छत्तीसगढ़
नक्सल नीति पर भूपेश के सवाल:पूछा-नीति अच्छी तो यहां सरेंडर क्यों नहीं कर रहे,साय बोले-कांग्रेस ईमानदारी से काम करती तो खत्म हो जाता नक्सलवाद
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का बड़ा दावा किया है। पिछले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्मसमर्पण भी हुए हैं। इसके बावजूद कांग्रेस ने सरकार की नक्सल नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि नक्सलवाद खत्म करने के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। उन्होंने कहा कि यह घोषणा कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले कई सालों से यही बातें कही जा रही हैं, लेकिन नक्सलवाद ज्यों का त्यों बना हुआ है।
पूर्व सीएम ने नक्सल नीति पर उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने सवाल उठाते हुए कहा, अगर सरकार की नीतियां प्रभावी हैं तो नक्सली यहां क्यों नहीं समर्पण कर रहे? वे तो तेलंगाना, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जाकर समर्पण कर रहे हैं। इसका मतलब है कि छत्तीसगढ़ में हालात अभी भी सुधर नहीं पाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी छह महीने में नक्सलवाद खत्म करने का वादा किया था, लेकिन नतीजा सबके सामने है। ऐसी कौन सी नीति है जिसने नक्सलवाद को खत्म कर दिया? हमें बताएं।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
छत्तीसगढ़ की नीति इतनी अच्छी तो यहां सरेंडर क्यों नहीं कर रहे
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि “जब रमन सिंह मुख्यमंत्री थे, तब भी उन्होंने कहा था कि छह महीने में नक्सलवाद खत्म कर देंगे। अब बताइए, ऐसी कौन सी नीति अपनाई है जिसने नक्सलवाद को खत्म कर दिया?”
उन्होंने आगे कहा, “यहां के नक्सली तेलंगाना और महाराष्ट्र में आत्मसमर्पण कर रहे हैं। अगर छत्तीसगढ़ की नीति इतनी अच्छी है, तो नक्सली यहां सरेंडर क्यों नहीं कर रहे?”

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
कांग्रेस सरकार ईमानदारी से प्रयास करती तो पहले खत्म हो जाता नक्सलवाद
वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह की बैठक में पाया गया कि देश में सबसे अधिक नक्सली छत्तीसगढ़ में हैं। अगर कांग्रेस सरकार ईमानदारी से प्रयास करती, तो नक्सलवाद पहले ही खत्म हो जाता। हमारे जवान लगातार संघर्षरत हैं और नक्सलवाद कम हो रहा है।”
सीएम साय बोले- जवानों की मुस्तैदी से नक्सलवाद पर काबू पाया गया
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, हमारे जवान मुस्तैदी से लड़ रहे हैं, उसका प्रमाण है, जब अमित शाह ने बैठक ली, यहां का अध्ययन किया, तो 70 प्रतिशत से ज्यादा नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में ही बचा था, जबकि बाकी राज्यों में हालात बेहतर थे, अगर कांग्रेस की सरकार ईमानदारी से कोशिश करती तो नक्सलवाद पहले ही खत्म हो जाता।
क्या कहते हैं आंकड़े
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 22 महीनों में 477 नक्सली मारे गए, 2110 ने आत्मसमर्पण किया और 1785 गिरफ्तार किए गए। आत्मसमर्पण करने वालों में कई शीर्ष माओवादी नेता भी शामिल हैं, जैसे रूपेश उर्फ सतीश, भास्कर उर्फ राजमन मंडावी, रनिता, राजू सलाम, धन्नू वेट्टी उर्फ संटू और रतन एलम।
शाह की डेडलाइन, 2026 तक करेंगे नक्सलवाद का खात्मा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगस्त 2024 और दिसंबर 2024 में छत्तीसगढ़ के रायपुर और जगदलपुर आए थे। वे यहां अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मंचों से नक्सलियों को चेताते हुए कहा था कि हथियार डाल दें। हिंसा करोगे तो हमारे जवान निपटेंगे।
वहीं उन्होंने एक डेडलाइन भी जारी की थी कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। शाह के डेडलाइन जारी करने के बाद से बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन काफी तेज हो गए हैं।
छत्तीसगढ़
चलती कार में युवकों की स्टंटबाजी:बिलासपुर में खिड़की से बाहर निकलकर करते रहे करतब, दुर्ग पासिंग गाड़ी
बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर के सिरगिट्टी इलाके में चलती कार में स्टंट करने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के तिफरा इलाके के D सेक्टर का है। वीडियो में कुछ युवक तेज रफ्तार कार में खतरनाक करतब करते नजर आ रहे हैं।
वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कार में सवार युवक खिड़की से बाहर निकलकर स्टंट कर रहे हैं। चलती गाड़ी में इस तरह जान जोखिम में डालकर करतब किए जा रहे हैं। पीछे चल रही दूसरी कार में सवार एक व्यक्ति ने पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया।

दुर्ग पासिंग कार
बताया जा रहा है कि जिस कार में युवक स्टंट कर रहे थे, वह दुर्ग जिले की पासिंग नंबर की है। कोर्ट के निर्देश और पुलिस की सख्ती के बाद भी स्टंटबाजी करने वाले युवक बाज नहीं आ रहे हैं। इस तरह के वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
कोरबा
मैं कलेक्टर हूँ, आपकी समस्याएँ सुनने आया हूँ:दूरस्थ ग्राम नकिया में ग्रामीणों के बीच कलेक्टर की चौपाल, सुनी समस्याएँ और निराकरण का दिया भरोसा
लेमरू स्वास्थ्य केंद्र में लैब टेक्नीशियन नियुक्त करने सहित स्वास्थ्य सुविधाएँ बढ़ाने के निर्देश
चिर्रा-श्यांग मार्ग को जून तक पूर्ण करने के लिए ठेकेदार को निर्देश
अन्तिमछोर के गाँव लेमरू, नकिया और श्यांग का कलेक्टर ने किया दौरा

कोरबा। जिले के अंतिम छोर पर बसे ग्राम नकिया में आज कलेक्टर कुणाल दुदावत पीवीटीजी ग्रामीणों के बीच पहुँचे। ग्रामीणों की उत्सुक निगाहें कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों पर टिकी थीं। इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों के बीच पहुँचकर सहजता से कहा, मैं कलेक्टर हूँ, आप मुझे पहचानते हैं न, मैं आपकी समस्याएँ सुनने आया हूँ। आपका गाँव बहुत सुंदर है। राशन मिल रहा है न? महतारी वंदन योजना की राशि खाते में आ रही है न? आप लोग बताइए, आपके गाँव में क्या चाहिए?

आम के पेड़ के नीचे खाट पर बैठकर कलेक्टर श्री दुदावत ने कोरबा विकासखंड के सुदूरवर्ती ग्राम लेमरू, नकिया और श्यांग क्षेत्र का दौरा कर शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। ग्राम नकिया में उन्होंने पीवीटीजी परिवारों और ग्रामीणों के बीच दोपहर में चौपाल लगाकर उनकी समस्याएँ सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया।

ग्रामीणों ने बाजार शेड निर्माण, आश्रित ग्राम कोतरा डाँड़ तक सड़क, ग्राम खराखेत पारा में स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, नकिया में विद्युतीकरण, पीएम आवास सहित अन्य कई मांगें रखीं। कलेक्टर ने इन सभी मांगों का परीक्षण कर यथासंभव शीघ्र पूरा करने का भरोसा दिया।

ग्रामीणों से संवाद करते हुए कलेक्टर ने उनसे शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी भी ली। कुछ महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि खाते में नहीं आने की शिकायत की। इस पर कलेक्टर श्री दुदावत ने संबंधित बैंक को सोमवार को गाँव में शिविर लगाकर जाँच करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने ग्रामीणों को खेती-किसानी के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बोर के माध्यम से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी गाँव के किसानों को प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने कृषि अधिकारी को केवीके के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित ग्रामीणों को कलेक्टर ने बताया कि सभी का सर्वे किया जा चुका है। जो ग्रामीण सर्वे से छूट गए हैं, वे आवेदन दे सकते हैं। नया लक्ष्य प्राप्त होते ही आवास निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। किसी को भी निराश होने की आवश्यकता नहीं है।
कलेक्टर ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि विगत माह फरवरी में कुछ स्थानों पर चावल वितरण नहीं हो पाया था, इसलिए मार्च में राशन दुकानों से फरवरी माह का चावल भी उपलब्ध कराया जाएगा। वन अधिकार पत्र के संबंध में मांग आने पर उन्होंने ग्रामीणों से ग्राम सभा से अनुमोदन कर जानकारी प्रस्तुत करने को कहा।
नकिया में विद्युतीकरण के लिए कलेक्टर ने विद्युत विभाग को परीक्षण कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने गाँव की सरपंच श्रीमती रमिला मंझवार से भी चर्चा की और निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बाजार शेड और सीसी सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग को प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला पंचायत के सीईओ को ग्राम नकिया की अलग रिपोर्ट तैयार कर समस्याओं को चिन्हित करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर कलेक्टर ने ग्राम नकिया में प्रधानमंत्री आवास को शीघ्र पूर्ण करने वाले पहाड़ी कोरवा हितग्राही वीरूराम और शाम कुंवर को सम्मानित भी किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, सहायक कलेक्टर क्षितिज कुमार गुरभेले, एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में उपलब्ध हों समुचित सुविधाएँ

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी को निर्देशित किया कि अस्पताल में रक्त जांच के लिए लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति शीघ्र सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने उपलब्ध दवाओं की जानकारी लेते हुए अन्य आवश्यक दवाइयाँ सीजीएमएससी के माध्यम से मंगाने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रेसिंग के लिए कॉटन सहित अन्य जरूरी सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने तथा आपात स्थिति में उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव को सुनिश्चित करने, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करने तथा अस्पताल में प्रसव की सुविधा सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि लेमरू स्वास्थ्य केंद्र में आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपचार के लिए आते हैं। इसलिए यहाँ सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होना आवश्यक है। उन्होंने चिकित्सकीय स्टाफ को समय पर उपस्थित रहने तथा मरीजों का समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जून माह तक पूर्ण करें चिर्रा-श्यांग मार्ग
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अंतिम छोर के ग्राम श्यांग को जोड़ने वाले चिर्रा-श्यांग सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए कि जून माह तक मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए। कलेक्टर ने कार्य की गति बढ़ाने के लिए अतिरिक्त मजदूर लगाने तथा निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

कोरबा
पी.एम. श्री सेजेस करतला का औचक निरीक्षणः कलेक्टर कुणाल दुदावत ने दिए व्यवस्थाओं में सुधार के सख्त निर्देश
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पी.एम. श्री सेजेस करतला विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए प्रत्येक कक्षा, कंप्यूटर कक्ष, प्रायोगिक प्रयोगशाला, पुस्तकालय तथा खगोल प्रयोगशाला का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री दुदावत ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी पढ़ाई, सुविधाओं और विद्यालय में आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित भी किया। इसके पश्चात कलेक्टर ने विद्यालय के शिक्षकों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और कुछ कमियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय की स्वच्छता व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त करते हुए तीन दिनों के भीतर पूरे परिसर की समुचित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि सभी विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से कंप्यूटर तथा खेल (स्पोर्ट्स) की कक्षाएं अनिवार्य रूप से संचालित की जाएं, ताकि बच्चों का शारीरिक और बौद्धिक विकास संतुलित रूप से हो सके।उन्होंने विद्यालय परिसर में पड़े टूटे हुए फर्नीचर के संबंध में भी निर्देश दिए कि जो फर्नीचर मरम्मत योग्य है, उसे तत्काल ठीक कर उपयोग में लाया जाए तथा जो पूरी तरह अनुपयोगी हो, उसे कबाड़ विक्रेता को बेचकर प्राप्त राशि को विद्यालय के विकास और विद्यार्थियों के हित में खर्च किया जाए।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत करतला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी सहित जिले के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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