कोरबा
स्तन कैंसर जागरुकता माह: कैंसर का शीघ्र पता लगाने और पूर्वाग्रह मुक्त सम्वाद का चैम्पियन बना वेदांता का बालको मेडिकल सेंटर
इस साल का अभियान ’शर्म छोड़ो, गाँठों पे बोलो’ स्तन की सेहत हेतु सक्रिय कदम उठाने को प्रेरित कर रहा है तथा जांच, पहुंच एवं विशेषज्ञों के ज्ञान द्वारा समुदायों के बीच बातचीत के द्वार खोल रहा है
नई दिल्ली। भारत के अग्रणी कैंसर अस्पतालों में से एक वेदांता के बालको मेडिकल सेंटर ने स्तन कैंसर जागरुकता माह के दौरान व्यापक जागरुकता अभियान “शर्म छोड़ो, गाँठों पे बोलो” चलाया। जिसका लक्ष्य था स्तन कैंसर का शीघ्र पता लगाना तथा इस मर्ज से जुड़े कलंक को हटाना। इस पहल के तहत बीएमसी ने कई कार्यक्रम आयोजित किए जैसे स्वास्थ्य जांच, बाईक रैली, निशुल्क मैमोग्राफी स्क्रीनिंग व शैक्षिक पॉडकास्ट ताकी इस रोग का समय रहते पता लगाया जा सके और समुदाय के लोगों में इस विषय पर जागरुकता बढ़े। स्तन कैंसर जागरुकता माह के दौरान बीएमसी ने इस पर ध्यान केन्द्रित किया की जनता को इस बारे में शिक्षित किया जाए और इसकी रोकथाम व जांच हेतु सक्रिय उपायों को प्रोत्साहन दिया जाए।
इस पूरे महीने बीएमसी ने निशुल्क मैमोग्राफी जांच की सुविधा प्रदान की ताकी महिलाओं को इस बीमारी के बारे में सचेत किया जाए और समय रहते पता लगाने की निवारक जांच को बढ़ावा दिया जाए। अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में बीएमसी की मोबाइल कैंसर डिटेक्शन वैन ने आसपास के गांवों में 45 वर्ष से अधिक की महिलाओं के लिए जांच शिविर आयोजित किए। इन शिविरों ने नियमित जांच की अहमियत को समझाया और स्वयं स्तन परीक्षण सिखाया जिससे महिलाओं ने सक्रिय स्तन स्वास्थ्य के महत्व को जाना।
समुदाय को और अधिक इस अभियान से जोड़ने के लिए ब्रैस्ट कैंसर अवेयरनेस बाइक रैली निकाली गई जिसमें 10 बाइकिंग समूहों ने हिस्सा लिया, जिनमें 270 के लगभग राइडर थे, तत्पश्चात् वृक्षारोपण किया गया जो आशा एवं वृद्धि का प्रतीक बना; इस प्रकार समुदाय ने स्तन कैंसर जागरुकता को सहयोग देने तथा सभी के लिए एक स्वास्थ्यकर भविष्य पोषित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। बीएमसी ने इन गतिविधियों को सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित किया, जहां इस अभियान की मुख्य झलकियां, एक जागरुकता हिंडोला और विशेषज्ञों के वीडियो साझा किए गए।
बालको मेडिकल सेंटर के प्रयासों को रेखांकित करते हुए बीएमसी की मेडिकल डायरेक्टर डॉ भावना सिरोही ने कहा, ’’स्तन कैंसर जागरुकता माह स्तन स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा निगरानी, वक्त पर हस्तक्षेप और खुली बातचीत को बढ़ाने का बेहद अहम समय है। ’शर्म छोड़ो, गाँठों पे बोलो’ के साथ हमारा लक्ष्य है स्तन स्वास्थ्य के आसपास चुप्पी को तोड़ना, महिलाओं को शुरुआती लक्षणों को पहचानने के काबिल बनाना और बिना संकोच के कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करना। खुली चर्चा को बढ़ावा देकर और जांच उन तक पहुंचा कर हमारा इरादा है समुदायों को यह समझने में मदद करना कि वक्त पर स्तन कैंसर का पता लगाकर जीवन बचाया जा सकता है और स्तन कैंसर से प्रभावित महिलाओं के उपचार परिणाम बेहतर होते हैं।’’
इस शिक्षा को व्यापक स्तर पर फैलाने के लिए डॉ भावना सिरोही ने स्तन कैंसर जागरुकता के महत्व पर पॉडकास्ट चर्चा में भी हिस्सा लिया। उन्होंने बीएमसी कर्मचारियों को टाउनहॉल चर्चा में शामिल किया, जहां उन्होंने मरीजों व परिवारों को सपोर्टिव केयर देने में उनकी भूमिका के बारे में बात की। गुलाबी कपड़े पहने कर्मचारियों ने इस मुद्दे पर अपना समर्थन प्रदर्शित किया तथा अर्थपूर्ण चर्चाओं में शिरकत की जो इस पर केन्द्रित थी कि उनके मुख्य कार्य के अलावा वे जागरुकता एवं रोगी सहयोग में किस प्रकार योगदान कर सकते हैं।
2018 में अपनी स्थापना के बाद से वेदांता एल्यूमिनियम का अत्याधुनिक कैंसर उपचार केन्द्र भारती ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय लीडर की पहचान बना चुका है। दुनिया में स्तन कैंसर सबसे आम कैंसर है, हर साल इसके 23 लाख नए मामले सामने आते हैं, ऐसे में बीएमसी की पहलकदमियां जागरुकता बढ़ाने और समुदाय को साथ जोड़ने में बेहद अहम हैं। हैल्थ स्क्रीनिंग कैम्पों ने महिला कर्मचारियों एवं ग्रामीण महिलाओं को बड़े महत्व की सेवाएं दी हैं जबकि बाइक रैली कैंसर के विरुद्ध लड़ाई में एकता का प्रतीक बनी। ज्ञानवर्धक शैक्षिक सामग्री के माध्यम से बीएमसी ने लोगों को रोकथाम व उपचार के विकल्पों की जानकारी देकर उन्हें सशक्त किया और सम्पूर्ण कैंसर केयर हेतु अपनी प्रतिबद्धता को पुनः पुख्ता किया।
इन सब पहलकदमियों ने न केवल बीमारी के बारे में सामुदायिक बातचीत को सुदृढ़ किया बल्कि लोगों को अपनी सेहत को प्राथमिकता देने हेतु सशक्त भी किया। ज्ञान एवं सहयोग के माहौल को बढ़ावा देकर बीएमसी स्तन कैंसर के खिलाफ महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है, प्रत्येक को उनकी खुद की स्वास्थ्य यात्रा में एक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

कोरबा
“सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत कोरबा पुलिस की त्वरित कार्यवाही, लूट के मामले का खुलासा
लूट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
कोरबा। कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में थाना/चौकी स्तर पर लगातार सघन कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में “सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चौकी मानिकपुर में लूट की घटना का त्वरित खुलासा किया गया है।

प्रार्थी योगेश कुमार कंवट, निवासी तिलकेजा दरी मोहल्ला, थाना उरगा, दिनांक 25.03.2026 को अपने जीजा के घर मानिकपुर आया था। दिनांक 26.03.2026 को रात्रि लगभग 02:00 बजे वापस जाते समय मानिकपुर बाजार के पास कुछ अज्ञात आरोपियों द्वारा उसे रोककर हाथ-मुक्का से मारपीट करते हुए उसकी हीरो एचएफ डीलक्स मोटर सायकल एवं नगदी रकम 2000 रुपये लूटकर फरार हो गए।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली चौकी मानिकपुर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें अभिरक्षा में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपीगण का विवरण:–
- फैजल अहमद अंसारी उर्फ अमन, निवासी मानिकपुर, थाना कोतवाली, जिला कोरबा।
- विजय चौहान, निवासी मानिकपुर, थाना कोतवाली, जिला कोरबा।
आरोपियों से पृथक-पृथक मेमोरण्डम कथन लेकर उनके कब्जे से लूट की मशरूका, जिसमें एक पुरानी इस्तेमाल की गई मोटर सायकल (हीरो एचएफ डीलक्स), मोटर सायकल क्रमांक CG 11 AB 8037 एवं नगदी राशि बरामद की गई।
बरामद सामग्री को विधिवत गवाहों के समक्ष जप्त कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
कोरबा पुलिस द्वारा “सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत क्षेत्र में अपराध नियंत्रण हेतु निरंतर सख्त कार्यवाही जारी रहेगी एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

कोरबा
“सजग कोरबा – सदर कोरबा” अभियान के तहत कोतवाली पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही
डीजे विवाद में चाकूबाजी की घटना का खुलासा, 03 आरोपी गिरफ्तार
कोरबा। कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) के मार्गदर्शन में थाना/चौकी स्तर पर लगातार सघन कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में दिनांक 25 मार्च 2026 को थाना कोतवाली, जिला कोरबा क्षेत्रांतर्गत डीजे को लेकर हुए विवाद में प्रार्थी संदीप भास्कर के कूल्हे पर चाकू मारने की घटना सामने आई थी। उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए थाना कोतवाली में आरोपीगण के विरुद्ध धारा 109(3), 296, 351(3), 115(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
आरोपियों का नाम पता:—
- संतोष बाबा पिता पंचराम वैष्णव, उम्र 18 वर्ष, निवासी मोती सागर पारा।
- शिव यादव पिता छोटेलाल, उम्र 20 वर्ष, निवासी मोती सागर पारा।
- पुरुषोत्तम सोनी उर्फ पांडू पिता जयराम, उम्र 21 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती।
तीनों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा घटना करना स्वीकार किया गया। उनके मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त चाकू जप्त किया गया। प्रकरण में धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट भी जोड़ी गई है।
उक्त सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
♦️“सजग कोरबा – सदर कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस द्वारा अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है तथा आगे भी यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

कोरबा
ग्रामीणों के आंदोलन के आगे झुका प्रबंधन, SECL गेवरा और PNC कंपनी का खदानबंदी समाप्त, 13 को तत्काल और 7 को 8 अप्रैल तक रोजगार का मिला लिखित आश्वासन
कोरबा/गेवरा। SECL गेवरा परियोजना के प्रभावित ग्राम नरईबोध और गेवरा क्षेत्र के ग्रामों के ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज गेवरा खदान और आउटसोर्सिंग कंपनी PNC के कार्यों को पूरी तरह ठप कर दिया।पुनर्वास, मुआवजा, बसाहट और वैकल्पिक रोजगार की मांग को लेकर सुबह 9:00 बजे से शुरू हुआ, यह उग्र प्रदर्शन दोपहर 2:00 बजे तक जारी रहा, जिससे परियोजना का कार्य लगभग 4 घंटे तक बाधित रहा ।

मुख्य घटनाक्रम
- नारेबाजी और घेराव:- भारी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल और CISF के जवान मुस्तैद रहे ।
- प्रशासनिक मध्यस्थता:- आंदोलन को समाप्त कराने के लिए तहसीलदार और SECL के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों, कंपनी प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लंबी चर्चा हुई ।
- सहमति और समाधान:- वार्ता के दौरान PNC कंपनी में 13 भू-विस्थापितों को तत्काल प्रभाव से रोजगार में बहाल करने का निर्णय लिया गया। वहीं शेष 7 भू-विस्थापितों को उनका बी-फॉर्म (B-Form) और मेडिकल प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात 8 अप्रैल 2026 तक कार्य पर रखने का लिखित आश्वासन दिया गया ।
- लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित
एसईसीएल गेवरा के अधिकारियों और नायब तहसीलदार द्वारा लिखित में आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रही गोमती केवट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी 20 लोगों की जॉइनिंग और अन्य मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो भविष्य में पुनः उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।
इस समझौते के बाद खदान और PNC कंपनी में कार्य पुनः सुचारू रूप से शुरू हो गया है ।



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