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कोरबा

चोटिया परियोजना में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाला : 3 सदस्यीय जांच टीम गठित

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कोरबा/चोटिया। महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना चोटिया में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाला के आरोप को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया और कुछ दिन पूर्व जांच के आदेश दिए थे, जिस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेणु प्रकाश ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है और जांच टीम को समयावधि में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
जांच टीम में ये शामिल
डीपीओ श्रीमती रेणु प्रकाश द्वारा गठित जांच टीम में ये अधिकारी शामिल किए गए हैं।

  1. गजेन्द्र देव सिंह – जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कोरबा
  2. श्रीमती कीर्ति कुरियन जैन– परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना, बरपाली
  3. लक्ष्मीकांत यादव– सहायक ग्रेड-02, कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी-महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला-कोरबा
    तीन दिन के भीतर जांच प्रतिवेदन
    जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेणु प्रकाश ने जांच टीम गठित कर कहा है कि तीन दिन के अंदर जांच प्रतिवेदन उनके समक्ष पेश करें।
    ये है मामला
    महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा अंतर्गत एकीकृत बाल परियोजना चोटिया में प्रभारी परियोजना अधिकारी के रूप में मनोज अग्रवाल सेवारत हैं। दो वर्ष पूर्व चोटिया परियोजना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के लिए 76 पोस्ट के लिए विभाग ने भर्ती विज्ञापन जारी किया था। दो साल बितने के बाद भी प्रभारी परियोजना अधिकारी ने भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाई। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कई बार नोटिस भी भेजा, लेकिन तभी त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा में नई बॉडी का गठन हो गया। नई बॉडी बनने के बाद पहली सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित हुए। जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधुरी तंवर की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती पूजा दुबे ने आंगनबाड़ी भर्ती में अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल को तत्काल हटाकर गड़बड़ी की जांच कराने की मांग की। जिला पंचायत अध्यक्ष डा. पवन सिंह, जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधुरी तंवर ने मामले को गंभीर बताया और मनोज अग्रवाल के खिलाफ जांच की बात कही गई।
    जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधुरी तंवर ने 11 बिंदुओं पर जांच की मांग के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। मामले को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर अजीत वसंत ने जांच के आदेश दिए, जिस पर डीपीओ श्रीमती रेणु प्रकाश ने जांच टीम का गठन किया।
    जनपद सदस्यों ने लगाया वसूली का आरोप
    महिला एवं बाल विकास समिति जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा श्रीमती पूजा दुबे सहित सदस्यों ने प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल द्वारा अभ्यर्थियों से वसूली का आरोप भी लगाया और 76 पदों के लिए आंगनबाड़ी भर्ती को दो साल तक रोके रखना कई संदेहों को जन्म दे रहा है। जांच टीम कई एंगल से जांच करेगी, जिसमें यह बिन्दु भी शामिल है।
    मनोज अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है जनपद सदस्यों ने
    जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा में नई बॉडी के गठन के बाद नए सदस्यों ने 76 पदों पर आंगनबाड़ी भर्ती को गंभीरता से लिया और मामले ने तूल पकड़ा। प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल द्वारा पूर्व में प्रतिनिधि से कहा था कि चुनाव के कारण भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई और वसूली का आरोप निराधार है। जिला स्तरीय जांच टीम द्वारा जांच के बाद पानी का पानी, दूध का दूध हो जाएगा।
    मामला ने जब तूल पकड़ा तो मनोज अग्रवाल चयन सूची को समिति के सामने रखने कई बार बैठक बुलाई, लेकिन नई बॉडी पहले बैठक बुलाने की पहल करते रहे, तब मनोज अग्रवाल किसी की बात सुनते ही नहीं थे और महिला एवं बाल विकास मंत्री का धौंस जमाते रहे। मामला तूल पकड़ने के बाद जनपद सदस्यों ने भी बैठक का बहिष्कार कर दिया और मनोज अग्रवाल को जब तक नहीं हटाया जाता, तब तक उनके नेतृत्व में भर्ती मान्य नहीं होगा।
    कलेक्टर के निर्देश पर जांच टीम का गठन- रेणु प्रकाश
    जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेणु प्रकाश ने कहा कि बीते माह जनपद अध्यक्ष, जनपद सदस्यों ने कलेक्टर साहब को शिकायत पत्र सौंपा था और 11 बिंदुओं में जांच की मांग रखी थी। कलेक्टर साहब के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है और तीन दिन के अंदर जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है। जांच टीम के प्रतिवेदन पर आगे की कार्यवाही की जाएगी और जांच प्रतिवेदन कलेक्टर साहब को सौंपा जाएगा।

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कोरबा

कलेक्टर के सख्त निर्देश:नल से पानी आने पर ही होगा जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान

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कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति
कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।

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कोरबा

डीईओ को नोटिस जारी: छात्र सुरक्षा बीमा प्रभारी क्लर्क के खिलाफ होगी कड़ी कार्यवाही

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मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश
कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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