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कोरबा

मवेशी बचाने में बाइक नहर में गिरी, एक की मौत:कोरबा के राताखार में हुआ हादसा, दो घायल, एंबुलेंस के देरी पर दोस्तों ने जताई नाराजगी

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कोरबा। कोरबा में रविवार को एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। वहीं, बाइक में सवार दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सड़क पर अचानक एक मवेशी आ गया। उसे बचाने के प्रयास में बाइक चालक का संतुलन बिगड़ गया और बाइक अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी।

हादसे की सूचना मिलने पर 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उनका इलाज जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के राताखार इलाके का है।

मृतक की पहचान 15 ब्लॉक पंप हाउस निवासी सुरेश चौहान के रूप में हुई है। उसके साथी अर्जुन पटेल ने बताया कि सुरेश, विक्की और वह तीनों प्रतिदिन की तरह बाइक से जमनीपाली एल्युमिनियम फिटिंग का काम करने जा रहे थे।

मवेशी को बचाने के प्रयास में नहर में गिरी बाइक

सुबह राताखार के पास अचानक एक गाय सड़क पार करने लगी। उसे बचाने के प्रयास में बाइक चालक ने संतुलन खो दिया और तीनों युवक बाइक समेत नहर में जा गिरे। इस दुर्घटना में सुरेश चौहान को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। विक्की को भी गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अर्जुन को मामूली चोटें लगी हैं।

हादसे के बाद साथियों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एंबुलेंस को 10 मिनट में पहुंचने की बात कही गई थी, लेकिन वह लगभग आधे घंटे तक नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय लोगों और 112 डायल की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को बाइक पर ही जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद सुरेश को मृत घोषित कर दिया। घायलों के साथियों का कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती और तुरंत इलाज शुरू हो जाता, तो सुरेश की जान बच सकती थी।

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। उन्होंने पुष्टि की कि तीनों युवक बाइक पर सवार थे और मवेशी को बचाने के चक्कर में नियंत्रण खोने से यह हादसा हुआ। मृतक सुरेश कुमार अपने परिवार का पालन-पोषण मजदूरी कर करता था।

पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले में मवेशी मालिक की तलाश कर रही है।

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कोरबा

अलर्ट जारी, कभी भी खोला जा सकता है मिनीमाता बांगो जलाशय का गेट

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मिनीमाता बांगो जलाशय में जल भराव 89.55 प्रतिशत

कोरबा। कोरबा जिले  के मिनीमाता बांगो जलाशय में बारिश के साथ ही जलभराव में वृद्धि हुई है। बांगो जलाशय के कार्यपालन अभियंता एस.के.भारती से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज की स्थिति में बांगो जलाशय में जलभराव  89.55 प्रतिशत है। जलाशय में पानी की आवक बढ़ने पर कभी भी मिनीमाता जलाशय का गेट खोलकर पानी बहाया जा सकता है।

बाढ़ क्षेत्र से परिसम्पतियां हटाने की सूचना जारी

वर्षाकाल 2026 के दौरान आवश्यकता होने पर मिनी माता बांगो बांध माचाडोली से हसदेव नदी में पानी प्रवाहित किया जायेगा। कार्यपालन अभियंता एस.के.भारती मिनीमाता हसदेव बांगो बांध संभाग क्रमांक 03 माचाडोली  ने सर्व साधारण एवं कार्य संबंधितों को सूचित किया है कि मिनीमाता बांगो जलाशय में बारिश के साथ ही जलभराव में वृद्धि हुई है। आज की स्थिति में बांगो जलाशय में जल भराव  मीटर 89.55 प्रतिशत है।

उक्त बांध से नीचे, हसदेव नदी के किनारे, बाढ़ क्षेत्र में स्थापित चल-अचल सम्पत्ति सुरक्षित स्थानों पर ले जायें। बाढ़ क्षेत्र में स्थापित खनिज खदान ठेकेदार, औद्योगिक इकाईयां, संस्थानों आदि को भी सूचित किया गया है कि वे अपनी परिसम्पत्तियों को बाढ़ क्षेत्र से बाहर कर लेवें। कार्यपालन अभियंता मिनीमाता बांगो बांध ने कहा है कि अकस्मात बाढ़ से होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के लिए जल संसाधन विभाग उत्तरदायी नहीं होगा। कार्यपालन अभियंता मिनीमाता बांगो बांध ने बाढ़ क्षेत्र में आने वाले गांवों में बाढ़ चेतावनी की मुनादी करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

कार्यपालन अभियंता ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में आने वाले संभावित गांवो में बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट,  छिनमेर, कछार, कलमीपारा,  सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडाड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार,  झोरा, सिरकीकला आदि शामिल हैं।

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कोरबा

जर्जर सड़क और क्षतिग्रस्त पुल को लेकर चक्काजाम:15 दिन का अल्टीमेटम खत्म होने पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

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कोरबा। कोरबा के कटघोरा विधानसभा क्षेत्र में बुंदेली से चांदनी चौक तक जर्जर पीएमजीएसवाई सड़क और क्षतिग्रस्त खोलार नदी के पुल को लेकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (जेसीपी) ने शुक्रवार, 7 अगस्त को चांदनी चौक पर चक्काजाम किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी शामिल हुए। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं और बारिश का पानी भर गया है। इसके कारण सड़क तालाब जैसी हो गई है। ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों को रोज जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरना पड़ रहा है।

जेसीपी ने बताया कि सड़क और पुल की समस्या को लेकर पहले प्रशासन को 15 दिन का समय दिया गया था। समय पूरा होने के बाद भी कोई ठोस काम शुरू नहीं हुआ। इसके बाद पार्टी ने चांदनी चौक पर चक्काजाम कर विरोध जताया।

पुल के लिए 5.36 करोड़ का प्रस्ताव

जेसीपी के जिला सचिव महावीर यादव ने बताया कि खोलार नदी पर नए पुल के निर्माण के लिए सीजीआरआरडीए कोरबा ने डीएमएफटी मद से 536.01 लाख रुपए का प्राक्कलन तैयार कर जिला प्रशासन को भेजा है। यह प्रस्ताव कई महीनों से मंजूरी के इंतजार में है।

घोषणा और शिकायत के बाद भी काम शुरू नहीं

महावीर यादव ने कहा कि उपमुख्यमंत्री की घोषणा और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी मौके पर काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने इसे प्रशासन की लापरवाही बताया। उनका कहना है कि खराब सड़क और पुल के कारण रोजाना स्कूली बच्चों, किसानों और आम लोगों को परेशानी हो रही है।

अस्पताल और मंडी जाने में भी परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क कई गांवों को शहर से जोड़ती है। पुल टूटने और सड़क खराब होने से मरीजों को अस्पताल ले जाने, बच्चों को स्कूल पहुंचाने और किसानों को अपनी फसल मंडी तक ले जाने में काफी दिक्कत हो रही है।

काम शुरू होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

जेसीपी ने कहा है कि सड़क की मरम्मत और खोलार नदी पर नए पुल का निर्माण शुरू होने तक आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने किसानों, युवाओं और आम लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी, जिसे स्थानीय लोगों का समर्थन मिला।

नियमित नौकरी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने राखड़ डैम बंद किया

कोरबा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह के राखड़ बांध से प्रभावित ग्रामीणों ने शुक्रवार को डैम बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। गोढ़ी, बेन्द्रकोना और पडरीपानी के ग्रामीण 2007 में अधिग्रहित जमीन के बदले अब तक नियमित नौकरी नहीं मिलने से नाराज हैं।

ग्रामीण राखड़ डैम पंडोपानी पहुंचे और डैम का काम बंद कराकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 46 परिवार ऐसे हैं, जिन्हें जमीन अधिग्रहण के बाद अब तक स्थायी नौकरी नहीं मिली है।

प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें नियमित नौकरी देने के बजाय सिर्फ तीन साल की संविदा नौकरी का प्रस्ताव दिया जा रहा है। कुछ लोगों ने यह नौकरी स्वीकार कर ली है, जबकि कई ग्रामीणों ने इसे लेने से इनकार कर दिया है।

2010 में नियमित नौकरी देने की हुई थी घोषणा

ग्रामीणों के अनुसार, 29 नवंबर 2010 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि राखड़ बांध के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले 308 प्रभावित परिवारों के एक-एक सदस्य को CSPGCL में नियमित नौकरी दी जाएगी। इस घोषणा को संचालक मंडल से भी मंजूरी मिलने की बात ग्रामीणों ने कही है।

308 में से आधे से ज्यादा परिवारों को मिली नौकरी

प्रभावितों का कहना है कि 308 परिवारों में से आधे से ज्यादा को ही अब तक नौकरी मिल पाई है। बाकी परिवारों को नियमित पद देने के बजाय तीन साल की संविदा नौकरी दी जा रही है। इसमें हर साल अनुबंध बढ़ाने की बात है, लेकिन तीन साल बाद नियमित नौकरी देने की कोई गारंटी नहीं है।

जमीन गई, अब रोजगार भी नहीं

ग्रामीणों का कहना है कि 2007 में उनकी पुश्तैनी जमीन अधिग्रहित की गई थी। यही जमीन उनके परिवार की आय का मुख्य साधन थी। जमीन जाने के बाद परिवारों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। उनका कहना है कि उन्हें भी पहले नौकरी पा चुके प्रभावित परिवारों की तरह नियमित पद दिया जाए।

15 साल से सिर्फ आश्वासन मिलने का आरोप

किसानों ने कहा कि वे पिछले 15 साल से नौकरी के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। कई बार ज्ञापन दिए गए और बैठकें भी हुईं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने नियमित नौकरी नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

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कोरबा में मजदूर को नदी में फेंका, 10 हजार लूटे:बदमाशों ने मारपीट कर किया हमला, लकड़ी के सहारे बची जान, पुलिस जांच में जुटी

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कोरबा। कोरबा में एक 53 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति को बदमाशों ने मारपीट कर अहिरन नदी में फेंक दिया और उसके पास से करीब 10 हजार रुपए लूट लिए। यह घटना तब हुई जब व्यक्ति दीपका से मजदूरी कर घर लौट रहा था। वह पूरी रात बारिश में बेहोशी की हालत में नदी किनारे पड़ा रहा, लेकिन लकड़ी के सहारे उसकी जान बच गई।

यह घटना कटघोरा थाना क्षेत्र के ग्राम जुराली की है। जुराली निवासी किशन लाल पटेल दीपका में कोयला लेबलिंग का काम करता है। शुक्रवार देर शाम, सात दिन बाद वह घर लौट रहा था। गांव से कुछ दूरी पर उन्हें कुछ लोग शराब पीते हुए मिले, और किशन लाल भी उनके साथ बैठ गया।

शराब पीने के दौरान बदमाशों को पता चला कि किशन लाल के पास मजदूरी की रकम है। इसके बाद उनकी नीयत बिगड़ गई। उन्होंने किशन लाल को जबरदस्ती अपनी बाइक पर बिठाया और अहिरन नदी किनारे पंप हाउस के पास ले गए।

वहां बदमाशों ने किशन लाल के साथ बेरहमी से मारपीट की और उन्हें नदी में धकेल दिया। किशन लाल तेज बहाव में बहने लगा, तभी उन्हें एक लकड़ी मिली। उसी लकड़ी के सहारे वह किसी तरह नदी के तट तक पहुंच और बेहोश हो गया।

अगले दिन सुबह राहगीरों ने किशन लाल को अर्धबेहोशी की हालत में देखा। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। उनके शरीर पर चोट के निशान थे और चेहरा बुरी तरह सूजा हुआ था। उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के कारण मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया।

अस्पताल में किशन लाल ने अपने बेटे सुरेश और अन्य परिजनों को पूरी घटना बताई। सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची, लेकिन उनकी गंभीर हालत के कारण बयान दर्ज नहीं कर सकी।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जुराली, कर्सनिया और आसपास के गांवों में अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और बदमाशों की तलाश में जुटी है।

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