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कोरबा

BJP नेता ने कोयले की लड़ाई में कारोबारी को काट-डाला:भाई-भांजा समेत 20-25 लोगों ने धारदार हथियार से मारा, संरक्षण देने पर TI लाइन अटैच

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कोरबा/पाली। जिले में शुक्रवार की रात BJP नेता, उसके भाई और भांजे समेत 20-25 लोगों ने कोल कारोबारी को धारदार हथियार से मार डाला। कोयला ट्रांसपोर्टिंग को लेकर 2 पक्षों में विवाद हुआ। इसके बाद खूनी झड़प हो गई है। इलाके में तनाव का माहौल है। मामला पाली थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के मुताबिक रोहित जायसवाल (36) की हत्या की गई है। रोहित के शरीर पर कई जगह कटने के निशान हैं। हत्या का मुख्य आरोपी रोशन सिंह ठाकुर है, जो पाली ब्लॉक का भाजपा मंडल अध्यक्ष है। वहीं आरोपियों को संरक्षण देने पर पाली थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया गया है।

कोरबा जिले में शुक्रवार की रात कोल ट्रांसपोर्टर की हत्या के बाद इलाके में बवाल।

कोरबा जिले में शुक्रवार की रात कोल ट्रांसपोर्टर की हत्या के बाद इलाके में बवाल।

अब जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, 28 मार्च की रात 10 बजकर 30 मिनट में अपने 3 साथियों के साथ रोहित जायसवाल सरायपाली SECL के बुड़बुड़ खदान में कोयला लोड कराने आए थे, तभी आरोपी रोशन सिंह भी अपने, भाई और भांजे समेत 20-25 साथियों के साथ हथियारों से लैस पहुंचा।

इस दौरान रोशन सिंह सरायपाली SECL खदान गेट के सामने विवाद करने लगा। विवाद इतना बढ़ा कि रोशन सिंह ने पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद साथियों ने भी धारदार हथियारों से रोहित को मारने लगे।वारदात के बाद रोहित के साथियों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया।

थाने के बाहर लोगों की भीड़। इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है।

थाने के बाहर लोगों की भीड़। इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है।

अब जानिए क्या थी रोशन और रोहित के बीच लड़ाई ?

रोहित जायसवाल और रोशन ठाकुर दोनों कोल ट्रांसपोर्टर्स हैं। इन दोनों के पास सरायपाली SECL बुड़बुड़ खदान में C ग्रेड कोयला परिवहन करने की परमिट है, लेकिन रोशन ठाकुर ​​​​​ज्यादा ​​पावरफुल है। खदान के अंदर लोगों से उसकी सेटिंग है। C ग्रेड कोयले में कुछ अच्छा माल भी रहता है।

ऐसे में रोशन ठाकुर खदान के अंदर मौजूद लोगों से साठगांठ कर अच्छे माल को अपनी गाड़ियों में लोड कराता था। खराब माल रोहित जायसवाल के लिए बचवा देता है। इससे रोहित को नुकसान और रोशन को मुनाफा होता था। इसी को लेकर दोनों के बीच में विवाद चल रहा था।

हत्या के बाद लोगों ने इलाके में हंगामा किया। पाली थाने को घेर दिया।

हत्या के बाद लोगों ने इलाके में हंगामा किया। पाली थाने को घेर दिया।

विवाद की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की

मृतक के भाई अनिल जायसवाल ने बताया कि रोशन सिंह ठाकुर के गुट ने उनके भाई को मारा है। पिछले 6 महीने से विवाद चल रहा है। पहले भी मारपीट की गई थी। विवाद की शिकायत पाली थाने में की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अनिल जायसवाल ने SECL के सब एरिया मैनेजर पर भी रोशन सिंह के साथ मिलकर कोयले की हेराफेरी में शामिल होने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद SP ने थाना प्रभारी विनोद सिन्हा को लाइन अटैच कर दिया है।

युवराज तिवारी को नया थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि दर्री थाना प्रभारी का कार्यभार ललित चंद्रा को सौंपा गया है।

वारदात के बाद इलाके में तनाव की स्थिति

वारदात से गुस्साए लोगों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की और पाली बंद करा दिया है। बड़ी तादाद में जिले की पुलिस पाली इलाके में तैनात है, ताकि कोई हिंसा न हो सके। घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिद्धार्थ तिवारी सहित कई थानों के प्रभारी मौके पर पहुंचे है।

हत्या का मुख्य आरोपी रोशन सिंह ठाकुर, भाजपा मंडल अध्यक्ष

हत्या का मुख्य आरोपी रोशन सिंह ठाकुर, भाजपा मंडल अध्यक्ष

आरोपियों ने थाने में आकर सरेंडर किया

वारदात के बाद पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बाकी आरोपियों ने खुद थाने में आकर सरेंडर कर दिया है। इन लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज हुआ है। वहीं फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है।

इन आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR

आरोपी रोशन ठाकुर, गौरव सिंह ठाकुर,वासु ठाकुर, सौरभ श्रीवास, सुशांत ठाकुर उर्फ सीजू, संस्कार ठाकुर, मोंटी कश्यप, मुकेश श्रीवास, सुनील सागर, प्रभात दुबे, निलेश सिंह राज, कैलाश कैवर्त, अनिल मरावी उर्फ छोटू, मयंक सिंह ठाकुर, सूरज पासवान, सुरेंद्र सिंह चौहान के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।

कोयला A ग्रेड से C ग्रेड की कहानी और विवाद में खून हो गया।

कोयला A ग्रेड से C ग्रेड की कहानी और विवाद में खून हो गया।

अब जानिए A ग्रेड से C ग्रेड कोयले की कहानी ?

A ग्रेड कोयला: यह सबसे हाई क्वालिटी वाला कोयला होता है, जिसमें कैलोरी मान 6200 किलोकैलोरी/किग्रा से अधिक होता है।

B ग्रेड कोयला: यह A ग्रेड से थोड़ा कम गुणवत्ता वाला होता है, जिसमें कैलोरी मान 5600 से 6200 किलोकैलोरी/किग्रा के बीच होता है।

C ग्रेड कोयला: यह B ग्रेड से कम गुणवत्ता वाला होता है, जिसमें कैलोरी मान 4940 से 5600 किलोकैलोरी/किग्रा के बीच होता है.

अब जानिए कोयले को मिक्स करने की कहानी ?

दरअसल, C ग्रेड में ही कुछ अच्छे क्वालिटी के कोयले होते हैं। उसे खदान से उठाकर अपने कोल डिपो में ले जाया जाता है। फिल्टर कर लो ग्रेड माल को A ग्रेड माल के साथ मिक्स कर देते हैं। इसके बाद बड़े-बड़े प्लांट में साठगांठ कर माल को खपा दिया जाता है।

B और C ग्रेड में कोयला मिक्स बहुत कम किया जाता है, यह तब होता जब कोयले का रेट हाई हो, लेकिन इस वक्त रेट अभी डाउन चल रहा है। हालांकि खदान से जो जितना अधिक माल उठाता है, उसे उतना ही फायदा होता है। इसी अच्छे और खराब माल को लेकर विवाद हुआ और मर्डर हो गया।

कोयला खदान खुलने के बाद पाली क्षेत्र में छायी अशांति
पाली क्षेत्र में सराईपाली एवं अम्बिका खदान खुलने के बाद पाली जैसी शांति जगह अब अशांत हो गई है। करीब दो वर्ष पूर्व एसईसीएल कोरबा क्षेत्र की सराईपाली खदान अस्तित्व में आयी थी और उसके बाद क्षेत्र के युवा वर्चस्व जमाने आये दिन संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे थे और शुक्रवार को बड़ी वारदात हो गई। कोयला कारोबारियों के बीच हुए विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया और एक युवा कारोबारी की जहां हत्या हो गई, वहीं राजनीति में कैरियर बना रहे भाजपा मंडल अध्यक्ष रोशन सिंह ठाकुर का इस खूनी संघर्ष में कैरियर ही बर्बाद कर दिया और उनके साथ कई युवा अब जेल में समय बीताएंगे। इस खूनी संघर्ष के बाद पाली क्षेत्र में दहशत के साथ भय भी व्याप्त है। एसईसीएल सराईपाली में एसईसीएल प्रबंधन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था भी मुहैय्या नहीं करा पा रहा ।

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कोरबा

“सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत कोरबा पुलिस की त्वरित कार्यवाही, लूट के मामले का खुलासा

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लूट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

कोरबा। कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में थाना/चौकी स्तर पर लगातार सघन कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में “सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चौकी मानिकपुर में लूट की घटना का त्वरित खुलासा किया गया है।

प्रार्थी योगेश कुमार कंवट, निवासी तिलकेजा दरी मोहल्ला, थाना उरगा, दिनांक 25.03.2026 को अपने जीजा के घर मानिकपुर आया था। दिनांक 26.03.2026 को रात्रि लगभग 02:00 बजे वापस जाते समय मानिकपुर बाजार के पास कुछ अज्ञात आरोपियों द्वारा उसे रोककर हाथ-मुक्का से मारपीट करते हुए उसकी हीरो एचएफ डीलक्स मोटर सायकल एवं नगदी रकम 2000 रुपये लूटकर फरार हो गए।

प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली चौकी मानिकपुर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें अभिरक्षा में लिया गया।

गिरफ्तार आरोपीगण का विवरण:–

  1. फैजल अहमद अंसारी उर्फ अमन, निवासी मानिकपुर, थाना कोतवाली, जिला कोरबा।
  2. विजय चौहान, निवासी मानिकपुर, थाना कोतवाली, जिला कोरबा।

आरोपियों से पृथक-पृथक मेमोरण्डम कथन लेकर उनके कब्जे से लूट की मशरूका, जिसमें एक पुरानी इस्तेमाल की गई मोटर सायकल (हीरो एचएफ डीलक्स), मोटर सायकल क्रमांक CG 11 AB 8037 एवं नगदी राशि बरामद की गई।

बरामद सामग्री को विधिवत गवाहों के समक्ष जप्त कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

कोरबा पुलिस द्वारा “सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत क्षेत्र में अपराध नियंत्रण हेतु निरंतर सख्त कार्यवाही जारी रहेगी एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

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कोरबा

“सजग कोरबा – सदर कोरबा” अभियान के तहत कोतवाली पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही

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डीजे विवाद में चाकूबाजी की घटना का खुलासा, 03 आरोपी गिरफ्तार

कोरबा। कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) के मार्गदर्शन में थाना/चौकी स्तर पर लगातार सघन कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में दिनांक 25 मार्च 2026 को थाना कोतवाली, जिला कोरबा क्षेत्रांतर्गत डीजे को लेकर हुए विवाद में प्रार्थी संदीप भास्कर के कूल्हे पर चाकू मारने की घटना सामने आई थी। उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए थाना कोतवाली में आरोपीगण के विरुद्ध धारा 109(3), 296, 351(3), 115(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

आरोपियों का नाम पता:—

  1. संतोष बाबा पिता पंचराम वैष्णव, उम्र 18 वर्ष, निवासी मोती सागर पारा।
  2. शिव यादव पिता छोटेलाल, उम्र 20 वर्ष, निवासी मोती सागर पारा।
  3. पुरुषोत्तम सोनी उर्फ पांडू पिता जयराम, उम्र 21 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती।

तीनों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा घटना करना स्वीकार किया गया। उनके मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त चाकू जप्त किया गया। प्रकरण में धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट भी जोड़ी गई है।
उक्त सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

♦️“सजग कोरबा – सदर कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस द्वारा अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है तथा आगे भी यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

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कोरबा

ग्रामीणों के आंदोलन के आगे झुका प्रबंधन, SECL गेवरा और PNC कंपनी का खदानबंदी समाप्त, 13 को तत्काल और 7 को 8 अप्रैल तक रोजगार का मिला लिखित आश्वासन

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कोरबा/गेवरा। SECL गेवरा परियोजना के प्रभावित ग्राम नरईबोध और गेवरा क्षेत्र के ग्रामों के ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज गेवरा खदान और आउटसोर्सिंग कंपनी PNC के कार्यों को पूरी तरह ठप कर दिया।पुनर्वास, मुआवजा, बसाहट और वैकल्पिक रोजगार की मांग को लेकर सुबह 9:00 बजे से शुरू हुआ, यह उग्र प्रदर्शन दोपहर 2:00 बजे तक जारी रहा, जिससे परियोजना का कार्य लगभग 4 घंटे तक बाधित रहा ।

मुख्य घटनाक्रम

  • नारेबाजी और घेराव:- भारी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल और CISF के जवान मुस्तैद रहे ।
  • प्रशासनिक मध्यस्थता:- आंदोलन को समाप्त कराने के लिए तहसीलदार और SECL के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों, कंपनी प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लंबी चर्चा हुई ।
  • सहमति और समाधान:- वार्ता के दौरान PNC कंपनी में 13 भू-विस्थापितों को तत्काल प्रभाव से रोजगार में बहाल करने का निर्णय लिया गया। वहीं शेष 7 भू-विस्थापितों को उनका बी-फॉर्म (B-Form) और मेडिकल प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात 8 अप्रैल 2026 तक कार्य पर रखने का लिखित आश्वासन दिया गया ।
  • लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित

एसईसीएल गेवरा के अधिकारियों और नायब तहसीलदार द्वारा लिखित में आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रही गोमती केवट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी 20 लोगों की जॉइनिंग और अन्य मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो भविष्य में पुनः उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।

इस समझौते के बाद खदान और PNC कंपनी में कार्य पुनः सुचारू रूप से शुरू हो गया है ।

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