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बीजेपी ने जेन-जी से जुड़ने के लिए टीम बनाई:नितिन नवीन, स्मृति-तावड़े शामिल, कांग्रेस के पूरा वंदे मातरम न गाने के खिलाफ प्रस्ताव पास

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छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी शामिल

नई दिल्ली, एजेंसी। बीजेपी ने जेन-जी यानी युवा वोटर्स से जुड़ने के लिए खास टीम बनाई है। इसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े के साथ गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी और छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी शामिल हैं।

वहीं, दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में शनिवार को नितिन नवीन की अध्यक्षता में 65 सदस्यीय नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक हुई।

वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस के फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया। भाजपा ने कांग्रेस के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल दो पैरा गाने के फैसले की निंदा की।

नितिन नवीन की नई टीम शनिवार शाम 7 बजे PM मोदी से बीजेपी मुख्यालय में मुलाकात करेगी। टीम की घोषणा 17 अगस्त को हुई थी।

बैठक की तस्वीरें…

बैठक में नई टीम में शामिल सभी 12 महिला सदस्य भी शामिल हुईं।

बैठक में नई टीम में शामिल सभी 12 महिला सदस्य भी शामिल हुईं।

बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी, बूथ और जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई।

बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी, बूथ और जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई।

वंदे मातरम के लिए जागरूकता अभियान चलाएगी बीजेपी

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई नई टीम की बैठक में आगामी चुनावों, संगठन को मजबूत करने और पार्टी के कार्यक्रमों पर चर्चा हुई।

नवीन ने कहा कि बीजेपी वंदे मातरम का इतिहास और महत्व देशभर में पहुंचाने के लिए अभियान चलाएगी। खासतौर पर युवाओं के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी पूरे वंदे मातरम और उससे जुड़े इतिहास को समझ सके।

इससे पहले 19 अगस्त को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) ने 1937 के अपने फैसले पर कायम रहने का फैसला किया था। इसके तहत कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के पहले दो पैरा ही गाए जाएंगे। बीजेपी कांग्रेस के इस फैसले का विरोध कर रही है।

बैठक से पहले बीजेपी मुख्यालय में वंदे मातरम के सभी छह पैरा गाए गए।

बैठक से पहले बीजेपी मुख्यालय में वंदे मातरम के सभी छह पैरा गाए गए।

14 से 25 साल के युवाओं को जोड़ेगी BJP

BJP की नई टीम ‘युवा संवाद’ अभियान के जरिए 14 से 25 साल के युवाओं से जुड़ेगी। इसमें बातचीत और चर्चा के जरिए जेन-जी की सोच, समस्याओं और उम्मीदों को समझने की कोशिश होगी। युवाओं को BJP नेताओं से सीधे सवाल करने और अपनी बात रखने का मौका भी मिलेगा। कार्यक्रमों का शेड्यूल और जगहों की जानकारी जल्द जारी होगी।

Gen-Z क्यों जरूरी है: 2 चुनावी गणित समझिए

1. साल 2027 में 7 राज्यों में चुनाव, 22% वोटर जेन-जी

2027 में यूपी, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव होंगे। इन 7 राज्यों में करीब 22% वोटर 18 से 29 साल की उम्र के हैं।

पिछले विधानसभा चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इन राज्यों की कुल 940 सीटों में 257 सीटें यानी करीब 27% सीटों पर जीत का अंतर 5% या उससे कम रहा था।

ऐसे में अगर 18-29 साल के वोटर्स में से सिर्फ 5% वोटर भी एकजुट होकर किसी एक पार्टी के पक्ष में वोट करते हैं, तो कई सीटों पर मुकाबले का नतीजा बदल सकता है। यही वजह है कि 2027 के चुनावों से पहले राजनीतिक दल Gen-Z और युवा वोटर्स तक अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

2. उम्र 14 से 17 साल के युवाओं को पार्टी क्यों जोड़ रही?

जो किशोर आज 14 या 15 साल का है, वह 2029 के लोकसभा चुनाव में पहली बार वोट डालेगा। पार्टियां जानती हैं कि अगर इस उम्र में किसी विचारधारा के प्रति लगाव पैदा कर दिया जाए, तो वह भविष्य का एक स्थायी और लॉयल वोटर बन सकता है।

सरकार भी जेन-जी से जुड़ने के लिए नेताओं को यूनिवर्सिटी भेजेगी

केंद्र सरकार ने यूनिवर्सिटी आउटरीच प्रोग्राम के जरिए कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों से सीधे जुड़ने की तैयारी की है। न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि 19 अगस्त की कैबिनेट बैठक में यह फैसला हुआ कि केंद्रीय मंत्री अलग-अलग यूनिवर्सिटी में जाकर छात्रों से बातचीत करेंगे और उनके सवाल, विचार और समस्याएं सुनेंगे।

बैठक में मंत्रियों की सोशल मीडिया पोस्ट की पहुंच पर भी चर्चा हुई। इसमें खासतौर पर युवा लोगों तक संदेश पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करने की बात कही गई।

सरकार जेन-जी से जुड़ने की कोशिश क्यों कर रही?

  • दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से 25 जुलाई तक कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्र आंदोलन हुआ। शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में युवा सड़क पर उतरे। आंदोलन सोशल मीडिया से शुरू होकर संसद तक पहुंचा।
  • आंदोलन का राजनीतिक असर भी दिखा। प्रदर्शन के बीच तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को इस्तीफा दिया। सरकार को छात्रों की दूसरी मांगें भी मांगनी पड़ी।
  • देश में युवा आबादी बड़ी है। भारत में 15-24 साल की उम्र के करीब 25.7 करोड़ युवा हैं। इतनी बड़ी आबादी चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभाती है।

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वाराणसी के सभी घाट डूबे, छतों पर आरती-अंतिम संस्कार:MP-UP समेत 4 राज्यों में आज भारी बारिश, राजस्थान में अगस्त में पारा 40° पहुंचा

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नई दिल्ली, एजेंसी। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से गंगा और घाघरा समेत 6 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। वाराणसी में सभी 84 घाट डूब गए हैं। मणिकर्णिका घाट की छत पर अंतिम संस्कार हो रहा है। दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी छत पर कराई जा रही है।

उधर, राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ गया है। इससे गर्मी और उमस बढ़ गई है। शुक्रवार को श्रीगंगानगर में 39.9° और चूरू में 39° तापमान रिकॉर्ड हुआ।

मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को मध्य प्रदेश के 22 और यूपी के 28 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी तेज बारिश होगी।

दरअसल, मध्य प्रदेश में 3 मानसूनी सिस्टम एक्टिव हैं। रीवा-सीधी के पास लो प्रेशर एरिया, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से मानसून ट्रफ और दक्षिणी-पश्चिमी मध्य प्रदेश में चक्रवाती घेरा बना हुआ है।

सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति

देशभर से मौसम की तस्वीरें

भारी बारिश से मध्यप्रदेश के सतना का शबरी वाटरफॉल रौद्र रूप में दिखाई दे रहा है।

भारी बारिश से मध्यप्रदेश के सतना का शबरी वाटरफॉल रौद्र रूप में दिखाई दे रहा है।

वाराणसी में घाट पर बने 100 छोटे-बड़े मंदिर डूब गए हैं। छतों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

वाराणसी में घाट पर बने 100 छोटे-बड़े मंदिर डूब गए हैं। छतों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

रुद्रप्रयाग में भारी बारिश की परवाह किए बिना स्कूल जाते हुए बच्चे। यह वीडियो उत्तराखंड पुलिस ने शेयर किया है।

रुद्रप्रयाग में भारी बारिश की परवाह किए बिना स्कूल जाते हुए बच्चे। यह वीडियो उत्तराखंड पुलिस ने शेयर किया है।

लखनऊ के हुसैनगंज में शुक्रवार शाम आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे दुकानों और घरों में पानी भर गया।

लखनऊ के हुसैनगंज में शुक्रवार शाम आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे दुकानों और घरों में पानी भर गया।

शिमला के ताराहाल में चलती कार के अगले हिस्से पर पेड़ गिर गया। साथ ही एक बाइक सवार भी बाल-बाल बचा।

शिमला के ताराहाल में चलती कार के अगले हिस्से पर पेड़ गिर गया। साथ ही एक बाइक सवार भी बाल-बाल बचा।

देहरादून-मसूरी रोड पर भूस्खलन से मलबा सड़क पर आ गया, जिससे ट्रैफिक थम गया।

देहरादून-मसूरी रोड पर भूस्खलन से मलबा सड़क पर आ गया, जिससे ट्रैफिक थम गया।

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लैंडिंग करते इंडिगो विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकराया:178 लोग सवार थे, पायलट ने दूसरी कोशिश में उतारा, गोरखपुर की घटना

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गोरखपुर, एजेंसी। गोरखपुर एयरपोर्ट पर एक विमान हादसा टल गया। इंडिगो विमान की लैंडिंग के दौरान पिछला हिस्सा (टेल) जमीन से टकरा गया था। इसके बाद पायलट ने विमान को फिर से हवा में ले लिया। कुछ देर बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के क्लियरेंस मिलने पर विमान की दोबारा लैंडिंग कराई।

मामला 19 अगस्त का है। दिल्ली से आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 2381 में क्रू मेंबर्स समेत 178 लोग सवार थे। विमान के उतरने के बाद नियमित जांच में पिछले हिस्से में ऑक्सिलरी पावर यूनिट (APU) के पास खरोंच के निशान मिले।

विमान को अस्थायी तौर पर सेवा से हटा दिया गया है। फिलहाल, इसकी तकनीकी जांच और मरम्मत की जा रही है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान में शामिल किया जाएगा।

इंडिगो प्रवक्ता ने कहा-

विमान को गो-अराउंड यानी दोबारा हवा में ले जाने का फैसला पूरी तरह सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। यात्रियों, क्रू और फ्लाइट की सुरक्षा कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

तस्वीर गोरखपुर एयरपोर्ट की है।

तस्वीर गोरखपुर एयरपोर्ट की है।

15 से 20 मिनट बाद हुई दोबारा लैंडिंग

एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, गो-अराउंड के बाद विमान करीब 15-20 मिनट तक हवा में उड़ता रहा। एयर ट्रैफिक कंट्रोल से दोबारा क्लीयरेंस मिलने के बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। गो-अराउंड की वजह से कुछ देर तक यात्री घबरा गए। हालांकि, क्रू ने यात्रियों से शांत रहने की अपील की।

गोरखपुर एयरपोर्ट पर रोजाना 20- 22 फ्लाइट्स आती-जाती हैं। यहां का रन-वे 2.7 किमी लंबा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) इसका संचालन करता है।

एयरपोर्ट के डायरेक्टर संजय कुमार ने कहा-

विमान के टेल यानी पीछे के हिस्से में खरोंच के निशान (Tail Impact) की सूचना मिली थी। इसके बाद विमान को ग्राउंडेड किया गया। यही विमान दिल्ली यात्रियों को वापस दिल्ली ले जाता था। दूसरे विमान से यात्रियों को दिल्ली भेजा गया। इसमें 5 घंटे की देरी हुई। इससे कई यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट और जरूरी काम प्रभावित हुए।

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सिख परिवारों का राहुल के घर के बाहर प्रदर्शन:पुतला जलाया, सिख दंगों के दोषी सज्जन को हीरो कहने पर नाराजगी; 2 दिन पहले निधन हुआ

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नई दिल्ली, एजेंसी। सिख नेताओं और 1984 के सिख विरोधी दंगों से प्रभावित परिवारों के सदस्यों ने शनिवार को 5, सुनहरी बाग रोड स्थित राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए पुतला भी फूंका।

प्रदर्शनकारी सिख कांग्रेस नेताओं की ओर से पूर्व पार्टी नेता सज्जन कुमार को हीरो और आदर्श बताने वाले बयान से नाराज हैं। उन्होंने कहा- कांग्रेस को इस बयान को वापस लेकर माफी मांगनी चाहिए।

सज्जन कुमार 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराए गए थे। दिल्ली की तिहाड़ जेल में गुरुवार को 80 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था।

राहुल के घर पर प्रदर्शन की फोटो

पुलिस ने राहुल के घर के बाहर बैरिकैडिंग लगाई थी।

पुलिस ने राहुल के घर के बाहर बैरिकैडिंग लगाई थी।

सिखों ने कांग्रेस नेताओं की तस्वीरों पर जूते-चप्पल भी मारे।

सिखों ने कांग्रेस नेताओं की तस्वीरों पर जूते-चप्पल भी मारे।

कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बयान दिया था

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने सज्जन कुमार के निधन को कभी न पूरी होने वाली क्षति बताया था।

वहीं, कांग्रेस के नेता उदित राज ने सज्जन कुमार के निधन को पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताते हुए कहा कि उन्होंने विशेष रूप से गरीबों के लिए बहुत काम किया था। इन बयानों के बाद से सिख समाज में नाराजगी है।

सिखों की कांग्रेस से सफाई और माफी की मांग

प्रदर्शन का नेतृत्व दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कलका और महासचिव जगदीप सिंह कहलोन ने किया।

डीएसजीएमसी के नेता ने कांग्रेस से साफ करने को कहा कि क्या दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए गए सज्जन कुमार को हीरो माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सज्जन कुमार की मौत के बाद कांग्रेस नेताओं ने जिस तरह के बयान दिए और उन्हें अपना हीरो बताया, वह आपत्तिजनक हैं। राहुल गांधी को आज साफ करना होगा कि क्या सज्जन कुमार उनके हीरो हैं।

उन्होंने कहा, 42 साल बाद हमारे परिवारों के जख्म फिर हरे हो गए हैं। हमारी भावनाओं को ठेस पहुंची है। राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं को इसे स्वीकार कर माफी मांगनी चाहिए।

उम्रकैद काट रहे सज्जन कुमार का गुरुवार को तिहाड़ में निधन

तिहाड़ जेल में कैद कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का गुरुवार को 80 साल की उम्र में निधन हो गया था। सज्जन दिसंबर 2018 से जेल में थे। 7 साल 8 महीने जेल में रहे। उन्हें 1984 सिख विरोधी दंगों के दो मामलों में उम्रकैद की सजा मिली थी, जबकि दंगों से ही जुड़े दो केस में बरी हो गए थे।

सज्जन कुमार को 12 फरवरी 2025 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने दोषी ठहराया था।

सज्जन कुमार को 12 फरवरी 2025 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने दोषी ठहराया था।

1984 दंगे- सज्जन पर सिखों की हत्या का आरोप

  • 31 अक्टूबर 1984: प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1 नवंबर से दिल्ली समेत कई हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़के थे। दिल्ली में करीब 2700 और देशभर में लगभग 3500 लोगों की मौत हुई।
  • मई 2000: जीटी नानावटी कमीशन बना। इसकी सिफारिश पर 24 अक्टूबर 2005 को CBI ने केस दर्ज किया। तब सज्जन कुमार सांसद थे। उन्हें दंगे भड़काने और सिखों की हत्या के मामले में आरोपी बनाया गया।
  • 2010-2013: ट्रायल कोर्ट ने सज्जन कुमार समेत कई आरोपियों को समन किया। 2013 में सज्जन कुमार को बरी किए जाने के बाद CBI ने हाईकोर्ट में अपील की।
  • 17 दिसंबर 2018: दिल्ली हाईकोर्ट ने पांच सिखों की हत्या के मामले में सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई।
  • 2005: दंगों के 21 साल बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद में माफी मांगते हुए कहा था कि इस घटना से उनका सिर शर्म से झुक जाता है।
1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख बहुल इलाकों में दंगे हुए थे। इसमें हजारों लोग मारे गए थे।

1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख बहुल इलाकों में दंगे हुए थे। इसमें हजारों लोग मारे गए थे।

4 मामले- 2 में बरी, 2 में उम्रकैद

सज्जन कुमार 20 अगस्त 2026, यानी उनकी मौत होने से पहले तक राजनगर और सरस्वती विहार से जुड़े 2 मामलों में दोषी थे, उन्हें उम्रकैद मिली थी, बाकी दूसरे 2 मामलों में बरी/डिस्चार्ज कर दिया गया था। पढ़िए कौन सा मामला क्या था…

1. राज नगर केस- पहले बरी, फिर उम्रकैद: दिल्ली कैंट के राज नगर/पालम कॉलोनी में 1 नवंबर 1984 को एक ही सिख परिवार के 5 सदस्यों की हत्या और राज नगर में गुरुद्वारे को जलाने का मामला था। 2013 में ट्रायल कोर्ट ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया, जबकि दूसरे आरोपियों को दोषी ठहराया गया।

17 दिसंबर 2018 के दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलट दिया और सज्जन कुमार को दोषी ठहराया गया, उन्हें उम्रकैद की सजा दी गई। 31 दिसंबर 2018 को सज्जन कुमार ने कड़कड़डूमा कोर्ट में सरेंडर किया और उन्हें मंडोली जेल भेजा गया। यही वह केस है जिसके कारण वह दिसंबर 2018 से जेल में रहे।

2. सुल्तानपुरी केस- 20 सितंबर 2023 को बरी: सुल्तानपुरी इलाके में दंगों और हत्या से जुड़ा यह केस भी 1984 के दंगों का महत्वपूर्ण मामला था। 20 सितंबर 2023 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने सज्जन कुमार और दूसरे आरोपियों को बरी कर दिया।

3. सरस्वती विहार केस- दूसरी बार उम्रकैद: 1 नवंबर 1984 को दिल्ली के सरस्वती विहार इलाके में जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या। यह केस लंबे समय तक बंद था। 2015 में 1984 दंगों के मामलों की दोबारा जांच के लिए बनी SIT ने पुराने मामलों की जांच फिर शुरू की।

12 फरवरी 2025 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया। 25 फरवरी 2025 को उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने उम्र, स्वास्थ्य और जेल में आचरण को देखते हुए मृत्युदंड नहीं दिया। यह उनका दूसरा बड़ा कन्विक्शन था।

4. जनकपुरी-विकासपुरी केस- 22 जनवरी 2026 को बरी: यह अभी हाल का और काफी महत्वपूर्ण मामला है। इस केस में दो FIR थीं। पहली FIR में आरोप था कि 1 नवंबर 1984 को जनकपुरी इलाके में हुई हिंसा में सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या और लूटपाट/आगजनी हुई।

दूसरी FIR 2 नवंबर 1984 को गुरचरण सिंह को जिंदा जलाने और उनसे जुड़ी हिंसा का मामला था। दोनों मामलों को बाद में एक चार्जशीट में रखा गया था। जनवरी 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया।

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