कोरबा
सुशासन तिहार 2026 का शुभारंभ: जनसंवाद, पारदर्शिता और त्वरित समाधान का सशक्त अभियान’
किसान को मिला संसाधन, किताब सिंह की खेती को मिली नई दिशा
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में सुशासन तिहार 2026 का शुभारंभ आज से उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ हुआ। यह अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की संवेदनशीलता, जवाबदेही और जन केन्द्रित कार्यप्रणाली का जीवंत उदाहरण है। इसके माध्यम से सरकार सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुन रही है, उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रही है तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुंचा रही है।

सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य शासन और आमजन के बीच की दूरी को कम करना, पारदर्शिता को बढ़ावा देना तथा सेवा वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। इसके अंतर्गत जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर मौके पर ही समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने की प्रक्रिया भी सरल एवं त्वरित बनाई गई है।
इसी कड़ी में आज कटघोरा विकासखंड के ग्राम धनरास में एक बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित हुए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई। प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर मौके पर ही निराकरण किया गया, जिससे लोगों में संतोष और विश्वास का वातावरण बना।
शिविर के दौरान कोरबा जिले के जमनीपाली निवासी किसान किताब सिंह कंवर को कृषि विभाग द्वारा 1.5 एचपी इलेक्ट्रिक मोटरपंप प्रदान किया गया। श्री कंवर के पास लगभग साढ़े तीन एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे परंपरागत रूप से धान की खेती करते हैं। सिंचाई के सीमित संसाधनों के कारण उन्हें खेती में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मोटरपंप मिलने से अब उन्हें समय पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनकी कृषि उत्पादकता में वृद्धि और उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगी।

श्री कंवर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित शिविर आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले जहां छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों में जाना पड़ता था, वहीं अब शिविरों के माध्यम से समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है। साथ ही, विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी सीधे प्राप्त हो रही है, जिससे पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि यह पहल सरकार के प्रति जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत करती है तथा यह दर्शाती है कि शासन वास्तव में जनहित के प्रति प्रतिबद्ध और उत्तरदायी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनहितकारी प्रयास निश्चित रूप से प्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कोरबा
कोरबा के ग्रीन जोन में कब्जे का आरोप:पेड़ काटकर हो रही प्लाटिंग, निगम कर्मचारी पर मिलीभगत के भी आरोप
कोरबा। कोरबा के मुड़ापार स्थित अंबेडकर भवन के पास नगर निगम के ग्रीन जोन में अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई एकड़ शासकीय जमीन पर हरे-भरे पेड़ काटकर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। इस अवैध कब्जे में आम लोगों के साथ नगर निगम के एक कर्मचारी की संलिप्तता भी बताई जा रही है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार अंबेडकर भवन से सटी यह सरकारी जमीन ग्रीन जोन के रूप में चिन्हित है। पिछले कुछ दिनों से यहां लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं। जमीन को समतल कर टेंट और तिरपाल लगाकर अवैध प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। नागरिकों ने नगर निगम के कर्मचारी मनोज बक्सेल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

निगम कर्मचारी पर मिलीभगत के आरोप
उनका कहना है कि बक्सेल ने इसी शासकीय जमीन पर अपना मकान बना लिया है। शिकायत के बाद मौके पर जेसीबी भेजी गई थी, लेकिन उनके मकान पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने प्रशासन पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची थी।
अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई का दावा
टीम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध प्लाटिंग का काम अब भी जारी है। पेड़ काटना और जमीन की नपाई नहीं रुकी है। वहीं इस मामले पर नगर निगम के जोन कमिश्नर पवन वर्मा ने बताया कि अवैध कब्जे और प्लाटिंग की शिकायत मिली थी, जिस पर मौके पर कार्रवाई की गई है। अन्य लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि निगम कर्मचारी की संलिप्तता के आरोपों पर विभागीय जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा
पाली रोड दीपका की दारू भट्टी को तहसील रोड एवं गोवरघोरा वार्ड क्र. 01 में स्थानांतरित करने का उग्र विरोध, पार्षद कमलेश जायसवाल ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी
कोरबा/दीपका। नगर पालिका परिषद दीपका के अंतर्गत पाली रोड में लंबे समय से संचालित शराब दुकान (दारू भट्टी) को तहसील रोड एवं गोवरघोरा वार्ड क्रमांक 01 में स्थानांतरित किए जाने के शासन-प्रशासन के प्रयास का स्थानीय स्तर पर प्रखर विरोध शुरू हो गया है। वार्ड क्रमांक 01 के पार्षद कमलेश कुमार जायसवाल ने इस संवेदनशील जन-मुद्दे को लेकर कलेक्टर – कोरबा को एक औपचारिक आपत्ति पत्र सौंपकर इस दुर्भावनापूर्ण स्थानांतरण पर तत्काल प्रभाव से स्थायी प्रतिबंध लगाने की मांग की है ।

पार्षद कमलेश जायसवाल ने अत्यंत चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस मदिरा दुकान को घनी आबादी वाले वार्ड क्रमांक 01 और तहसील रोड के समीप खोला जाता है तो इससे क्षेत्र की शांति-व्यवस्था पूरी तरह भंग हो जाएगी। इस निर्णय से स्थानीय निवासियों विशेषकर अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) बाहुल्य वर्ग के हितों और सुरक्षा को भारी क्षति पहुंचेगी। शराब दुकान के कारण क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ेगा, जिससे आए दिन अप्रिय घटनाएं होने की प्रबल आशंका बनी रहेगी ।
मदिरा दुकान स्थानांतरण के विरोध में मुख्य व अकाट्य बिंदु
- नौनिहालों के भविष्य पर संकट:- प्रस्तावित शराब दुकान प्राथमिक शाला बिंझवार पारा स्कूल के मात्र 100 मीटर के दायरे में आ रही है, जिससे स्कूली बच्चों के मानस पटल पर अत्यंत विपरीत प्रभाव पड़ेगा ।
- सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील:- प्रस्तावित स्थल के महज 100 मीटर की दूरी पर गैस एजेंसी और 200 मीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप संचालित हैं, ऐसे ज्वलनशील व संवेदनशील प्रतिष्ठानों के पास दारू भट्टी का होना किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देने जैसा है ।
- शासकीय कार्य व जन-आस्था को ठेस:- यह स्थल तहसील कार्यालय से बेहद निकट है जिससे शासकीय कार्यों में बाधा आएगी, इसके साथ ही स्थानीय पूर्वजों की आदिशक्ति मां मरकी माता का पवित्र मंदिर (0.5 मीटर) और पूर्वजों का पूजनीय देवस्थल ढोढ़ी (0.2 मीटर) भी इसके बिल्कुल करीब हैं, जिससे जन-आस्था और धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचेगी ।
- बीच बस्ती में स्थान:- यह पूरी तरह से घनी रिहायशी बस्ती से लगा हुआ क्षेत्र है, जहां महिलाओं और बेटियों का सुरक्षित आवागमन दूभर हो जाएगा ।
पार्षद जायसवाल ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जनभावनाओं, धार्मिक आस्था और बच्चों के भविष्य को दरकिनार कर इस दारू भट्टी को जबरन हमारे गांव/वार्ड में संचालित करने का प्रयास किया गया तो समस्त वार्डवासी और क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी, इस जन-आंदोलन और चक्काजाम से उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की कानून-अव्यवस्था की स्थिति और अप्रिय परिस्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं स्थानीय प्रशासन की होगी ।
इस आपत्ति पत्र की प्रतिलिपियाँ उचित एवं त्वरित दंडात्मक व निरोधात्मक कार्रवाई हेतु दीपका तहसीलदार तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) नगर पालिका परिषद दीपका को भी प्रेषित कर दी गई हैं, ताकि समय रहते इस जनविरोधी निर्णय को बदला जा सके ।

कोरबा
जिला पंचायत में स्थायी शिक्षा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न
विद्यालयों के सुचारु संचालन, शिक्षकों की नियुक्ति एवं छात्रावास व्यवस्थाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में स्थायी शिक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्थायी शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती निकिता जायसवाल ने की। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं नवीन शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ताम्रेश्वर उपाध्याय ने जिले के विद्यालयों के पुनः संचालन, विद्यार्थियों के प्रवेश एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं सरस्वती साइकिल योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

बैठक में मानदेय शिक्षकों एवं भृत्यों की नियुक्ति के संबंध में भी चर्चा की गई। बताया गया कि रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया प्रगति पर है तथा इस माह के भीतर नियुक्तियां पूर्ण कर ली जाएंगी। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ ऐसे अतिशेष शिक्षक जिन्होंने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, उनके स्थान पर मानदेय शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कलेक्टर से अनुमति प्राप्त की जाएगी।
सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर ने छात्रावास एवं आश्रमों में प्रवेश प्रक्रिया, विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था तथा आवश्यक सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। वहीं उल्लास कार्यक्रम की प्रगति एवं गतिविधियों की जानकारी श्रीमती ज्योति शर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई।

बैठक में स्थाई शिक्षा समिति की अध्यक्ष सहित समिति सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया एवं विद्वान सिंह मरकाम ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा शैक्षणिक व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे, इस संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में जिले के सभी विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, खेल अधिकारी दीनू पटेल, जिला क्रीड़ा अधिकारी गभेल, के.आर. टंडन सहित शिक्षा विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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