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आशियाना हाउसिंग पुणे में बनाएगी बुजुर्गों के लिए आवास, 1,800 करोड़ रुपए के राजस्व की उम्मीद
नई दिल्ली,एजेंसी। रियल एस्टेट कंपनी आशियाना हाउसिंग ने पुणे में 28.55 एकड़ जमीन खरीदी है। कंपनी इस भूमि पर बुजुर्गों के लिए एक विशेष आवासीय परियोजना विकसित करेगी, जिससे उसे 1,800 करोड़ रुपए के राजस्व की उम्मीद है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि महाराष्ट्र के पुणे में मावल तालुका के वडगांव में इस जमीन का अधिग्रहण किया गया है। बुजुर्गों के लिए आवासीय परियोजना विकसित करने के उद्देश्य से किया गया यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा भूमि सौदा है।

आशियाना हाउसिंग के संयुक्त प्रबंध निदेशक अंकुर गुप्ता ने कहा कि कंपनी इस क्षेत्र में बुजुर्गों के घरों की भारी मांग को पूरा करने के लिए जमीन की तलाश में थी। कंपनी के अनुसार, 20 लाख वर्ग फुट के कुल बिक्री योग्य क्षेत्र वाली इस परियोजना से 1,800 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।

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चीन में ट्रैवल बूम: विदेशी यात्रियों की संख्या में जबरदस्त उछाल, भारत की वजह से बदली गेम
नई दिल्ली/बीजिंग, एजेंसी। साल 2026 की पहली तिमाही में चीन में अंतरराष्ट्रीय यात्रा में बड़ा उछाल देखा गया है। नई दिल्ली से सामने आई जानकारी के अनुसार शू फेइहोंग ने बताया कि इस दौरान कुल 185 मिलियन इनबाउंड और आउटबाउंड यात्राएं हुईं, जो पिछले साल के मुकाबले 13.5% ज्यादा हैं। वहीं विदेशी यात्रियों की संख्या 21.33 मिलियन रही, जो 22.3% की वृद्धि दर्शाती है। इस तेजी की मुख्य वजह आसान वीजा नीतियां, बढ़ता व्यापार और पर्यटन में फिर से बढ़ती रुचि मानी जा रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि कोविड के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रा अब तेजी से सामान्य हो रही है।

भारत और चीन के बीच भी हवाई कनेक्टिविटी में सुधार देखने को मिल रहा है। प्रतीक माथुर ने हाल ही में शंघाई और कोलकाता के बीच शुरू हुई सीधी उड़ान का स्वागत किया। IndiGo ने कोलकाता-शंघाई के बीच रोजाना नॉन-स्टॉप फ्लाइट शुरू की है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह उड़ान A320neo विमान से संचालित की जा रही है।इस नई कनेक्टिविटी के जरिए अब दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई जैसे कई भारतीय शहर भी आसानी से शंघाई से जुड़ सकेंगे।
क्या है इसका मतलब?
चीन में पर्यटन और व्यापार तेजी से बढ़ रहा है।
भारत-चीन संबंधों में सुधार के संकेत।
एयर कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा।

देश
बंगाल में मोदी की हुंकार – राज्य में लागू करेंगे UCC, खत्म होगी तुष्टीकरण की राजनीति
मुर्शिदाबाद,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता लागू (यूसीसी) करने का शनिवार को वादा किया, ताकि ”तुष्टीकरण की राजनीति” को समाप्त किया जा सके। उन्होंने साथ ही कहा कि भाजपा बंगालियों को राज्य में अल्पसंख्यक नहीं बनने देगी। मोदी ने मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के जंगीपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा शुक्रवार को जारी किया गया भाजपा का चुनावी घोषणापत्र पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के ‘महाजंगलराज’ को समाप्त करने का एक खाका है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ”देश की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। भाजपा पश्चिम बंगाल में तुष्टीकरण की राजनीति को हमेशा के लिए समाप्त करने के लिए यूसीसी लागू करने का संकल्प लेती है।” उन्होंने यह टिप्पणी राज्य भाजपा द्वारा अपने चुनावी घोषणापत्र में सत्ता में आने पर छह महीने के भीतर यूसीसी को लागू करने का वादा करने के एक दिन बाद की है। तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के लोग यह नहीं भूले हैं कि कैसे ”राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी आरजी कर बलात्कार और हत्याकांड के दोषियों के साथ खड़ी रही”।

मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर ‘मां-माटी-मानुष’ के अपने पुराने नारे को त्यागने और इसके बजाय ”घुसपैठियों के समर्थन” पर निर्भर रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ”पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ‘मां-माटी-मानुष’ के नारे के साथ सत्ता में आई थी। लेकिन अब यह घुसपैठियों के मतों से सरकार बनाना चाहती है।” प्रधानमंत्री ने कहा, ”पश्चिम बंगाल अब तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के इस खेल को बर्दाश्त नहीं करेगा। हम बंगालियों को राज्य में अल्पसंख्यक नहीं बनने देंगे।” चुनाव को पश्चिम बंगाल की पहचान को संरक्षित करने की लड़ाई बताते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि राज्य के कुछ हिस्सों में तेजी से जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहा है। उन्होंने कहा, ”यह चुनाव पश्चिम बंगाल की पहचान को बचाने का है। राज्य में जनसांख्यिकीय परिवर्तन बहुत तेजी से हो रहा है।”
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ”पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद भ्रष्टों को संरक्षण देने और जनता को लूटने वाले लोग जेल में जायेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि ”वामदलों के गुंडे” अब तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं और राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाली पिछली सरकार की ‘कट-कमीशन’ की राजनीति का अनुकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ”बंगाल का इतिहास गवाह है कि जब वह बदलाव का संकल्प लेता है, तो दुनिया की कोई भी ताकत उसे रोक नहीं सकती। जिसने भी बंगाल को चुनौती दी, उसका अहंकार चकनाचूर हो गया, अंग्रेजों से लेकर कांग्रेस और वामपंथियों तक… अब तृणमूल कांग्रेस की बारी है।”

मोदी ने इस वर्ष पश्चिम बंगाल में राम नवमी के मौके पर आयोजित शोभा यात्राओं के दौरान हुई हिंसा का भी जिक्र किया और इसकी तुलना देश के बाकी हिस्सों में मनाए गए उत्सव से की। उन्होंने कहा, ”पूरे भारत में राम नवमी का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया, लेकिन पश्चिम बंगाल में राम नवमी की शोभा यात्राओं पर हमले हुए और तृणमूल कांग्रेस के संरक्षण में हिंसा हुई।” प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव में हार को भांपते हुए तृणमूल कांग्रेस साजिश रच रही है और एआई से तैयार वीडियो फैला रही है। उन्होंने लोगों से इस जाल में न फंसने का आग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार की अनदेखी के कारण मुर्शिदाबाद के रेशम किसानों का भविष्य बर्बाद हो गया है।

देश
ईरान संकट के बीच 312 भारतीय मछुआरों की वतन वापसी, आर्मेनिया बना ‘सेफ कॉरिडोर’
नई दिल्ली,एजेंसी। नई दिल्ली से बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। एस. जयशंकर ने बताया कि ईरान में फंसे 312 भारतीय मछुआरों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। इन मछुआरों को आर्मेनिया के रास्ते निकाला गया। जयशंकर ने इस मदद के लिए आर्मेनिया सरकार और अपने समकक्ष अरारात मिर्ज़ोयान का धन्यवाद किया। इससे पहले भी भारत सरकार ने लगातार प्रयास करके ईरान से अपने नागरिकों को निकालने का काम जारी रखा है। जानकारी के मुताबिक, अब तक 1200 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 996 लोगों को आर्मेनिया और 204 लोगों को अज़रबैजान के जरिए बाहर निकाला गया। इनमें बड़ी संख्या छात्रों की भी है। पीयूष गोयल ने इस वापसी को “खुशी का दिन” बताया। उन्होंने कहा कि यह मछुआरे लंबे और मुश्किल सफर के बाद अपने घर लौटे हैं, जिसमें उन्हें करीब 20 घंटे की यात्रा करनी पड़ी। विदेश मंत्रालय (MEA) के अधिकारियों ने इस पूरे ऑपरेशन में दिन-रात काम किया और जमीनी स्तर पर समन्वय बनाकर यह मिशन सफल बनाया।
क्यों जरूरी था यह रेस्क्यू?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष के कारण भारतीय नागरिकों की सुरक्षा खतरे में थी। ऐसे में भारत सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की योजना बनाई। यह ऑपरेशन भारत की मजबूत कूटनीति और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण है। इससे यह साबित हुआ कि संकट के समय भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।

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