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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल बोर्ड के रिजल्ट जारी:12वीं में 71% और 10वीं में 58.39% स्टूडेंट्स पास, दोनों कक्षाओं में लड़कियां आगे रहीं

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रायपुर,एजेंसी। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बुधवार को छत्तीसगढ़ स्टेट ओपन स्कूल की ओर से आयोजित हाई स्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) मुख्य परीक्षा मार्च-अप्रैल 2026 के परिणाम घोषित किए।

इस साल 12वीं का ओवरऑल रिजल्ट 71% रहा, जबकि 10वीं में 58.39% स्टूडेंट्स पास हुए। दोनों ही परीक्षाओं में छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए लड़कों से अधिक पास प्रतिशत दर्ज किया।

12वीं में लड़कियों का रिजल्ट 72.17% और लड़कों का 70.01% रहा। वहीं 10वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 59.82% और लड़कों का 57.43% दर्ज किया गया।

12वीं में कुल 40 हजार से ज्यादा ने कराया था रजिस्ट्रेशन

12वीं में कुल 40,256 स्टूडेंट्स ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 38,683 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें कुल 24,823 स्टूडेंट्स पास हुए और ओवरऑल पास प्रतिशत 71% दर्ज किया गया।

लड़कियों का रिजल्ट 72.17% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 70.01% दर्ज हुआ। यानी लड़कियां 2.16% की बढ़त के साथ आगे रहीं।

40 हजार में से 38 हजार स्टूडेंट्स परीक्षा में बैठे

इस बार परीक्षा के लिए कुल 40,256 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें 21,725 लड़के और 18,531 लड़कियां थीं। हालांकि 161 स्टूडेंट्स का परीक्षा फॉर्म निरस्त हो गया। इसके बाद 38,683 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए।

वर्गलड़केलड़कियांकुल
रजिस्टर्ड21,72518,53140,256
परीक्षा में शामिल20,85117,83238,683
रिजल्ट घोषित19,00215,95934,961

24,823 स्टूडेंट्स पास, 9,594 ने हासिल की फर्स्ट डिवीजन

रिजल्ट में सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स ने फर्स्ट और सेकंड डिवीजन हासिल की। कुल 9,594 स्टूडेंट्स ने फर्स्ट डिवीजन प्राप्त की, जबकि 10,368 स्टूडेंट्स सेकंड डिवीजन से पास हुए।

डिवीजनसंख्या
फर्स्ट डिवीजन9,594
सेकंड डिवीजन10,368
थर्ड डिवीजन4,738
पास123
कुल पास24,823

लड़कियां फर्स्ट डिवीजन में भी आगे

फर्स्ट डिवीजन हासिल करने वाले विद्यार्थियों में भी लड़कियों का प्रदर्शन मजबूत रहा। 4,756 लड़कियों ने फर्स्ट डिवीजन प्राप्त की, जबकि लड़कों की संख्या 4,838 रही। कुल परीक्षार्थियों की तुलना में लड़कियों का सफलता अनुपात ज्यादा दिखाई दिया।

वहीं सेकंड डिवीजन में 5,643 लड़के और 4,725 लड़कियां सफल रहीं। थर्ड डिवीजन में 2,748 लड़के और 1,990 लड़कियां शामिल रहीं।

3,682 विद्यार्थियों का रिजल्ट RTD

परीक्षा परिणाम में 3,682 विद्यार्थियों का रिजल्ट RTD श्रेणी में गया। इसमें लड़कों की संख्या 1,821 और लड़कियों की संख्या 1,861 रही। वहीं 40 विद्यार्थियों का रिजल्ट RWI/RWC/RWS श्रेणी में रखा गया

10वीं में भी लड़कियों ने मारी बाजी

12वीं की तरह 10वीं में भी इस बार लड़कियों ने रिजल्ट में बाजी मारी है। लड़कियों का पास प्रतिशत 59.82% रहा, जबकि लड़कों का रिजल्ट 57.43% दर्ज किया गया। यानी छात्राएं 2.39% की बढ़त के साथ आगे रहीं।

परीक्षा के लिए कुल 33,693 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 31,852 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। कुल 18,578 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए। ओवरऑल रिजल्ट 58.39% रहा।

33 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने कराया था रजिस्ट्रेशन

इस बार परीक्षा के लिए 20,163 लड़कों और 13,530 लड़कियों सहित कुल 33,693 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। हालांकि 177 विद्यार्थियों का फॉर्म निरस्त हो गया। इसके बाद 31,852 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।

वर्गलड़केलड़कियांकुल
रजिस्टर्ड20,16313,53033,693
परीक्षा में शामिल18,99712,85531,852
रिजल्ट घोषित18,97412,83931,813

18,578 विद्यार्थी पास, सबसे ज्यादा सेकंड डिवीजन

इस बार सबसे ज्यादा विद्यार्थियों ने सेकंड डिवीजन हासिल की। कुल 7,700 विद्यार्थियों ने सेकंड डिवीजन प्राप्त की, जबकि 5,874 विद्यार्थियों ने फर्स्ट डिवीजन हासिल की।

डिवीजनसंख्या
फर्स्ट डिवीजन5,874
सेकंड डिवीजन7,700
थर्ड डिवीजन4,947
पास57
कुल पास18,578

लड़कियां हर वर्ग में मजबूत प्रदर्शन में आगे

फर्स्ट डिवीजन में 3,404 लड़के और 2,470 लड़कियां सफल रहीं। वहीं सेकंड डिवीजन में 4,520 लड़के और 3,180 लड़कियां पास हुईं। थर्ड डिवीजन में 2,932 लड़के और 2,015 लड़कियां शामिल रहीं।

हालांकि संख्या में लड़के ज्यादा रहे, लेकिन कुल परीक्षार्थियों के अनुपात में लड़कियों का प्रदर्शन बेहतर रहा। यही वजह है कि उनका पास प्रतिशत लड़कों से अधिक दर्ज किया गया।

39 विद्यार्थियों का रिजल्ट रोका गया

रिजल्ट में 39 विद्यार्थियों को RWI/RWC/RWS श्रेणी में रखा गया है। इनमें 23 लड़के और 16 लड़कियां शामिल हैं। बोर्ड की ओर से इन मामलों की अलग से समीक्षा की जाएगी।

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छत्तीसगढ़

सिंगल यूज प्लास्टिक…मोबाइल एप से होगी जांच और शिकायतों की निगरानी

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जांजगीर। सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक को लेकर ​नगरीय निकायों में अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक के साथ 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।

अब अभियान में फील्ड अधिकारियों को एसयूपी (फील्ड इंस्पेक्शन मोबाइल एप) के माध्यम से निरीक्षण करना होगा। इसे जिले के 11 नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। टीम द्वारा शहर में हुए निरीक्षण की रिपोर्ट तत्काल पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। पोर्टल पर विक्रेताओं, उपयोगकर्ताओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही आम नागरिकों से एसयूपी एप के माध्यम से फीडबैक भी लिया जाएगा। इसके जरिए सिंगल यूज प्लास्टिक से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की जा सकेंगी। संबंधित स्थानीय निकाय को उनका निराकरण करना होगा।

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कोरबा

बिलासपुर जोन की 10 ट्रेनें कैंसिल:13-14 सितंबर को रायपुर-उरकुरा सेक्शन में काम, तीजा पर मायके जाने वाली महिलाओं की बढ़ी परेशानी

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में तीज पर्व पर मायके जाने की तैयारी कर रही महिलाओं और दूसरे यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा।

इसके चलते 13 और 14 सितंबर को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच चलने वाली 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 2 मेमू ट्रेनों का परिचालन बिलासपुर तक सीमित रहेगा। रेलवे के मुताबिक यह काम उरकुरा-रायपुर स्टोर डिपो के बीच दोहरीकरण परियोजना के तहत उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग के लिए किया जा रहा है।

यात्रियों के लिए जरूरी बात

तीजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मायके आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में 13 और 14 सितंबर को यात्रा से पहले ट्रेन नंबर जरूर चेक कर लें। रद्द ट्रेन से यात्रा की योजना है तो वैकल्पिक ट्रेन या बस की व्यवस्था पहले कर लेना बेहतर होगा।

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छत्तीसगढ़

मंत्री खुशवंत के बड़े भाई ने ज्वॉइन की कांग्रेस:भूपेश बघेल ने कराया प्रवेश, ढालदास बोले- जनता जानती है कि भाजपा क्या कर रही है

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। भाजपा सरकार में मंत्री खुशवंत साहेब के बड़े भाई और सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास के बड़े बेटे ढाल दास ने कांग्रेस ज्वॉइन कर ली। रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीजा-पोरा कार्यक्रम के दौरान उन्हें कांग्रेस में प्रवेश कराया।

ढाल दास ने कहा कि जनता भी जानती है कि भाजपा क्या कर रही है। अगर कांग्रेस मुझे मौका देती है तो मैं मुंगेली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहूंगा। पार्टी जहां से मुझे चुनाव लड़ने के लिए चयनित करेगी, मैं वहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।

उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने से पहले मैंने अपने भाई और पिताजी से बातचीत की थी और उन्हें इस बारे में बताया था। दोनों ने अपनी सहमति दे दी। वहीं उनके भाई मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि कांग्रेस हमेशा तोड़ने की नीति से काम करती है।

रायपुर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ढाल दास को कांग्रेस में प्रवेश कराया।

रायपुर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ढाल दास को कांग्रेस में प्रवेश कराया।

सामाजिक-राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है परिवार

ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनका परिवार सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है। ऐसे में एक ही परिवार के एक सदस्य के भाजपा सरकार में मंत्री होने और दूसरे के कांग्रेस में शामिल होने को सियासी तौर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

गुरु बालदास के 4 बेटे, ढाल दास सबसे बड़े

सतनामी समाज के प्रमुख धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब का परिवार बाबा गुरु घासीदास की वंश परंपरा से जुड़ा हुआ है। गुरु बालदास के चार बेटे हैं- ढाल दास, सोमेश दास, खुशवंत दास और सौरभ दास। उनकी एक बेटी भी है। इनमें ढाल दास सबसे बड़े बेटे हैं।

गुरु परिवार का सतनामी समाज में धार्मिक और सामाजिक प्रभाव माना जाता है। गिरौधपुरी धाम और भंडारपुरी धाम से जुड़े प्रमुख आयोजनों में परिवार की सक्रिय भूमिका रहती है।

मंत्री के भाई का कांग्रेस में जाना क्यों अहम?

ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने को सिर्फ एक राजनीतिक ज्वाइनिंग के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। वे मंत्री खुशवंत साहब के बड़े भाई हैं और गुरु बालदास के परिवार से आते हैं। ऐसे में उनके कांग्रेस में जाने से एक ही परिवार के राजनीतिक रूप से अलग-अलग दलों में होने का समीकरण सामने आया है।

ढाल दास ने मुंगेली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। मुंगेली विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है और इसे भाजपा के मजबूत प्रभाव वाली सीट माना जाता है। यहां भाजपा के पुन्नूलाल मोहले लंबे समय से प्रमुख राजनीतिक चेहरा हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की थी।

2023 के चुनाव में पुन्नूलाल मोहले को 85,429 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी संजीत बनर्जी को 73,648 वोट मिले थे। दोनों के बीच जीत का अंतर 11,781 वोट रहा था। ऐसे में अगर भविष्य में कांग्रेस ढाल दास को मुंगेली से अपना प्रत्याशी बनाती है, तो चुनावी समीकरण कुछ बदले हुए नजर आ सकते हैं।

कांग्रेस तोड़ने के नीयत से काम करती है- मंत्री खुशवंत

मंत्री खुशवंत साहेब ने भाई के कांग्रेस प्रवेश को लेकर कहा कि वह मेरे भाई हैं। सुख-दुख हो या किसी तरह का तीज-त्योहार, हम हमेशा एक-दूसरे के साथ मिलते हैं और आगे भी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीयत ही समाज और परिवार को तोड़ने की रही है।

उन्होंने कहा कि एक धर्म को दूसरे धर्म से, एक समाज को दूसरे समाज से और एक परिवार को दूसरे परिवार से लड़ाने की कांग्रेस कितनी भी कोशिश कर ले, वह कभी सफल नहीं होगी।

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