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छत्तीसगढ़

बैज बोले-मनरेगा कानून में परिवर्तन केंद्र का मजदूर विरोधी कदम

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राम जी के नाम पर झूठ बोल रही भाजपा, राज्य सरकारों पर बढ़ेगा बोझ

जगदलपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने जगदलपुर में कहा कि, मनरेगा कानून में परिवर्तन मोदी सरकार का मजदूर विरोधी कदम है। यह महात्मा गांधी के आदर्शों पर कुठाराघात है। मजदूरों के अधिकारों को सीमित करने वाला निर्णय है। केंद्र सरकार ने सुधार के नाम पर झांसा देकर लोकसभा में एक और बिल पास कर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी स्कीम मनरेगा को खत्म कर दिया है।

यह महात्मा गांधी की सोच को खत्म करने और सबसे गरीब भारतीयों से काम का अधिकार छीनने की जान-बूझकर की गई कोशिश है। अब तक, मनरेगा संविधान के आर्टिकल 21 से मिलने वाले अधिकारों पर आधारित गारंटी थी। नया फ्रेमवर्क ने इसे एक कंडीशनल, केंद्र कंट्रोल की जाने वाली स्कीम में बदल दिया है। मनरेगा गांधीजी के ग्राम स्वराज, काम की गरिमा और डिसेंट्रलाइज्ड डेवलपमेंट के सपने का जीता-जागता उदाहरण था।

12 करोड़ मनरेगा मजदूरों के अधिकारों को किया खत्म

लेकिन इस सरकार ने न सिर्फ उनका नाम हटा दिया है, बल्कि 12 करोड़ मनरेगा मजदूरों के अधिकारों को भी खत्म कर दिया। दो दशकों से मनरेगा करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए लाइफलाइन रहा है। कोविड-19 महामारी के दौरान आर्थिक सुरक्षा के तौर पर जरूरी साबित हुआ है। अब तक मनरेगा मजदूरों को काम देने का कानून था, श्रमिक अधिकार पूर्वक मांग करते जिसे योजना में परिवर्तित कर दिया गया।

अब इसे चलाना नहीं चलाना सरकार की मर्जी पर निर्भर होगा। मनरेगा के तहत, सरकारी ऑर्डर से कभी काम नहीं रोका गया। नया सिस्टम हर साल तय टाइम के लिए जबरदस्ती रोजगार बंद करने की इजाजत देता है, जिससे राज्य यह तय कर सकता है कि गरीब कब कमा सकते हैं और कब उन्हें भूखा रहना होगा। एक बार फंड खत्म हो जाने पर, या फसल के मौसम में, मजदूरों को महीनों तक रोजगार से दूर रखा जा सकता।

अब केंद्र और राज्य का हिस्सा 60-40 का हो जाएगा

दीपक बैज ने कहा कि, मनरेगा केंद्रीय कानून था। 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार भेजती थी। अब केंद्र और राज्य का हिस्सा 60 – 40 का हो जाएगा। पहले मैचिंग ग्रांट 50 प्रतिशत राशि राज्य जमा करेगी तब केंद्र सरकार राशि जारी करेगी। इस बिल से आने वाले समय में मनरेगा स्कीम खत्म हो जाएगी। जैसे ही बजट का बोझ राज्य सरकारों पर पड़ेगा, वैसे ही धीरे-धीरे मनरेगा बंद होने लगेगी।

अब राज्यों पर जी राम जी का लगभग 50 हजार करोड़ का बोझ डालना चाहती है, उन्हें 40 प्रतिशत खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मनरेगा योजना देश के गरीब से गरीब लोगों के लिए रोजगार का सहारा थी, जो कोरोना जैसी मुश्किल हालातों में भी उनके साथ थी। इसलिए ये बिल गरीब मजदूरों के खिलाफ है।

कांग्रेस ने कहा कि, 100 दिन से 125 दिन की मजदूरी वाली बात सिर्फ एक चालाकी है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 70 प्रतिशत गांव में भाजपा की सरकार आने के बाद से अघोषित तौर पर काम नहीं दिया जा रहा है। पिछले 11 सालों से भाजपा सरकार है, मनरेगा में काम देने का राष्ट्रीय औसत मात्र 38 दिनों का है। मतलब 11 साल में मोदी सरकार किसी भी साल 100 दिन काम नहीं दे पाई।

भगवान के नाम पर झूठ बोल रही BJP

कांग्रेस का कहना है कि भाजपा भगवान राम के नाम पर एक बार फिर झूठ बोल रही है। V.B.G. RAM. G. में जो राम जी बता रहे उसमें कही भी भगवान राम नहीं हैं। V.B.G.RAM.G. का फुल फॉर्म (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण) है।

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छत्तीसगढ़

वनमंत्री की पत्नी को 20-करोड़ का प्लॉट देने का आरोप:कांग्रेस बोली- कम कीमत की जमीन देकर प्रीमियम लैंड लिया, स्कीम निरस्त की जाए

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में प्रस्तावित जमीन आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्राधिकरण की वेबसाइट पर प्लॉट्स की जानकारी अपलोड होने के बाद कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने कचना की जमीन के बदले मंत्री केदार कश्यप की पत्नी की कंपनी को सड्डू में करीब 23 हजार वर्गफीट का प्लॉट दिए जाने का आरोप लगाया है।

उनके मुताबिक प्लॉट की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए बताई गई है। उन्होंने आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य सचिव से इसकी जांच कराने और योजना को निरस्त करने की मांग की है। वहीं, RDA अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है और दावा-आपत्ति आने पर मामले की जांच कराई जाएगी।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कचना की जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट देने का दावा

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता का आरोप है कि डॉक्यूमेंट के अनुसार साय कैबिनेट के मंत्री केदार कश्यप की पत्नी शांति कश्यप की कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को सड्डू में प्लॉट नंबर 25 दिया जा रहा है। यह प्लॉट 2,168 वर्गमीटर यानी करीब 23,327 वर्गफीट का है।

डॉ. गुप्ता के मुताबिक, यह प्लॉट प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी एमआर-43 सड़क के पास है। उन्होंने अनुमान लगाया है कि भविष्य में यहां जमीन की कीमत करीब 10 हजार रुपए प्रति वर्गफीट हो सकती है। इस हिसाब से उन्होंने प्लॉट की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए बताई है।

कांग्रेस नेता का दावा है कि कंपनी के पास कचना के नालापारा इलाके में करीब 1.33 एकड़ जमीन है। उनके मुताबिक, इस जमीन तक पहुंचने के लिए संकरी सड़क है। इसलिए इसकी बाजार कीमत कुछ लाख रुपए ही थी।

डॉ. गुप्ता का आरोप है कि नगर विकास योजना में कचना की इस जमीन को शामिल करने के बाद कंपनी को इसके बदले सड्डू में अलग प्लॉट दिया जा रहा है।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरडीए योजना में भूखंडों के प्रस्तावित आवंटन पर सवाल खड़े किए हैं।

एक किलोमीटर दूर प्लॉट मिलने पर उठाए सवाल

डॉ. राकेश गुप्ता ने छत्तीसगढ़ नगर और ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 का हवाला दिया है। उनका कहना है कि नियम के मुताबिक नया भूखंड मूल जमीन या उसके आसपास के इलाके में दिया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी की कचना वाली जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट दिया जा रहा है, जो मूल जमीन से करीब एक किलोमीटर दूर है।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने भू-आवंटन को लेकर उठाए सवाल।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने भू-आवंटन को लेकर उठाए सवाल।

प्रमुख सड़क से हटाकर अंदरूनी प्लॉट देने का आरोप

डॉ. राकेश गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अन्य भू-स्वामियों को एमआर-43 जैसी प्रमुख सड़क पर मिलने वाले भूखंडों के बजाय योजना के अंदरूनी हिस्सों में जमीन दी गई। उन्होंने पूरे भूखंड आवंटन की प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

इन आरोपों पर मंत्री केदार कश्यप की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, RDA अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। अधिकारियों का कहना है कि दावा आपत्ति आने पर मामले में जांच कराई जाएगी।

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कोरबा

छत्तीसगढ़ में 125 अफसरों का ट्रांसफर:अपर-डिप्टी और संयुक्त कलेक्टर भी बदले, पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को तबादला आदेश जारी किया। अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर नई पदस्थापना दी गई है।

तबादला सूची में अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और प्रवर श्रेणी के अधिकारी शामिल हैं। कई जिलों के संयुक्त कलेक्टर भी बदले गए हैं। जिलों से लेकर मंत्रालय स्तर तक अधिकारियों का फेरबदल किया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

पुलक भट्टाचार्य सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे पीएमओटी मिशन कर्मयोगी के समन्वयक और नगरीय प्रशासन-विकास संचालनालय में अपर संचालक के अतिरिक्त प्रभार में हैं।

आदेश के अनुसार, वर्तमान दायित्वों के साथ उन्हें राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा), रायपुर के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विपुल गुप्ता को कर्मकार मंडल का अतिरिक्त प्रभार

विपुल कुमार गुप्ता श्रम विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ सचिव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विनायक शर्मा को नवा रायपुर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक बनाया

विनायक शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार कार्यालय में राज्य शिष्टाचार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। उनके पास उप सचिव, खनिज साधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी है।

आदेश के अनुसार, उन्हें नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक के पद पर पदस्थ किया गया है।

डॉ. ऋतु वर्मा को उच्च शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार

डॉ. ऋतु वर्मा सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव (कक्ष-6 एवं 7) के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ को छत्तीसगढ़ संवाद के प्रभार से हटाया

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ कृषि विकास-किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे छत्तीसगढ़ संवाद में उप महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें छत्तीसगढ़ संवाद के उप महाप्रबंधक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

पुष्पेन्द्र शर्मा बने राज्य शिष्टाचार अधिकारी

पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार अधिकारी के कार्यालय में सत्कार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। आदेश के अनुसार, उन्हें राज्य शिष्टाचार अधिकारी, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर के पद पर पदस्थ किया गया है।

गौतम सिंह को मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया

गौतम सिंह सुशासन-अभिसरण विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं और मार्कफेड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

मोनिका जयनशीने बनीं डिप्टी कलेक्टर

मोनिका जयनशीने माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे नवाचार आयोग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं।

आदेश के अनुसार, उन्हें डिप्टी कलेक्टर, दुर्ग के पद पर पदस्थ किया गया है।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 19 नायब तहसीलदार बने तहसीलदार:नई पोस्टिंग भी मिली, 10 दिन में ज्वाइन करना होगा, किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 19 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर पदोन्नति दी है। प्रमोशन के साथ ही इन अधिकारियों की नई पदस्थापना भी की गई है। कुछ अधिकारियों को दूसरे जिलों में भेजा गया है। जबकि कुछ को वर्तमान जिले में ही नई जिम्मेदारी दी गई है।

पदोन्नत अधिकारियों को वर्तमान जगह से कार्यमुक्त होने के दिन से 10 दिन के भीतर नई पदस्थापना वाली जगह पर कार्यभार संभालना होगा। तय समय में ज्वाइन नहीं करने पर पदोन्नति आदेश अपने आप निरस्त माना जाएगा।

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