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विदेश

आखिर 4 माह बाद होगी खामेनेई की अंतिम विदाई; जनाजे की भव्य तैयारी, जानें क्यों हुई संस्कार में देरी?

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तेहरान, एजेंसी। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के लगभग चार महीने बाद उनकी अंतिम यात्रा निकालने की तैयारी पूरी कर ली गई है। अधिकारियों के अनुसार, जून के तीसरे सप्ताह में होने वाले अंतिम संस्कार में करीब दो करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है, जो आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी अंतिम यात्राओं में से एक बन सकती है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, खामेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान, क़ोम और मशहद में अंतिम दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। तीन दिनों तक जनता को श्रद्धांजलि देने का अवसर दिया जाएगा, जिसके बाद उन्हें मशहद में दफनाया जाएगा।

इमाम रज़ा की दरगाह के पास होगी दफन
अधिकारियों ने बताया कि खामेनेई की अंतिम इच्छा थी कि उन्हें ईरान के पवित्र शहर मशहद में स्थित इमाम रज़ा की दरगाह के निकट दफनाया जाए। शिया मुस्लिम समुदाय के लिए यह दुनिया के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। इमाम रज़ा, जिन्हें अली अल-रिदा के नाम से भी जाना जाता है, ट्वेल्वर शिया परंपरा के आठवें इमाम थे। उनकी दरगाह हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और ईरान की आध्यात्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र मानी जाती है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, मुख्य शोक समारोह तेहरान में आयोजित होगा, जो लगभग 24 घंटे तक चल सकता है। इसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक नगर क़ोम ले जाया जाएगा और फिर मशहद में अंतिम संस्कार किया जाएगा। तेहरान नगर प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि अंतिम यात्रा पवित्र शहरों क़ोम और मशहद से होकर गुजरेगी, जहां लाखों लोग श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

क्यों हुई अंतिम संस्कार में  देरी?
इस्लामी परंपरा के अनुसार किसी व्यक्ति को मृत्यु के कुछ दिनों के भीतर दफनाया जाता है, लेकिन ईरानी अधिकारियों का कहना है कि युद्धकालीन परिस्थितियों, सुरक्षा चुनौतियों और अभूतपूर्व भीड़ की आशंका के कारण अंतिम संस्कार को स्थगित करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, इतने बड़े आयोजन की तैयारियों और सुरक्षा प्रबंधों के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता थी।विश्लेषकों का मानना है कि यदि अनुमानित दो करोड़ लोग अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं तो यह 1989 में ईरान के इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी की अंतिम यात्रा का रिकॉर्ड तोड़ सकता है।खोमैनी के अंतिम संस्कार में लगभग एक करोड़ लोग शामिल हुए थे। उस दौरान भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी और हजारों घायल हुए थे।

बेटे मोजतबा खामेनेई संभाल रहे हैं नेतृत्व
खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके पुत्र मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था। हालांकि सत्ता संभालने के बाद से उन्होंने अपेक्षाकृत कम सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह अंतिम संस्कार केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि ईरान की राजनीतिक और वैचारिक एकजुटता का भी बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इमाम रज़ा की दरगाह के निकट दफनाए जाने से खामेनेई की विरासत को धार्मिक महत्व भी मिलेगा। समर्थकों के लिए यह कदम उन्हें शिया इतिहास और इमामों की परंपरा से जोड़ने वाला प्रतीक माना जा रहा है। आने वाले दिनों में पूरी दुनिया की नजर इस अंतिम यात्रा पर रहेगी, क्योंकि यह न केवल ईरान के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय होगा, बल्कि मध्य पूर्व की राजनीति पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। 

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ट्रम्प की चेतावनी- अब होर्मुज में हमला मत करना:ऐसा किया तो ईरान में पुल और बिजली घरों को उड़ा देंगे, तेहरान तक अटैक करेंगे

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वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बार फिर ईरान को बमबारी की धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में एक भी जहाज पर हमला हुआ तो ईरान में पुल और बिजली घरों को उड़ा देंगे। इसमें तेहरान की राजधानी के अंदर या उसके पास मौजूद पुल और बिजलीघर भी शामिल होंगे।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा,

अब से अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला करता है, तो अमेरिका जवाब में ईरान के एक पुल या बिजलीघर को बम से उड़ा देगा।

वहीं, अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान के पांच शहरों में एक साथ एयर और मिसाइल स्ट्राइक की। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक चाबहार, कोनारक, तबरीज, बेहबहान और ओमीदियेह को निशाना बनाया गया। सीजफायर टूटने के बाद अमेरिका ने लगातार 11वीं रात यह हमला किया।

पिछले 24 घंटे के बड़े अपडेट्स…

भारत-चीन के टैंकरों ने रास्ता बदला

सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर भारत और चीन जा रहे दो टैंकर हूती विद्रोहियों की धमकी के बाद रेड सी में यू-टर्न लेकर स्वेज नहर की ओर लौट गए।

अमेरिका ने माना- ईरानी हमलों में 100 सैनिक घायल

पेंटागन ने स्वीकार किया कि 7 जुलाई के बाद ईरानी हमलों में करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए। इनमें से 96% सैनिक इलाज के बाद ड्यूटी पर लौट चुके हैं।

कतर ने ईरान से मुआवजा मांगा

कतर ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को पत्र भेजकर ईरान को हालिया हमलों और उनसे हुए सभी नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया और पूरा मुआवजा देने की मांग की।

ट्रम्प ने माना- जॉर्डन में एक ईरानी हमला सफल रहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने माना कि जॉर्डन में ईरान का एक हमला सफल रहा। हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हुई थी।

ईरानी गृह मंत्री पाकिस्तान पहुंचे

ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी पाकिस्तान पहुंचे और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की। बाद में उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी बातचीत की।

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चीन ने भारत का जताया आभार, बोला- हमारे 12 नाविकों को बचाने का एहसान कभी नहीं भूलेंगे

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बीजिंग, एजेंसी। भारत और चीन के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेतों के बीच चीन ने भारतीय सेना के एक मानवीय अभियान की खुलकर सराहना की है। भारत में चीन के रक्षा अताशे रियर एडमिरल यू जियान ने कहा कि चीन पिछले साल केरल तट के पास दुर्घटनाग्रस्त मालवाहक जहाज से 12 चीनी नाविकों को सुरक्षित बचाने में भारतीय सेना की भूमिका को कभी नहीं भूलेगा।  मंगलवार को चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की 99वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यू जियान ने कहा,”हम यह कभी नहीं भूलेंगे कि पिछले जून में केरल तट के पास आग लगने और विस्फोट का शिकार हुए एक मालवाहक जहाज से भारतीय सेना ने 12 चीनी नाविकों को सुरक्षित बचाया था।” उन्होंने इस मानवीय सहायता के लिए भारत का सार्वजनिक रूप से धन्यवाद भी किया।

‘साझा हित मतभेदों से बड़े’
चीनी रक्षा अताशे ने कहा कि भारत और चीन महत्वपूर्ण पड़ोसी देश हैं और दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा,”हमारा हमेशा से मानना रहा है कि भारत और चीन के साझा हित, आपसी मतभेदों से कहीं अधिक बड़े हैं।”साथ ही उन्होंने दोनों देशों की सेनाओं के बीच संवाद, विश्वास और सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यू जियान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल के महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकातों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार के संकेत मिले हैं।इसके बाद सीमा और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है। ऐसे में चीन की ओर से भारत के मानवीय सहयोग की सार्वजनिक सराहना को द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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ईरान-अमेरिका तनाव का असर, एयर इंडिया ने ‘तेल अवीव-दिल्ली’ उड़ानें सितंबर के अंत तक रोकी

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नई दिल्ली, एजेंसी। पश्चिम एशिया में फिर से बढ़े तनाव और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच एअर इंडिया ने बुधवार को कहा कि उसने ‘तेल अवीव-दिल्ली’ वायुमार्ग पर अपनी उड़ानों का निलंबन सितंबर के अंत तक के लिए बढ़ा दिया है। पश्चिम एशिया में मौजूदा सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर एअर इंडिया पिछले कई महीनों से इस मार्ग पर उड़ान सेवाओं का निलंबन लगातार बढ़ाती आ रही है। अमेरिका और ईरान द्वारा सैन्य गतिविधियां तेज किए जाने के बाद पिछले 10 दिनों में उत्पन्न हुई नई सुरक्षा चिंताओं के बीच यह घोषणा की गई है। इस संघर्ष के दौरान अमेरिका ने ईरान में पुलों, जल विलवणीकरण संयंत्रों और बिजली सुविधाओं को निशाना बनाया है, जबकि तेहरान ने इसके जवाब में पूरे पश्चिम एशियाई देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं।

इजराइल में एअर इंडिया के परिचालन की व्यवस्था देखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सुरक्षा चिंताओं के कारण उड़ानों का निलंबन सितंबर के अंत तक बढ़ा दिया गया है। क्षेत्र में जारी तनाव को देखते हुए कई अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियां भी प्रतीक्षा और निगरानी की नीति अपना रही हैं। अमेरिका-ईरान संघर्ष फरवरी के अंत में शुरू हुआ था, जिसके बाद एअर इंडिया ने पहले अप्रैल में इस मार्ग पर उड़ानों का निलंबन मई के अंत तक करने की घोषणा की थी। बाद में इसे जुलाई के अंत तक बढ़ाया गया और अब इसे सितंबर के अंत तक बढ़ा दिया गया है। एअर इंडिया की उड़ानें निलंबित रहने से इजराइल में रह रहे 40,000 से अधिक भारतीयों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो निजी या पेशेवर कारणों से भारत जाना चाहते हैं या क्षेत्र में जारी अनिश्चितता के बीच यहां से बाहर निकलना चाहते हैं।  

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