पटना,एजेंसी। बिहार में वोट अधिकार यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को मां की गाली देने पर मचे बवाल के बाद बिहार कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर एक AI जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो के बाद बिहार में सियासी पारा चढ़ गया है।
36 सेकेंड के AI जनरेटेड वीडियो में पीएम मोदी से मिलते शख्स और उनकी दिवंगत मां हीराबेन से मिलती जुलती महिला को दिखाया गया है। वीडियो के कैप्शन में लिखा है- साहब के सपनों में आईं मां। देखिए रोचक संवाद।
गुरुवार रात शेयर हुए इस वीडियो में दिखाया गया है, प्रधानमंत्री के सपने में उनकी मां आकर कह रही है कि राजनीति के लिए कितना गिरोगे?
भाजपा ने इस वीडियो को प्रधानमंत्री और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक बताते हुए कांग्रेस पर हमला किया है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस ने राजनीतिक बहस का स्तर गिरा कर सारी हदें पार कर दी हैं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ‘राहुल गांधी अब इतना नीचे गिर गए हैं। जैसे उनकी नकली मां है, अपनी मां की इज्जत का ख्याल नहीं है। वह दूसरे की मां को कहां से सम्मान देंगे।’
बिहार कांग्रेस के X हैंडल से 36 सेकेंड के इस AI जेनेरेटेड वीडियो को पोस्ट किया गया है।
पहले बीजेपी ने राहुल-तेजस्वी का वीडियो जारी किया
इससे 12 घंटे पहले बिहार बीजेपी के X हैंडल से एक AI जनरेटेड वीडियो शेयर किया गया था। जिसमें राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को मीडिया से बात करते हुए दिखाया गया।
वीडियो में सीएम फेस को लेकर सवाल हो रहा है। जिसके बाद राहुल के पीएम बनने और तेजस्वी के सीएम बनने पर दोनों बहस करते दिखाई दे रहे हैं।
कांग्रेस की ओर से जारी AI वीडियो में है क्या
बिहार कांग्रेस के X हैंडल पर जो AI जनरेटेड वीडियो जारी किया गया है। उसके कैप्शन में लिखा है, साहब के सपनों में आईं मां।
इसके बाद दो किरदार दिखाए गए हैं। जिसमें एक बुजुर्ग महिला (पीएम की मां से मिलती-जुलती) एक शख्स (पीएम से मिलते-जुलते) के सपनों में आती हैं।
कहती हैं ‘अरे बेटा पहले तो तुमने मुझे नोटबंदी की लाइनों में खड़ा किया। मेरे पैर धोने की रील्स बनवाई और अब बिहार में मेरे नाम पर राजनीति कर रहे हो।’
‘तुम मेरे अपमान के बैनर-पोस्टर छपवा रहे हो। तुम फिर बिहार में नौटंकी कर रहे हो। राजनीति के नाम पर कितना गिरोगे।’
सामाजिक-कानूनी रूप से सजा मिलेः गिरिराज
बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस के AI वीडियो पोस्ट पर कहा, ‘इसके लिए सामाजिक और कानूनी रूप से सजा मिलनी चाहिए। मोदी जी के मां का एआई वीडियो बनाना बहुत गलत है। इन पर फ्रॉड का केस होना चाहिए, जांच होनी चाहिए।’
‘राहुल गांधी अब यह साबित करना चाहते हैं कि हम फ्रॉड हैं, हम दुराचारी हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण रवैया है, और आने वाले दिनों में खुद इसका परिणाम भुगतना होगा। AI वीडियो बनाकर बहुत गलत किया गया है।’
डिप्टी CM विजय सिन्हा ने कहा,
बिहार कांग्रेस बिहार की संस्कृति और संस्कार से दूर जा चुकी है। ये अराजकता का प्रतीक है। इस तरह की मानसिकता भारतीय संस्कृति और संस्कार में कभी स्वीकार नहीं होगी। इसका जवाब जनता देगी और उन्हें सबक सिखाएगी।
BJP बोली- कांग्रेस को मां-बेटे की भावना की कद्र नहीं
बीजेपी प्रवक्ता अरविंद सिंह ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी नीचता के अंतिम पायदान पर चल रही है। ये लोग किसी भी व्यक्ति की भावनाओं से खेल रहे हैं।’
‘पीएम की दिवंगत माता का AI वीडियो जारी करना बहुत बड़ा दुर्भाग्य है। इनको पता नहीं है कि मां की भावना क्या होती है, पुत्र की भावना क्या होती है।’
कांग्रेस के पोस्ट पर बिहार बीजेपी के एक्स हैंडल से उसी AI वीडियो को री पोस्ट कर लिखा- ‘कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी जी की स्वर्गवासी माताजी जी के बार-बार अपमान की कसम खा ली हैं। कुछ नहीं मिला तो नकली वीडियो के जरिए पीएम मोदी जी की माता जी के नकली वीडियो में उनके मुंह से वो शब्द बोलते दिखा रही है, जो उनका सरासर अपमान है।’
JDU सांसद बोले- कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए
जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा, ‘कांग्रेस से गांधीवादी विचारधारा की उम्मीद नहीं की जा सकती है। देश के सम्मानित पद पर बैठे प्रधानमंत्री और उनकी मां को जो पार्टी गाली देने से न हिचके, उससे क्या उम्मीद की जा सकती है।’ ‘वोटर अधिकार यात्रा के दौरान पहले प्रधानमंत्री और उनकी मां को गाली दी गई। अब AI जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दोबारा इस रिश्ते का अपमान किया गया।’
‘देश की जनता सब कुछ देख रही है। ये अपमान नहीं सहेगी। इसका जवाब उन्हें जरूर मिलेगा। कांग्रेस के नेताओं को इस वीडियो के लिए माफी मांगनी चाहिए।’
RJD बोली- इमोशनल कार्ड खेल रही BJP
राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा, ‘बिहार में जिस तरह से अत्याचार की घटना हो रही हैं, हत्याओं का दौर जारी है, माताओं की आंखों में आंसू है। उन आंसुओं को भी भारतीय जनता पार्टी के नेता महसूस करें। उन माताओं के प्रति भी भारतीय जनता पार्टी के नेता विचार व्यक्त करें, जिनके बच्चे बेरोजगारी के कारण दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। उनको लोकतंत्र में लाठी तंत्र के सहारे कहीं ना कहीं हांकने का प्रयास किया जा रहा है।’
‘बिहार में ऐसा लगता है कि सरकार नाम की चीज ही नहीं है। सरकार और सरकार की स्थिति दयनीय हो गई है। उससे ध्यान भटकाने के लिए भारतीय जनता पार्टी इमोशनल कार्ड खेलना चाहती है।’
वहीं पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, ‘ऐसे संस्कार केवल भाजपा ही दे सकती है।’
27 अगस्त को पीएम को मां की गाली दी गई
दरभंगा में 27 अगस्त को राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के लिए बनाए गए स्वागत मंच से पीएम मोदी को गाली दी गई।
पुलिस ने गाली देने वाले मोहम्मद रिजवी को 28 अगस्त की रात गिरफ्तार कर लिया था। वो पंक्चर की दुकान चलाता है।
27 अगस्त को वोटर अधिकार यात्रा के दौरान दरभंगा में राहुल-तेजस्वी के लिए बने स्वागत मंच से पीएम मोदी को मां की गाली दी गई थी।
2 सितंबर को PM मोदी गाली पर बोलते हुए भावुक हुए
PM मोदी ने मंगलवार (2 सितंबर) को जीविका दीदियों के कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा, ‘मेरी मां का राजनीति से कोई लेना-नहीं है। वो इस दुनिया में भी नहीं हैं।
फिर भी उन्हें कांग्रेस-RJD के मंच से गाली दी गई। इस घटना की जितनी पीड़ा मेरे दिल में है, उतनी ही तकलीफ मेरे बिहार के लोगों के दिल में भी है। मैं आपसे अपना दुख साझा कर रहा हूं, ताकि मैं इस पीड़ा को झेल पाऊं।’
2 सितंबर को PM मोदी अपनी मां को याद कर भावुक हो गए थे। उन्हें सुनकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल रो पड़े थे।
नई दिल्ली, एजेंसी। फेस्टिव सीजन चल रहा है। इस दौरान लोग अपने घर जाने की तैयारियां करते हैं। अपने घर जाने के लिए लोग ट्रेन से जाते हैं। यदि आप अक्टूबर के महीने में ट्रेन का सफर करने वाले हैं, तो थोड़ा सावधान हो जाए। असल में सेंट्रल रेलवे 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक, खास ‘टिकट चेकिंग अभियान’ चलाने जा रहा है।
आइए आपको बताते हैं रेलवे के ये नए नियम क्या हैं और आपको ट्रैवल करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी है।
कम से कम एक ओरिजिनल ID होना है जरूरी
इस अभियान के चलते सबसे बड़ा नियम है ‘वन टिकट, वन ओरिजिनल आईडी’। रेलवे के अधिकारियों ने साफ कहा है कि अब सफर के समय सिर्फ टिकट होना ही काफी नहीं है, बल्कि आपके पास अपना ओरिजिनल पहचान पत्र होना जरुरी है।
उदाहरण के तौर पर, यदि आप अपने परिवार के चार लोगों के लिए एक ही टिकट बुक किया है, तो उन चारों में से कम से कम किसी एक व्यक्ति के पास उसका ओरिजिनल आईडी कार्ड होना बहुत जरुरी है। यदि चेकिंग के दौरान असली आईडी नहीं दिखा पाए, तो टीटीई उस पर यात्रा करने वाले सभी लोगों को बिना टिकट मान सकता है और आप पर जुर्माना लग सकता है।
कोटा और ई-पास वालों के लिए नियम सख्त
रेलवे के मुताबिक, अगर आप किसी खास कोटे या कंसेशन पर सफर कर रहे हैं? यदि हां, तो आपको अपनी पात्रता को साबित करने के लिए सभी दास्तावेज ओरिजिनल ही साथ रखें। इतना ही नहीं, जो लोग रेलवे के ई-पास या पीटीओ का इस्तेमाल करके यात्रा करने पर, आपको असली पहचान पत्र दिखाना होगा। उनकों इस बात का ध्यान देना होगा कि ट्रेन में बैठने से पहले उनका ई-पास संबंधित अथॉरिटी से सही तरीके से एक्सचेंज करा लिया गया हो।
जनरल टिकट वालों की भी होगी हाई-टेक चेकिंग
दरअसल, यह चेकिंग अभियान सिर्फ स्लीपर या एसी कोच तक ही नहीं, बल्कि आप जनरल डिब्बे में सफर कर रहे हैं, तो आप वहां भी चेकिंग स्टाफ टिकटों की असलियत जांचेगा। वहीं, जरुरत पड़ने पर रेलवे अधिकारी टीटीई ऐप की मदद से किसी भी टिकट को तुरंत वेरिफाई कर सकते हैं।
भारतीय रेलवे क्यों कर रहा है इतनी सख्ती
सेंट्रल रेलवे ने बताया है कि, इसके पीछे मकसद है सिस्टम में होने वाली धोखाधड़ी को खत्म करना है, जाने इसके मुख्य कारण है-
– भारतीय रेलवे में होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकना।
– वहीं, रिजर्वेशन की सुविधाओं का जो लोग गलत फायदा उठाते हैं, उन लोगों को पकड़ना।
– इसके अलावा, पास और कंसेशन के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम लगाना।
– सही यात्रियों की पहचान करना और टिकटों की वैधता जांचना।
चेकिंग में कौन-कौन से पहचान पत्र चलेंगे?
इस बीच, रेलवे ने उन दास्तावेजों की एक लिस्ट भी दी है, जिन्हे आप सफर के दौरान अपनी पहचान साबित करने के लिए दिखा सकते हैं ये ओरिजनल आईडी-
-आधार कार्ड -वोटर आईडी कार्ड -पासपोर्ट या पैन कार्ड -ड्राइविंग लाइसेंस – केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले फोटो और सीरियल नंबर वाला कार्ड – मान्यता प्राप्त स्कूल/कॉलेज का फोटो वाला स्टूडेंट आईडी कार्ड – किसी राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक, जिस पर आपकी फोटो लगी हो। – बैंक का क्रेडिट कार्ड जिस पर आपकी लैमिनेटेड फोटो हो।
नई दिल्ली, एजेंसी। आमतौर पर शेयर बाजार सोमवार से शुक्रवार तक खुले रहते हैं। मार्केट में शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है। कई बार किसी खास मौके, पर्व और त्योहार पर भी बाजार बंद होता है। कल से लगातार तीन दिन शेयर बाजार में कारोबार नहीं होगा। शुक्रवार (02 अक्टूबर) को गांधी जयंती है, ऐसे में BSE और NSE बंद रहेंगे। इसके बाद शनिवार और रविवार की नियमित छुट्टी के कारण बाजार अब सीधे सोमवार, 5 अक्टूबर को खुलेगा।
2 अक्टूबर को क्यों बंद रहेगा बाजार?
महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर को देशभर में राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाई जाती है। इसी के चलते भारतीय शेयर बाजार में भी इस दिन ट्रेडिंग नहीं होगी। निवेशकों को शुक्रवार को इक्विटी, डेरिवेटिव्स समेत बाजार से जुड़े कारोबार के लिए बाजार बंद मिलेगा।
2026 में शेयर बाजार की प्रमुख छुट्टियां
अवसर
तारीख
दिन
दशहरा
20 अक्टूबर
मंगलवार
दिवाली बलिप्रतिपदा
10 नवंबर
मंगलवार
गुरु नानक देव जी का प्रकाश गुरुपर्व
24 नवंबर
मंगलवार
क्रिसमस
25 दिसंबर
शुक्रवार
आज बाजार में रही गिरावट
आज (1 अक्टूबर) शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 0.79 फीसदी यानी कि 570.59 अंक गिरकर लाल निशान में 71,909.70 पर बंद हुआ। इस दौरान इसके 30 शेयरों में से केवल 6 में बढ़त दिखी, जबकि 24 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें इन्फोसिस में सबसे अधिक 4.02 फीसदी की तेजी और मारुति में सबसे ज्यादा गिरावट 4.59 फीसदी नजर आई।
वहीं, 50 शेयरों वाला निफ्टी 0.88 फीसदी यानी 198.50 अंक लुढ़ककर 22,421.95 पर बंद हुआ। इसके 50 शेयरों में से 13 में तेजी और 37 में गिरावट दर्ज की गई।
नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार ने त्योहारों के मौसम में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति और उचित कीमत सुनिश्चित करने के लिए डीलर के पास चीनी रखने की सीमा घटाकर 1,000 क्विंटल कर दी। यह सीमा 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगी और डीलर अधिकतम 15 दिन तक का स्टॉक रख सकेंगे। इसके साथ ही, खाद्य मंत्रालय ने कहा कि कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्र तथा असम में क्षेत्र विशेष की जरूरतों को देखते हुए स्टॉक सीमा 2,000 क्विंटल होगी।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि एक अक्टूबर से नए चीनी सत्र की शुरुआत के साथ त्योहारी अवधि में ग्राहकों को उचित कीमत पर चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार कदम उठा रही है। मंत्रालय ने कहा, ”चीनी की मात्रा और उसे रखने की अवधि सीमित करके सरकार का उद्देश्य आपूर्ति शृंखला में चीनी की व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के लिए इसकी लगातार उपलब्धता बनाए रखना है।”
कोलकाता और असम के लिए अलग सीमा
कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्र तथा असम के लिए अलग स्टॉक सीमा उस क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर तय की गई है। मंत्रालय ने कहा कि कोलकाता… उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से चीनी खरीदता है और पूर्वी भारत के साथ पूर्वोत्तर राज्यों को भी इसकी आपूर्ति करता है।
मंत्रालय ने कहा कि असम के लिए सीमा तय करते समय भौगोलिक परिस्थितियों, परिवहन सुविधाओं और पूर्वोत्तर के उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखा गया है। उसने कहा कि संशोधित नियमों का उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला में चीनी के अनावश्यक भंडारण को रोकना और मिलों से डीलर के जरिये अंतिम उपभोक्ता तक इसकी सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
भंडारण और जमाखोरी पर रोक का उद्देश्य
यह कदम जमाखोरी, सट्टेबाजी और डीलर द्वारा स्टॉक जमा करने पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है। इससे पहले अगस्त में सरकार ने डीलर के लिए देशभर में 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा तय की थी। यह सीमा एक अगस्त से 30 नवंबर तक लागू की गई थी। इसके तहत चीनी मिलने की तारीख से अधिकतम 30 दिन तक स्टॉक रखने की अनुमति थी। बाद में 15 सितंबर से यह सीमा घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी गई।
चीनी के खुदरा दाम में 15% गिरावट
मंत्रालय के मुताबिक, चीनी का औसत खुदरा मूल्य अगस्त के उच्चतम स्तर से अब 15 प्रतिशत घट चुका है और आपूर्ति शृंखला में कम कीमतों का लाभ मिलने के साथ इसमें आगे भी गिरावट आने की उम्मीद है। मिलों की कीमतों में करीब 28 प्रतिशत की गिरावट आई है और वे पिछले तीन सप्ताह से स्थिर हैं।
सरकार ने कहा कि चीनी मिलों, डीलर, थोक विक्रेताओं और अन्य बाजार प्रतिभागियों को चीनी की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करनी चाहिए और जमाखोरी एवं सट्टेबाजी रोकनी चाहिए। थोक और खुदरा विक्रेताओं से मिलों की कीमतों में आई तेज गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं तक ‘तत्काल’ पहुंचाने को कहा गया है।