गुंडा और निगरानी बदमाशों की सघन चेकिंग के लिए जारी हुईं एसओपी (SOPs) एक गुंडा-एक जवान’ नीति तथा सक्रिय अपराधियों पर सख्त निगरानी के दिये आदेश
बिलासपुर/कोरबा। आज दिनांक 21.07.2026 को राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, द्वारा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा संपत्ति एवं शरीर संबंधी अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक वृहद ऑनलाइन बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर रेंज मीटिंग हॉल में किया गया। कार्यशाला में रेंज के समस्त पुलिस अधिकारियों, एसडीओपी (SDOPs) और थाना प्रभारियों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान प्रफुल्ल ठाकुर,पुलिस अधीक्षक जिला-सक्ती, द्वारा 'गुंडा एवं निगरानी बदमाश' विषय पर अपना व्यापक अनुभव साझा करते हुए 'प्रिवेंटिव पुलिसिंग' (निवारक पुलिसिंग) और बेसिक पुलिसिंग की पुनर्स्थापना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु एवं निर्देश: अपराधियों का सटीक वर्गीकरण: पुलिस रेगुलेशन (पैरा 855-860) के तहत आदतन चोरों/लुटेरों को A-Class (निगरानी) और मारपीट/रंगदारी/भू-माफिया को B-Class (गुंडा) में वर्गीकृत कर उनका पूरा बायोडाटा (फोटो, फिंगरप्रिंट, बैंक खाते) अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। गंभीर मामलों के लिए ‘गैंग हिस्ट्री शीट’ बनानी होगी। सरप्राइज चेकिंग : बदमाशों की चेकिंग का समय अनिश्चित (Unpredictable) रखने तथा अधिकारियों को 2-3 सदस्यों की टीम में रहने, टॉर्च को शरीर से दूर (दाहिनी ओर) रखने जैसी सुरक्षा SOPs और बदमाशों के रहन-सहन/आजीविका के मिलान के निर्देश दिए गए।
रिकॉर्ड संधारण एवं डिजिटल-मैनुअल तालमेल रोजनामचा में रवानगी/वापसी की क्रॉस-एंट्री अनिवार्य। रजिस्टर 7, परवाना फाइल और A-to-Z अल्फाबेटिकल रजिस्टर का संधारण (ताकि त्वरित रिकॉर्ड खोजा जा सके)। बीट जवानों के लिए A, B नोटबुक तथा ‘C Notebook’ (क्राइम) का पुनरुद्धार। ‘एक गुंडा – एक जवान’ नीति व कठोर वैधानिक कार्रवाई हर बदमाश की निगरानी के लिए एक विशिष्ट पुलिसकर्मी जिम्मेदार रखने तथा जमानत के बाद पुन: अपराध करने पर BNSS की धारा 480 के तहत तुरंत जमानत निरस्तीकरण (Bail Cancellation) के निर्देश दिये गए. धारा 110 BNSS, 20-50 हजार रुपये का बाउंड ओवर, जिला बदर और PIT NDPS के तहत सख्त कदम। Natgrid व CDR से फरार आरोपी ट्रैक होंगे। मानवाधिकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट के नियम : ‘पुट्टस्वामी केस’ व सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले (अमानतुल्लाह खान बनाम दिल्ली पुलिस, 2024) का पालन करते हुए विमुक्त जनजातियों, पिछड़ों या नाबालिगों पर मनमानी कार्रवाई न करने और निजता/मानवाधिकारों का पूरा सम्मान करने के निर्देश दिए गए। ग्राम अपराध नोटबुक (VCNB) व मूवमेंट ट्रैकिंग VCNB में गांव के प्रतिष्ठित लोगों, कोटवारों और पेंशनर्स का डेटा रहेगा। कोटवारों की रोस्टर हाजिरी और मुसाफिर रजिस्टर अनिवार्य। अंतरराज्यीय/अंतरजिला अपराधियों के लिए BC Roll, SS Roll और केंद्र सरकार के Cri-MAC ऐप से इंटेलिजेंस शेयरिंग की जाएगी।
सुधार का अवसर (माफी) : जो अपराधी वर्षों से अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे हैं , उन्हें निगरानी सूची से हटाया जाएगा, ताकि पुलिस का ध्यान केवल सक्रिय बदमाशों पर रहे। त्योहारों से पहले परेड : राष्ट्रीय पर्वों व त्योहारों से पूर्व थानों में गुंडा-बदमाशों की परेड और क्लास ली जाएगी।
आईजी श्री गर्ग ने निर्देश दिए कि पुलिस की टारगेट बदमाशों पर रहना चाहिये कि वह अपराध की पुनर्विती ना करें. यह महत्वपूर्ण कार्यशाला गुंडा और निगरानी बदमाशों की सघन चेकिंग करने विषय पर केंद्रित है। इसका मुख्य उद्देश्य "प्रिवेंटिव पुलिसिंग की सफलता, कोटवारों, पुलिस-मित्रों और जनता के सीधे संवाद पर निर्भर करती है। नियमों का कड़ाई से पालन कर क्षेत्र को पूरी तरह अपराध-मुक्त बनाया जाएगा।"
उक्त ऑन लाईन कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों से लगभग 200 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मिलित होकर प्रशिक्षण प्राप्त किये। बैठक के अंत में आईजी राम गोपाल गर्ग ने पुलिस अधीक्षक सकती का धन्यावाद ज्ञापित करते हुए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को इन निर्देशों की स्वयं मॉनिटरिंग करने तथा इनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है।
कोरबा/दीपका। कोरबा के दीपका थाना क्षेत्र में असामाजिक तत्वों ने चलती मालगाड़ी पर पथराव कर दिया। घटना में लोको पायलट सुनील कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। पत्थर लगने से उनके सिर से खून बहने लगा। घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, कोरबा रेलवे कॉलोनी निवासी लोको पायलट सुनील कुमार मालगाड़ी लेकर गेवरा खदान कोयला लोड करने जा रहे थे। मालगाड़ी जैसे ही दीपका रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंची, अज्ञात लोगों ने इंजन पर पथराव शुरू कर दिया।
पथराव में इंजन के दरवाजे का कांच टूट गया। इसी दौरान एक पत्थर सीधे लोको पायलट सुनील कुमार के सिर पर लगा। उन्हें गंभीर चोट आई और सिर से खून बहने लगा। इसके बाद चलती मालगाड़ी को तुरंत रोकना पड़ा।
अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचाया
घटना की जानकारी लोको पायलट ने अपने उच्च अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। घायल पायलट को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
काफी देर तक ट्रैक पर खड़ी रही मालगाड़ी
पथराव के बाद मालगाड़ी काफी देर तक रेलवे ट्रैक पर खड़ी रही। इससे रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। रेलवे प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
रेलवे क्रॉसिंग के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज जांची जा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। दीपका पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
रेलवे कर्मचारियों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि चलती ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं होती रहती हैं। इससे लोको पायलट और दूसरे कर्मचारियों की जान को खतरा रहता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पथराव करने वालों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कोरबा। कोरबा के कुसमुंडा एसईसीएल कॉलोनी में शुक्रवार को बड़ा हादसा होते-होते बचा। नशे में धुत दो फोर व्हीलर चालकों की रेसिंग के दौरान एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर शिव मंदिर की बाउंड्री वॉल में जा घुसी।
हादसे में बाउंड्री वॉल टूट गई, लेकिन चालक बाल-बाल बच गया। जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर शाम कुसमुंडा कॉलोनी में दो फोर व्हीलर चालक नशे की हालत में रेसिंग कर रहे थे। दोनों वाहन एक-दूसरे को ओवरटेक करने की कोशिश में तेज रफ्तार से चल रहे थे।
इसी दौरान एक बोलेरो का चालक नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सीधे शिव मंदिर की बाउंड्री वॉल से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दीवार का एक हिस्सा टूट गया। गनीमत रही कि हादसे के समय मंदिर के आसपास कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी।
रेसिंग के दौरान सड़क पर चल रहे राहगीर भी बाल-बाल बचे। हादसे के बाद एक वाहन चालक अपनी गाड़ी लेकर भाग गया, जबकि बोलेरो चालक मौके पर ही नशे की हालत में पड़ा रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था।
घटना के बाद मौके पर राहगीरों और कॉलोनीवासियों की भीड़ जमा हो गई। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है। अक्सर यहां युवक बाइक और फोर व्हीलर पर स्टंट करते और हंगामा मचाते हैं। कई बार ऐसी लापरवाही से हादसे हो चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
लोगों का कहना है कि शाम होते ही नशेड़ी युवकों का जमावड़ा लगता है और वे तेज रफ्तार में गाड़ी चलाकर लोगों की जान जोखिम में डालते हैं। आज तो बड़ा हादसा टल गया, लेकिन अगर समय रहते इन पर लगाम नहीं लगी तो किसी दिन बड़ी घटना हो सकती है।
घटना की सूचना कुसमुंडा थाना पुलिस को दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार वाहन चालक की तलाश जारी है।
ननद के निधन के बाद 9 वर्षों से उसके बच्चे को अपना दूध पिलाकर कर रही परवरिश, सरपंच ने श्रीफल, साड़ी एवं प्रमाण पत्र देकर किया सम्मान
कोरबा/रामपुर। करतला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नोनदरहा में ग्राम स्वास्थ्य समिति एवं ग्राम पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर माता यशोदा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ग्राम पंचायत सरपंच पुनिराम राठिया की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। समारोह में अपने ननद के निधन के बाद उसके बच्चे को अपने बच्चे की तरह अपनाकर पिछले नौ वर्षों से उसका पालन-पोषण करने वाली माता सनकुंवर राठिया को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्रीमती नीलाबाई कलमसिंह राठिया, पूर्व जनपद सदस्य श्रीमती त्रिवेणी राठिया, उपसरपंच विसातराम राठिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा पंच श्रीमती रतियानो बाई, गुड्डी बाई राठिया सहित ग्राम स्वास्थ्य समिति के सदस्य, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा गर्भवती एवं शिशुवती माताएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के पुष्पगुच्छ से स्वागत के साथ हुई। इसके बाद स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक श्रीमती गेंदबाई साहू ने माता यशोदा सम्मान समारोह की उपयोगिता एवं विश्व स्तनपान सप्ताह के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवजात शिशु के जन्म के एक घंटे के भीतर मां का पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) पिलाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिशु को जन्म से छह माह तक केवल मां का दूध दिया जाना चाहिए तथा छह माह पूर्ण होने के बाद स्तनपान के साथ उपयुक्त ऊपरी आहार शुरू किया जाना चाहिए।
नौ वर्षों से निभा रही हैं मां का फर्ज
माता यशोदा सम्मान समारोह का उद्देश्य ऐसी माताओं के त्याग, ममता और समर्पण को सम्मान देना है, जो बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पालन-पोषण के लिए प्रेरणादायी भूमिका निभाती हैं। इसी भावना के तहत ग्राम नोनदरहा की श्रीमती सनकुंवर राठिया को सम्मानित किया गया।
बताया गया कि करीब नौ वर्ष पूर्व उनकी ननद का निधन हो गया था। उस समय उनके बच्चे की जिम्मेदारी परिवार के सामने एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे कठिन समय में सनकुंवर राठिया ने बच्चे को अपने बच्चे की तरह अपनाया और अपने स्वयं के बच्चे के साथ उसे भी अपना दूध पिलाकर बड़ा किया। उन्होंने मातृत्व की भावना को केवल जन्म देने तक सीमित न रखते हुए ममता, त्याग और जिम्मेदारी का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जो समाज के लिए प्रेरणादायी है।
इस मानवीय एवं संवेदनशील कार्य के लिए सरपंच पुनिराम राठिया ने माता सनकुंवर राठिया को श्रीफल, साड़ी एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। वहीं जनपद सदस्य श्रीमती नीलाबाई कलमसिंह राठिया ने माता सनकुंवर को साड़ी भेंट की तथा बच्चे को नगद राशि देकर प्रोत्साहित किया। मितानिनों द्वारा भी बच्चे के लिए कपड़े भेंट कर सम्मान एवं स्नेह व्यक्त किया गया।
मां और बच्चे की देखभाल पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की एएनएम श्रीमती प्रेमलता कंवर ने माताओं को स्तनपान के महत्व, मां एवं बच्चे की उचित देखभाल तथा शिशु के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने माताओं को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, शिशु के पोषण पर ध्यान देने तथा छह माह तक केवल स्तनपान कराने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन मदन लाल श्रीवास, मितानिन प्रशिक्षक द्वारा किया गया। समारोह में प्रमुख रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कुमारी सुमन यादव नोनदरहा ,मितानिन उर्मिला राठिया, दिलेश्वरी, अंबालिका, नीराबाई, रूखमणी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुरुति पटेल, महेश्वरी गोस्वामी, सक्रिय महिला रुकसाना बानो, रजनी राठिया सहित ग्राम स्वास्थ्य समिति के सदस्य, गर्भवती महिलाएं एवं शिशुवती माताएं उपस्थित रहीं।
समारोह में उपस्थित लोगों ने माता सनकुंवर राठिया के त्याग और ममता की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी है। कार्यक्रम ने न केवल स्तनपान के महत्व का संदेश दिया, बल्कि मातृत्व की संवेदना, त्याग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया।