छत्तीसगढ़
रायपुर : ‘महतारी गौरव वर्ष’ : महिला सशक्तिकरण के नवयुग की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है। मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। यह पहल केवल एक औपचारिक घोषणा नहीं है, बल्कि महिलाओं को राज्य की विकास यात्रा के केंद्र में स्थापित करने का सशक्त संकल्प है।

विश्वास से निर्माण और अब गौरव की ओर
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने कार्यकाल के पहले वर्ष को ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में शासन-प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की पुनर्स्थापना को समर्पित किया। इसके बाद दूसरे वर्ष को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति दी गई। अब तीसरा वर्ष ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में माताओं और बहनों को समर्पित किया गया है, जिसमें राज्य की अधिकांश योजनाओं का केंद्रबिंदु महिलाएं होंगी। यह क्रम सरकार की संवेदनशील और समावेशी विकास की सोच को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
महतारी वंदन योजना : आत्मसम्मान और आर्थिक सुरक्षा का आधार
छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना आज महिला सशक्तिकरण का मजबूत स्तंभ बन चुकी है। इस योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है। अब तक 15 हजार 595 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से महिलाओं को दी जा चुकी है। हाल ही में 24वीं किस्त के रूप में 68 लाख से अधिक महिलाओं को 641 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई।यह नियमित आर्थिक सहयोग महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है। कई महिलाएं इस राशि को केवल घरेलू खर्च तक सीमित न रखकर स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों में निवेश कर रही हैं।

संघर्ष से स्वावलंबन तक : रोहनी पटेल की प्रेरक कहानी
बालोद जिले के ग्राम खैरडीह की श्रीमती रोहनी पटेल इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। पति की असमय मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। घर में वृद्ध सास की देखभाल और कॉलेज में पढ़ रहे दो बच्चों की पढ़ाई की चिंता उनके लिए बड़ी चुनौती थी।ऐसे कठिन समय में महतारी वंदन योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आई। योजना से मिलने वाली राशि को उन्होंने सावधानीपूर्वक बचत कर अपने खेत में सब्जी उत्पादन का कार्य शुरू किया। बीज, खाद और कृषि सामग्री की व्यवस्था कर उन्होंने पूरी मेहनत से खेती की।
आज श्रीमती रोहनी पटेल अपने खेत में उगाई गई ताजी सब्जियों को स्थानीय बाजारों में बेचकर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई भी निर्बाध रूप से जारी है। उनका यह प्रयास गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुका है।

बिहान से बदली जिंदगी : ‘लखपति दीदी’ बनीं श्रीमती माहेश्वरी यादव
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम कोरदा की श्रीमती माहेश्वरी यादव भी महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल हैं। पहले उनका जीवन सामान्य गृहिणी की तरह घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित था। लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया।
समूह के सहयोग और परिवार के समर्थन से उन्होंने गांव में एक छोटी किराना दुकान शुरू की। अपनी मेहनत और बेहतर प्रबंधन के बल पर यह दुकान धीरे-धीरे गांव में भरोसेमंद केंद्र बन गई। आज इस दुकान से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये की आय हो रही है और वे ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। इससे उनके बच्चों की शिक्षा और परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

आधुनिक तकनीक से नई पहचान : ‘ड्रोन दीदी’ सुश्री सीमा वर्मा
बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र की सुश्री सीमा वर्मा ने भी यह साबित किया है कि अवसर और प्रशिक्षण मिलने पर महिलाएं आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकती हैं।
स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने पहले मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू किया और बाद में ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। शासन की सहायता से उन्हें ड्रोन सेट, जनरेटर और ई-वाहन उपलब्ध कराया गया।
आज सीमा वर्मा किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक छिड़काव कर रही हैं और इस कार्य से उन्हें सम्मानजनक आय प्राप्त हो रही है। गांव में लोग उन्हें स्नेहपूर्वक ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से जानते हैं।
बजट में महिला कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता
राज्य सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 8 हजार 245 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।
आंगनबाड़ी एवं पोषण योजनाओं के लिए 2 हजार 320 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये, मिशन वात्सल्य के लिए 80 करोड़ रुपये तथा रानी दुर्गावती योजना के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त 750 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपये और 250 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह बजटीय प्रावधान महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमा की सुदृढ़ व्यवस्था
महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने प्रभावी तंत्र विकसित किया है। वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 के माध्यम से संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सुखद सहारा योजना के अंतर्गत 2 लाख 18 हजार से अधिक विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
स्वावलंबन से नेतृत्व तक
प्रदेश में 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों को रियायती ऋण प्रदान कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। रेडी-टू-ईट कार्य महिला समूहों को सौंपे जाने से उन्हें स्थायी आय का स्रोत मिला है। इसके साथ ही डिजिटल सखी, दीदी ई-रिक्शा, सिलाई मशीन सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना और लखपति दीदी जैसी पहलें महिलाओं को नए आजीविका अवसर प्रदान कर रही हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के अनुसार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त आधारशिला
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के माध्यम से राज्य को समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को अनिवार्य तत्व माना गया है।
‘महतारी गौरव वर्ष’ केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का व्यापक अभियान है। यह वर्ष छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के सम्मान, आत्मविश्वास और नेतृत्व को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लेकर आया है। आज प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता, नवाचार और नेतृत्व के साथ विकास की नई कहानी लिख रही हैं। यही सशक्त मातृशक्ति विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला बनेगी।
- डॉ. दानेश्वरी संभाकर
उप संचालक, जनसंपर्क विभाग
कोरबा
अग्निवीर भर्ती हेतु ऑनलाईन निःशुल्क कोचिंग के लिए आवेदन आमंत्रित
कोरबा। भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती 2026-27 हेतु भर्ती प्रक्रिया चालू है, जिसके लिये आवेदन ऑनलाईन पंजीयन हेतु अंतिम तिथि 10 अप्रैल निर्धारित किया गया था।
जिला रोजगार अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा जिला से कुल 563 आवेदकों द्वारा पंजीयन कराया गया। जो अभ्यार्थी थल सेना अग्निवीर भर्ती हेतु आवेदन कर चुके हैं। लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा जून 2026 तक पंजीकुत अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाईन परीक्षा (सीईई) आयोजित किया जाना संभावित है। भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु पंजीयन अभ्यर्थियों को छ.ग. रोजगार विभाग द्वारा निःशुल्क कोचिंग प्रदान किया जायेगा। जो आवेदक लिखित परीक्षा हेतु ऑनलाईन कोचिंग प्राप्त करना चाहते हैं, वे रोजगार विभाग के पोर्टल https://erojgar.cg.gov.in पर अग्निवीर भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु निःशुल्क प्रशिक्षण के ऑनलाईन आवेदन पर क्लिक कर अपनी व्यक्तिगत जानकारी भर कर आवेदन छ.ग. रोजगार विभाग को प्रेषित कर सकतें है। परीक्षा के पूर्व इन आवेदकों को परीक्षा की तैयारी करवाने के उद्वेश्य से आवेदकों से जानकारी मांगी गई है ताकि पर्याप्त संख्या में आवेदन उपलब्ध हो सके एवं परीक्षा हेतु तैयारी कराई जा सके।
इस संबंध में जिन आवेदकों द्वारा अग्निवीर भर्ती 2026-27 हेतु ऑनलाईन पंजीयन नहीं कराया गया है वे लिखित परीक्षा के लिए ई-रोजगार पोर्टल पर पंजीयन करवा ले अथवा जिला रोजगार कार्यालय कोरबा से संपर्क करें ताकि आगामी 04 मई 2026 से प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा सके।
कोरबा
नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों का उप निर्वाचन-2026:विभिन्न शाखाओं के संपादन हेतु नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) कुणाल दुदावत द्वारा नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन 2026 को सुचारू ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न शाखाओं के संपादन हेतु नोडल-सहायक नोडल अधिकारी नियुक्ति एवं सहयोगी कर्मचारियों की भी नियुक्ति कर दायित्व सौंपे है।
जारी आदेश के अनुसार नगर पालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन हेतु एमसीसी शाखा के लिए कौशल तेन्दुलकर संयुक्त कलेक्टर मो.नं. 8959393222 को नोडल एवं सर्व अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा सर्व तहसीलदार/नायब तहसीलदार जिला कोरबा को सहायक नोडल अधिकारी, परिवहन योजना एवं रूट चार्ट की व्यवस्था शाखा हेतु सरोज कुमार महिलांगे अनुविभागीय दण्डाधिकारी कोरबा मो.नं.87639846122 एवं विवेक सिन्हा जिला परिवहन अधिकारी कोरबा मो.नं. 79743755945 को नोडल और संतोष हरिपाल परिवहन निरीक्षक परिवहन कार्यालय कोरबा, सर्व संबंधित रिटर्निंग आफिसर (नगरीय/पंचायत) जिला कोरबा को सहायक नोडल अधिकारी, मतपत्र पु्रफ रिडिंग, मतपत्र मुद्रण एवं स्ट्रांग रूम के लिए निशांत पाण्डेय जिला कोषालय अधिकारी मो.नं.7389912313 को नोडल और सर्व संबंधित रिटर्निंग आफिसर (नगरीय/पंचायत) जिला कोरबा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद दीपका, सर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जिला-कोरबा को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इसी तरह व्यय संपरीक्षक एवं निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण (मॉनिटरिंग) शाखा हेतु निशांत पाण्डेय कोषालय अधिकारी को नोडल और राकेश चौधरी उप कोषालय अधिकारी कटघोरा मो.नं. 9752930003, नीरज साहू उप जिला कोषालय अधिकारी कोरबा मो.नं. 9425537728 को सहायक नोडल अधिकारी, निर्वाचन प्रपत्र एवं सामग्री शाखा के लिए श्रीकांत कसेर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग मो.नं. 7869096888 को नोडल अधिकारी और एम.आर.नायडू सहायक ग्रेड-2 जिला कार्यालय कोरबा, चंद्रशेखर कंवर सहायक ग्रेड-2 भू-अभिलेख कोरबा तिरूपति नाथ संलग्न जिला कार्यालय कोरबा को सहायक नोडल अधिकारी, डाक मतपत्र/निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र शाखा हेतु श्रीमती गायत्री लहरे सहायक संचालक जिला खांख्यिकी कोरबा मो.नं. 9425226512 को नोडल और शीतल अग्रवाल सहायक प्रोग्रामर जिला निर्वाचन कार्यालय कोरबा को सहायक नोडल अधिकारी, कर्मचारियों की व्यवस्था एवं प्रशिक्षण शाखा के लिये सरोज कुमार महिलांगे अनुविभागीय दण्डाधिकारी कोरबा मो.नं. 87639846122, हेमन्त जायसवाल जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी को नोडल अधिकारी और तामेश्वर प्रसाद उपाध्याय जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोरबा, करतला, कटघोरा, पाली, पोंड़ी-उपरोड़ा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद दीपका, सर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जिला कोरबा, जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जलपान/भोजन व्यवस्था के लिए मुख्य नगर पालिका परिषद दीपका और सर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जिला कोरबा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
कोरबा
जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा की बैठक कल
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा की बैठक 23 अप्रैल को प्रातः 11 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई है।
बैठक में शिक्षा विभाग, सहकारिता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं जल संसाधन विभाग के कार्यों की समीक्षा की जायेगी।
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