तेल अवीव/तेहरान,एजेंसी। इजराइल और अमेरिका ने पिछले 24 घंटे में ईरान पर 1,200 से ज्यादा बम गिराए हैं। इजराइली वायुसेना ने यह जानकारी दी है। इन हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है।
खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर शनिवार को 30 मिसाइलों से हमला हुआ था। हमले में उनकी बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 कमांडर्स भी मारे गए हैं। हमले के समय खामनेई कमांडर्स के साथ मीटिंग कर रहे थे।
इजराइल के प्रधानमंती नेतन्याहू ने शनिवार देर रात खामनेई के मारे जाने की बात कही थी। इसके कुछ देर बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी उनके मारे जाने का दावा किया था। रविवार सुबह ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी ‘तसनीम’ और ‘फार्स’ ने इसकी पुष्टि की।
इधर ईरानी सेना ने कहा कि वह सबसे खतरनाक अभियान की शुरुआत करने जा रही है। ईरान ने इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के कई देशों में हमले शुरू कर दिए हैं। इजराइल में एक हमले में 4 लोगों की मौत हो गई है।
ईरान में 200 की मौत, 740 घायल
इजराइल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत 10 बड़े शहरों को निशाना बनाया। हमलों से अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 148 छात्राओं की मौत हो गई और 45 घायल हैं। ईरान ने भी देशों पर जवाबी हमले किए थे।
वहीं, खामनेई के मारे जाने पर ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है। ईरानी इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा, ‘हमने एक महान नेता खो दिया है और पूरा देश शोक मना रहा है।’
इजराइली सेना IDF ने तेहरान में हमले का फुटेज जारी किया है। इसमें ईरान के रक्षा मुख्यालय समेत कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया था।
इजराइल के तेल अवीव में मिसाइल के टकराने से जोरदार विस्फोट हुआ।
तेल अवीव में ईरानी मिसाइल हमले के बाद क्षतिग्रस्त अपार्टमेंट से जान बचाकर बाहर भागते लोग।
ईरानी हमले में तेल अवीव में कई गाड़ियां जल कर राख हो गईं। हमले के बाद जलती हुई कार को बुझाता दमकलकर्मी।
ईरानी हमले के बाद इजराइल के एक इलाके में 4 फीट गहरा गड्ढा बन गया।
ईरान की राजधानी तेहरान में सुप्रीम लीडर खामेनेई के घर के पास हमला हुआ।
ईरान में इजराइली हमले के बाद कई लोग मलबे में दब गए, जिन्हें बाद में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर निकाला गया।
अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में जानिए…
अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को ईरान के धार्मिक शहर मशहद में एक मौलवी परिवार में हुआ था। वे खोमैनी शाह की नीतियों के खिलाफ थे और इस्लामी शासन की वकालत करते थे।
1963 में शाह के खिलाफ भाषण देने पर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। धीरे-धीरे वे सरकार विरोधी आंदोलन का बड़ा चेहरा बन गए और खोमैनी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाने लगे।
1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति हुई और शाह की सरकार गिर गई। खोमैनी देश लौटे और नई इस्लामी सरकार बनाई। खामेनेई को क्रांतिकारी परिषद में जगह मिली और बाद में उप रक्षामंत्री बनाया गया।
1981 में तेहरान की एक मस्जिद में भाषण के दौरान खामेनेई पर बम हमला हुआ। उसी साल एक और बम धमाके में तत्कालीन राष्ट्रपति की मौत हो गई। इसके बाद हुए चुनाव में खामेनेई भारी बहुमत से जीतकर ईरान के तीसरे राष्ट्रपति बने।
1989 में खोमैनी के निधन के बाद खामेनेई को देश का सर्वोच्च नेता यानी ‘रहबर’ बनाया गया। इसके लिए संविधान में बदलाव भी किया गया। समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का मजबूत रक्षक मानते हैं, जबकि आलोचक उन पर सख्त और कट्टर शासन चलाने का आरोप लगाते हैं।
खामेनेई की तस्वीरें…
1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के एक प्रोटेस्ट में खामेनेई।
1980 में तेहरान यूनिवर्सिटी के बाहर बैठे खामेनेई। वो अपनी सादगी के लिए जाने जाते थे।
1981 में हत्या की कोशिश के बाद घायल खामेनेई को दक्षिणी तेहरान के बहारलू हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था।
ईरान का पलटवार- इजराइल समेत 9 देशों पर हमला
अमेरिका और इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों में इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के 9 देशों को निशाना बनाया गया।
ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं और कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब व UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया।
ईरान ने दुबई के पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला किया। इसके अलावा बहरीन में कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया।
ईरान-इजराइल के बीच विवाद
न्यूक्लियर प्रोग्राम: अमेरिका को शक है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर सकता है। इसी वजह से उसने कई बार उस पर पाबंदियां लगाईं। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ बिजली बनाने और वैज्ञानिक रिसर्च के लिए है, हथियार बनाने के लिए नहीं।
बैलिस्टिक मिसाइल मुद्दा: परमाणु समझौते की बातचीत में ईरान का मिसाइल प्रोग्राम सबसे बड़ा अड़ंगा बना हुआ है। ईरान साफ कहता है कि उसकी बैलिस्टिक मिसाइलें उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी हैं और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। वह इसे अपनी “रेड लाइन” मानता है।
इजराइल को लेकर टकराव: अमेरिका, इजराइल का सबसे बड़ा समर्थक है। वहीं ईरान इजराइल का खुलकर विरोध करता है और उस पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाता है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ जाता है।
मिडिल ईस्ट में दखल: अमेरिका का आरोप है कि ईरान इराक, सीरिया, लेबनान और यमन जैसे देशों में अपने समर्थक गुटों को मदद देकर अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। ईरान कहता है कि वह अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा कर रहा है।
आर्थिक पाबंदियां: अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। इसके जवाब में ईरान भी कभी अपने परमाणु कार्यक्रम को तेज करने या सख्त बयान देने जैसे कदम उठाता है।
स्टॉकहोम, एजेंसी। 2026 का केमिस्ट्री नोबेल पुरस्कार फ्रांस के वैज्ञानिक हेनरी बी. कागन और जापान के केन्सो सोआई को दिया गया है। दोनों वैज्ञानिकों ने रसायन विज्ञान की करीब 100 साल पुरानी गुत्थी सुलझाई है।
हेनरी बी. कागन और केन्सो सोआई ने यह समझाने में बड़ी मदद की कि मिरर इमेज जैसे दिखने वाले दो अणुओं में से सिर्फ एक को कैसे बनाया जा सकता है। यह खोज खास तौर पर दवाएं बनाने में काम आ रही है।
नोबेल पुरस्कार के विजेताओं को दिसंबर में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में सम्मानित किया जाएगा। उन्हें मेडल, डिप्लोमा और पुरस्कार राशि दी जाएगी। 2026 में नोबेल पुरस्कार की राशि करीब 11.5 करोड़ रुपए है।
मिरर इमेज जैसे क्यों होते हैं अणु
इसे आसान तरीके से समझिए। हमारे दोनों हाथ लगभग एक जैसे दिखते हैं, लेकिन बायां हाथ दाएं हाथ की जगह नहीं ले सकता। कुछ अणु भी ऐसे ही होते हैं। इनके दो रूप होते हैं, जो एक-दूसरे की मिरर इमेज होते हैं।
दिक्कत यह है कि वैज्ञानिक जब ऐसे अणु बनाते हैं, तो कई बार दोनों रूप साथ बन जाते हैं। जबकि दवा बनाने में दोनों की जरूरत नहीं होती।
किसी दवा का एक रूप बीमारी पर असर कर सकता है, जबकि उसकी मिरर इमेज वाला दूसरा रूप कम असरदार या नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए वैज्ञानिकों की कोशिश थी कि जिस रूप की जरूरत है, वही बने।
कागन ने बताया- मिरर अणुओं में से जरूरत वाले को कैसे बनाया जाए
हमारे शरीर में अमीनो एसिड से प्रोटीन बनता है। अमीनो एसिड के दो रूप हो सकते हैं, जो एक-दूसरे की मिरर इमेज होते हैं। लेकिन शरीर प्रोटीन बनाने के लिए इनमें से सिर्फ एक रूप का इस्तेमाल करता है।
वैज्ञानिकों का सवाल था कि जब दोनों रूप बन सकते हैं, तो शरीर सिर्फ एक को ही क्यों चुनता है। 1986 में हेनरी बी. कागन ने इसका एक अहम रास्ता बताया।
उन्होंने ऐसा तरीका खोजा, जिससे रासायनिक प्रतिक्रिया में दोनों रूप बराबर नहीं बनते थे। एक रूप दूसरे से काफी ज्यादा बनने लगता था। यानी वैज्ञानिक ऐसी रासायनिक प्रक्रिया तैयार कर सकते हैं, जिसमें जिस अणु की जरूरत है, वही ज्यादा बने और दूसरा कम।
सोआई ने ऐसा अणु बनाया, जो अपने जैसे अणु बनाता था
इसके बाद केन्सो सोआई ने कागन के काम को आगे बढ़ाया। उन्होंने 5-पाइरिमिडिल एल्केनॉल नाम के एक रासायनिक पदार्थ पर प्रयोग किया। उन्होंने ऐसी प्रक्रिया बनाई, जिसमें एक तरह का अणु बनने के बाद वह अपने जैसे दूसरे अणु बनने में मदद करता था।
इसे ऐसे समझिए- शुरुआत में अगर किसी एक तरह के अणु थोड़े ज्यादा बन गए, तो वही अणु आगे और अपने जैसे अणु बनाने में मदद करने लगे। फिर नए बने अणु भी यही काम करने लगे। इस तरह एक तरह के अणुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई।
1995 के प्रयोग में शुरुआत में एक तरह के अणु की मात्रा सिर्फ 2% ज्यादा थी। लेकिन प्रक्रिया चलने के बाद यह बढ़त 87% तक पहुंच गई। यानी शुरुआत का छोटा-सा फर्क बहुत बड़ा हो गया।
इसके बाद 2003 में सोआई ने इसी विचार को और आगे बढ़ाया। उन्होंने ऐसी प्रक्रिया दिखाई, जिसमें एक तरह के अणु की मात्रा बढ़ते-बढ़ते 99.99% तक पहुंच सकती थी। यानी आखिर में लगभग सारे अणु एक ही तरह के बन सकते थे।
नई दिल्ली, एजेंसी। एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान पूरा हो चुका है। आखिरी दिन घुड़सवारी के दो गोल्ड मेडल इवेंट हैं लेकिन इनमें कोई भारतीय खिलाड़ी शिरकत नहीं कर रहा है। भारत ने जापान के आइची-नागोया में 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल जीते हैं।
उज्बेकिस्तान ने भी भारत के बराबर ही गोल्ड जीते हैं लेकिन ज्यादा सिल्वर के आधार पर भारत चौथे स्थान पर है। रविवार को अगर उज्बेकिस्तान कोई गोल्ड नहीं जीतता है तो भारत चौथे स्थान पर ही फिनिश करेगा।
आगे 5 पॉइंट्स में पढ़िए 2026 एशियन गेम्स का निचोड़
2002 के बाद पहली बार भारत की लड़कियों को ज्यादा मेडल
बॉक्सिंग, रेसलिंग में बेहतर हुआ प्रदर्शन, शूटिंग-एथलेटिक्स में पिछड़े
टीम इवेंट्स में धाक, हॉकी में गोल्ड के साथ ओलिंपिक टिकट भी
चीन की बादशाहत को 44 साल से कोई चैलेंज नहीं
53 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 76 एशियन रिकॉर्ड टूटे
2002 के बाद पहली बार भारत की लड़कियों को ज्यादा मेडल
भारत ने इस बार लड़कियों के इवेंट में 11 तो लड़कों के इवेंट में 7 गोल्ड जीते। 3 गोल्ड मिक्स्ड इवेंट में आए। इससे पहले 2002 में बुसान में हुए एशियन गेम्स में भारत की लड़कियां आगे रही थीं। तब भारत ने लड़कियों के इवेंट में 6 और लड़कों के इवेंट में 5 गोल्ड जीते थे।
बॉक्सिंग, रेसलिंग में बेहतर हुआ प्रदर्शन, शूटिंग-एथलेटिक्स में पिछड़े
भारत ने 2023 में चीन के ग्वांगझू में हुए एशियन गेम्स में 28 गोल्ड के साथ 106 मेडल जीते थे। तब भारत ने शूटिंग में 7 और एथलेटिक्स में 6 गोल्ड जीते थे। इस बार शूटिंग में 3 और एथलेटिक्स में 1 ही गोल्ड आया। यानी इन दो खेलों में ही भारत को 9 गोल्ड का नुकसान हो गया। भारत ने पिछली बार स्कॉश में 2 और टेनिस, बैडमिंटन और घुड़सवारी में 1-1 गोल्ड जीता था। इन खेलों में इस बार भारत को कोई गोल्ड नहीं मिला।
बॉक्सिंग और रेसिलिंग में अच्छे प्रदर्शन ने कुछ हद तक गोल्ड में कमी की भरपाई की है। पिछली बार भारत को इन दोनों खेलों में एक भी गोल्ड नहीं मिला था। इस बार बॉक्सिंग में 3 और रेसलिंग में 2 गोल्ड आए हैं। आर्चरी में भारत ने पिछले प्रदर्शन को दोहराया है।
टीम इवेंट्स में धाक कायम, हॉकी में गोल्ड के साथ 2 ओलिंपिक टिकट भी
टीम इवेंट्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों के गोल्ड मेडल जीते हैं। हॉकी में एशियाड गोल्ड जीतने पर सीधे ओलिंपिक का टिकट मिलता है, लिहाजा भारत की दोनों हॉकी टीम लॉस एंजिल्स में होने वाले 2028 ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर गई है। यह पहला मौका है जब भारत की दोनों वर्गों की हॉकी टीमों ने एक ही इवेंट में गोल्ड जीता है।
मेडल टैली में 44 साल से चीन की चौधराहट कायम
चीन ने इस बार 169 गोल्ड सहित 341 मेडल जीते हैं। नंबर-2 पर रहे जापान ने 83 गोल्ड जीते हैं। चीन से आधे से भी कम। चीन 1982 से अब तक हर एशियन गेम्स में टेबल टॉपर रहा है।
भारत ने पोजीशन के लिहाज से पिछले एशियन गेम्स के प्रदर्शन की बराबरी की है। लेकिन, इस बार 7 गोल्ड सहित कुल 21 मेडल की कमी आई है।
53 वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटे, भारतीय तीरंदाजी टीम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की
इस एशियन गेम्स में अलग-अलग इवेंट्स में कुल 53 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 76 एशियन रिकॉर्ड टूटे हैं। साथ ही 166 नए गेम्स रिकॉर्ड भी बने। भारतीय विमेंस कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन के खिलाफ 238 पॉइंट्स बनाए। यह वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी है।
चिकाथा तनिपार्थी, प्रथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड जीता।
आइची- नागोया/नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स में 21वां गोल्ड मेडल जीत लिया है। पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से हराया।
शनिवार को भारत ने मेंस क्रिकेट, आर्चरी, गोल्फ और कुश्ती में भी 1-1 गोल्ड जीता। भारत अब 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल के साथ टैली में चौथे स्थान पर आ गया है।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत के डबल गोल
फाइनल मैच में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने डबल गोल किए। उन्होंने 11वें और 57वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किए।
हरमनप्रीत के अलावा, जुगरात 23वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर, 42वें मिनट में हार्दिक ने पेनल्टी स्ट्रोक पर और 54वें मिनट में शिलानंद ने फील्ड गोल किया।
मलेशिया की ओर से इकलौता गोल शेलो सिल्वरियस ने 14वें मिनट में दागा। उन्होंने फील्ड गोल किया।
गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह।
भारत ने हॉकी में जीता गोल्ड, लगातार दूसरी बार चैंपियन
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। भारत ने पहली बार लगातार दो एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का गोल्ड जीता है।
एशियन गेम्स के एक ही संस्करण में पहली बार भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीता है।
गोल्ड मेडल सेलिब्रेट करते भारतीय टीम के खिलाड़ी।
रेसलिंग: अंतिम पंघाल को सिल्वर मिला, फाइनल हारीं
अंतिम पंघाल ने विमेंस 53kg कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता है। गोल्ड मेडल मुकाबले में उन्हें जापान की मोए कियोका ने 9-1 से हराया। अंतिम ने हांगझोउ एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीता था।
रेसलिंग : अंतिम गोल्ड मेडल मैच में 0-2 से पिछड़ी
महिलाओं के 53 किग्रा फाइनल में जापान की मोए कियोका ने शुरुआत में ही अंतिम पंघाल का लेग टेकडाउन कर उन्हें मैट से बाहर किया और एक अंक हासिल किया। इसके बाद भी दोनों के बीच ज्यादा एक्शन नहीं हुआ।
अंतिम ने लेग अटैक की तीन बार कोशिश की, लेकिन कियोका हर बार बच निकलीं। अंतिम को पैसिविटी के लिए चेतावनी के बाद कियोका को एक और अंक मिला। पहले पीरियड के बाद कियोका 2-0 से आगे हैं।
गोल्ड मेडल मैच के दौरान अंतिम।
रेसलिंग: दीपक पुनिया ने जीता ब्रॉन्ज, लगातार दूसरी बार एशियाड में मेडल
दीपक पुनिया ने पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने मंगोलिया के गंखुयाग गनबातर को 2-1 से हराया।
आखिरी तीन मिनट में दोनों पहलवानों के बीच कड़ी टक्कर हुई। रेफरी ने दीपक को एक अंक दिया, लेकिन वे बढ़त बचाने में सफल रहे।
दीपक ने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में मेडल जीता है। उन्होंने 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी ब्रॉन्ज जीता था।
ब्रॉन्ज मेडल मैच के दौरान दीपक पुनिया।
रेसलिंग: अमन सहरावत ने जीता गोल्ड, नॉर्थ कोरिया के हान को हराया
भारत के अमन सहरावत ने पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती का गोल्ड मेडल जीत लिया। उन्होंने फाइनल में नॉर्थ कोरिया के हान को हराया।
अमन ने पहले पीरियड में हान के हमलों का बचाव किया और 6-1 की बढ़त बनाई। इसके बाद हान ने लगातार 6 अंक लेकर 7-6 की बढ़त हासिल कर ली।
अमन ने फिर 4 अंक की शानदार चाल चली और बढ़त हासिल की। कोरिया का रिव्यू खारिज होने पर अमन को एक अतिरिक्त अंक भी मिला। उन्होंने अंत तक बढ़त बनाए रखी।
यह एशियन गेम्स में भारत का दूसरा रेसलिंग गोल्ड है। इससे पहले सुजीत कलकल ने गोल्ड जीता था।
जीत के बाद तिरंगे के साथ अमन सहरावत।
क्रिकेट: भारत ने जीता गोल्ड, पाकिस्तान को 19 रन से हराया
भारत ने मेंस क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। भारत के 211 रन के जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सकी।
पाकिस्तान के हसन नवाज ने शानदार पारी खेलते हुए 96 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। भारत की ओर से अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और शिवम दुबे के रन जीत में बेहद अहम रहे।
यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का 19वां गोल्ड मेडल है। इसके साथ ही भारत ने क्रिकेट के दोनों गोल्ड अपने नाम कर लिए हैं। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने भी गोल्ड जीता था।
तीरंदाजी: नीरज चौहान ने जीता ब्रॉन्ज
रिकर्व मेंस इंडिविजुअल में भारत के नीरज चौहान ने ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। दबाव में नीरज ने शानदार निशाने लगाए। अपने साथी खिलाड़ी धीरज बोम्मदेवरा को हराकर पदक अपने नाम किया। मुकाबले के बाद दोनों भारतीय तीरंदाजों ने एक-दूसरे को गले लगाया।
इसके साथ ही एशियन गेम्स में भारत का रिकर्व अभियान 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज के साथ खत्म हुआ। रिकर्व की सभी कैटेगरी में भारत ने मेडल जीता।
कंपाउंड में भारत ने 3 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज जीता। इस तरह तीरंदाजी में भारत ने कुल 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज, यानी 9 मेडल अपने नाम किए।
नीरज चौहान ब्रॉन्ज मेडल मैच में निशाना लगाते हुए।
प्रणवी उर्स ने जीता गोल्ड, पहली भारतीय महिला गोल्फर बनीं
नागोया में भारत की प्रणवी उर्स ने विमेंस इंडिविजुअल गोल्फ में गोल्ड मेडल जीता। वह एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं। उन्होंने चार राउंड में 15 अंडर 265 का स्कोर किया।
प्रणवी ने फाइनल राउंड में 70 का स्कोर किया। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बाद उन्होंने तीन बर्डी लगाकर वापसी की और एक शॉट की बढ़त से गोल्ड जीता।
भारत ने विमेंस टीम इवेंट में सिल्वर जीता। प्रणवी के साथ अदिति अशोक और दीक्षा डागर टीम में थीं। भारत का स्कोर 14 अंडर 546 रहा, जबकि चीन ने 22 अंडर 538 के साथ गोल्ड जीता।
प्रणवी का गोल्ड एशियन गेम्स गोल्फ में भारत का 2002 के बाद पहला गोल्ड है। इससे पहले शिव कपूर ने पुरुषों का इंडिविजुअल गोल्ड जीता था।
गोल्ड मेडल के साथ प्रणवी उर्स।
भारत को एशियाड में 200वां गोल्ड
भारत ने एशियन गेम्स के इतिहास में 200वां गोल्ड जीत लिया है। उसके 263 सिल्वर और 392 ब्रॉन्ज हो गए हैं। इंडिया के अब तक 855 मेडल हो गए हैं।
कुमकुम ने 3 मेडल जीते, तीनों पहली बार दिलाए
कुमकुम ने अपने डेब्यू एशियन गेम्स में रिकर्व तीरंदाजी में 3 मेडल जीते। वे महिला टीम और महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड, जबकि मिक्स्ड टीम में सिल्वर जीता।
विमेंस टीम इवेंट में भारत का पहला गोल्ड।
रिकर्व व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला।
मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत का पहला मेडल आया। धीरज के साथ सिल्वर।
तीरंदाजी: 17 साल की कुमकुम मोहोड ने रिकर्व में जीता
भारत की 17 साल की कुमकुम मोहोड एशियन गेम्स चैंपियन बन गईं। उन्होंने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। कुमकुम ने शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया की ओह ये जिन को हराया।
कुमकुम महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए एशियन गेम्स मेडल जीतने वाली पहली तीरंदाज हैं। उन्होंने पहली बार इस स्पर्धा में भारत को गोल्ड दिलाया है।
महिलाओं के रिकर्व इंडिविजुअल्स इवेंट के फाइनल में निशाना लगाती कुमकुम।