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छत्तीसगढ़

रायपुर : पीएम आवास योजना 2.0 में 28,461 घरों के लिए 435 करोड़ की स्वीकृति से ‘सभी के लिए आवास’ के संकल्प को मिलेगी नई गति: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास दिलाना हमारा संकल्प – उपमुख्यमंत्री अरुण साव

छत्तीसगढ़ के लिए 263 परियोजनाएं स्वीकृत, 36 माह में पूरे होंगे काम

रतनपुर में डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट, आधुनिक और उन्नत तकनीकों से बीएमटीपीसी बनाएगी 40 आवास

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शहरी गरीबों के लिए बड़े पैमाने पर आवास निर्माण की राह खुल गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत राज्य में 28 हजार 461 नए पक्के घरों के निर्माण के लिए 435 करोड़ रुपये से अधिक की केंद्रीय सहायता स्वीकृत हुई है। केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति ने राज्य की 263 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। 

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत राज्य में 28 हजार 461 नए पक्के आवासों के निर्माण के लिए 435 करोड़ रुपए से अधिक की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। हाल ही में 23 फरवरी को केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (Central Sanction & Monitoring Committee) की बैठक में इसकी मंजूरी दी गई। इससे राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाना मिल सकेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सभी के लिए आवास’ के संकल्प को साकार करने देशभर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का क्रियान्वयन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में शहरी गरीबों को किफायती और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने सक्रियता से काम किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव नियमित समीक्षा कर आवासों के आबंटन और इनके निर्माण में तेजी व पारदर्शिता सुनिश्चित करने विभागीय अधिकारियों को लगातार निर्देशित कर रहे हैं।

केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में छत्तीसगढ़ द्वारा प्रस्तुत 263 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें 211 लाभार्थी आधारित निर्माण परियोजनाएं (Beneficiary-led Construction) और 52 किफायती आवास साझेदारी परियोजनाएं (Affordable Housing Projects) शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेशभर के नगरीय निकायों में कुल 28 हजार 461 आवासों का निर्माण किया जाएगा।

लाभार्थी आधारित निर्माण घटक के तहत 13 हजार 058 आवासों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें पात्र हितग्राही अपनी स्वयं की भूमि पर पक्का घर बना सकेंगे। प्रथम बैच में 52 परियोजनाओं के माध्यम से 3844 आवासों को मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 57 करोड़ 66 लाख रुपए की केंद्रीय सहायता स्वीकृत हुई है। वहीं द्वितीय बैच में 159 परियोजनाओं के अंतर्गत 9214 आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 138 करोड़ 21 लाख रुपए की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। इन आवासों की प्रति इकाई परियोजना लागत लगभग 3 लाख 89 हजार रुपए निर्धारित की गई है।

किफायती आवास साझेदारी घटक के तहत 15 हजार 363 आवासों का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत शासकीय भूमि पर सार्वजनिक एजेंसियों के माध्यम से सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर विकसित किए जाएंगे, जिनमें स्लम पुनर्विकास और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए किफायती आवास उपलब्ध होंगे। इस घटक के प्रथम बैच में 24 परियोजनाओं के जरिए 6996 आवासों को मंजूरी दी गई है, जबकि दूसरे बैच में 28 परियोजनाओं के माध्यम से 8367 आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इन आवासों की प्रति इकाई लागत 5 लाख 75 हजार रुपए तय की गई है। ये सभी परियोजनाएं 36 महीनों में पूर्ण की जाएंगी।

भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक 50 हजार आवासों के प्रस्ताव प्रस्तुत करने का लक्ष्य दिया था। छत्तीसगढ़ ने 52 हजार 588 आवासों के प्रस्ताव भेजकर लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में राज्य की इस सक्रियता और तत्परता की सराहना भी की गई। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी परियोजनाओं के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन, भू-अभिलेख, लाभार्थी सूची और यूनिफाइड वेब पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियां केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की गई हैं। सभी पात्र हितग्राहियों को केंद्रीय सहायता आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाएगी। यूनिफाइड वेब पोर्टल के जरिए पारदर्शी तरीके से यह पूरी प्रक्रिया संचालित की जाएगी।

रतनपुर में भारत सरकार का नवाचारी प्रोजेक्ट, पात्र लोगों को किराये पर देगा सूडा

केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में बिलासपुर जिले के रतनपुर में एक अभिनव डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट (Demonstration Housing Project) को भी मंजूरी मिली है। यह परियोजना भारत सरकार की नवाचार आधारित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे देश के चुनिंदा राज्यों में ही स्वीकृत किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आधुनिक और उन्नत तकनीकों का उपयोग कर 40 आवास बनाए जाएंगे। इनका निर्माण भवन निर्माण सामग्री एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन परिषद (Building Materials & Technology Promotion Council) द्वारा किया जाएगा। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) इन आवासों को पात्र लोगों को किराये पर उपलब्ध कराएगा। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थल रतनपुर में आकार लेने वाली यह परियोजना सामाजिक उपयोग के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा देने में सहायक होगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव की विशेष कोशिशों से रतनपुर को यह परियोजना मिली है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ को बड़ी उपलब्धि मिली है। राज्य में 28,461 नए पक्के घरों के निर्माण के लिए 435 करोड़ रुपये से अधिक की केंद्रीय सहायता स्वीकृत हुई है। इससे हजारों जरूरतमंद परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार होगा। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 263 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है और अगले 36 महीनों में इन आवासों का निर्माण किया जाएगा। बिलासपुर जिले के रतनपुर में आधुनिक तकनीक से 40 आवासों का एक विशेष प्रोजेक्ट भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल सके।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शहरी गरीबों को आवासीय सुरक्षा प्रदान करने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की लगातार निगरानी की जा रही है। नगरीय निकायों के सहयोग से पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें समयबद्ध तरीके से योजना से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को पक्के आवास दिए जा सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही 435 करोड़ रुपए की सहायता से आवास निर्माण में और तेजी आएगी।

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छत्तीसगढ़

अब मैं भी पैसा कमाऊंगा पापा, 6 महीने पहले पिता से किया वादा अधूरा, सड़क हादसे में गई युवक की जान

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अब मैं भी पैसा कमाऊंगा पापा महज 6 महीने पहले पिता से किया यह वादा 21 साल के विकास दास पूरा नहीं कर सका। सुबह-सुबह साइकिल से अखबार बांटने निकला यह युवक नेशनल हाईवे-130 पर हिट एंड रन का शिकार हो गया।

रतनपुर। सुबह-सुबह साइकिल पर अखबार बांटने निकला 21 साल का विकास दास घर की जिम्मेदारी संभालने का सपना लेकर निकला था, लेकिन नेशनल हाइवे-130 पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसके सपनों को कुचल दिया। दर्दनाक यह कि मौत के बाद भी परिवार को इंसाफ के लिए थानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मोहतराई का रहने वाला विकास दास रोज की तरह सुबह करीब 5.45 बजे साइकिल से अखबार बांटने निकला था। घर की आर्थिक जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिए यह युवा अपने दिन की शुरुआत कर रहा था, लेकिन उसे क्या पता था कि यह उसकी जिंदगी की आखिरी सुबह होगी। नेशनल हाइवे-130 पर ‘पप्पू ढाबा ’ के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे भयानक टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया।

सड़क पर तड़पते विकास को ग्रामीणों और परिजनों ने 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सिम्स अस्पताल रेफर कर दिया, जहां वेंटिलेटर पर जिंदगी से जूझते हुए दोपहर करीब 1 बजे उसने दम तोड़ दिया।

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कोरबा

पेट्रोल पंप पर नियमों की अनदेखी, कलेक्टर ने चेताया:टैंकर से सीधे डीजल भरने पर होगी कड़ी कार्रवाई, बड़े हादसे का खतरा

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कोरबा। कोरबा जिले में एक पेट्रोल पंप पर टैंकर से सीधे डीजल भरने का गंभीर मामला सामने आया है। यह प्रशासनिक नियमों का खुला उल्लंघन है और इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

नियमों के अनुसार अनुसार, पेट्रोल पंप पर टैंकर से सीधे डीजल वितरण प्रतिबंधित है। पेट्रोलियम अधिनियम 2002 के तहत, डीजल की आपूर्ति केवल अधिकृत डिपो या निर्धारित प्रक्रिया से ही की जा सकती है ताकि आगजनी जैसी आपात स्थितियों से बचा जा सके। इसके बावजूद, पंप कर्मचारियों द्वारा टैंकर को सीधे नोजल से जोड़कर ईंधन भरा जा रहा था, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।

सुरक्षा मानकों से कोई समझौता स्वीकार नहीं:कलेक्टर

मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर कुणाल दुदावत ने संज्ञान लिया। उन्होंने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों की बैठक बुलाई और स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि टैंकर से सीधे डीजल भरने से स्थैतिक विद्युत उत्पन्न होने का खतरा रहता है, जिससे आग लगने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

दोबारा लापरवाही पाई गई, तो उसका लाइसेंस रद्द

कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी पेट्रोल पंपों का निरीक्षण करने और नियम उल्लंघन करने वाले संचालकों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी पंप पर दोबारा ऐसी लापरवाही पाई गई, तो उसका लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस पंप पर पहले भी कई बार टैंकर से ही डीजल भरते देखा गया है।

डीजल,पेट्रोल,गैस,आवश्यक वस्तुओं की निगरानी के लिए टीम बनाई

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने यह भी बताया कि जिले में डीजल, पेट्रोल, गैस और आवश्यक वस्तुओं की निगरानी के लिए एक टीम बनाई गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिले में इन सभी वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण है। फरवरी से अब तक प्रतिदिन डीजल की खपत 270 किलो लीटर से बढ़कर लगभग 293 किलो लीटर हो गई है, और आपूर्ति भी जारी है। कलेक्टर ने लोगों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की।

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खेल

सचिन तेंदुलकर ने छत्तीसगढ़ में बच्चों संग खेली रस्सी खींच:कहा- यही उम्र है खेलने-कूदने की, दंतेवाड़ा में शुरू होगी ‘मैदान कप’ प्रतियोगिता

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दंतेवाड़ा, एजेंसी। सचिन तेंदुलकर दंतेवाड़ा दौरे के दौरान छिंदनार पहुंचे, जहां उन्होंने आदिवासी बच्चों से मुलाकात की और उनके साथ रस्सी खींच खेला। इस दौरान सिहाड़ी बीज की माला से उनका स्वागत किया गया। वे अपने परिवार के साथ प्राइवेट जेट से जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचे थे, जहां से सीधे छिंदनार आए।

कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बस्तर में 50 स्कूल मैदान विकसित किए जाएंगे, जहां बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी। ‘मैदान कप’ प्रतियोगिता के जरिए हजारों बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इस पहल को मांदेशी और सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन का सहयोग मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि करीब 5 हजार से ज्यादा बच्चों को इस अभियान से सीधा लाभ मिलेगा। कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे खेलों के जरिए युवाओं को नई पहचान देने की तैयारी है। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर में डायमंड बहुत है, बस उसे सही तरीके से पॉलिश करने की जरूरत है।

वहीं, कार्यक्रम के लिए स्कूली बच्चे सुबह 9 बजे से पहुंच गए थे। भीषण गर्मी के बीच अलग-अलग गांवों से बच्चों को लाया गया। एक शिक्षक के मुताबिक 50 सीटर बस में 100 से ज्यादा बच्चों को बैठाकर कार्यक्रम स्थल तक लाया गया था।

सचिन तेंदुलकर से जुड़ी तस्वीरें …

सचिन तेंदुलकर अपने परिवार संग प्राइवेट जेट से जगदलपुर पहुंचे।

सचिन तेंदुलकर अपने परिवार संग प्राइवेट जेट से जगदलपुर पहुंचे।

जगदलपुर से सचिन परिवार के साथ दंतेवाड़ा के छिंदनार पहुंचे थे।

जगदलपुर से सचिन परिवार के साथ दंतेवाड़ा के छिंदनार पहुंचे थे।

सचिन को सिहाड़ी बीज की माला पहनाई गई। बेटी सारा और बहू सानिया भी साथ दिखे।

सचिन को सिहाड़ी बीज की माला पहनाई गई। बेटी सारा और बहू सानिया भी साथ दिखे।

अच्छे इंसान बनो ताकि लोग आपको याद रखें – सचिन

कार्यक्रम में सचिन तेंदुलकर ने कहा कि हमें पता चला कि बस्तर में बच्चों के लिए ग्राउंड ही नहीं है। मेरी जिंदगी की शुरुआत मैदान से हुई थी। मैं बच्चों को देखता हूं जैसे मेरी जर्नी स्टार्ट हुई, हम मैदान में जाते हैं अच्छे कोच की जरूरत होती है। हमने सोचा था कि हम अपने कोच को यहां भेजेंगे ताकि वे 100 टीचर्स को ट्रेनिंग दें।

यहां डायमंड बहुत हैं, बस सही तरीके से पॉलिश करना जरूरी है। यही उम्र है खेलने कूदने की। यही उम्र है दोस्त बनाने की। मैं समझता हूं जो एक सही दोस्त होता है वो आईना दिखाता है, परछाई कभी साथ नहीं छोड़ती, इसलिए ऐसे दोस्त रखो जो ऐसे ही बनकर रहे।

मेरे पिता ने एडवाइस दी कि क्रिकेट कितने साल चलेगा, मैंने कहा 10 से 15 साल, मेरे पिता ने कहा था उसके बाद क्या? आप अच्छे इंसान बनो ताकि लोग आपको याद रखें।

छिंदनार में बच्चों के बीच पहुंचे सचिन तेंदुलकर।

छिंदनार में बच्चों के बीच पहुंचे सचिन तेंदुलकर।

जगदलपुर में बच्चों को बल्ले पर सचिन ने ऑटोग्राफ दिया।

जगदलपुर में बच्चों को बल्ले पर सचिन ने ऑटोग्राफ दिया।

छिंदनार में एक फैन की शर्ट में सचिन ने ऑटोग्राफ दिया।

छिंदनार में एक फैन की शर्ट में सचिन ने ऑटोग्राफ दिया।

DEO ने कहा- बाद में बताएंगे

कार्यक्रम के लिए बच्चों को बसों में ठूंसकर लाया गया, इसे मामले में दंतेवाड़ा जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर ने कहा कि, स्कूली बच्चों को सचिन तेंदुलकर के कार्यक्रम में लाया गया। जब उनसे पूछा गया कि इतनी गर्मी में ठूंसकर क्यों ला रहे? तो उन्होंने कहा कि मैं एक VC में हूं बाद में बात करता हूं।

50 सीटर स्कूली बस में 100 से ज्यादा बच्चे लाए गए।

50 सीटर स्कूली बस में 100 से ज्यादा बच्चे लाए गए।

सचिन तेंदुलकर के कार्यक्रम में पहुंचे बच्चे।

सचिन तेंदुलकर के कार्यक्रम में पहुंचे बच्चे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दौरा रद्द

सचिन का टोटल 3 जगह कार्यक्रम तय था, लेकिन गीदम ऑडिटोरियम में शिक्षकों-बच्चों से मुलाकात और पनेड़ा क्रिकेट ग्राउंड का उद्घाटन दौरा रद्द हो गया।

सचिन तेंदुलकर के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी आने वाले थे, लेकिन किसी कारण से उनका दौरा कैंसिल हो गया है। बता दें कि मांदेशी फाउंडेशन और जिला प्रशासन का यह संयुक्त कार्यक्रम है। मास्टर-ब्लास्टर के दौरे को लेकर सुरक्षा के लिहाज से भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

सचिन तेंदुलकर की संस्था दंतेवाड़ा में खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।

सचिन तेंदुलकर की संस्था दंतेवाड़ा में खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।

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