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अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर 24 घंटे में 1200 बम गिराए:सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत, बेटी-दामाद, बहू-पोती भी मारी गईं, ईरान बोला- खतरनाक बदला लेंगे

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तेल अवीव/तेहरान,एजेंसी। इजराइल और अमेरिका ने पिछले 24 घंटे में ईरान पर 1,200 से ज्यादा बम गिराए हैं। इजराइली वायुसेना ने यह जानकारी दी है। इन हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है।

खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर शनिवार को 30 मिसाइलों से हमला हुआ था। हमले में उनकी बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 कमांडर्स भी मारे गए हैं। हमले के समय खामनेई कमांडर्स के साथ मीटिंग कर रहे थे।

इजराइल के प्रधानमंती नेतन्याहू ने शनिवार देर रात खामनेई के मारे जाने की बात कही थी। इसके कुछ देर बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी उनके मारे जाने का दावा किया था। रविवार सुबह ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी ‘तसनीम’ और ‘फार्स’ ने इसकी पुष्टि की।

इधर ईरानी सेना ने कहा कि वह सबसे खतरनाक अभियान की शुरुआत करने जा रही है। ईरान ने इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के कई देशों में हमले शुरू कर दिए हैं। इजराइल में एक हमले में 4 लोगों की मौत हो गई है।

ईरान में 200 की मौत, 740 घायल

इजराइल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत 10 बड़े शहरों को निशाना बनाया। हमलों से अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 148 छात्राओं की मौत हो गई और 45 घायल हैं। ईरान ने भी देशों पर जवाबी हमले किए थे।

वहीं, खामनेई के मारे जाने पर ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है। ईरानी इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा, ‘हमने एक महान नेता खो दिया है और पूरा देश शोक मना रहा है।’

इजराइली सेना IDF ने तेहरान में हमले का फुटेज जारी किया है। इसमें ईरान के रक्षा मुख्यालय समेत कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया था।

इजराइली सेना IDF ने तेहरान में हमले का फुटेज जारी किया है। इसमें ईरान के रक्षा मुख्यालय समेत कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया था।

इजराइल के तेल अवीव में मिसाइल के टकराने से जोरदार विस्फोट हुआ।

इजराइल के तेल अवीव में मिसाइल के टकराने से जोरदार विस्फोट हुआ।

तेल अवीव में ईरानी मिसाइल हमले के बाद क्षतिग्रस्त अपार्टमेंट से जान बचाकर बाहर भागते लोग।

तेल अवीव में ईरानी मिसाइल हमले के बाद क्षतिग्रस्त अपार्टमेंट से जान बचाकर बाहर भागते लोग।

ईरानी हमले में तेल अवीव में कई गाड़ियां जल कर राख हो गईं। हमले के बाद जलती हुई कार को बुझाता दमकलकर्मी।

ईरानी हमले में तेल अवीव में कई गाड़ियां जल कर राख हो गईं। हमले के बाद जलती हुई कार को बुझाता दमकलकर्मी।

ईरानी हमले के बाद इजराइल के एक इलाके में 4 फीट गहरा गड्ढा बन गया।

ईरानी हमले के बाद इजराइल के एक इलाके में 4 फीट गहरा गड्ढा बन गया।

ईरान की राजधानी तेहरान में सुप्रीम लीडर खामेनेई के घर के पास हमला हुआ।

ईरान की राजधानी तेहरान में सुप्रीम लीडर खामेनेई के घर के पास हमला हुआ।

ईरान में इजराइली हमले के बाद कई लोग मलबे में दब गए, जिन्हें बाद में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर निकाला गया।

ईरान में इजराइली हमले के बाद कई लोग मलबे में दब गए, जिन्हें बाद में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर निकाला गया।

अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में जानिए…

  • अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को ईरान के धार्मिक शहर मशहद में एक मौलवी परिवार में हुआ था। वे खोमैनी शाह की नीतियों के खिलाफ थे और इस्लामी शासन की वकालत करते थे।
  • 1963 में शाह के खिलाफ भाषण देने पर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। धीरे-धीरे वे सरकार विरोधी आंदोलन का बड़ा चेहरा बन गए और खोमैनी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाने लगे।
  • 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति हुई और शाह की सरकार गिर गई। खोमैनी देश लौटे और नई इस्लामी सरकार बनाई। खामेनेई को क्रांतिकारी परिषद में जगह मिली और बाद में उप रक्षामंत्री बनाया गया।
  • 1981 में तेहरान की एक मस्जिद में भाषण के दौरान खामेनेई पर बम हमला हुआ। उसी साल एक और बम धमाके में तत्कालीन राष्ट्रपति की मौत हो गई। इसके बाद हुए चुनाव में खामेनेई भारी बहुमत से जीतकर ईरान के तीसरे राष्ट्रपति बने।
  • 1989 में खोमैनी के निधन के बाद खामेनेई को देश का सर्वोच्च नेता यानी ‘रहबर’ बनाया गया। इसके लिए संविधान में बदलाव भी किया गया। समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का मजबूत रक्षक मानते हैं, जबकि आलोचक उन पर सख्त और कट्टर शासन चलाने का आरोप लगाते हैं।

खामेनेई की तस्वीरें…

1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के एक प्रोटेस्ट में खामेनेई।

1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के एक प्रोटेस्ट में खामेनेई।

1980 में तेहरान यूनिवर्सिटी के बाहर बैठे खामेनेई। वो अपनी सादगी के लिए जाने जाते थे।

1980 में तेहरान यूनिवर्सिटी के बाहर बैठे खामेनेई। वो अपनी सादगी के लिए जाने जाते थे।

1981 में हत्या की कोशिश के बाद घायल खामेनेई को दक्षिणी तेहरान के बहारलू हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था।

1981 में हत्या की कोशिश के बाद घायल खामेनेई को दक्षिणी तेहरान के बहारलू हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था।

ईरान का पलटवार- इजराइल समेत 9 देशों पर हमला

अमेरिका और इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों में इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के 9 देशों को निशाना बनाया गया।

ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं और कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब व UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया।

ईरान ने दुबई के पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला किया। इसके अलावा बहरीन में कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया।

ईरान-इजराइल के बीच विवाद

  1. न्यूक्लियर प्रोग्राम: अमेरिका को शक है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर सकता है। इसी वजह से उसने कई बार उस पर पाबंदियां लगाईं। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ बिजली बनाने और वैज्ञानिक रिसर्च के लिए है, हथियार बनाने के लिए नहीं।
  2. बैलिस्टिक मिसाइल मुद्दा: परमाणु समझौते की बातचीत में ईरान का मिसाइल प्रोग्राम सबसे बड़ा अड़ंगा बना हुआ है। ईरान साफ कहता है कि उसकी बैलिस्टिक मिसाइलें उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी हैं और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। वह इसे अपनी “रेड लाइन” मानता है।
  3. इजराइल को लेकर टकराव: अमेरिका, इजराइल का सबसे बड़ा समर्थक है। वहीं ईरान इजराइल का खुलकर विरोध करता है और उस पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाता है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ जाता है।
  4. मिडिल ईस्ट में दखल: अमेरिका का आरोप है कि ईरान इराक, सीरिया, लेबनान और यमन जैसे देशों में अपने समर्थक गुटों को मदद देकर अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। ईरान कहता है कि वह अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा कर रहा है।
  5. आर्थिक पाबंदियां: अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। इसके जवाब में ईरान भी कभी अपने परमाणु कार्यक्रम को तेज करने या सख्त बयान देने जैसे कदम उठाता है।
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विदेश

तारिक रहमान के पीएम बनते ही बांग्लादेशी सेना में फेरबदल:भारत से रक्षा सलाहकार को वापस बुलाकर प्रमोशन दिया, चीफ ऑफ जनरल स्टाफ भी बदला

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ढाका,एजेंसी। बांग्लादेश का प्रधानमंत्री बनने के कुछ दिन बाद ही तारिक रहमान ने सेना में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। रविवार को जारी आदेशों में ऑपरेशनल और इंटेलिजेंस पदों पर नई नियुक्तियां की गईं।

भारत में तैनात रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल एमडी हाफिजुर रहमान को मेजर जनरल पद पर प्रमोट किया गया है। उन्हें वापस बुलाकर 55वीं इन्फैंट्री डिविजन का जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) नियुक्त किया गया है।

लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद मैनूर रहमान को सेना का चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) बनाया गया है। वे इससे पहले आर्मी ट्रेनिंग एंड डॉक्ट्रिन कमांड के प्रमुख थे। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल मिजानुर रहमान शमीम की जगह ली है, जिन्हें रिटायरमेंट लीव पर भेज दिया गया था।

प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने सोमवार को आर्म्ड फोर्स डिवीजन में पदभार ग्रहण किया।

प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने सोमवार को आर्म्ड फोर्स डिवीजन में पदभार ग्रहण किया।

आर्म्ड फोर्सेस डिवीजन और फील्ड कमांड में बदलाव

मेजर जनरल कैसर राशिद चौधरी को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फोर्सेस इंटेलिजेंस (DGFI) का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। वे आर्मी मुख्यालय में ब्रिगेडियर जनरल के पद पर कार्यरत थे।

उन्होंने मेजर जनरल मोहम्मद जहांगीर आलम की जगह ली है, जिन्हें फिलहाल विदेश मंत्रालय में राजदूत के रूप में नियुक्त किया गया है।

लेफ्टिनेंट जनरल मीर मुशफिकुर रहमान को सशस्त्र बल डिविजन का प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर (PSO) बनाया गया है। वे इससे पहले चटगांव स्थित 24वीं इन्फैंट्री डिविजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) थे। मौजूदा PSO लेफ्टिनेंट जनरल एसएम कामरुल हसन को विदेश मंत्रालय में राजदूत के पद पर ट्रांसफर कर दिया गया है।

मेजर जनरल जेएम एमदादुल इस्लाम को ईस्ट बंगाल रेजिमेंटल सेंटर का कमांडेंट नियुक्त किया गया है। वहीं मेजर जनरल फिरदोस हसन सलीम को 24वीं इन्फैंट्री डिविजन का GOC बनाया गया है।

बांग्लादेश सेना में फेरबदल क्यों हुआ?

ये बड़ा फेरबदल तारिक रहमान की नई BNP सरकार के लिए सेना पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने का पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।

फरवरी 2024 में छात्र आंदोलन से शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बनी थी, जिसने सेना के कई शीर्ष पदों पर अपने करीबी या पुरानी व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को तैनात किया था।

अब 12 फरवरी 2026 के चुनाव में BNP की भारी जीत के बाद तारिक रहमान 17 फरवरी को प्रधानमंत्री बने, तो नई सरकार ने जल्दी से इन पदों पर बदलाव किए।

इसके पीछे मुख्य वजह यह माना जा रहा है कि पुराने अधिकारियों (जो यूनुस सरकार या हसीना काल से जुड़े थे) को हटाकर BNP के करीबी या नई सरकार के प्रति वफादार अधिकारियों को महत्वपूर्ण कमांड और खुफिया पद दे रही है, ताकि सेना नई सरकार के खिलाफ कोई असंतुलन पैदा न करे और सेना मजबूत हो सके।

प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख ने नए चीफ स्टाफ अधिकारी मीर मुशफिकुर रहमान को लेफ्टिनेंट जनरल का बैज देते हुए।

प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख ने नए चीफ स्टाफ अधिकारी मीर मुशफिकुर रहमान को लेफ्टिनेंट जनरल का बैज देते हुए।

इस फेरबदल से क्या फायदा

  • सरकार मजबूत होगी- सेना के बड़े पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति से नई सरकार को सेना का साफ समर्थन मिलेगा। इससे सरकार के खिलाफ बगावत या अस्थिरता की संभावना कम हो सकती है, खासकर जब हाल में देश में राजनीतिक तनाव रहा है।
  • पुरानी व्यवस्था के प्रभाव कम होंगे- जो अधिकारी पिछली सरकारों जैसे मोहम्मद यूनुस या शेख हसीना के करीब माने जाते थे, उन्हें हटाया या दूसरे पदों पर भेजा जा रहा है। इससे नई सरकार के विरोधी माने जाने वाले लोगों का प्रभाव कम होगा।
  • भारत से संबंधों पर असर- भारत में तैनात रक्षा सलाहकार को वापस बुलाकर नई जिम्मेदारी दी गई है। इससे दिल्ली में बांग्लादेश की मिलिट्री लीडरशिप बदलेगी। आगे चलकर भारत-बांग्लादेश रिश्तों में थोड़ा नया संतुलन देखने को मिल सकता है।
  • सेना का फोकस बदलेगा- नए अधिकारियों के आने से सेना का फोकस राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा पर ज्यादा हो सकता है। इससे सरकार को अर्थव्यवस्था, कानून-व्यवस्था और विकास जैसे मुद्दों पर काम करने का ज्यादा मौका मिलेगा।

कुल मिलाकर, ये फेरबदल नई सरकार की ‘पावर कंसोलिडेशन’ का हिस्सा है। यानी सत्ता को मजबूत करना और पुरानी व्यवस्था से जुड़े जोखिमों को खत्म करना। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे तारिक रहमान की सरकार को अगले कुछ महीनों में ज्यादा स्थिरता मिलेगी।

तारिक रहमान पर चुनाव में गड़बड़ी का आरोप

चुनाव में जीत के बाद विक्ट्री सिंबल बनाते तारिक रहमान।

चुनाव में जीत के बाद विक्ट्री सिंबल बनाते तारिक रहमान।

सेना में फेरबदल के बीच बांग्लादेश में विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान पर चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तारिक रहमान चुनाव नतीजों में हेरफेर करने वाले इंजीनियर हैं।

विपक्ष का आरोप है कि चुनाव में ‘इंजीनियरिंग’ यानी हेरफेर की गई और इसी वजह से BNP को 200 से ज्यादा सीटें मिलीं। बांग्लादेश में करीब 20 साल बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने आम चुनाव में बड़ी जीत हासिल की।

जमात ए इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन और उसकी सहयोगी पार्टी नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने आरोप लगाया है कि कई सीटों पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई।

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खेल

भारत ने विमेंस एशिया कप राइजिंग स्टार्स का खिताब जीता:फाइनल में बांग्लादेश को 46 रन से हराया, तेजल हसबनिस का नाबाद अर्धशतक

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बैंकॉक,एजेंसी। इंडिया-ए ने विमेंस एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2026 का खिताब जीत लिया है। टीम ने रविवार को बैंकॉक में खेले गए फाइनल मुकाबले में बांग्लादेश को 46 रन से हराया।

भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया था। टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 134 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 19.1 ओवर में 88 रन पर ऑलआउट हो गई।

भारत के लिए तेजल हसबनीस ने नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने 34 बॉल पर नाबाद 51 रन बनाए। इसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

तेजल हसबनीस ने 34 बॉल पर नाबाद 51 रन बनाए।

तेजल हसबनीस ने 34 बॉल पर नाबाद 51 रन बनाए।

भारत लगातार दूसरी बार चैंपियन बना

भारत लगातार दूसरी बार विमेंस एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट जीता है। इससे पहले टीम इंडिया ने 2023 में बांग्लादेश को हराकर खिताब अपने नाम किया था।

इस टूर्नामेंट का पहला एडिशन हॉन्गकॉन्ग में खेला गया था। फाइनल में भारत ने 20 ओवर में सात विकेट पर 127 रन बनाए थे। जवाब में बांग्लादेश की टीम 19.2 ओवर में सिर्फ 96 रन ही बना सकी।

राधा-हेजल के बीच 5वें विकेट के लिए 69 रन की पार्टनरशिप

भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। टीम ने 44 के स्कोर पर 4 विकेट गंवा दिए थे। वृंदा दिनेश 19, नंदीनी कश्यप और अनुष्का शर्मा 8-8, और मिनू मणी 0 पर आउट हो गईं।

4 विकेट गंवाकर संकट में फंसी भारतीय टीम को तेजल हसबनीस और कप्तान राधा यादव ने संभाला। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 69 रन की साझेदारी की।

टीम का स्कोर जब 113 रन था, उस समय राधा यादव के रूप में पांचवां विकेट गिरा। राधा ने 30 गेंदों पर 1 छक्का और 3 चौकों की मदद से 36 रन बनाए।

तेजल हसबनीस ने 34 गेंद पर 2 छक्कों और 3 चौकों की मदद से नाबाद 51 रन बनाकर आउट हुईं। इन दोनों की बदौलत भारतीय टीम ने 7 विकेट के नुकसान पर 134 रन बनाए थे।

बांग्लादेश की तरफ से कप्तान फाहिमा खातून ने 4 विकेट लिए। फरजाना एसमिन और फातिमा जहान सोनिया को 1-1 विकेट मिला।

प्रेमा रावत ने 3 विकेट लिए

135 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम 19.1 ओवर में 88 रन पर ऑलआउट हो गई। बांग्लादेश की तरफ से विकेटकीपर शमिमा सुल्ताना ने 20, सरमिन सुल्ताना ने 18, और कप्तान फहिमा खातुन ने 14 रन बनाए।

टीम की 7 बल्लेबाज दहाई का भी आंकडा नहीं छू सकीं। भारत की तरफ से प्रेमा रावत ने 3, सोनिया मेंधिया और तनुजा कंवर ने 2-2, जबकि सायमा ठाकोर और मिनू मणी ने 1-1 विकेट लिए।

दोनों टीमों की प्लेइंग-11

इंडिया-ए विमेंस: नंदिनी कश्यप, वृंदा दिनेश, तेजल हसबनिस, अनुश्का शर्मा, राधा यादव (कप्तान), ममता माडिवाला (विकेटकीपर), मिन्नू मणि, तनुजा कंवर, सोनिया मेंधिया, प्रेमा रावत, साइमा ठाकोर।

बांग्लादेश-ए विमेंस: इशमा तंजीम, शमीमा सुल्ताना (विकेटकीपर), सरमिन सुल्ताना, फहीमा खातून (कप्तान), लता मंडल, फरजाना इस्मिन, शोरीफा खातून, सादिया अख्तर, फातिमा जहां सोनिया, संजिदा अख्तर मेघला, फरिहा त्रिसना।

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देश

टैरिफ रद्द होने का भारत पर क्या असर:ट्रम्प बोले- ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं, अमेरिकी अधिकारी ने कहा- 10% टैरिफ ही लगेगा

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वॉशिंगटन डीसी/नई दिल्ली,एजेंसी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दुनियाभर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया है। इसके कुछ घंटे बाद ही ट्रम्प ने फिर से 10% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया।

ऐसे में भारत पर लगे टैरिफ को लेकर यह भी सवाल उठ रहा है कि भारत को 18% टैरिफ देना होगा या 10%। इसकी दो वजहें हैं-

  • राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि भारत के साथ ट्रेड डील पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह पहले की तरह आगे बढ़ेगी।
  • BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय संघ सहित अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने वाले देशों को अब धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ का ही सामना करना पड़ेगा, न कि उस टैरिफ दर का जिस पर उन्होंने पहले बातचीत की थी।

BBC की रिपोर्ट सही मानें तो भारत पर कुल टैरिफ 18% घटकर 10% रह जाएगा, जबकि ट्रम्प का बयान 18% टैरिफ की ओर इशारा कर रहा है।

भारत सरकार बोली- मामले को ध्यान से देख रहे

टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रम्प की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भारत सरकार ने कहा है कि वह पूरे मामले को ध्यान से देख रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने जो भी नए कदम उठाए हैं, उनके भारत पर क्या असर पड़ सकते हैं, इसका आकलन किया जा रहा है।

मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रम्प की प्रेस कॉन्फ्रेंस को नोट किया गया है। अमेरिका की ओर से कुछ फैसलों की घोषणा भी की गई है।

सरकार इन सभी घटनाक्रमों को समझ रही है, ताकि यह तय किया जा सके कि इनका भारत और दोनों देशों के व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।

ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले शुक्रवार मीडिया से बात की थी। तब उन्होंने बताया था कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा।

इसके साथ ही आने वाले कुछ महीनों में भारत दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है।

23 फरवरी को फाइनल होगा कानूनी ड्राफ्ट

23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिनों की अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी ‘जॉइंट स्टेटमेंट’ के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना है। वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे।

उम्मीद है कि टैक्स में 25% से 18% की कमी का आधिकारिक आदेश इसी हफ्ते या अगले हफ्ते तक आ जाएगा। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी जैसे सेक्टर को सीधा फायदा होगा।

7 फरवरी को ट्रेड डील का ऐलान हुआ था

कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है।

पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस समझौते में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा- यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपए) के बाजार को खोलेगा।

अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर के उत्पाद खरीदेगा भारत

इसके अलावा भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपए) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का फ्रेमवर्क जारी किया है।

इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है।

नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करेंगे दोनों देश

पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों ने फैसला किया है कि वे इसके कुछ नियम तय करेंगे, ताकि इस समझौते का लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही मिले, न कि किसी तीसरे देश को।

भारत और अमेरिका का इस व्यापार समझौते में नॉन-टैरिफ बैरियर्स को दूर करने पर खास फोकस है। ये बाधाएं टैरिफ नहीं होतीं, लेकिन व्यापार को मुश्किल बनाती हैं। अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेस कंपनियों को भारत में कीमत तय करने के नियम, रजिस्ट्रेशन में देरी जैसी रुकावटों का सामना करना पड़ा रहा था।

अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ हुई डील लागू होगी

भारत-ब्रिटेन पिछले साल जुलाई में हुए FTA के बाद अब इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है। इससे भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन में ‘जीरो ड्यूटी’ पर एंट्री मिलेगी। बदले में भारत ब्रिटेन से आने वाली कारों और स्कॉच व्हिस्की पर टैक्स कम करेगा।

ओमान के साथ भी अप्रैल में डील लागू होने की उम्मीद है, जिससे खाड़ी देशों में भारतीय सामान की पहुंच आसान होगी। ओमान ने भारत के 98% से ज्यादा उत्पादों पर जीरो ड्यूटी की पेशकश की है।

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