छत्तीसगढ़
कांग्रेस के एक और जिलाध्यक्ष दावेदार का छलका दर्द:मेनन ने सोशल मीडिया पर लिखा- जिनको सब कुछ दिया, उन्होंने ही पीठ में छुरा घोंपा
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की सूची अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन अंदरूनी घमासान और नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के भीतर चल रही हलचल अब सोशल मीडिया के जरिए बाहर दिखने लगी है।
रायपुर जिले से जिलाध्यक्ष पद के दावेदार और वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्रीकुमार मेनन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने पोस्ट में ‘धोखा’, ‘गद्दार’ और ‘पीठ में छुरा’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
वहीं, 15 अक्टूबर को NSUI और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने रायपुर जिले के पर्यवेक्षक प्रफुल्ल गुडाधे से जिलाध्यक्ष के नाम को लेकर लॉबिंग करने की शिकायत की थी। उन्होंने पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा के बेटे पंकज शर्मा और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय पर श्रीकुमार मेनन के लिए लॉबिंग करने का आरोप लगाया था।
क्या लिखा है मेनन ने?
श्रीकुमार मेनन ने अपनी पोस्ट में लिखा , “किसी ने कहा कि आप इतना धोखा कैसे सह सकते हो, धोखा वो भी अपने लोगों से। तो मैंने कहा धोखा तो नमकहराम और गद्दार करते हैं। जिनको हमने सब कुछ दिया, वही हमारी पीठ में छुरा भोंकते हैं।”
पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन सियासी संकेत साफ हैं। माना जा रहा है कि जिलाध्यक्ष पद को लेकर किसी अंदरूनी राजनीति या निर्णय से वे आहत हैं।

श्रीकुमार मेनन ने फेसबुक पोस्ट में लिखी दिल की बात
पोस्ट पर क्या बोले श्रीकुमार मेनन
जब दैनिक भास्कर ने श्रीकुमार मेनन से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि यह पोस्ट व्यक्तिगत भावना से जुड़ी है। पार्टी से इसका कोई संबंध नहीं है। मैं पार्टी का कर्मठ कार्यकर्ता हूं और पार्टी के हर निर्णय का सम्मान करता हूं।
पहले भी झलक चुकी है नाराजगी
श्रीकुमार मेनन से पहले कांग्रेस नेता शिव सिंह ठाकुर ने भी सोशल मीडिया पर अपनी निराशा व्यक्त की थी। उन्होंने लिखा था –”रायपुर शहर अध्यक्ष के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अब लग रहा है कि इंजीनियरिंग प्रोफेशन में लौटना पड़ेगा।” हालांकि, उन्होंने बाद में अपनी पोस्ट डिलीट कर दी और कहा कि उनका राजनीति छोड़ने का कोई इरादा नहीं है।

शिव सिंह ठाकुर भी जाहिर कर चुके हैं नाराजगी।
17 पर्यवेक्षक तैयार कर रहे पैनल
कांग्रेस ने 41 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए 17 पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, जो अपने-अपने जिलों से 6-6 नामों का पैनल बनाकर AICC को भेजेंगे। अंतिम मुहर हाईकमान की होगी।
कांग्रेस ने कहा, कोई गुटबाजी नहीं, लोगों की व्यक्तिगत पीड़ा है
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि संगठन सृजन का कार्यक्रम पूरी तरह से पारदर्शी है, उसमें छोटे से लेकर बड़े कार्यकर्ता तक अपनी दावेदारी कर सकते हैं। हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता ने पर्यवेक्षक के पास आकर अपनी निष्पक्ष राय दी है।
सोशल मीडिया पर जहां तक लिखने का सवाल है तो पार्टी की तरफ से कोई रोक-टोक नहीं है, हो सकता है किसी ने किसी से अपेक्षा की हो और वैसा न हुआ हो, तो उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा व्यक्त की है, इसमें कहीं से कई गुटबाजी वाली बात नहीं है।
छत्तीसगढ़
रायपुर : छत्तीसगढ़ की महिलाएं आत्मनिर्भरता और नवाचार से बना रही हैं नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री साय
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रायपुर में ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम में लखपती दीदियों से किया आत्मीय संवाद





रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता, मेहनत और नवाचार के बल पर नई पहचान बना रही हैं और हमारी सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में प्रदेश भर से आई स्व-सहायता समूह की हजारों महिलाएं और लखपति दीदियां उत्साहपूर्वक शामिल हुईं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का निवास होता है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं घरों तक सीमित रहती थीं, लेकिन आज प्रदेश की महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन का लक्ष्य लखपति दीदियों को और अधिक सशक्त बनाकर गांव की प्रत्येक महिला को लखपति बनाना और भविष्य में लखपति ग्राम का निर्माण करना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से वर्तमान में लगभग 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में 10 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के लोगों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है और इनके निर्माण में बिहान की दीदियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके तहत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को 24 किश्तों में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है तथा इस वर्ष के बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लखपति दीदी योजना से प्रदेश की 5 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अब लखपति दीदी भ्रमण योजना शुरू कर उन्हें देश-प्रदेश के व्यावसायिक केंद्रों और शक्ति पीठों का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत विभाग द्वारा 250 महतारी सदनों का निर्माण, आंगनबाड़ी संचालन और पोषण योजनाओं के लिए भी इस वर्ष के बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए रानी दुर्गावती योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी लखपति दीदियों से पूरे प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रेरणा मिल रही है और अब हमारा लक्ष्य लखपति दीदियों को करोड़पति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुई बकरी पालन क्लस्टर परियोजना से प्रदेश में बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना और आईआईएम रायपुर के साथ एमओयू से स्व-सहायता समूहों की आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में माताओं-बहनों की बड़ी भूमिका होगी। आज महिलाएं गांवों में सेंट्रिंग प्लेट उपलब्ध कराने से लेकर ड्रोन उड़ाने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। एक नारी शिक्षित होती है तो दो परिवार और पूरा समाज शिक्षित होता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया और लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन कर उन्हें लखपति दीदी ग्राम घोषित किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि महिलाओं को लखपति बनाना संभव नहीं है, लेकिन आज प्रदेश में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ये महिलाएं लखपति से करोड़पति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने अपनी प्रेरक कहानियां साझा कीं। बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक की लखपति दीदी श्रीमती राजकुमारी कश्यप ने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनके क्षेत्र में बाइक से आना-जाना भी कठिन था, लेकिन आज वह लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार खेती पर निर्भर है और मुर्गीपालन से उन्हें सालाना 6–7 लाख रुपये की आय हो रही है।
बालोद जिले की भुनेश्वरी साहू ने बताया कि उन्होंने 20 हजार रुपये का ऋण लेकर सिलाई मशीन से काम शुरू किया और बाद में उन्हें सरकार की पहल से ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग मिली। आज वह अपने क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती हैं।
जशपुर जिले की लखपति दीदी श्रीमती अनिता साहू ने बताया कि वह ईंट निर्माण का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब समूह की साप्ताहिक बैठक में 10 रुपये जमा करने के लिए भी दूसरों पर निर्भर होना पड़ता था, लेकिन आज वह लखपति बन चुकी हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिनमें से लगभग एक लाख महिलाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10 लाख 26 हजार स्व-सहायता समूहों से जुड़कर 30 लाख 85 हजार महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, सचिव भीम सिंह, रायपुर संभाग के आयुक्त महादेव कावड़े, कलेक्टर गौरव सिंह, मिशन संचालक अश्वनी देवांगन सहित बड़ी संख्या में लखपति दीदियां और स्व-सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।
छत्तीसगढ़
सारागांव-सक्ती चौथी रेल लाइन का सफल हाई-स्पीड ट्रायल:शुरुआत सारागांव देवरी स्टेशन से हुई, 22.2 किमी विद्युतीकृत नई लाइन पर अब स्पीड से दौड़ेंगी ट्रेनें
बिलासपुर,एजेंसी। सारागांव देवरी–बाराद्वार–जेठा–सक्ती के बीच 22.2 किलोमीटर लंबी नई विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन का निर्माण पूरा हो गया है। दक्षिण पूर्व सर्किल के आयुक्त, रेलवे सेफ्टी बीके मिश्रा ने पिछले दो दिनों में इस नई रेल लाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान सारागांव देवरी स्टेशन के पास ओएमएस कोच से हाई-स्पीड ट्रायल भी सफलतापूर्वक किया गया।
आयुक्त रेलवे सेफ्टी बीके मिश्रा ने 5 और 6 मार्च को रेल लाइन का विस्तृत निरीक्षण किया। 5 मार्च को निरीक्षण की शुरुआत सारागांव देवरी स्टेशन से हुई। यहां उन्होंने स्टेशन के केबिन, पैनल रूम और यार्ड का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों से तकनीकी जानकारी ली।
मोटर ट्रॉली से रेल लाइन का निरीक्षण
इसके बाद आयुक्त ने अपनी टीम के साथ सारागांव देवरी–बाराद्वार–जेठा–सक्ती के बीच नई चौथी लाइन का मोटर ट्रॉली से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इंटरलॉकिंग सिस्टम, प्वाइंट और क्रॉसिंग, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (OHE) व्यवस्था, पुल-पुलिया, समपार फाटक और सिग्नलिंग उपकरणों सहित सुरक्षा और संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की गई।

बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेल खंड में तेजी से काम
बिलासपुर मंडल में नई रेल लाइनों के निर्माण, दोहरीकरण, तृतीय और चतुर्थ रेल लाइन परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इसी क्रम में बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेल खंड के बीच करीब 206 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन का निर्माण चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।
अंतिम स्वीकृति के बाद दौड़ेंगी ट्रेनें
आयुक्त रेलवे सेफ्टी से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद इस नई चौथी रेल लाइन पर यात्री और मालगाड़ियों का संचालन शुरू किया जाएगा। रेल प्रशासन का दावा है कि चौथी लाइन शुरू होने से इस महत्वपूर्ण रेल खंड की परिचालन क्षमता बढ़ेगी। यात्री और माल परिवहन अधिक सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगा।
छत्तीसगढ़
महिला दिवस पर महिला आयोग का महा जनसुनवाई सप्ताह:8 से 13 मार्च तक चलेगा अभियान
रायपुर,एजेंसी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने प्रदेशभर की महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए विशेष पहल शुरू की है। आयोग 8 से 13 मार्च 2026 तक राज्य के सभी पांच संभागों में महा जनसुनवाई सप्ताह आयोजित करेगा।
इस दौरान प्रदेश के 33 जिलों से जुड़े महिला उत्पीड़न, घरेलू विवाद और पारिवारिक मामलों की सुनवाई संभाग स्तर पर की जाएगी। आयोग को उम्मीद है कि इस अभियान के जरिए बड़ी संख्या में लंबित मामलों का समाधान हो सकेगा और प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी।
पहले भी हजारों मामलों का हुआ निराकरण
महिला आयोग के अनुसार पिछले करीब साढ़े पांच वर्षों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 370 से अधिक जनसुनवाई आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में 8000 से ज्यादा मामलों का निराकरण किया गया है। इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए इस बार संभाग स्तर पर व्यापक जनसुनवाई अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के मामलों की सुनवाई की जाएगी।
सुबह 10 बजे से शुरू होगी सुनवाई
आयोग ने बताया कि सभी संभागों में जनसुनवाई सुबह 10 बजे से शुरू होगी। जिन आवेदकों के मामले पहले से सूचीबद्ध हैं, उन्हें सुनवाई में स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा।
इसके अलावा जो महिलाएं पहले आवेदन नहीं कर पाई हैं, वे भी सुनवाई स्थल पर पहुंचकर नया आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।
मामलों के लिए दो न्यायपीठ गठित
मामलों की संख्या को देखते हुए आयोग ने सुनवाई के लिए दो न्यायपीठों का गठन किया है।
मुख्य न्यायपीठ का नेतृत्व आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक और संबंधित संभाग की प्रभारी सदस्य करेंगी। यह पीठ गंभीर महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी।
वहीं दूसरी न्यायपीठ में आयोग की अन्य सदस्य शामिल रहेंगी, जहां ऐसे मामलों की सुनवाई होगी जिनका समाधान काउंसलिंग और आपसी समझौते से संभव है।
विभाग और प्रशासन का सहयोग
इस अभियान को सफल बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला संरक्षण अधिकारी, सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विधिक सलाहकारों का सहयोग लिया जा रहा है। सुनवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की भी व्यवस्था रहेगी।
संभागवार कार्यक्रम और प्रकरण
9 मार्च – सरगुजा संभाग स्थान: जिला पंचायत सभाकक्ष, अंबिकापुर जिले: सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर कुल प्रकरण: 101
10 मार्च – बिलासपुर संभाग स्थान: प्रार्थना भवन, जल संसाधन विभाग परिसर, बिलासपुर जिले: बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कुल प्रकरण: 169
11 मार्च – दुर्ग संभाग स्थान: प्रेरणा सभाकक्ष, जिला महिला एवं बाल विकास विभाग परिसर, दुर्ग जिले: दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई कुल प्रकरण: 113
12 मार्च – रायपुर संभाग स्थान: छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग कार्यालय परिसर, शास्त्री चौक, रायपुर जिले: रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद कुल प्रकरण: 292
13 मार्च – बस्तर संभाग स्थान: प्रेरणा सभाकक्ष, कलेक्ट्रेट परिसर, जगदलपुर जिले: बस्तर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर कुल प्रकरण: 87
आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिला आयोग लगातार जनसुनवाई के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह महा जनसुनवाई सप्ताह प्रदेश की महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी आवेदकों से अपील की है कि वे समय पर उपस्थित होकर अपनी समस्याएं रखें, ताकि उनका त्वरित निराकरण किया जा सके।
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