छत्तीसगढ़
रायपुर : छत्तीसगढ़ की महिलाएं आत्मनिर्भरता और नवाचार से बना रही हैं नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री साय
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रायपुर में ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम में लखपती दीदियों से किया आत्मीय संवाद





रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता, मेहनत और नवाचार के बल पर नई पहचान बना रही हैं और हमारी सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में प्रदेश भर से आई स्व-सहायता समूह की हजारों महिलाएं और लखपति दीदियां उत्साहपूर्वक शामिल हुईं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का निवास होता है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं घरों तक सीमित रहती थीं, लेकिन आज प्रदेश की महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन का लक्ष्य लखपति दीदियों को और अधिक सशक्त बनाकर गांव की प्रत्येक महिला को लखपति बनाना और भविष्य में लखपति ग्राम का निर्माण करना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से वर्तमान में लगभग 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में 10 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के लोगों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है और इनके निर्माण में बिहान की दीदियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके तहत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को 24 किश्तों में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है तथा इस वर्ष के बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लखपति दीदी योजना से प्रदेश की 5 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अब लखपति दीदी भ्रमण योजना शुरू कर उन्हें देश-प्रदेश के व्यावसायिक केंद्रों और शक्ति पीठों का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत विभाग द्वारा 250 महतारी सदनों का निर्माण, आंगनबाड़ी संचालन और पोषण योजनाओं के लिए भी इस वर्ष के बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए रानी दुर्गावती योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी लखपति दीदियों से पूरे प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रेरणा मिल रही है और अब हमारा लक्ष्य लखपति दीदियों को करोड़पति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुई बकरी पालन क्लस्टर परियोजना से प्रदेश में बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना और आईआईएम रायपुर के साथ एमओयू से स्व-सहायता समूहों की आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में माताओं-बहनों की बड़ी भूमिका होगी। आज महिलाएं गांवों में सेंट्रिंग प्लेट उपलब्ध कराने से लेकर ड्रोन उड़ाने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। एक नारी शिक्षित होती है तो दो परिवार और पूरा समाज शिक्षित होता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया और लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन कर उन्हें लखपति दीदी ग्राम घोषित किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि महिलाओं को लखपति बनाना संभव नहीं है, लेकिन आज प्रदेश में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ये महिलाएं लखपति से करोड़पति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने अपनी प्रेरक कहानियां साझा कीं। बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक की लखपति दीदी श्रीमती राजकुमारी कश्यप ने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनके क्षेत्र में बाइक से आना-जाना भी कठिन था, लेकिन आज वह लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार खेती पर निर्भर है और मुर्गीपालन से उन्हें सालाना 6–7 लाख रुपये की आय हो रही है।
बालोद जिले की भुनेश्वरी साहू ने बताया कि उन्होंने 20 हजार रुपये का ऋण लेकर सिलाई मशीन से काम शुरू किया और बाद में उन्हें सरकार की पहल से ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग मिली। आज वह अपने क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती हैं।
जशपुर जिले की लखपति दीदी श्रीमती अनिता साहू ने बताया कि वह ईंट निर्माण का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब समूह की साप्ताहिक बैठक में 10 रुपये जमा करने के लिए भी दूसरों पर निर्भर होना पड़ता था, लेकिन आज वह लखपति बन चुकी हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिनमें से लगभग एक लाख महिलाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10 लाख 26 हजार स्व-सहायता समूहों से जुड़कर 30 लाख 85 हजार महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, सचिव भीम सिंह, रायपुर संभाग के आयुक्त महादेव कावड़े, कलेक्टर गौरव सिंह, मिशन संचालक अश्वनी देवांगन सहित बड़ी संख्या में लखपति दीदियां और स्व-सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।
छत्तीसगढ़
महिलाएं बोलीं- नहीं चाहिए महतारी वंदन:घर बर्बाद हो रहे, शराब दुकान बंद करो; आबकारी मंत्री ने कहा था- इसी आय से चल रही योजनाएं
सरगुजा, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सरगुजा के दरिमा में खोले गए अंग्रेजी शराब दुकान के विरोध में महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। महिलाओं ने कहा कि, शराब दुकान की आय से महतारी वंदन का पैसा दिया जा रहा है, तो हमें महतारी वंदन नहीं चाहिए। उन्होंने सोमवार को सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 3 दिन में शराब दुकान हटाने का अल्टीमेटम दिया है, वर्ना महिलाएं आंदोलन करेंगी।

इससे पहले आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा था कि, आबकारी विभाग से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल महतारी वंदन योजना, एमएससी और आवास योजना के तहत गरीबों के लिए घर बनाने में किया जा रहा है। जिसके बाद महिलाओं ने कहा कि, ऐसी योजनाओं का लाभ नहीं चाहिए, जिससे किसी का घर बर्बाद हो।
दरअसल, सरगुजा में आबकारी विभाग ने दरिमा में एयरपोर्ट के बाहर गांव में अंग्रेजी शराब दुकान खोल दिया है। जिसके विरोध में दूसरी बार महिलाएं अंबिकापुर पहुंचीं। एक सप्ताह पहले महिलाओं ने कलेक्टर को जनदर्शन में शराब दुकान हटाने का आवेदन दिया था।
इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो महिलाओं ने सोमवार को फिर से अंबिकापुर पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने 3 दिन में शराब दुकान हटाने का अल्टीमेटम दिया है। नहीं तो आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
महिलाएं बोलीं- ऐसे पैसों से हमें योजनाओं का लाभ नहीं चाहिए
आशा दास ने कहा कि, आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने बयान में कहा है कि शराब बेचने से जो आय होती है, उससे महतारी वंदन और बाकी योजनाओं के लिए पैसा दिया जाता है। आशा दास ने कहा कि सरकार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि शराब के पैसे से महतारी वंदन का पैसा दिया जा रहा है, तो हमें महतारी वंदन का पैसा नहीं चाहिए।
हम शराब दुकान नहीं हटाने तक प्रदर्शन करेंगे। सरकार यदि गरीब स्थिति में है, तो वो शराब न बेचे। योजना भी न चलाए। क्योंकि किसी के हाय के पैसे से किसी का भविष्य उज्जवल नहीं होता। किसी का घर उजाड़कर किसी का घर नहीं बसता है।
मंत्री जी शराब से मिलने वाले आया का आंकड़ा लगा लिए, लेकिन मंत्री जी यह आंकड़ा भी लगाए कि, उस शराब को पीने से कितने बहनों का घर उजड़ा। कितनी माताएं अपने बेटे के लिए तरसीं। कितने युवाओं का एक्सीडेंट हुआ। कितने लोगों का लीवर और किडनी खराब हो गए। कितनी महिलाओं को टेंशन में अटैक आया, कितनों ने फांसी लगा ली।
किसी भी शर्त पर शराब दुकान नहीं चलने देंगे
महिलाओं ने कहा कि, पहले इस इलाके के युवा सरकारी भर्तियों में चयनित हो रहे थे। शराब बिकने से आसानी से युवाओं को शराब मिलने लगा है। जिससे उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। महिलाओं ने कहा कि, किसी भी शर्त पर वे दरिमा में शराब दुकान नहीं चलने देंगे।
शराब दुकान हटाने तक देंगे धरना
महिलाओं ने कहा कि, शराब दुकान को 3 दिन में नहीं हटाया जाता है, तो वे आंदोलन करेंगी। शराब दुकान हटाने तक आंदोलन चलेगा। शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर करीब 30 महिलाएं सरगुजा कलेक्टर के पास पहुंची थीं।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी, 30-50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी:कमर्शियल यूजर्स के लिए 20-40 पैसे बढ़ी कीमत, 1 जुलाई से लागू होगी नई दरें
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरें जारी कर दी हैं। नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट महंगी होगी।
वहीं कमर्शियल बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। कृषि पंपों की बिजली दर में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप कनेक्शनों पर ऊर्जा प्रभार में मिलने वाली छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।
आयोग ने बताया कि बिजली वितरण कंपनी की ओर से प्रस्तावित 24 प्रतिशत वृद्धि को खारिज किया गया है। औसतन 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए टैरिफ 6.42 रुपए प्रति kVAh तय किया गया है।
नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में लागू होंगी। आयोग के अनुसार, बिजली कंपनी को 1 यूनिट बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में औसतन 7.13 रुपए खर्च हो रहे हैं, लेकिन वर्तमान बिजली दरों के हिसाब से उसे प्रति यूनिट सिर्फ 6.71 रुपए की आय हो रही है।

CSERC ने 2026-27 के लिए नई बिजली दरों का ऐलान किया।
नई दरों का असर आम जनता पर सीमित- शुक्ला
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के सचिव सूर्य प्रकाश शुक्ला ने कहा कि पूरे टैरिफ में देखे तो 40 से 42 पैसे औसतन वृद्धि की गई है, लेकिन सभी श्रेणियों में एक समान बढ़ोतरी नहीं हुई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए निचले स्लैब में 30 पैसे प्रति यूनिट और ऊपरी स्लैब में 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है।
200 यूनिट तक बिजली बिल में छूट मिलती रहेगी
उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली बिल हाफ योजना का लाभ ले रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं की मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें 200 यूनिट तक बिजली बिल में छूट मिलती है। राज्य के लगभग 70 से 75 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता इसी श्रेणी में आते हैं, इसलिए नई दरों का असर उन पर सीमित रहेगा।
शुक्ला ने कहा कि 400 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करने वाले कई उपभोक्ताओं ने सौर ऊर्जा योजना के तहत रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए हैं। इससे उनकी ग्रिड से बिजली की खपत कम हो जाती है और वे भी कम खपत वाली श्रेणी में आकर विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि पंपों के संबंध में शुक्ला ने कहा कि सब्सिडी प्राप्त करने वाले किसानों के लिए भी बिजली दरों में केवल 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी व्यवस्था यथावत रहने से किसानों पर बढ़ोतरी का असर सीमित रहेगा।
लो-वोल्टेज उपभोक्ताओं के लिए बड़े बदलाव
- अस्थायी कनेक्शन पर सामान्य टैरिफ का 1.5 गुना शुल्क लगेगा।
- 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं पर टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ लागू।
- सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग पर 5 प्रतिशत छूट।
- शाम 5 से रात 11 बजे तक उपयोग पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क।
- 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले घरेलू व व्यावसायिक उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक समय में 20 पैसे प्रति यूनिट छूट।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग के लिए टैरिफ 7.13 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित।
- महिला स्व-सहायता समूहों को ऊर्जा शुल्क में 10 प्रतिशत छूट जारी।
- ग्रामीण, बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों को 10 प्रतिशत छूट जारी।
- पोहा और मुरमुरा मिलों को ऊर्जा शुल्क में 10 प्रतिशत छूट जारी।
हाई वोल्टेज उपभोक्ताओं के लिए अहम फैसले
- हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए टैरिफ 6.42 रुपए प्रति kVAh तय।
- स्टोन माइंस को HV-3 औद्योगिक श्रेणी में शामिल किया गया।
- आयरन वाशरी और बेनिफिसिएशन प्लांट को HV-4 श्रेणी में रखा गया।
- छोटे और माइक्रो हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को पहले 5 वर्षों तक डिमांड चार्ज से छूट जारी।
- सौर ऊर्जा उत्पादकों के लिए ट्रांसमिशन शुल्क संबंधी नई व्यवस्था लागू।
- पैरेलल ऑपरेशन चार्ज 16 पैसे प्रति यूनिट निर्धारित।
- ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया आधारित ऊर्जा पर क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज नहीं लगेगा।
अलग-अलग स्लैब के हिसाब से की गई बढ़ोतरी को समझिए
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सबसे कम खपत वाले वर्ग यानी 0 से 100 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वालों की दर 4.10 रुपए से बढ़ाकर 4.40 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। यानी 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है।
101 से 200 यूनिट तक खपत करने वालों की दर 4.20 रुपए से बढ़कर 4.50 रुपए प्रति यूनिट हो गई है। यहां भी 30 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार बढ़ा है।
201 से 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के लिए दर 5.60 रुपए से बढ़कर 6 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। इस वर्ग में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है।
401 से 600 यूनिट तक खपत करने वालों को पहले 6.60 रुपए प्रति यूनिट देना पड़ता था, अब 7 रुपए प्रति यूनिट देना होगा। यहां भी 40 पैसे प्रति यूनिट का भार बढ़ा है।
वहीं 600 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के लिए दर 8.30 रुपए से बढ़ाकर 8.80 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। इस वर्ग पर सबसे ज्यादा 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
दुकानों और कमर्शियल यूजर्स पर कितना असर?
छोटी दुकानों, कार्यालयों और अन्य गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 0 से 100 यूनिट तक की दर 6.30 रुपए से बढ़कर 6.50 रुपए प्रति यूनिट हो गई है। यानी 20 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी हुई है।
101 से 400 यूनिट तक खपत वाले कमर्शियल उपभोक्ताओं की दर 7.30 रुपए से बढ़कर 7.60 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। यहां 30 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार बढ़ा है।
401 यूनिट से अधिक खपत वाले कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए दर 8.70 रुपए से बढ़कर 9.10 रुपए प्रति यूनिट हो गई है। इस वर्ग में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है।
थ्री-फेज कमर्शियल कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है।
ज्यादा बिजली खपत करने वालों पर ज्यादा असर
अगर आपके घर 200 यूनिट बिजली खर्च करता है तो हर यूनिट पर 30 पैसे ज्यादा लगेंगे। 400 यूनिट तक खपत करने वालों को प्रति यूनिट 40 पैसे ज्यादा देने होंगे, जबकि 600 यूनिट से ऊपर जाने पर 50 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।
इसी तरह दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए बिजली 20 पैसे से 40 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी हुई है। ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर बढ़ी हुई दरों का असर ज्यादा दिखाई देगा।
छत्तीसगढ़
‘टूरा भोको लोलो’ फेम रैपर एप्पी राजा का निधन:6 महीने पहले तबीयत बिगड़ी, ऑपरेशन के बाद शरीर में खून की कमी थी
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ लोकप्रिय रैपर और सिंगर एप्पी राजा उर्फ चेतन चांडक (32) का निधन हो गया। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। रायपुर में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर सामने आते ही संगीत जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई।

बताया जा रहा है कि, करीब 6 महीने पहले एप्पी राजा की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उनके दोस्तों ने बताया था कि, एक ऑपरेशन के बाद उनके शरीर में खून की कमी हो गई थी।
लगातार हीमोग्लोबिन गिरने के कारण उन्हें कमजोरी, चक्कर और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत थी। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था और उन्हें रक्त भी चढ़ाया जा रहा था।

छत्तीसगढ़ लोकप्रिय रैपर और सिंगर एप्पी राजा उर्फ चेतन चांडक (32) का निधन हो गया।
भानुप्रतापपुर के रहने वाले थे एप्पी राजा
बस्तर के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के रहने वाले एप्पी राजा ने अपने दम पर छत्तीसगढ़ी रैप को नई पहचान दिलाई थी। कम उम्र से ही रैप गीत लिखने वाले एप्पी ने आर्थिक संघर्षों के बीच अपना सफर तय किया। परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें कुछ समय तक गुजरात के सूरत में नौकरी भी करनी पड़ी, लेकिन संगीत के प्रति उनका जुनून उन्हें फिर इसी क्षेत्र में वापस ले आया।
‘टूरा भोको लोलो’ से मिली पहचान
एप्पी राजा को सबसे ज्यादा पहचान उनके चर्चित रैप सॉन्ग ‘टूरा भोको लोलो’ से मिली। यह गीत रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार छत्तीसगढ़ी संगीत प्रेमियों को नए गीत दिए।
उनके अन्य चर्चित गीतों में ‘आ जा रे टुरी तोला रसगुल्ला खवाहु’, ‘छत्तीसगढ़ एंथम’ और ‘चो चो हस’ शामिल हैं। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और शहीद भगत सिंह पर भी रैप गीत तैयार किए थे, जिन्हें लोगों ने काफी पसंद किया।
सोशल मीडिया पर भी थी जबरदस्त लोकप्रियता
एप्पी राजा सोशल मीडिया पर भी बेहद लोकप्रिय थे। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 1.98 लाख फॉलोअर्स है। वहीं उनके यूट्यूब चैनल पर 5.95 लाख सब्सक्राइबर्स जुड़े हुए थे। उनके गीतों की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके यूट्यूब चैनल को अब तक 13 करोड़ 24 लाख से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।
छत्तीसगढ़ी रैप को नई पहचान दिलाने वाले एप्पी राजा के गानों को प्रदेश के साथ-साथ देश-विदेश में रहने वाले छत्तीसगढ़ियों ने भी खूब पसंद किया।
पंजाब से मिला था पहला बड़ा मौका
साल 2015 में पंजाब की एक म्यूजिक कंपनी ने उनका रैप सुनकर उन्हें रिकॉर्डिंग का मौका दिया था। यहीं से उनके करियर को नई दिशा मिली। संघर्ष और मेहनत के दम पर एप्पी राजा ने खुद को छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित रैप कलाकारों में शामिल किया।
उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसक, कलाकार और संगीत प्रेमी उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ी संगीत जगत ने अपनी एक लोकप्रिय और युवा आवाज खो दी है।
दिलचस्प है एप्पी के जिंदगी की कहानी
– नक्सली प्रभावित जिले बस्तर के छोटे से कस्बे में रहने वाले एप्पी राजा का असली नाम चेतन चांडक है। वे 13-14 साल की उम्र से ही रैप साॅन्ग्स लिख रहे हैं।
– तमाम मुश्किलों से गुजरते हुए उन्होंने ‘टूरा भाेको लोलो’ गाना कुछ साल पहले लिखा था, लेकिन तब उनके पास इसे रिकॉर्ड करने के लिए पैसे और रिसोर्स नहीं थे।
– साल 2015 में उन्हें पंजाब के लुधियाना से एक म्यूजिक कपंनी का मेल आया कि आप अपना एक रैप रिकाॅर्ड कर भेजें। कंपनी को रैप की लाइन पसंद आ गई और उन्हें पंजाब बुला लिया गया।
– वहीं ऐप्पी ने अपना गाना रिकाॅर्ड किया और इसे यू-ट्यूब पर रिलीज कर दिया।
– गाना रिलीज हाेते ही इसे गजब का रिस्पॉन्स मिला। लोग सोशल मीडिया पर इसे शेयर करने लगे।
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गाने को पिछले दो महीने में करीब 7 लाख लोग यू-ट्यूब, फेसबुक और व्हाट्सऐप पर सुन चुके हैं।
– एप्पी राजा को साल 2014 में MH-1 Channel ने गाने के लिए ऑफर दिया, जब उसने सबसे पहला रैप सांग डी-टू-बी गाया।
– एप्पी ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन को लेकर भी रैप साॅन्ग ‘ट्रिब्यूट टू डाॅ एपीजे अब्दुल कलाम’ और सरदार भगत सिंह पर सच्चा वीर और स्वतंत्रता दिवस पर भी रैप सांग बनाया है।
– ऐप्पी जब 11वीं क्लास में थे तो उनके पिता को हार्ट अटैक आया और वे बीमार रहने लगे। घर की माली हालत बिगड़ी तो मां ने सिलाई का काम शुरू किया।
– ऐप्पी भी घर की मदद करने गुजरात के सूरत चले गए। वहां एक कपड़े की दुकान में काम करते थे। जहां उन्हें 3-4 हजार रुपए मिलते थे।
– कुछ दिन काम किया, लेकिन मन नहीं लगा और वापस लौट आए। फिर माता-पिता के सपोर्ट से ही वे पहली बार करियर की तलाश में 2015 में पंजाब जा पाए।
– पंजाब के एक सिंगर अक्स से मुलाकात हुई, जिन्होंने पंजाब बुलाकर आगे बढ़ने में मदद की।
– वहां भी तंगी के चलते काफी मुश्किल होती थी। उनके गुरू और पंजाबी फिल्मों के म्यूजिक डायरेक्टर सरजीत शानू ने अपने स्टूडियो में रहने जगह दे दी।
– मौका हाथ लगा तो पूरी रात स्टूडियो में मेहनत कर गाना बनाकर उसकी म्यूजिक कम्पोज करने लगे।
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