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पुणे में ऑनलाइन ठगी का ‘महा-जाल’: कारोबारी को लगा रू.7 करोड़ का चूना; टेलीग्राम पर भारी मुनाफे का लालच देकर लुटा

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पुणे, एजेंसी। महाराष्ट्र के पुणे शहर से साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शातिर गिरोह ने ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर एक कारोबारी की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये डकार लिए। पुणे के कोंढवा इलाके में रहने वाले 53 वर्षीय कारोबारी ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनके साथ 7 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की गई है।

टेलीग्राम के जरिए बिछाया जाल
पुलिस के अनुसार, इस ठगी की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई थी, जब साइबर अपराधियों ने टेलीग्राम के जरिए कारोबारी से संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को निवेश और फॉरेक्स ट्रेडिंग का एक्सपर्ट बताकर कारोबारी का भरोसा जीता और उन्हें भारी मुनाफे का लालच दिया। इसके बाद उन्हें ‘PU Prime’ नाम के एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का लिंक भेजकर अकाउंट बनाने को कहा गया।

किस्तों में हड़प लिए रू.7.07 करोड़
कारोबारी को भरोसा दिलाया गया कि निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और उन्हें कुछ ही समय में मोटा रिटर्न मिलेगा। झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने 10 अक्टूबर 2025 से लेकर 4 अप्रैल 2026 के बीच कई बैंक खातों में कुल 7,07,61,876 रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब लंबे समय तक कोई लाभ नहीं मिला और कारोबारी ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की, तो आरोपियों ने बहाने बनाने शुरू कर दिए। तब जाकर उन्हें एहसास हुआ कि वे एक संगठित साइबर गिरोह का शिकार हो चुके हैं।

पुणे में साइबर क्राइम की ‘बाढ़’
पुणे साइबर पुलिस अब उन टेलीग्राम अकाउंट्स, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है जिनका इस्तेमाल ठगी में किया गया। गौरतलब है कि पुणे में साइबर अपराध के मामलों में डराने वाला उछाल आया है। आंकड़ों के मुताबिक, जहां साल 2022 में 357 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 1,504 पहुंच गई है।

पुलिस की अपील: सावधानी ही बचाव है
डीसीपी विवेक मसल ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आम जनता को सलाह दी है कि किसी भी अनजान लिंक, लुभावने निवेश ऑफर या टेलीग्राम ग्रुप पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार के निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।

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विदेशी निवेशकों का बदला मूड, ताइवान-कोरिया से पैसा निकाल भारत-चीन में कर रहे निवेश

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विदेशी निवेशकों का बदला मूड, ताइवान-कोरिया से पैसा निकाल भारत-चीन में कर रहे निवेश

मुंबई,

वैश्विक निवेशकों की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर शेयरों से पैसा निकालकर विदेशी फंड अब भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों के बैंकिंग, आईटी और अन्य अपेक्षाकृत स्थिर सेक्टरों में निवेश बढ़ा रहे हैं। AI निवेश से मिलने वाले रिटर्न को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच यह बदलाव एशियाई बाजारों का निवेश परिदृश्य बदलता दिख रहा है।

ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिडेलिटी इंटरनेशनल, BNP Paribas और M&G Investments जैसे निवेशकों ने दक्षिण कोरिया और ताइवान के AI एवं सेमीकंडक्टर शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करना शुरू किया है। विश्लेषकों का कहना है कि AI पर हो रहे भारी निवेश से मिलने वाले वास्तविक रिटर्न को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे में फंड मैनेजर बैंकिंग, आईटी, ई-कॉमर्स और अन्य अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी बिकवाली का असर दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों पर भी दिखा है। निवेशकों की निकासी से दोनों बाजारों में दबाव बना हुआ है और अस्थिरता बढ़ी है।

भारत और चीन विदेशी निवेशकों का केंद्र

दूसरी ओर, भारत और चीन विदेशी निवेशकों के लिए फिर आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। जुलाई के दौरान भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ा है, जिससे आईटी सहित कई प्रमुख सेक्टरों को समर्थन मिला। वहीं, चीन में इंटरनेट कंपनियों और बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसके अलावा इंडोनेशिया और थाईलैंड के बाजारों में भी मजबूत तेजी देखने को मिल रही है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल तेज जोखिम वाले AI शेयरों की तुलना में बेहतर मूल्यांकन और स्थिर रिटर्न वाले बाजारों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।

एजेंसी।

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फोनपे का वित्त वर्ष 2025-26 में राजस्व बढ़कर 7,920 करोड़ रुपए पर

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वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी फोनपे की वित्त वर्ष 2025-26 में एकीकृत परिचालन आय 11.47 प्रतिशत बढ़कर 7,920 करोड़ रुपए हो गई। कंपनी रजिस्ट्रार के पास जमा की गई नियामकीय सूचना में यह जानकारी दी गई है। वित्त वर्ष 2024-25 में फोनपे ने 815 करोड़ रुपए की परिचालन आय दर्ज की थी। सरकार की तरफ से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए उद्योग को यूपीआई डिजिटल प्रोत्साहन (डीआई) राशि अभी तक जारी नहीं किए जाने के कारण इससे संबंधित आय को कंपनी के वार्षिक खातों में शामिल नहीं किया गया है। यह आय वित्त वर्ष 2026-27 के वित्तीय परिणामों में दर्ज होने की उम्मीद है।

वित्त वर्ष 2025-26 में सामान्य कारोबारी गतिविधियों के आधार पर फोनपे का शुद्ध घाटा 1,377 करोड़ रुपए रहा, जबकि कंपनी का कुल एकीकृत शुद्ध घाटा 2,792 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। कंपनी को वित्त वर्ष 2025-26 में हुए घाटे में कुछ एकमुश्त खर्च और आय भी शामिल रहे। इनमें कर्मचारी शेयर विकल्प योजना (ईएसओपी) से जुड़ा एकमुश्त खर्च, गैर-नकद परिसंपत्ति मूल्य में कमी, एक सहयोगी कंपनी में आंशिक हिस्सेदारी बेचने से प्राप्त लाभ और बंद किए गए कारोबार से हुआ नुकसान शामिल है।

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अब बैंक, बीमा और म्यूचुअल फंड के लिए एक ही कस्टमर ID, अगस्त से शुरू हो सकता है नया सिस्टम

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अब बैंक, बीमा और म्यूचुअल फंड के लिए एक ही कस्टमर ID, अगस्त से शुरू हो सकता है नया सिस्टम

देश के वित्तीय क्षेत्र में ग्राहकों की सुविधा बढ़ाने के लिए सरकार कॉमन कस्टमर ID सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रही है। इस व्यवस्था के तहत बैंक, बीमा और भविष्य में म्यूचुअल फंड जैसी सभी वित्तीय सेवाओं के लिए अलग-अलग कस्टमर ID की जरूरत नहीं होगी। शुरुआती चरण में बैंक और बीमा कंपनियां अगस्त से इस सिस्टम को अपनाने की तैयारी कर रही हैं, जबकि बाद में एसेट मैनेजमेंट कंपनियों को भी इससे जोड़ा जाएगा।

नए सिस्टम का आधार सेंट्रल नो योर कस्टमर (CKYC) होगा। इसके जरिए ग्राहक की सहमति मिलने पर एक बार सत्यापित की गई जानकारी का उपयोग विभिन्न वित्तीय संस्थानों में किया जा सकेगा। इससे बार-बार KYC दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता कम होगी और ग्राहक अपने रिकॉर्ड भी आसानी से देख सकेंगे।

जानकारों के मुताबिक, इस व्यवस्था पर करीब एक दशक से काम चल रहा है। इसका उद्देश्य सिंगापुर और यूरोपीय देशों की तरह एकीकृत डिजिटल पहचान ढांचा तैयार करना है, जिससे सभी वित्तीय उत्पादों तक पहुंच आसान और तेज हो सके।

नियामकों का मानना है कि कॉमन कस्टमर ID सिस्टम वित्तीय धोखाधड़ी की पहचान और रोकथाम में भी मदद करेगा। अगले चरण में म्यूचुअल फंड और ब्रोकरेज कंपनियों को भी इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), सेबी (SEBI) और इरडा (IRDAI) मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि देश में वित्तीय सेवाओं की पहुंच और उपयोग दोनों को बढ़ाया जा सके।

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