरोपियों को 19 जनवरी को स्पेशल कोर्ट (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), रायपुर में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। ब्यूरो ने बताया कि जनहित से जुड़ी ‘हमर लैब योजना’ में शासकीय धन के दुरुपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर आगे भी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, CGMSC घोटाले में अधिकारियों और कारोबारियों ने सरकार को 411 करोड़ रुपये का कर्जदार बना दिया। IAS, IFS समेत अफसरों ने मिलीभगत कर सिर्फ 27 दिनों में 750 करोड़ रुपए की खरीदी कर ली। इस केस में मोक्षित कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा EOW की रिमांड पर हैं।

CGMSC के अधिकारी, मोक्षित कार्पोरेशन, रिकॉर्ड्स और मेडिकेयर सिस्टम, श्री शारदा इंडस्ट्रीज और सीबी कार्पोरेशन ने 8 रुपये में मिलने वाला EDTA ट्यूब 2,352 रुपए और 5 लाख वाली CBS मशीन 17 लाख में खरीदी। मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन ने 300 करोड़ रुपये के रीएजेंट भी खरीदा।

CGMSC घोटाला कैसे हुआ, कौन–कौन शामिल थे, पढ़िए इस रिपोर्ट में ?

कैसे खुला CGMSC घोटाले का राज ?

दरअसल, दिसंबर 2024 में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने दिल्ली में PMO, केंद्रीय गृहमंत्री कार्यालय, CBI और ED मुख्यालय जाकर CGMSC में घोटाले की शिकायत की थी। ननकीराम कंवर की शिकायत के बाद केंद्र से EOW को निर्देश मिला। इसके बाद EOW की टीम ने 5 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की।

जांच के दायरे में आने के बाद श्री शारदा इंडस्ट्रीज बंद

EOW की जांच होने के बाद श्री शारदा इंडस्ट्रीज प्रबंधन ने अपनी फर्म को बंद कर दिया है। कंपनी की साइट पर उसका स्टेट टेंपरेरी बंद बता रहा है। EOW के अनुसार आर.के नाम का कारोबारी इस कंपनी का संचालक है। यह कंपनी ग्राम तर्रा, तहसील धरसींवा रायपुर में स्थित है।

कंपनी संचालक को जांच के दायरे में लाया गया है। यह कंपनी 1 जुलाई 2017 को GST के दायरे में आई थी। कंपनी ने 5 जून 2024 को अपना अंतिम टैक्स जमा किया है।

EOW के अफसरों ने अपनी दस्तावेजों में स्पेशिफिकेशन का जिक्र किया है।

EOW के अफसरों ने अपनी दस्तावेजों में स्पेशिफिकेशन का जिक्र किया है।

कैसे मिलता था फर्म को टेंडर ?

दैनिक भास्कर डिजिटल के पास EOW की जांच रिपोर्ट के कुछ दस्तावेज हैं। इसके मुताबिक CGMSC के अधिकारियों ने मोक्षित कार्पोरेशन को 27 दिन में 750 करोड़ का कारोबार दिया। मेडिकल किट समेत अन्य मशीनों की आवश्यकता नहीं थी। इसके बावजूद सिंडिकेट की तरह काम किया गया।

मोक्षित कार्पोरेशन और श्री शारदा इंडस्ट्रीज ने कार्टेल बनाकर CGMSC में दवा सप्लाई के लिए टेंडर कोड किया। CGMSC के तत्कालीन अधिकारियों ने भी कंपनी के मनमुताबिक टेंडर की शर्त रखी, ताकि दूसरी कंपनी कॉम्पिटिशन में ना आ सके। कंपनियां शर्तें पूरी न कर सके और टेंडर की रेस से बाहर हो जाए।

दूसरी कंपनी टेंडर रेस से बाहर होने और CGMSC के अधिकारियों से डायरेक्ट सपोर्ट मिलने के कारण मोक्षित कॉर्पोरेशन और श्री शारदा इंडस्ट्रीज को ही टेंडर मिला। इसका सीधा फायदा उनके टर्न ओवर में होता था।

कंपनी ने इस ट्यूब की सप्लाई में मुनाफाखोरी की है।

कंपनी ने इस ट्यूब की सप्लाई में मुनाफाखोरी की है।

27 जनवरी को EOW की टीम ने की छापेमारी

दरअसल, 27 जनवरी को EOW की टीम ने रायपुर और दुर्ग में मोक्षित कॉर्पोरेशन के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके अलावा हरियाणा के पंचकुला में करीब 8 टीम ने दबिश थी। टीम ने शशांक के भाई, उनके रिश्तेदारों के घर और दफ्तरों में रेड कर दस्तावेज जब्त किए हैं।

इसके साथ ही EOW-ACB ने छापे के दौरान सप्लायर मोक्षित कॉर्पोरेशन के एमडी शशांक गुप्ता के बंगले, फैक्ट्री और पार्टनरों समेत 16 ठिकानों से बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए हैं। EOW की टीम MD के रिश्तेदारों और दोस्तों के घरों के साथ CGMSC के दफ्तर में भी जांच करने पहुंची थी।

EOW के अफसरों ने अपने दस्तावेजों में रख रखाव ना हाेने का जिक्र किया है।

EOW के अफसरों ने अपने दस्तावेजों में रख रखाव ना हाेने का जिक्र किया है।

कांग्रेस शासन काल में 300 करोड़ रुपए के रीएजेंट की खरीदी

वहीं, रीएजेंट सप्लाई से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। जरूरत न होते हुए भी कांग्रेस शासन काल में जनवरी 2022 से 31 अक्टूबर 2023 तक अरबों रुपए की खरीदी की है। इतना स्टॉक खरीद लिया गया था कि CGMSC और सभी बड़े अस्पतालों के गोदाम फुल हो गए।

इसके बाद CGMSC की ओर से मोक्षित कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड से 300 करोड़ रुपए के रीएजेंट क्रय कर राज्य के 200 से भी ज्यादा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भेज दिया गया, जबकि उन स्वास्थ्य केन्द्रों में रीएजेंट को उपयोग करने वाली CBS मशीन ही नहीं थी।

CGMSC के अधिकारियों ने इस किट को जरूरत नहीं पड़ने पर भी मोक्षित कार्पोरेशन से खरीदा।

CGMSC के अधिकारियों ने इस किट को जरूरत नहीं पड़ने पर भी मोक्षित कार्पोरेशन से खरीदा।

रीएजेंट की एक्सपायरी मात्र 2-3 माह की बची हुई थी और रीएजेंट खराब न हो, इसलिए छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन 600 फ्रिज खरीदने की भी तैयारी में लगी थी। रीएजेंट ऐसे हेल्थ सेंटरों में भेज दिया गया, जहां न लैब थी न तकनीशियन थे।

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जांजगीर-चांपा : जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार पोयाम ने परसाही नाला एवं अमलीपाली में निर्माणाधीन आवासों, सेग्रीगेशन शेड का किया निरीक्षण

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गुणवत्ता और समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

जांजगीर-चांपा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विनय कुमार पोयाम ने जनपद पंचायत अकलतरा अंतर्गत ग्राम पंचायत परसाही नाला एवं अमलीपाली में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने हितग्राहियों से चर्चा कर आवास निर्माण की स्थिति, गुणवत्ता, मजदूरी भुगतान एवं योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली।

      निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री पोयाम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक पात्र हितग्राही को 90 दिवस की अकुशल श्रमिक मजदूरी का लाभ अनिवार्य रूप से दिलाया जाए तथा निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) केवल आवास निर्माण की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन का आधार है। इसलिए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। प्रत्येक निर्माण स्थल का नियमित निरीक्षण कर लंबित एवं धीमी प्रगति वाले आवासों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए।

      जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में आने वाली समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए, हितग्राहियों से नियमित संपर्क बनाए रखते हुए उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाए तथा निर्माण की प्रगति की नियमित समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं तकनीकी एवं पंचायत अमला समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सभी स्वीकृत आवास समय पर पूर्ण होकर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। इस के दौरान सीईओ ने  ने ग्राम पंचायत अमलीपाली में संचालित सेग्रीगेशन शेड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की समीक्षा करते हुए कचरे के पृथक्करण, संग्रहण एवं वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही सेग्रीगेशन शेड का नियमित संचालन, साफ-सफाई बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान जनपद पंचायत सीईओ एवं जिला एवं जनपद पंचायत अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। 

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जांजगीर-चांपा : बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ: किशोरी बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन

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जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत एकीकृत बाल विकास परियोजना बलौदा के सेक्टर पहरिया के ग्राम पंचायत सत्तीगुडी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आत्मरक्षा प्रशिक्षण विषय पर किशोरी बालिकाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना बलौदा ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरी बालिकाओं में आत्मविश्वास का विकास करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर, निडर एवं सशक्त बनाना तथा संकट की परिस्थितियों में त्वरित एवं उचित निर्णय लेने के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में बालिकाओं को आत्मरक्षा के महत्व, व्यक्तिगत सुरक्षा, सतर्कता एवं हेल्पलाइन सेवाओं के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई।

      कार्यक्रम में बालिकाओं को खतरे की स्थिति की पहचान, सुरक्षित स्थान तक पहुंचने तथा आवश्यकता पड़ने पर महिला हेल्पलाइन एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं का प्रभावी उपयोग करने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। साथ ही विद्यालय, घर एवं सार्वजनिक स्थानों पर सदैव सतर्क रहने तथा किसी भी प्रकार की अनुचित घटना होने पर बिना झिझक अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचित करने की सलाह दी। आत्मरक्षा प्रशिक्षण केवल शारीरिक सुरक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मसंयम, मानसिक दृढ़ता, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता के विकास का प्रभावी साधन है। छात्राओं से नियमित अध्ययन के साथ खेल, योग एवं आत्मरक्षा गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, किशोरी बालिकाएं उपस्थित थे।

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जांजगीर-चांपा : महतारी वंदन योजना से बदली शकुंतला महंत की जिंदगी, मनिहारी स्टोर से बनीं आत्मनिर्भर

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जांजगीर-चांपा। महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि का सही उपयोग कर कई महिलाएं अपने छोटे-छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी एकीकृत बाल विकास परियोजना बम्हनीडीह के सेक्टर चाम्पा ग्रामीण अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र गुरूनानक-02 की निवासी श्रीमती शकुंतला महंत की है, जिन्होंने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का निवेश अपने मनिहारी  स्टोर में कर आज अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया है।

      श्रीमती शकुंतला महंत पहले अपने परिवार की आय बढ़ाने के लिए एक छोटा मनिहारी  स्टोर चलाती थीं। इससे उनकी आमदनी भी सीमित थी और परिवार की जरूरतें पूरी करना चुनौती बना रहता था। महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली 1,000 रुपये की सहायता राशि को उन्होंने खर्च करने के बजाय अपने व्यवसाय में निवेश करने का निर्णय लिया। हर माह मिलने वाली राशि से उन्होंने धीरे-धीरे दुकान में नए सामान जोड़ना शुरू किया। इस राशि का सदुपयोग करने से उनका कारोबार बढ़ा और ग्राहकों की संख्या में भी वृद्धि हुई। आज उनका मनिहारी  स्टोर परिवार की आय का मजबूत आधार बन चुका है। बढ़ी हुई आय से वे बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और अन्य आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर रही हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होने के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास भी पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।
      श्रीमती शकुंतला महंत बताती हैं कि महतारी वंदन योजना उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का एक सशक्त माध्यम साबित हुई है। उनका मानना है कि यदि इस राशि का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो छोटे-छोटे प्रयास भी बदलाव ला सकते हैं। श्रीमती शकुंतला महंत ने अपने जीवन में आए इस सकारात्मक परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें सम्मान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद दी है।

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