रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर बड़ी संख्या में आरक्षक कैंडिडेट्स गृहमंत्री विजय शर्मा के बंगले पहुंचे। जहां गृहमंत्री ने खुद बंगले के बाहर कैंडिडेट्स से मिलकर मुलाकात की और समस्याओं पर चर्चा की। इससे पहले कैंडिडेट्स ने बंगले के बाहर बैठकर अपनी मांगे रखी।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने उन्हें मनाने का प्रयास किया और बंगले के भीतर चर्चा करने की समझाइश दी। हालांकि कैंडिडेट्स ने कहा कि बाकी साथियों के आने पर ही वो बंगले जाएंगे। इसके बाद गृहमंत्री अंदर चले गए। कुछ देर बाद बाकी साथियों के आने पर कैंडिडेट भी अंदर पहुंचे। जहां मंत्री विजय शर्मा के साथ के साथ उनकी चर्चा हुई।
मंत्री और कैंडिडेट्स के बीच बातचीत की देखिए तस्वीरें
कैंडिडेट्स ने पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर गृहमंत्री विजय शर्मा से की शिकायत।
गृहमंत्री के बंगले में विजय शर्मा और कैंडिडेट्स के बीच आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर चर्चा।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कैंडिडेट्स की पुलिस भर्ती काे लेकर उनकी समस्याएं सुनी।
गृहमंत्री बोले- भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी
गृहमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार (16 दिसंबर) को विधानसभा भवन में पत्रकारों से इस मुद्दे पर बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से संपन्न की गई है।
गृहमंत्री ने बताया कि अभ्यर्थियों की मांग पर सभी उम्मीदवारों के प्राप्तांक सार्वजनिक कर दिए गए हैं। अब कोई भी अभ्यर्थी किसी भी जिले के उम्मीदवार के अंक विभागीय वेबसाइट पर जाकर देख सकता है। इसके लिए QR कोड भी जारी किए गए हैं, जो सीधे रिजल्ट पोर्टल तक ले जाते हैं।
गृहमंत्री के बंगले के बाहर इकट्ठे हुए कैंडिडेट्स।
पुलिस आरक्षक भर्ती में कुल 5,967 पदों के लिए लगभग 7 लाख आवेदन आए थे।
एक अभ्यर्थी का कई जिलों में चयन, ऐसे होगा समाधान
वहीं एक ही कैंडिडेट्स का कई जिलों में चयन को लेकर उठे सवालों पर गृहमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि खुली प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों को किसी भी जिले से शारीरिक परीक्षा देने की अनुमति दी गई थी।
कई अभ्यर्थियों ने एक से अधिक जिलों में शारीरिक परीक्षा दी और सफल भी हुए। ऐसे मामलों में लिखित परीक्षा एक ही बार ली गई, लेकिन जिन-जिन जिलों में शारीरिक परीक्षा पास की थी, वहां लिखित परीक्षा के अंक जोड़ दिए गए।
हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अंतिम चयन केवल एक ही जिले में होगा। अन्य जिलों में प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) से प्रावीण्यता सूची के आधार पर अन्य युवाओं का चयन किया जाएगा।
कई जिलों में एक ही अभ्यर्थी के चयन को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया है।
शिकायत निवारण के लिए खुला मंच, ADG सुनेंगे अभ्यर्थियों की बात
भर्ती प्रक्रिया को लेकर शिकायतों के समाधान के लिए विभाग ने खुला मंच उपलब्ध कराया है। एडीजी एसआरपी एसपी कल्लूरी ने बताया कि किसी अभ्यर्थी को भर्ती में अनियमितता या गड़बड़ी की शिकायत है, तो वे 19 और 20 दिसंबर 2025 को पुलिस मुख्यालय, रायपुर में सबूतों के साथ उनसे सीधे मिल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता को लेकर जिन अभ्यर्थियों को संदेह है, वे लिखित शिकायत और प्रमाण के साथ पुलिस मुख्यालय आ सकते हैं। इससे पहले भी 12 से 14 दिसंबर तक सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने अपने कार्यालयों में शिकायतें सुनी थीं।
5,967 पदों के लिए आए थे करीब 7 लाख आवेदन
एडीजी कल्लूरी ने बताया कि पुलिस आरक्षक भर्ती में कुल 5,967 पदों के लिए लगभग 7 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। भर्ती परीक्षा सितंबर माह में आयोजित की गई थी और रिजल्ट 9 दिसंबर को जारी किया गया। अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण शंकाएं स्वाभाविक हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए विशेष शिकायत निवारण व्यवस्था की गई है। विभाग का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया नियमों के तहत पूरी तरह पारदर्शी रही है और हर शिकायत को तथ्यों के आधार पर सुना जाएगा।
कोरबा। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) उनका क्रॉस वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च 2028 तक सभी लंबित कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में नल से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, उन्हीं कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। पाली के वनांचल क्षेत्र में योजना की दुर्गति कोरबा जिले के पाली ब्लाक के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों की दुर्गति है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड कोरबा के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव को जानकारी देने के बाद भी साल भर से निरीक्षण करने का समय तक नहीं मिला। क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों ने केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का बंटाधार कर दिया है और यदि सही जांच कराई जाए तो करोड़ों का भ्रष्टाचार निकलेगा। जल जीवन मिशन में कार्य करने वाले ठेकेदार करोड़पति बन गए और इनके तथा अधिकारियों की मिलीभगत से जहां योजना का लाभ अधिकांश एवं गांवों को नहीं मिल पा रहा है, वहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों से योजना प्रारंभ होने से पहले ही दम तोड़ रही है और ठेकेदार भी कार्यवाही के अभाव में मदमस्त हैं।
मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश कोरबा। समय सीमा की बैठक में मंगलवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा में विभाग की लापरवाही देखी। शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं स्कूलवार स्कैनिंग कार्य की समीक्षा की। मानदेय शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी संबंधी प्राप्त शिकायतों के निराकरण में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्रधानपाठकों की वेतनवृद्धि रोकने तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड कोरबा एवं पोड़ी-उपरोड़ा में स्कैनिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए 31 जुलाई तक सभी विकासखंडों में शत-प्रतिशत स्कैनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेंडर से समन्वय कर सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत बालिकाओं को शीघ्र साइकिल वितरण सुनिश्चित करने तथा स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश का दूसरा सेट उपलब्ध कराने के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोषण गार्डन के लिए विद्यालयों की जानकारी 31 जुलाई तक उपलब्ध कराने, अहाताविहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने तथा संबंधित जनपद पंचायतों के सीईओ को सरपंच एवं सचिव के माध्यम से उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष शिविर आयोजित कर अपार आईडी बनाने तथा आधार एवं यू-डाइस से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्र सुरक्षा बीमा की राशि समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संबंधित शाखा प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।