प्रज्ञा समेत 7 आरोपी बरी, विक्टिम फैमिली बोलीं- फिर अजहर-फरहीन को किसने मारा
मुंबई,एजेंसी। महाराष्ट्र के मालेगांव में रहने वाले सैयद निसार का बेटा अजहर नमाज पढ़ने निकला था। शाम को लौटते वक्त वह भीकू चौक पहुंचा। अजहर एक बाइक के बगल से गुजर रहा था, तभी ब्लास्ट हो गया। 19 साल के अजहर के अलावा 5 और लोग मारे गए। जवान बेटे की मौत पर सैयद उस दिन खूब रोए। उस दिन तारीख थी 29 सितंबर 2008
17 साल बाद सैयद निसार की आंखों में फिर आंसू हैं। 31 जुलाई, 2025 को मालेगांव ब्लास्ट पर कोर्ट का फैसला आया। NIA की स्पेशल कोर्ट ने ब्लास्ट के सभी सातों आरोपियों; साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित, रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी, को बरी कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ मामला साबित नहीं कर सका। अब 80 साल के हो चुके सैयद निसार कहते हैं, ‘कोर्ट के फैसले ने बेटे की मौत का दर्द फिर से ताजा कर दिया। यह फैसला नाइंसाफी है, बिल्कुल गलत है।’
विक्टिम बोले- इंसाफ के लिए हर कोर्ट जाएंगे
कांपती आवाज और नम आंखों के साथ सैयद उस दिन को याद करते हैं। वे बताते हैं, ‘मेरा बेटा नमाज पढ़कर मस्जिद से निकला था। वह कोई आवारा लड़का नहीं था। हमेशा वहां जाता था। उसका उस रास्ते से गुजरना, एक बाइक के पास पहुंचना और उसी पल उस बाइक में धमाका हो जाना, यह सब एक पल में हो गया।’
ये सैयद निसार हैं। कहते हैं, यहां इंसाफ नहीं मिला, तो हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इंशाअल्लाह, हम न्याय के लिए लड़ेंगे।
सैयद निसार आगे कहते हैं, ‘मेरे बेटे की उम्र उस वक्त सिर्फ 19 साल थी। 17 साल बीत गए। मैं इंसाफ के लिए इंतजार करता रहा। आज अदालत ने हमें यह दिन दिखाया। फिर भी हम चुप नहीं बैठेंगे।’
वे सरकार से अपील करते हुए कहते हैं,
हम बस यही चाहते हैं कि असली गुनहगारों को पकड़ा जाए और उन्हें सख्त सजा दी जाए। हम इंसाफ के लिए हर अदालत तक जाने के लिए तैयार हैं।
10 साल की फरहीन वड़ा पाव लेने निकली थी, ब्लास्ट में मौत
सैयद निसार जैसा ही दर्द मालेगांव के लियाकत शेख का भी है। उनकी 10 साल की बेटी फरहीन वड़ा पाव लेने निकली थी। ब्लास्ट में उसकी मौत हो गई। लियाकत कहते हैं, ‘हमने इंसाफ के लिए 17 साल गवां दिए। अब यह फैसला आया है। यह बिल्कुल गलत है। हम इसे नहीं मानते।’
बेटी की मौत के बारे में लियाकत बताते हैं, ‘मेरी बच्ची घर से वड़ा पाव लेने निकली थी। अचानक जोरदार धमाके की आवाज आई। मैं घबराकर बाहर भागा, तो चारों तरफ अंधेरा और धुआं था। मैं घर लौट आया। मेरी बीवी ने कहा कि फरहीन अब तक वापस नहीं आई। मैंने उसे दिलासा दिया कि आ जाएगी। कुछ ही देर में कोई भागता हुआ आया और बोला कि घायलों में एक छोटी बच्ची भी है।’
‘यह सुनते ही हम फौरन फरहान हॉस्पिटल भागे। वहां मैंने अपनी बच्ची को देखा। मुझसे उसकी पहचान के लिए आईडी मांगी गई। सदमे की हालत में मुझे कुछ दिखाई-सुनाई नहीं दे रहा था।’
ये लियाकत शेख हैं। उनका सवाल है कि अगर बरी आरोपी गुनहगार नहीं हैं, तो सरकार बताए कि असली गुनहगार कौन है।
लियाकत आगे कहते हैं, ‘पहले ATS ने जांच की थी, उसका नतीजा गलत था। उसके बाद हेमंत करकरे ने सबूतों के साथ असली गुनहगारों को पकड़ा था। आज अदालत कह रही है कि वे गुनहगार नहीं हैं। अगर वे बेगुनाह हैं, तो फिर असली गुनहगार कौन हैं। उन्हें हमारे सामने लाओ।’
उस्मान का भतीजा चाय पीने रुका, तभी ब्लास्ट हो गया
मालेगांव ब्लास्ट ने जिनका सब कुछ खत्म कर दिया, उनमें उस्मान खान भी शामिल हैं। उन्हें पता था कि कोर्ट का फैसला आने वाला है। वे सुबह से ही बार-बार घड़ी देख रहे थे। कोर्ट ने जैसे ही फैसला सुनाया, उनकी आंखों से आंसू बहने लगे।
उस्मान कहते हैं, ‘मैं इस फैसले से बिल्कुल खुश नहीं हूं। फैसला तो हुआ ही नहीं है। हमारा सवाल ये है कि आखिर मुजरिम है कौन। मसला तो मुजरिम को सजा दिलाने का था।’
ब्लास्ट में उस्मान खान के भतीजे की मौत हुई थी। केस में उस्मान की गवाही भी शामिल की गई थी।
वे बताते हैं, ‘मेरा भतीजा ऑटो चलाता था। रमजान का मुबारक महीना था। त्योहार की वजह से खरीदारी चल रही थी। मेरे भतीजे ने चाय पीने के लिए ऑटो खड़ा किया था।’
उस्मान एक पल के लिए खामोश हो जाते हैं। फिर कहते हैं, ‘जैसे ही वह चाय पीने गया, धमाका हो गया। उसके जिस्म का पिछला हिस्सा पूरी तरह खत्म हो चुका था। हम उसे लेकर भागे। पहले हम फरहान हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने नासिक ले जाने को कहा। हम नासिक ले गए। वहां से उसे मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं उसकी मौत हो गई।’
क्या सरकार या पुलिस ने आपसे कॉन्टैक्ट किया? उस्मान जवाब देते हैं, ‘हां, पुलिस आई थी। उसके कपड़े वगैरह लेकर गई थी। बाद में जमीयत उलेमा ए हिंद ने बहुत मदद की। उन्होंने ही हमें गवाही देने के लिए तैयार किया। हम 6 लोग बॉम्बे हाईकोर्ट गए थे। बयान दर्ज कराए। कोर्ट की तरफ से हमें मालेगांव तक का किराया और दूसरे खर्चे भी दिए गए थे।’
कोर्ट ने कहा- आरोपियों के खिलाफ सबूत नहीं
कोर्ट ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ मामला साबित नहीं कर सका। धमाके में इस्तेमाल बाइक का मालिकाना हक साबित नहीं हुआ। RDX लाने या रखने का कोई सबूत नहीं मिला। साजिश की बैठकों के भी पुख्ता सबूत नहीं मिले।
323 गवाहों में से करीब 40 गवाह बयान से पलट गए। अदालत ने माना कि जांच में गंभीर चूकें हुईं। ब्लास्ट वाली जगह का पंचनामा ठीक से नहीं हुआ। मेडिकल सर्टिफिकेट में हेरफेर पाया गया। रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय से संगठन अभिनव भारत को आतंकी संगठन साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं मिला।
केस की जांच पहले महाराष्ट्र ATS ने की थी। हेमंत करकरे की अगुआई में साध्वी प्रज्ञा और बाकी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ATS ने इस ब्लास्ट को अभिनव भारत संगठन की साजिश बताया था। 2011 में जांच NIA को सौंप दी गई। NIA ने ATS की जांच पर सवाल उठाए। मकोका की धाराएं हटाईं। कहा कि ATS ने RDX प्लांट किया और गवाहों पर दबाव डाला। इससे अभियोजन पक्ष की कहानी कमजोर हो गई।
दो जांचें और दोनों में कई अंतर
मालेगांव ब्लास्ट केस में महाराष्ट्र ATS और फिर NIA ने जांच की थी। दोनों एजेंसियों की जांच में बड़ा अंतर है। ATS ने दावा किया कि धमाके की साजिश अभिनव भारत संगठन के सदस्यों ने रची थी। इसमें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित, रमेश उपाध्याय, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और अजय राहिरकर को मुख्य आरोपी बनाया गया।
ATS ने कहा कि धमाके में प्रज्ञा की बाइक का इस्तेमाल हुआ। बाइक का चेसिस और इंजन नंबर मिटाया गया था। सुधाकर द्विवेदी के लैपटॉप से कथित बैठकों की रिकॉर्डिंग भी मिली। ATS ने आरोपियों पर MCOCA, UAPA और IPC के तहत केस दर्ज किया। एजेंसी ने दावा किया कि धमाके का मकसद मुस्लिम बहुल इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैलाना था।
ATS की जांच पर सवाल भी उठे। आरोप लगे कि गवाहों पर दबाव डाला गया और सबूतों को गलत तरीके से पेश किया गया।
2011 में NIA ने जांच संभाली। एजेंसी ने साध्वी प्रज्ञा, शिवनारायण कलसांगरा, श्याम बावरलाल साहू और प्रवीण तक्कलकी के खिलाफ आरोप हटा दिए। लोकेश शर्मा और धन सिंह को आरोपी बनाया गया, लेकिन 2008 के धमाके में उनकी भूमिका साबित नहीं हुई।
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स के 11वें दिन 4 गोल्ड जीते। इनमें 3 गोल्ड तीरंदाजी और 1 शूटिंग में आया। इसके साथ भारत के 10 गोल्ड समेत 60 मेडल हो गए हैं। वह ईरान को पीछे छोड़कर मेडल टैली में 7वें नंबर पर पहुंच गया है।
बुधवार को पहला गोल्ड विमेंस कंपाउंड आर्चरी टीम ने जीता। इसके बाद चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी में गोल्ड जीता। नीरू ढांडा और किनान चेनाई की जोड़ी को शूटिंग में गोल्ड मिला। दिन का चौथा गोल्ड कंपाउंड आर्चरी के पुरुष टीम इवेंट में साहिल, गणेश और कुशल ने जीता।
आर्चरी में दिन के तीनों गोल्ड भारत के नाम
भारत ने कंपाउंड आर्चरी के तीनों इवेंट में गोल्ड जीते। विमेंस टीम ने चीन को 238-234 से हराकर अपने खिताब का बचाव किया।
मिक्स्ड टीम फाइनल में चिकिता और साहिल का मुकाबला साउथ कोरिया की पार्क जंगयून और चोई योंगही से था। भारत ने शूट-ऑफ में गोल्ड अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिलिस ओलिंपिक के कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए कोटा भी हासिल किया।
पुरुष टीम फाइनल में साहिल, गणेश और कुशल की टीम ने चीन को 238-237 से हराया। भारत शुरुआती एंड में 58-60 से पीछे था, लेकिन इसके बाद भारतीय तीरंदाजों ने लगातार शानदार निशाने लगाए। फाइनल के बाद के 180 में भारत ने 180 अंक हासिल किए। साहिल ने अपने सभी 8 शॉट में 10 अंक बनाए, जबकि गणेश और कुशल ने भी दबाव के बीच लगातार 10 लगाए।
आर्चरी में फाइनल जीतने के बाद भारतीय टीम सेलिब्रेट करती हुई।
नीरू-किनान ने शूटिंग में दिलाया गोल्ड
ट्रैप मिक्स्ड टीम फाइनल में नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने भारत को गोल्ड दिलाया। भारत ने शुरुआत में 10 में से 6 हिट किए थे और एक समय चार टीमों में सबसे नीचे था। इसके बाद दोनों ने एक भी टारगेट मिस नहीं किया और शानदार वापसी करते हुए गोल्ड जीता। भारत ने कतर को सिर्फ एक अंक से पीछे छोड़ा। चीन ने ब्रॉन्ज जीता।
नीरू का यह इन गेम्स में दूसरा गोल्ड है। इससे एक दिन पहले उन्होंने विमेंस ट्रैप इंडिविजुअल इवेंट में गोल्ड जीता था।
हॉकी: साउथ कोरिया को 2-0 हराकर फाइनल में भारत
भारतीय महिला हॉकी टीम ने साउथ कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। भारत के लिए इशिका ने पेनल्टी कॉर्नर की वैरिएशन पर गोल किया, जबकि कप्तान सलिमा ने दूसरे हाफ में बढ़त दोगुनी की। अब भारत का गोल्ड मेडल मैच चीन से होगा। यह मुकाबला 2 अक्टूबर को खेला जाएगा।
बॉक्सिंग में 2 ब्रॉन्ज, लवलीना फाइनल में
बॉक्सिंग में प्रियंका घंघास को विमेंस 60 किग्रा सेमीफाइनल में चीन की यांग चेंग्यू से 4-1 से हार मिली। उन्हें ब्रॉन्ज मिला।
कपिल पोखरियाने पुरुषों के 90 किग्रा सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के तुराबेक खाबिबुल्लाएव के खिलाफ 4-1 से हार के बाद ब्रॉन्ज जीता।
वहीं लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
लवलीना बोरगोहेन गोल्ड मेडल के लिए चीन की बाओ जिइ से भिड़ेंगी।
रेसलिंग: सुनील कुमार को ब्रॉन्ज
सुनील कुमार ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 87 किग्रा में ब्रॉन्ज जीता। सेमीफाइनल में जापान के ताइजो योशिदा से 11-0 की हार के बाद उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल बाउट में फिलीपींस के कैलम रॉबर्ट्स को 9-0 से हराया। यह हांगझोउ के बाद सुनील का लगातार दूसरा एशियन गेम्स ब्रॉन्ज है। वह एशियन गेम्स में ग्रीको-रोमन रेसलिंग के दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने।
स्क्वॉश में दोनों टीमों ने पक्के किए मेडल
भारतीय महिला स्क्वॉश टीम ने सिंगापुर को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और मेडल पक्का किया। तन्वी खन्ना ने वाई लिन ऑ योंग को 3-1 और अनाहत सिंह ने वाई यान ऑ योंग को 3-0 से हराया।
पुरुष टीम ने कुवैत को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। वीर छत्रानी ने बादेर अलमोगरेबी को 3-1 और अभय सिंह ने अम्मार अल-तमिमी को 3-0 से हराया। अब डिफेंडिंग चैंपियन भारत का सामना मलेशिया से होगा।
टेनिस: सुमित क्वार्टरफाइनल में
सुमित नागल ने पुरुष सिंगल्स के तीसरे दौर में उज्बेकिस्तान के सर्गेई फोमिन को 6-3, 6-2 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। अब उनका मुकाबला चीन के वू यीबिंग से होगा।
हालांकि पुरुष डबल्स में युकी भांबरी और धक्षिणेश्वर सुरेश की जोड़ी क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे की हो चेनजुई-ह्सू यू-ह्सिओउ जोड़ी से 6-7 (5-7), 3-6 से हार गई।
नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयोग ने SIR पूरा हो चुके राज्यों में फॉर्म-6 में बड़ा बदलाव किया है। अब SIR में नाम कटने के बाद दोबारा नाम जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी। आवेदक को यह बताने की जरूरत नहीं होगी कि उसका, माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस लिस्ट में था या नहीं। फॉर्म-6 से इससे जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि नाम बिना जांच के जुड़ जाएगा। वोटर बनने की पात्रता की जांच पहले की तरह होगी। फॉर्म-6 की सामान्य प्रक्रिया भी जारी रहेगी। यह बदलाव फिलहाल सिर्फ उन राज्यों में लागू है, जहां SIR पूरा हो चुका है।
चुनाव आयोग के फॉर्म 6 में माता-पिता का पिछले SIR में नाम होने की डिटेल भरनी होती थी। SIR हो चुके राज्यों के लिए इस हिस्से को हटाया गया है।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने इस पर आपत्ति जताई थी। फॉर्म 6 का इस्तेमाल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए होता है।
5 सवाल-जवाब में जानिए नए बदलाव के मायने
1. सवाल: मेरा नाम SIR में कट गया है। अब दोबारा नाम जुड़वाने के लिए क्या 2003 की वोटर लिस्ट में माता-पिता का नाम बताना होगा?
जवाब: नहीं। जिन राज्यों में SIR पूरा हो चुका है, वहां फॉर्म-6 से SIR वाला अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया गया है। इसलिए नाम दोबारा जुड़वाने के लिए यह बताना जरूरी नहीं होगा कि आपका या माता-पिता का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में था या नहीं।
2. सवाल: क्या जिन लोगों के नाम SIR में कटे हैं, उनके नाम बिना जांच के वापस जुड़ जाएंगे?
जवाब: नहीं। घोषणा-पत्र हटने का मतलब जांच खत्म होना नहीं है। Form 6 की सामान्य प्रक्रिया और मतदाता बनने की पात्रता की जांच पहले की तरह रहेगी।
3. सवाल: जो पहली बार वोटर बनने जा रहे हैं, उन्हें इसका क्या फायदा होगा?
जवाब: उन्हें भी फॉर्म-6 भरते समय अपने माता-पिता या दादा-दादी का 2003 की वोटर लिस्ट से जुड़ा विवरण देने की अतिरिक्त घोषणा नहीं करनी होगी। इससे पहली बार नाम जुड़वाने की प्रक्रिया आसान होगी।
4. सवाल: फिर 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी की जरूरत ही नहीं रहेगी?
जवाब: ऐसा नहीं है। पुरानी वोटर लिस्ट SIR की प्रक्रिया में रिकॉर्ड की जांच और मिलान के लिए इस्तेमाल हो सकती है। बस फॉर्म-6 में उससे जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र देना जरूरी नहीं रहेगा।
5. सवाल: आखिर इस बदलाव का सीधा फायदा किसे होगा?
जवाब: दोनों तरह के वोटर्स को, जिनका नाम SIR में कट गया है और जो पहली बार वोटर बन रहे हैं। दोनों के लिए फॉर्म-6 की प्रक्रिया से एक अतिरिक्त घोषणा हट गई है। खासकर नए वोटर्स के लिए यह आसान होगा, क्योंकि उन्हें पुराने वोटर रिकॉर्ड में माता-पिता या दादा-दादी का नाम खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
रिपोर्ट- दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने फॉर्म 6 में SIR से जुड़ी जानकारी जोड़ने पर आपत्ति जताई थी।
उनका कहना था कि नियमों में बदलाव किए बिना वैधानिक फॉर्म 6 में नया हिस्सा जोड़ दिया गया।
विवेक जोशी ने कहा कि फॉर्म 6 नियमों के तहत तय फॉर्म है, इसलिए इसमें बदलाव के लिए पहले नियमों में संशोधन जरूरी है।
वहीं, सुखबीर सिंह संधू ने ऑनलाइन फॉर्म 6 में जोड़े गए हिस्से को “अनधिकृत और अवैध” बताते हुए उसे हटाने की बात कही थी।
10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ SIR
SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई।
तीसरा फेज: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों में SIR
चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है।
पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे।
जालंधर, एजेंसी। गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जालंधर में कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब को चिट्टे (नशे) में धकेल दिया है। 2027 का चुनाव भाजपा नशामुक्त पंजाब के नाम पर लड़ेगी।
मैं पंजाब के युवाओं को वादा करके जाता हूं कि भाजपा को वोट करें। हम 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब को नशा मुक्त कर देंगे। उन्होंने रैली में कहा-
भगवंत मान ने नशे के व्यापार को और बढ़ाया है। नशे में गुरु का अपमान करने वाला नशामुक्ति नहीं कर सकता। जो दिल्ली में शराब बेचने के घोटाले में पकड़े गए हों, वे पंजाब को नशामुक्त कैसे करेंगे?
शाह की रैली से पहले बम की धमकी भी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल को भेजे ई-मेल में दावा किया गया कि रैली के स्टेज के नीचे IED रखा गया है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की जांच में वहां कुछ नहीं मिला।
रैली को संबोधित करते वक्त अमित शाह को 4 बार खांसी आई। इसके बाद उनके सुरक्षाकर्मी ने डायस पर पानी का गिलास रखा।
शाह की रैली में भीड़ जुटाकर BJP ने नशे के मुद्दे पर 2027 का चुनाव लड़ने का ऐलान किया।
रैली में शाह की बड़ी बातें
जवानों के लिए: आजादी से पहले का समय हो या बाद का, जब भी देश की सुरक्षा की बात आती है, पंजाब का जवान सबसे पहले अपनी जान देने के लिए तैयार रहता है। आज भी जब सेना में जो बोले सो निहाल… का नारा लगता है, तो पाकिस्तानी सेना उल्टे पांव भाग जाती है।
किसानों के लिए: देश में जब भी खाने-पीने की किल्लत या जरूरत पड़ी, पंजाब के किसानों ने कड़ी मेहनत कर हमेशा देश के अन्न भंडार को भरने का काम किया है। पंजाब सरकार ने किसानों को 26 फसलों पर MSP देने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार उसे पूरा करने में विफल रही। इसके विपरीत, पड़ोसी राज्य हरियाणा ने अपने किसानों को फसलों पर MSP दे दी है। सरकार बनी तो किसानों के मुद्दे का परमानेंट हल करेंगे।
युवाओं के लिए: जब कुश्ती खेलने वाला देश का होनहार युवा नशे के कारण असमय मौत का शिकार होता है, तो बहुत दुख होता है। पंजाब के युवाओं से वादा है कि राज्य के सुनहरे भविष्य के लिए BJP को वोट दें, उन्हें नशे के इस दलदल से निकाल लेंगे। उन्हें रोजगार के उचित मौके देंगे।
नशामुक्ति के लिए: भाजपा नशामुक्त पंजाब वादे को पूरा करेंगी। मैं खुद उन पीड़ित माताओं से मिलकर आया हूं, जिन्होंने नशे के कारण अपने बेटों को खो दिया। एक मां अपनी गोद में अपने 2 मृत बच्चों की तस्वीर लेकर पंजाब को बचाने की गुहार लगा रही थी।
पंजाब सरकार के लिए: पिछले 3 सालों में पंजाब सरकार ने एंटी-ड्रग्स की एक भी बैठक नहीं की। जालंधर में NCB का दफ्तर खोलने के केंद्र के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया। आज पंजाब में महिलाओं की सुरक्षा एक बहुत गंभीर मुद्दा बन चुकी है, जिसे भाजपा सरकार आने पर प्राथमिकता से सुधारा जाएगा।
अमित शाह ने जालंधर के श्री देवी तलाब मंदिर में जोत जलाकर माथा टेका।
शाह ने पंजाब सरकार पर घोटालों के आरोप लगाए
मोगा विज्ञापन घोटाला: मोगा में विज्ञापन आवंटन में घपला हुआ है। पंजाब सरकार जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रही है और सालाना 785 करोड़ रुपए सिर्फ अपने प्रचार और विज्ञापनों पर खर्च कर रही है।
बरनाला भूमि घोटाला: बरनाला भूमि घोटाले में सरकार की नीयत ठीक नहीं है। इसकी जांच होनी चाहिए।
पंजीरी घोटाला: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण के लिए बांटी जाने वाली पंजीरी में हुए कथित घोटाले का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि राज्य में हर महीने अवैध उगाही का खेल चल रहा है।
खनन आय में गिरावट का आरोप: शाह ने CM भगवंत मान का नाम लेकर पूछा कि सरकार ने राज्य में अवैध खनन को रोककर इनकम बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन इसके विपरीत माइनिंग से होने वाली आय पहले से भी और कम हो गई है।
श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेकने के बाद गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब भाजपा प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब के मशहूर हॉटेलियर गौतम कपूर से मुलाकात की। वे होटल व्यापारी के घर करीब 40 मिनट तक रुके। इस दौरान उन्होंने वहां लंच भी किया। इसके बाद शाह रैली के लिए लिए रवाना हुए।