Connect with us

कोरबा

शिक्षक दिवस पर कलेक्टर कुणाल दुदावत बने शिक्षक, विद्यार्थियों को पढ़ाया मेहनत और अनुशासन का पाठ

Published

on

एकलव्य विद्यालय छुरी में विद्यार्थियों से वन-टू-वन संवाद कर जानी समस्याएं, शिक्षकों की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी

अनुपस्थित 8 शिक्षकों को नोटिस जारी करने के निर्देश, पानी सहित अन्य समस्याओं के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश

विद्यार्थियों को नीट-जेईई की आवासीय कोचिंग और उच्च शिक्षा के लिए जिला प्रशासन की सहायता की दी जानकारी

कोरबा, 05 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने एक शिक्षक की भूमिका निभाते हुए प्रधानमंत्री एकलव्य आवासीय विद्यालय, छुरी पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, कड़ी मेहनत, दृढ़ निश्चय, समर्पण और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता का महत्व बताया। कलेक्टर ने कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों के बीच बैठकर उन्हें सफलता का मंत्र दिया और कहा कि विद्यार्थी जीवन दोबारा लौटकर नहीं आता। यही समय है जब पूरी मेहनत और लगन से अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ा जाए।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपने माता-पिता की उम्मीदों को पूरा करने के लिए विद्यार्थियों को पूरी ईमानदारी और मेहनत से पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अभी मेहनत कर सफलता हासिल कर ली, तो जीवन में कभी पछतावा नहीं होगा। विद्यार्थी के भीतर अनुशासन, कड़ी मेहनत, दृढ़ निश्चय, लक्ष्य पर नजर और समर्पण जैसे गुण सफलता की नींव होते हैं।

कक्षा में जाकर विद्यार्थियों से वन-टू-वन संवाद

कलेक्टर ने विद्यालय की कक्षा आठवीं, नौवीं, दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों से कक्षा में जाकर वन-टू-वन चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ भोजन, आवासीय व्यवस्था, पानी और अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
कक्षा 12वीं साइंस के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कलेक्टर ने उन्हें फिजिक्स के सवाल हल करने के लिए दिए। विद्यार्थियों द्वारा निर्धारित समय में सवाल हल नहीं कर पाने पर उन्होंने संबंधित शिक्षक को शिक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षक उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन करते हैं। विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों की बात माननी चाहिए और यदि उन्हें पढ़ाई में किसी विषय को लेकर कठिनाई हो तो शिक्षक से अपनी शंका का समाधान कराना चाहिए। यह सोचकर कि शिक्षक उन्हें ठीक से नहीं पढ़ा रहे हैं और उनकी बात नहीं मानना अपने भविष्य को नुकसान पहुंचाना है।

पानी की समस्या जल्द होगी दूर

विद्यार्थियों ने कलेक्टर के समक्ष विद्यालय में पानी की समस्या सहित अन्य छोटी-छोटी समस्याओं की जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र में जलस्तर नीचे होने के कारण बोर असफल हो गए हैं। विद्यार्थियों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है और जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।
उन्होंने प्राचार्य और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को विद्यालय की अन्य छोटी-छोटी समस्याओं का भी प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही भोजन और आवासीय व्यवस्था की भी जानकारी लेकर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

अनुपस्थित शिक्षकों पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान कुछ शिक्षक एवं कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर कलेक्टर श्री दुदावत ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्राचार्य को सख्त हिदायत दी। उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री श्रीकांत कसेर को अनुपस्थित पाए गए आठ शिक्षकों पीजीटी/टीजीटी शिक्षक दीपेंद्र, तरुण कुमार, तरुण कुमार पैकरा, संदीप राज, संदीप यादव, पवन कुमार, ऊषा एवं अशोक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास की जिम्मेदारी शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

नीट-जेईई की आवासीय कोचिंग और उच्च शिक्षा में जिला प्रशासन करेगा मदद

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक अवसरों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहते हैं और नीट अथवा जेईई की तैयारी के लिए कोचिंग लेना चाहते हैं, उनके लिए जिला प्रशासन द्वारा आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि उच्च शिक्षा के लिए देश के किसी भी सरकारी कॉलेज या महत्वपूर्ण संस्थान में चयन होने पर, अथवा डॉक्टर-इंजीनियरिंग जैसी व्यावसायिक शिक्षा के लिए शुल्क की आवश्यकता होने पर जिला प्रशासन द्वारा संबंधित संस्था को आवश्यक शुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे अंक प्राप्त कर बेहतर संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
कलेक्टर ने बताया कि अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को देश के महत्वपूर्ण संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए मन लगाकर पढ़ाई करें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।

मोबाइल से दूरी बनाकर पढ़ाई पर दें पूरा ध्यान

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अभी विद्यार्थी जीवन में पढ़ाई सर्वोच्च प्राथमिकता है। मोबाइल की लत अध्ययन के स्तर और एकाग्रता को प्रभावित कर सकती है। विद्यालय में मोबाइल लाना अनुशासन के अनुरूप नहीं है। यदि किसी विद्यार्थी के पास मोबाइल है, तो उसे तत्काल जमा करा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम या किसी विषय को लेकर कठिनाई होने पर मोबाइल का सहारा लेने के बजाय शिक्षक से अपनी शंकाओं का समाधान कराएं। शाम के समय होने वाली कक्षाओं में भी शिक्षक से अपनी शंकाएं पूछें और विषय को बेहतर ढंग से समझें।

समस्या हो तो सीधे बताएं, जिला प्रशासन करेगा समाधान

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला प्रशासन हमेशा तत्पर है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपना मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते हुए कहा कि वे यह नंबर अपने माता-पिता को भी दें। जब माता-पिता विद्यालय आएं तो उन्हें अपनी समस्याओं के बारे में बताएं और आवश्यकता होने पर जिला प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाएं।
उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी कहा कि विद्यालय में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सबसे पहले अपने शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को अवगत कराएं, ताकि उसका तत्काल समाधान किया जा सके।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “आपका लक्ष्य जितना बड़ा होगा, आपकी मेहनत भी उतनी ही बड़ी होनी चाहिए। आज की मेहनत ही आपके कल का भविष्य तय करेगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत कसेर सहित विद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

Continue Reading

कोरबा

उरगा क्षेत्र में दो जगह मिले शव:2 दिन बाद हसदेव नदी से 15 साल के सूरज की लाश मिली, खेत में मिला अज्ञात शव

Published

on

कोरबा। कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में शव मिलने से सनसनी फैल गई। कुदुरमाल के हसदेव नदी एनीकट में नहाते समय तेज बहाव में बहे 15 वर्षीय बालक सूरज महंत का शव दो दिन बाद बरामद हो गया।

वहीं पचपेड़ी गांव के खेत में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव अब भी पहेली बना हुआ है। उसके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।

एनीकट में नहाते समय बहा था 15 साल का सूरज

पहली घटना कुदुरमाल गांव की है। गुरुवार सुबह 15 वर्षीय सूरज महंत हसदेव नदी के एनीकट में नहा रहा था। इसी दौरान अचानक पानी का स्तर और बहाव बढ़ गया और वह तेज धारा में बह गया। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर परिजनों और उरगा पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलने पर थाना प्रभारी नवीन पटेल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर सेना के गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की गई। लगातार बारिश और बांगो बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का बहाव तेज था, जिससे रेस्क्यू में मुश्किलें आईं।

दो दिन बाद कटबीतला के पास मिला शव

लगातार दो दिन तक तलाश अभियान चलाने के बाद शनिवार को सूरज का शव कटबीतला गांव के पास हसदेव नदी में मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

खेत में मिला अज्ञात शव, हत्या की आशंका

दूसरी घटना पचपेड़ी गांव की है। यहां PDS सोसाइटी भवन के पास एक खेत में अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। पुलिस के मुताबिक, शव के सिर समेत शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान हैं। इससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।

शव से दुर्गंध आने के कारण उसके करीब 3 से 4 दिन पुराना होने का अनुमान है। तीन दिन बाद भी मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।

पहचान और मौत की वजह तलाश रही पुलिस

उरगा पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान के लिए WhatsApp ग्रुप और कोटवारों के जरिए आसपास के गांवों में सूचना भेजी गई है। पुलिस फिलहाल हत्या के साथ-साथ हादसे की संभावना को ध्यान में रखकर भी जांच कर रही है।

Continue Reading

कोरबा

‘सशक्त ऐप’ की मदद से फिर मिली बड़ी सफलता: चोरी की मोटर साइकिल बरामद

Published

on

कोरबा 05 सितंबर 2026। दर्री पुलिस टीम ने लावारिस अवस्था में मिली एक मोटर साइकिल की सशक्त ऐप के माध्यम से तुरंत जांच कर चोरी का मामला उजागर किया है।
सशक्त ऐप से ऐसे सुलझी गुत्थी
डिजिटल चेकिंग व पहचान: 05.09.2026 को चेकिंग के दौरान लावारिस मिली हीरो सी.डी. 110 ड्रीम (CG-12-AV-1387) का डाटा सशक्त ऐप में दर्ज किया गया।

तकनीकी मिलान: ऐप में चेचिस नंबर (ME4JC677EJ8169808) एवं इंजन नंबर (JC67E84175032) सर्च करते ही वाहन का पूरा पिछला पुलिस रिकॉर्ड सामने आ गया।

वास्तविक मालिक का पता: वाहन गुलाम मुस्तफा (26 वर्ष), निवासी- 15 ब्लॉक, कोरबा का होना पाया गया।

पूर्व में दर्ज FIR: यह बाइक 14.08.2026 को चोरी हुई थी, जिसकी रिपोर्ट 21.08.2026 को चौकी CSEB (थाना सिविल लाइन रामपुर) में अपराध क्र. 741/2026 के तहत दर्ज थी।

सशक्त ऐप की खासियत: यह ऐप पुलिस अधिकारियों को मौके पर ही इंजन, चेचिस या रजिस्ट्रेशन नंबर से वाहन का रिकॉर्ड जांचने की सुविधा देता है, जिससे अपराधियों की धरपकड़ और चोरी की गाड़ियों की बरामदगी आसान हुई है

Continue Reading

कोरबा

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना अंतर्गत पशुधन विकास विभाग के संकेतकों की पूर्ति हेतु एकदिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

Published

on

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति के दिए निर्देश

कोरबा, 05 सितंबर, 2026। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना अंतर्गत पशुधन विकास विभाग के निर्धारित संकेतकों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले के सभी विकासखंडों में मैदानी स्तर पर कार्यरत पशु चिकित्सकों, पैरावेट्स, पीएआईडब्ल्यू एवं पशु सखियों सहित कुल 145 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत ने विभागीय अधिकारियों एवं मैदानी अमले को योजना के अंतर्गत निर्धारित सभी संकेतकों की पूर्ति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, किसान क्रेडिट कार्ड एवं हरा चारा विकास से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के लिए प्रभावी मैदानी कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा।
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. एस.एन. मिश्रा ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत विभागीय कार्यक्रमों एवं निर्धारित संकेतकों की पूर्ति के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लक्ष्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मयंक गोस्वामी ने कृत्रिम गर्भाधान विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सीमेन के उचित रखरखाव, कृत्रिम गर्भाधान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा अधिकतम गर्भधारण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीकी बिंदुओं को उदाहरण सहित समझाया।
इसी क्रम में डॉ. एच.के. सोनी ने मदकाल की पहचान, समाकालन एवं संबंधित तकनीकी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के संकेतकों की पूर्ति के लिए पशु रोग नियंत्रण, टीकाकरण तथा विभागीय गतिविधियों के प्रभावी संचालन से संबंधित जानकारी भी प्रदान की गई।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677