कोरबा। कोरबा जिले में एक व्यवसायी के मकान पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर दी। देशी कट्टे से चली एक गोली दुकान के शटर में लगी, जबकि दूसरी गोली दरवाजे के पार हो गई। लोगों की सूझबूझ और साहस से बस में सवार होकर भाग रहा एक आरोपी पकड़ा गया।
पुलिस ने इस मामले में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार और वाहन बरामद कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि यह विवाद कथित लव जिहाद और एक प्रेमी जोड़े के भागने और फिर लौटने से जुड़ा है। इसी विवाद के चलते उत्तर प्रदेश से किराए के शूटर बुलवाकर वारदात को अंजाम दिया गया।
तौसीफ के घर फायरिंग करने वाले पुलिस ने तीन आरोपी को पकड़ा
घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर में मौजूद थे
यह मामला कटघोरा थाना क्षेत्र के कसनियां गांव का है। ग्राम कसनियां में सिकंदर मेमन अपने परिवार के साथ रहते हैं और अपने मकान के सामने ही उनकी एक दुकान है। घटना की रात परिवार के सभी सदस्य घर में मौजूद थे। रात लगभग 9:45 बजे उन्हें गोली चलने की आवाज सुनाई दी। इस पर वे घर से बाहर निकले। इस दौरान एक बाइक सवार युवक घर के सामने खड़ा था।
परिवार के सदस्यों को बाहर निकलते देख उसने दूसरी बार गोली चला दी। फायरिंग होते देख परिवार के सदस्य तुरंत घर के अंदर चले गए। बदमाशों द्वारा चलाई गई एक गोली शटर में जा लगी, जबकि दूसरी गोली दरवाजे के पार हो चुकी थी। गनीमत रही कि परिवार के किसी सदस्य को कोई चोट नहीं आई।
ग्राम कसनियां में
भागते वक्त लोगों ने आरोपी को पकड़ा
घटना को अंजाम देने के बाद बाइक सवार बदमाश भाग रहा था, लेकिन थोड़ी दूर जाने के बाद वह बाइक सहित सड़क पर गिर गया। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए कपड़े भी बदल लिए थे। इलाके के लोगों ने उसे पकड़ा लिया।
पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी शूटर दुर्गेश पांडे और कोरबा शहर के हर्ष सिंह और आशीष जांगड़े को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई बाइक और देसी कट्टा भी बरामद कर लिया है। मुख्य आरोपी की तलाश अभी जारी है।
कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि मामले में तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल से गोली बरामद किया।
तौसीफ मेमन बोले- कोर्ट में आवेदन से पहले घर पर की गई फायरिंग
शादी से पहले ही घर पर फायरिंग, पहले से मिल रही थीं धमकियां
तौसीफ मेमन ने बताया कि उनके प्रेम संबंध और शादी को लेकर जो मामला चल रहा है, उसे लेकर वे पहले हाईकोर्ट गए थे। कोर्ट ने उन्हें स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह करने का सुझाव दिया था। इसके बाद उन्होंने अपर कलेक्टर कार्यालय में शादी के लिए आवेदन भी दिया था, लेकिन 18 सितंबर को वह आवेदन खारिज कर दिया गया।
तौसीफ ने कहा, हम आज जिला अदालत (डिस्ट्रिक्ट कोर्ट) में दोबारा आवेदन देने जा रहे थे, लेकिन उससे पहले ही हमारे घर पर फायरिंग हो गई।
उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी उन्हें फोन और व्हाट्सऐप के जरिए धमकियां मिल रही थीं। धमकी देने वाला खुद को विश्व हिंदू परिषद से जुड़ा बता रहा था। तौसीफ ने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
तौसीफ के चाचा सिकंदर मेमन का आरोप, तिलमिलाकर कांड करवाए
तौसीफ के चाचा सिकंदर मेमन ने बताया, मेरे भतीजे के कोर्ट मैरिज के लिए हाईकोर्ट से आदेश लेकर आए थे। कोर्ट के आदेश के तहत अपर कलेक्टर के यहां आवेदन लगाए थे। लेकिन अपर कलेक्टर ने आवेदन खारिज कर दिया था। इसके बाद कोरबा जिला कोर्ट में आवेदन लगाने वाले थे। इसी से तिलमिलाकर कांड करवाए हैं।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, कटघोरा निवासी कॉलेज की छात्रा 21 अप्रैल 2025 को घर से कॉलेज जाने के नाम पर निकली थी, जिसके बाद वो लापता हो गई। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन छात्रा नहीं मिली। इससे परेशान होकर उन्होंने थाने में गुमशुदगी की शिकायत की।
कोलकाता में युवक-युवती ने किया निकाह
जांच के दौरान पता चला कि युवती को तौसीफ मेनन के साथ कोलकाता में देखा गया है, जहां कथित रूप से मस्जिद में निकाह कराया गया है। पुलिस ने दोनों को कोरबा लाकर पूछताछ की, फिर युवती को तौसीफ के घर भेज दिया गया। हिंदू संगठनों के हस्तक्षेप पर कोरबा के सखी सेंटर में रखा गया।
इसके बाद तौसीफ ने खुद को युवती का पति बताते हुए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने 15 मई को याचिकाकर्ता को एक लाख रुपए की राशि जमा करने के निर्देश दिए थे। रकम जमा होने के बाद केस की सुनवाई हुई। युवती और उसके माता-पिता भी हाईकोर्ट में उपस्थित हुए थे।
कोर्ट ने सुनवाई करते हुए युवक-युवती की शादी को वैध नहीं ठहराया था। कोर्ट यह भी कहा था कि हालांकि युवक-युवती दोनों बालिग हैं, इसलिए दोनों स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह करने के लिए स्वतंत्र हैं।
इसी आदेश के तहत तौसीफ मेमन ने कोरबा विवाह कार्यालय में आवेदन दिया था। हालांकि, परिवार और कुछ हिंदू संगठनों की आपत्ति के चलते यह आवेदन निरस्त कर दिया गया। अब करीब दो महीने बाद दोबारा विवाह के लिए आवेदन करने की तैयारी की जा रही है।
नाम और पहचान छिपाकर विवाह करने का आरोप
युवती के परिजन के वकील ने बताया कि युवक ने नाम छिपाकर शादी की है, जो अवैधानिक है। लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। साथ ही लव जिहाद का आरोप लगाया था। कोर्ट ने सुनवाई के बाद लड़की को सखी सेंटर में रखने का निर्देश दिए हैं।
बिलासपुर/कोरबा। आज दिनाँक 30.09.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त हुए 09 कर्मियों को मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में उन्हें शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।
मुख्यालय प्रशासनिक भवन के कान्फ्रेन्स हाल में मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन एवं निदेशक (तकनीकी)–संचालन रमेश चंद्र महापात्र के मुख्य आतिथ्य, विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रमसंघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में कैलाश चंद्र साहू , महाप्रबंधक (खनन), ओएसडी सीएमडी सचिवालय , अजय तिवारी, महाप्रबंधक (खनन), भूमिगत खदान विभाग, विश्वजीत मोइत्रा, उप महाप्रबंधक (उत्खनन) आंतरिक अंकेक्षण विभाग, राजेंद्र कुमार गुजर, सीनियर डीईओ, ए-1 वन विभाग, मुनिराम सतनामी, कार्यालय अधीक्षक निदेशक (मा. सं.) सचिवालय, शुभेंदु चटर्जी, वरिष्ठ तकनीकी निरीक्षक ए-1 गुणवत्ता नियंत्रण विभाग, मिनीश्वर प्रसाद जांगड़े, वरिष्ठ सुरक्षा निरीक्षक सुरक्षा विभाग, वृन्दावन, सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक सुरक्षा विभाग तथा तपोधन मिश्रा, फोरमेन इंचार्ज, ग्रेड–ए-1 इंदिरा विहार सब-स्टेशन को सेवानिवृत्ति पर विदाई दी गयी। इस अवसर पर शीर्ष प्रबंधन ने अपने-अपने उद्बोधन में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के योगदान एवं कार्यकौशल से ही कम्पनी सफलता के मुकाम पर पहुँची है। सेवानिवृत्त कर्मियों के योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। अंत में उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मियों के सपरिवार उज्ज्वल भविष्य की ईश्वर से कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यहाँ के कर्मचारियों में कार्य के प्रति बहुत ही निष्ठा है। यहाँ के अधिकारी-कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर साथ में कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय पढ़ते हुए सफलतापूर्वक उद्घोषणा का दायित्व प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने निभाया।
गाँव स्थानीय जरूरत और संसाधनों के आधार पर बनेगा प्लान
युक्तधारा से परिसंपत्तियों की मैपिंग और वाटर बजट से तय होंगी जल संरक्षण की प्राथमिकताएं
कोरबा, 30 सितम्बर 2026। गांव में क्या चाहिए और विकास की सबसे पहली जरूरत क्या है, अब इसका निर्धारण गांव के लोग, स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर करेंगे। विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने के लिए बुधवार को जिला पंचायत के सभा कक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्यगण एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामों के समग्र एवं सतत विकास के लिए विकसित भारत-जी राम जी के तहत विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि योजनाओं में हुए बदलावों और नई व्यवस्थाओं से ग्राम विकास को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन ने कहा कि विकसित ग्राम पंचायत प्लान स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं के आधार पर तैयार किया जाएगा। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत में उपलब्ध परिसंपत्तियों की मैपिंग की जाएगी, जबकि वाटर बजट के आधार पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि ग्राम सभा इस पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होगी। ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों के आधार पर रोजगार, जल सुरक्षा, आजीविका, ग्रामीण अधोसंरचना और स्थायी परिसंपत्तियों से जुड़े कार्यों को एकीकृत योजना में शामिल किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिले और गांव में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हो।
युक्तधारा बताएगा कहां है जरूरत और कहां बन सकता है काम
प्रशिक्षण में सहायक परियोजना अधिकारी संदीप डिक्सेना ने मैदानी अमले को विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत में उपलब्ध परिसंपत्तियों की मैपिंग, स्थानीय आवश्यकताओं की प्रविष्टि, विकासात्मक अंतराल की पहचान तथा संभावित कार्यस्थलों के चयन की ऑनलाइन प्रक्रिया समझाई गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि उपलब्ध संसाधनों और मौजूदा परिसंपत्तियों का आकलन कर विकास कार्यों की आवश्यकता एवं प्राथमिकता का बेहतर निर्धारण किया जा सकेगा। इससे ग्राम पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्यों का चयन किया जाएगा।
वाटर बजट से तय होगी गांव की जल जरूरत और संरक्षण की प्राथमिकता
प्रशिक्षण में वाटर बजट पर विशेष जोर दिया गया। ग्राम पंचायत में उपलब्ध जल संसाधनों तथा पानी की आवश्यकता का आकलन कर जल संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इससे गांव की वर्तमान एवं भविष्य की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त कार्यों का चयन किया जा सकेगा।
अधिकारियों ने बताया कि सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन और ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों की जरूरतों एवं सुझावों को विकसित ग्राम पंचायत प्लान में शामिल किया जाएगा। इस प्रकार ग्रामीणों की भागीदारी, स्थानीय संसाधनों का आकलन और वैज्ञानिक तरीके से तैयार वाटर बजट ग्राम पंचायतों की विकास योजना का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
विकसित ग्राम पंचायत प्लान के माध्यम से रोजगार सृजन, जल सुरक्षा, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना एवं स्थायी परिसंपत्तियों को आपस में जोड़ते हुए कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी। इससे ग्राम पंचायतों में जरूरत आधारित और परिणाममूलक विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रशिक्षण में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया एवं श्रीमती सुष्मिता अनंत, कार्यपालन अभियंता आरईएस श्रीमती यामिनी, कार्यक्रम अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर, तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा । कोरबा के मिशन रोड में एक परिवार के लिए दिन की शुरुआत डर और दुख के साथ हुई। परिवार जब अपने पालतू तोतों को देखने पिंजरे के पास पहुंचा तो अंदर करीब 5 फीट लंबा नाग फन फैलाए बैठा था। पिंजरे में मौजूद दूसरा तोता जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था।
पिंजरे में फन फैलाए बैठे नाग का रेस्क्यू
परिवार ने बताया कि उन्होंने दो तोतों को लंबे समय से बच्चे की तरह पाल रखा था। पिंजरे के अंदर देखने पर पता चला कि नाग एक तोते का शिकार कर चुका था। अपने पालतू को इस तरह खोने से परिवार भावुक हो गया, जबकि दूसरे तोते की जान भी खतरे में थी।
बाद में प्राकृतिक रहवास में छोड़ा गया
छोटे पिंजरे में फन फैलाए बैठा था नाग
परिवार ने तुरंत नोवा नेचर फाउंडेशन के वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को सूचना दी। जानकारी मिलते ही उन्होंने टीम सदस्य बॉबी श्रीवास को मौके पर भेजा।
बॉबी ने मौके पर पहुंचकर सावधानी से रेस्क्यू शुरू किया। पिंजरा छोटा था और नाग फन फैलाए हुए था, ऐसे में सांप को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद टीम ने सुरक्षित तरीके से नाग को रेस्क्यू कर लिया।
शरीर पर मिले संघर्ष के निशान
रेस्क्यू के दौरान नाग के शरीर पर संघर्ष के निशान भी दिखाई दिए। इससे अंदाजा लगाया गया कि शिकार बना तोता अपनी जान बचाने के लिए काफी देर तक संघर्ष करता रहा होगा। नाग को सुरक्षित रेस्क्यू बैग में रखने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। बाद में वन विभाग के नियमानुसार नाग को उसके प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
बोले- सांप का कोई दोष नहीं
नोवा नेचर फाउंडेशन के जितेंद्र सारथी ने कहा कि परिवार के लिए अपने पालतू तोते को खोना बेहद दुखद है। लेकिन प्रकृति के नजरिए से देखें तो यह फूड चेन और इकोसिस्टम का हिस्सा है। सांप अपना भोजन तलाशते हुए पिंजरे में घुसा था, इसलिए इसमें सांप का कोई दोष नहीं है।