Connect with us

कोरबा

आत्माराम को मिली नई सुविधा, मछली पालन के कार्य में आएगी तेजी

Published

on

सुशासन तिहार के शिविर में मिला आइस बॉक्स और जाल, बढ़ेगा उत्पादन और आय

कोरबा। सुशासन तिहार के शुभारंभ ने ग्राम छुरी निवासी आत्माराम केवट के जीवन में नई उम्मीदें जगा दी हैं। लंबे समय से मछली पालन से जुड़े आत्माराम को आज जनसमस्या निवारण शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा आइस बॉक्स और मछली पकड़ने का जाल प्रदान किया गया। लगभग छह हजार रुपये मूल्य का आइस बॉक्स और दस हजार रुपये का जाल निःशुल्क मिलने पर आत्माराम की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

आत्माराम केवट कटघोरा विकासखंड के ग्राम छुरी में निवास करते हैं और कई वर्षों से अपने समुदाय के अन्य सदस्यों के साथ कोसगाई दाई मछुआ समिति के माध्यम से मछली पालन करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि समिति के तालाब में रोहू, कतला और मृगल प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है, जिससे प्रति वर्ष लगभग आठ से दस टन तक मछली उत्पादन होता है। मछली बेचने से सभी सदस्यों को निश्चित आय प्राप्त होती है, लेकिन मछली पालन से जुड़ी कई आवश्यक सामग्रियों की खरीद के लिए अक्सर धन की कमी महसूस होती थी।
इसी बीच सुशासन तिहार के दौरान आयोजित शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा आत्माराम का नाम चयनित किया गया। शिविर में उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के हाथों उन्हें आइस बॉक्स और जाल प्रदान किया गया। सामग्री प्राप्त करने के बाद आत्माराम ने कहा कि मछली पकड़ने और उसे सुरक्षित रखने में उन्हें अब काफी आसानी होगी। पहले मछली को ताजा अवस्था में बाजार तक पहुंचाना कठिन हो जाता था, जिससे नुकसान का सामना करना पड़ता था। अब आइस बॉक्स मिलने से पकड़ी गई मछलियों को संरक्षित रखना आसान होगा और बिक्री के समय गुणवत्ता भी बनी रहेगी। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और खर्चों में भी बचत होगी।

आत्माराम ने भावुक होकर कहा कि सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रम वास्तव में ग्रामीण हितग्राहियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। पहले जहां छोटे-छोटे साधन जुटाने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब शिविरों के माध्यम से समस्याओं का समाधान और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध हो रही है।
मत्स्य विभाग द्वारा ग्राम चोरी की ही वर्षा पति खेराज को भी आइस बॉक्स और मछली पकड़ने का जाल वितरित किया गया। वर्षा ने भी इस सुविधा को अपने मछली पालन कार्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

Continue Reading

कोरबा

कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस अब रोज दौड़ेगी:दो ट्रेनों का हुआ विलय, 1 अगस्त से एक ही नंबर 18249/18250 से मिलेगा दैनिक सफर

Published

on

बिलासपुर/कोरबा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) बिलासपुर जोन ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए हसदेव एक्सप्रेस की सेवाओं का विलय कर इसे प्रतिदिन संचालित करने का निर्णय लिया है। अब ट्रेन संख्या 18249/18250 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस 1 अगस्त से रोजाना चलेगी

अब तक 18249/18250 रायपुर-कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस सप्ताह में चार दिन और 18251/18252 रायपुर-कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन संचालित होती थी। रेलवे ने दोनों सेवाओं का विलय कर एक ही ट्रेन नंबर के साथ इसे दैनिक कर दिया है।

यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा

रेलवे के इस निर्णय से यात्रियों को अब अलग-अलग ट्रेन नंबर और उनके संचालन के दिन याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी। 18249/18250 हसदेव एक्सप्रेस के प्रतिदिन चलने से यात्रा की योजना बनाना पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक होगा।

15 आधुनिक एलएचबी कोच के साथ चलेगी ट्रेन

रेलवे के अनुसार, दैनिक संचालन के दौरान हसदेव एक्सप्रेस में कुल 15 आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच लगाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी।

Continue Reading

कोरबा

चलती ट्रेन में टॉयलेट की खिड़की से लटकती मिली लाश:दोस्त संग उज्जैन घूमने गया था कोरबा का युवक, बीना में गार्ड ने देखा शव

Published

on

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के रहने वाले गुरुवार सिंह (30) का शव बीना रेलवे स्टेशन पर पुष्पक एक्सप्रेस के जनरल कोच के टॉयलेट की खिड़की से फंदे पर लटका मिला। तलाशी के दौरान मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सिंह बाइक बेचकर दोस्त के साथ उज्जैन घूमने गया था। परिजनों के अनुसार, उसका स्वभाव गुस्सैल था। घटना की सूचना मिलते ही परिवार बीना के लिए रवाना हो गया। उसके पिता किसान होने के साथ मजदूरी भी करते हैं।

ट्रेन में सफर कर रहे कुछ यात्रियों ने GRP को बताया कि युवक भोपाल रेलवे स्टेशन से ट्रेन के गेट पर बैठकर यात्रा कर रहा था। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मौत के कारणों की जांच कर रही है। घटना गुरुवार देर रात की है।

गुरुवार सिंह दोस्तों के साथ उज्जैन घूमने गया था।

गुरुवार सिंह दोस्तों के साथ उज्जैन घूमने गया था।

भोपाल से रवाना होने के दो घंटे बाद मिली लाश

जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 12534 पुष्पक एक्सप्रेस गुरुवार रात करीब 10 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन से रवाना हुई थी। ट्रेन का अगला निर्धारित ठहराव ललितपुर था। इसी दौरान रात करीब 12 बजे ट्रेन के गार्ड की नजर जनरल कोच के शौचालय की खिड़की पर फंदे से लटके युवक पर पड़ी।

पुष्पक एक्सप्रेस के टॉयलेट की खिड़की पर गुरुवार सिंह की फंदे से लटकती लाश मिली है।

पुष्पक एक्सप्रेस के टॉयलेट की खिड़की पर गुरुवार सिंह की फंदे से लटकती लाश मिली है।

गार्ड की सूचना पर बीना स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन

इसके बाद गार्ड ने फौरन रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन पर रोकने का फैसला लिया गया। सूचना मिलने के बाद ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रोका गया। पहले से मौके पर मौजूद जीआरपी ने शव को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए बीना के सिविल अस्पताल भेजा।

ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रोका गया। (फाइल फोटो)

ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रोका गया। (फाइल फोटो)

आधार कार्ड से हुई मृतक की पहचान

पुलिस ने मौके से मृतक के सामान की तलाशी ली, जिसमें मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान गुरुवार सिंह (30), निवासी कोरबा (छत्तीसगढ़) के रूप में हुई। जीआरपी की शुरुआती पूछताछ में ट्रेन में सफर कर रहे कुछ यात्रियों ने बताया कि गुरुवार सिंह भोपाल रेलवे स्टेशन से ही जनरल कोच में सवार हुआ था।

आधार कार्ड से मृतक युवक की पहचान हो पाई।

आधार कार्ड से मृतक युवक की पहचान हो पाई।

भोपाल से जनरल कोच में हुआ था सवार

यात्रियों के मुताबिक वह काफी देर तक कोच के गेट के पास बैठकर यात्रा कर रहा था। इसके बाद वह कब शौचालय की ओर गया और यह घटना कैसे हुई, इसकी किसी को जानकारी नहीं है। पुलिस यात्रियों के बयान दर्ज कर रही है।

हर पहलू से जांच कर रही जीआरपी

जीआरपी ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक ने आत्महत्या की या फिर उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। साथ ही मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जाएंगे।

Continue Reading

कोरबा

तेज रफ्तार स्कूटी हादसे में 9वीं के छात्र की मौत:कोरबा में स्कूटी डिवाइडर से टकराई, दोस्त घायल, 11 नाबालिग वाहन चालक गिरफ्तार

Published

on

कोरबा। कोरबा में तेज रफ्तार और नाबालिग द्वारा वाहन चलाने की लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। सुनालिया मोड़ के पास बुधवार शाम हुए सड़क हादसे में सेंट जेवियर्स स्कूल के कक्षा 9वीं के छात्र हर्षवर्धन सिंह (13) की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त वंशु कुमार जोशी (13) गंभीर रूप से घायल है।

जानकारी के अनुसार, मिशन रोड निवासी हर्षवर्धन सिंह और वंशु कुमार जोशी बुधवार (29 जुलाई) शाम स्कूटी से टीपी नगर की ओर जा रहे थे। स्कूटी हर्षवर्धन चला रहा था। सुनालिया मोड़ के पास तेज रफ्तार के कारण स्कूटी अनियंत्रित होकर फिसल गई और डिवाइडर से जा टकराई।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

हादसे में हर्षवर्धन का सिर डिवाइडर से टकराने से उसे गंभीर चोट आई, जबकि पीछे बैठा वंशु उछलकर दूर जा गिरा और उसके कंधे में फ्रैक्चर हो गया। स्थानीय लोगों ने दोनों को तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया। गुरुवार को उपचार के दौरान हर्षवर्धन ने दम तोड़ दिया, जबकि वंशु का इलाज जारी है।

परिवार और स्कूल में शोक

हर्षवर्धन की असमय मौत से परिवार में मातम छा गया है। स्कूल में भी शोक का माहौल है। सहपाठी और शिक्षक इस हादसे से स्तब्ध हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

नाबालिगों के वाहन चलाने पर फिर उठे सवाल

पुलिस ने बताया कि हादसे के शिकार दोनों छात्र नाबालिग थे। लगातार जागरूकता अभियान चलाने और अभिभावकों को चेतावनी देने के बावजूद नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो गंभीर हादसों का कारण बन रही हैं।

अभियान में 11 नाबालिग चालक पकड़े गए

इसी बीच “सजग कोरबा-सतर्क कोरबा” अभियान के तहत यातायात पुलिस ने सघन वाहन जांच अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर हुई कार्रवाई में 11 नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 22 हजार रुपये का समन शुल्क लगाया गया। पुलिस ने अभिभावकों को भी नाबालिगों को वाहन न देने की सख्त हिदायत दी।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677