रियाद,एजेंसी। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को एक रक्षा समझौते पर साइन किए। इस समझौते के तहत एक देश पर हमला दूसरे पर भी हमला माना जाएगा।
सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक, दोनों देशों ने एक जॉइंट स्टेटमेंट में कहा कि यह समझौता दोनों देशों की सुरक्षा बढ़ाने और विश्व में शांति स्थापित करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है। इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच डिफेंस कॉर्पोरेशन भी डेवलप किया जाएगा।
रॉयटर्स के मुताबिक इस समझौते के तहत मिलिट्री सहयोग किया जाएगा। इसमें जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का इस्तेमाल भी शामिल है। सऊदी अरब और पाकिस्तान के रक्षा समझौते पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार को इसकी जानकारी पहले से थी।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के यमामा पैलेस में हुई इस बैठक में क्राउन प्रिंस और शहबाज शरीफ ने चर्चा की।
समझौते के वक्त पाकिस्तानी सेना प्रमुख भी मौजूद थे
शहबाज शरीफ के साथ पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसीम मुनीर, उप प्रधानमंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब और हाई लेवल डेलिगेशन सऊदी पहुंचा है।
जिस वक्त इस रक्षा समझौते पर साइन किए जा रहे थे, तब पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसीम मुनीर भी वहां मौजूद थे।
एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि यह समझौता किसी खास देश या घटना के खिलाफ नहीं हुआ है, बल्कि दोनों देशों के बीच लंबे समय तक चलने वाले गहरे सहयोग का आधिकारिक रूप है।
सऊदी प्रिंस सलमान के साथ शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसीम मुनीर।
पाकिस्तान ने नाटो जैसी फोर्स बनाने का सुझाव दिया था
इजराइल ने 9 सितंबर को कतर की राजधानी दोहा में हमास चीफ खलील अल-हय्या को निशाना बनाकर हमला किया था। इस हमले में अल-हय्या बच तो गया था, लेकिन 6 अन्य लोगों की मौत हो गई थी।
इसके बाद 14 सितंबर को दोहा में मुस्लिम देशों के कई नेता इजराइल के खिलाफ एक खास बैठक के लिए इकट्ठा हुए थे। यहां पाकिस्तान ने सभी इस्लामी देशों को NATO जैसी जॉइंट फोर्स बनाने का सुझाव दिया था।
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री मोहम्मद इशाक डार ने एक जॉइंट डिफेंस फोर्स बनाने की संभावना का जिक्र करते हुए कहा था कि न्यूक्लियर पावर पाकिस्तान इस्लामिक समुदाय (उम्माह) के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।
रविवार को इस्लामी देशों के नेताओं ने इजराइल के खिलाफ बंद कमरे में मीटिंग की।
एक्सपर्ट बोले- यह समझौता औपचारिक ‘संधि’ नहीं है
अफगानिस्तान और इराक में अमेरिका के राजदूत रह चुके जलमय खलीलजाद ने भी इस समझौते पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता हालांकि औपचारिक ‘संधि’ नहीं है, लेकिन इसकी गंभीरता को देखते हुए यह एक बड़ी रणनीतिक साझेदारी मानी जा रही है।
खलीलजाद ने आगे कहा कि क्या यह समझौता कतर में इजराइल हमले के जवाब में किया गया है? या ये लंबे समय से चली आ रही अफवाहों की पुष्टि करता है कि सऊदी अरब, पाकिस्तान के एटमी हथियार प्रोग्राम का अघोषित सहयोगी रहा है।
खलीलजाद ने पूछा कि क्या इस समझौते में सीक्रेट क्लॉज हैं, अगर हां, तो वे क्या हैं? क्या ये समझौता बताता है कि सऊदी अरब अब अमेरिका की सुरक्षा गारंटी पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहता है।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार और ऐसे मिसाइल सिस्टम हैं जो पूरे मिडिल ईस्ट और इजराइल तक मार कर सकते हैं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि पाकिस्तान ऐसे हथियार भी डेवलप कर रहा है जो अमेरिका तक पहुंच सकते हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बोले- भारत पर असर की जांच करेंगे
सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच रक्षा समझौते पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा
यह समझौता दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद संबंधों को औपचारिक रूप देता है। इससे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर क्या असर पड़ेगा, इसकी जांच की जाएगी। भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अमेरिका के साथ भी पाकिस्तान ने सऊदी जैसा रक्षा समझौता किया था
पाकिस्तान ने सऊदी जैसा रक्षा समझौता अमेरिका के भी साथ किया था। 1979 में ये समझौता टूट गया था। उससे पहले भारत पाकिस्तान के बीच 2 जंग हुईं लेकिन एक में भी अमेरिका ने उसकी सीधे मदद नहीं की।
पाकिस्तान-अमेरिका का पुराना रक्षा समझौता: 1950 में कोल्ड वॉर के दौरान, अमेरिका ने सोवियत संघ के विस्तार को रोकने के लिए दक्षिण एशिया में सहयोगियों की तलाश की। इस समय पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ सैन्य गठबंधन को अपनाया।
म्यूचुअल डिफेंस असिस्टेंस एग्रीमेंट (MDAA), 19 मई 1954: यह पाकिस्तान और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय समझौता था। इसमें म्यूचुअल डिफेंस के नियम थे, यानी दोनों देश एक-दूसरे को सैन्य सहायता (हथियार, प्रशिक्षण, उपकरण) देंगे। अमेरिका ने पाकिस्तान को सामूहिक सुरक्षा प्रयासों (जैसे सामान्य जंग में) में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसमें पाकिस्तान के रिसोर्स, सैनिक और रणनीतिक सुविधाएं शामिल थीं। यह समझौता अमेरिका के म्यूचुअल डिफेंस असिस्टेंस एक्ट (1949) पर बेस्ड था, जो यूरोप और एशिया में सहयोगियों को सैन्य सहायता देता था।
SEATO (1954) और CENTO (1955): MDAA के बाद पाकिस्तान ने साउथ ईस्ट एशिया ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (SEATO) और बगदाद पैक्ट (बाद में CENTO) में शामिल होकर इसे मजबूत किया। इन संगठनों के अनुच्छेदों में किसी एक पर हमले में सामूहिक प्रतिक्रिया का प्रावधान था, यानी एक सदस्य पर आक्रमण को सभी पर आक्रमण माना जाएगा (नाटो जैसा)। अमेरिका ने इनके तहत पाकिस्तान को 7 हजार करोड़ से ज्यादा की सैन्य सहायता दी, जिसमें हथियार और प्रशिक्षण शामिल थे।
1979 में समझौता क्यों टूटा?
CENTO का अंत 1979 में हुआ, हालांकि MDAA द्विपक्षीय था, लेकिन CENTO के ढांचे से जुड़ा था।
ईरान की क्रांति (1979): ईरान के शाह का पतन और इस्लामी क्रांति के बाद ईरान ने CENTO से 15 मार्च 1979 को वापसी की। ईरान CENTO का प्रमुख सदस्य था, इसलिए संगठन कमजोर हो गया।
पाकिस्तान की वापसी: 12 मार्च 1979 को पाकिस्तान ने भी CENTO छोड़ दिया। इसके कारण थे सोवियत आक्रमण, अफगानिस्तान (दिसंबर 1979) के बाद पाकिस्तान की गुटनिरपेक्ष नीति और अमेरिका के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव (जैसे 1979 में पाकिस्तान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अमेरिकी प्रतिबंध)।
अमेरिकी सहायता पर प्रतिबंध: जिमी कार्टर प्रशासन ने पाकिस्तान के गुप्त यूरेनियम एनरिचमेंट (न्यूक्लियर हथियार कार्यक्रम) पर 1979 में सैन्य सहायता रोक दी। इससे गठबंधन प्रभावी रूप से खत्म हो गया।
समझौते के बाद भी अमेरिका ने मदद नहीं दी
CENTO 16 मार्च 1979 को पूरी तरह खत्म हुआ। हालांकि, अमेरिका-पाकिस्तान संबंध बाद में अफगान युद्ध (1979 के बाद) में फिर मजबूत हुए, लेकिन पुराना म्यूचुअल डिफेंस फ्रेमवर्क टूट चुका था।
इससे पहले 1947, 1965 और 1971 में भारत पाक जंग में भी में अमेरिका ने पाकिस्तान की सीधी सैन्य मदद नहीं की, भले ही म्यूचुअल डिफेंस प्रावधान थे। अमेरिका ने इन जंग को क्षेत्रीय विवाद माना, न कि गठबंधन के तहत सामूहिक रक्षा का मामला।
MDAA/SEATO/CENTO खासतौर पर सोवियत/कम्युनिस्ट खतरों के खिलाफ थे, न कि भारत किसी और गुट के खिलाफ। इसलिए, पाकिस्तान को अपेक्षित मदद नहीं मिली, जिससे गठबंधन पर सवाल उठे।
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स के 11वें दिन 4 गोल्ड जीते। इनमें 3 गोल्ड तीरंदाजी और 1 शूटिंग में आया। इसके साथ भारत के 10 गोल्ड समेत 60 मेडल हो गए हैं। वह ईरान को पीछे छोड़कर मेडल टैली में 7वें नंबर पर पहुंच गया है।
बुधवार को पहला गोल्ड विमेंस कंपाउंड आर्चरी टीम ने जीता। इसके बाद चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी में गोल्ड जीता। नीरू ढांडा और किनान चेनाई की जोड़ी को शूटिंग में गोल्ड मिला। दिन का चौथा गोल्ड कंपाउंड आर्चरी के पुरुष टीम इवेंट में साहिल, गणेश और कुशल ने जीता।
आर्चरी में दिन के तीनों गोल्ड भारत के नाम
भारत ने कंपाउंड आर्चरी के तीनों इवेंट में गोल्ड जीते। विमेंस टीम ने चीन को 238-234 से हराकर अपने खिताब का बचाव किया।
मिक्स्ड टीम फाइनल में चिकिता और साहिल का मुकाबला साउथ कोरिया की पार्क जंगयून और चोई योंगही से था। भारत ने शूट-ऑफ में गोल्ड अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिलिस ओलिंपिक के कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए कोटा भी हासिल किया।
पुरुष टीम फाइनल में साहिल, गणेश और कुशल की टीम ने चीन को 238-237 से हराया। भारत शुरुआती एंड में 58-60 से पीछे था, लेकिन इसके बाद भारतीय तीरंदाजों ने लगातार शानदार निशाने लगाए। फाइनल के बाद के 180 में भारत ने 180 अंक हासिल किए। साहिल ने अपने सभी 8 शॉट में 10 अंक बनाए, जबकि गणेश और कुशल ने भी दबाव के बीच लगातार 10 लगाए।
आर्चरी में फाइनल जीतने के बाद भारतीय टीम सेलिब्रेट करती हुई।
नीरू-किनान ने शूटिंग में दिलाया गोल्ड
ट्रैप मिक्स्ड टीम फाइनल में नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने भारत को गोल्ड दिलाया। भारत ने शुरुआत में 10 में से 6 हिट किए थे और एक समय चार टीमों में सबसे नीचे था। इसके बाद दोनों ने एक भी टारगेट मिस नहीं किया और शानदार वापसी करते हुए गोल्ड जीता। भारत ने कतर को सिर्फ एक अंक से पीछे छोड़ा। चीन ने ब्रॉन्ज जीता।
नीरू का यह इन गेम्स में दूसरा गोल्ड है। इससे एक दिन पहले उन्होंने विमेंस ट्रैप इंडिविजुअल इवेंट में गोल्ड जीता था।
हॉकी: साउथ कोरिया को 2-0 हराकर फाइनल में भारत
भारतीय महिला हॉकी टीम ने साउथ कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। भारत के लिए इशिका ने पेनल्टी कॉर्नर की वैरिएशन पर गोल किया, जबकि कप्तान सलिमा ने दूसरे हाफ में बढ़त दोगुनी की। अब भारत का गोल्ड मेडल मैच चीन से होगा। यह मुकाबला 2 अक्टूबर को खेला जाएगा।
बॉक्सिंग में 2 ब्रॉन्ज, लवलीना फाइनल में
बॉक्सिंग में प्रियंका घंघास को विमेंस 60 किग्रा सेमीफाइनल में चीन की यांग चेंग्यू से 4-1 से हार मिली। उन्हें ब्रॉन्ज मिला।
कपिल पोखरियाने पुरुषों के 90 किग्रा सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के तुराबेक खाबिबुल्लाएव के खिलाफ 4-1 से हार के बाद ब्रॉन्ज जीता।
वहीं लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
लवलीना बोरगोहेन गोल्ड मेडल के लिए चीन की बाओ जिइ से भिड़ेंगी।
रेसलिंग: सुनील कुमार को ब्रॉन्ज
सुनील कुमार ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 87 किग्रा में ब्रॉन्ज जीता। सेमीफाइनल में जापान के ताइजो योशिदा से 11-0 की हार के बाद उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल बाउट में फिलीपींस के कैलम रॉबर्ट्स को 9-0 से हराया। यह हांगझोउ के बाद सुनील का लगातार दूसरा एशियन गेम्स ब्रॉन्ज है। वह एशियन गेम्स में ग्रीको-रोमन रेसलिंग के दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने।
स्क्वॉश में दोनों टीमों ने पक्के किए मेडल
भारतीय महिला स्क्वॉश टीम ने सिंगापुर को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और मेडल पक्का किया। तन्वी खन्ना ने वाई लिन ऑ योंग को 3-1 और अनाहत सिंह ने वाई यान ऑ योंग को 3-0 से हराया।
पुरुष टीम ने कुवैत को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। वीर छत्रानी ने बादेर अलमोगरेबी को 3-1 और अभय सिंह ने अम्मार अल-तमिमी को 3-0 से हराया। अब डिफेंडिंग चैंपियन भारत का सामना मलेशिया से होगा।
टेनिस: सुमित क्वार्टरफाइनल में
सुमित नागल ने पुरुष सिंगल्स के तीसरे दौर में उज्बेकिस्तान के सर्गेई फोमिन को 6-3, 6-2 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। अब उनका मुकाबला चीन के वू यीबिंग से होगा।
हालांकि पुरुष डबल्स में युकी भांबरी और धक्षिणेश्वर सुरेश की जोड़ी क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे की हो चेनजुई-ह्सू यू-ह्सिओउ जोड़ी से 6-7 (5-7), 3-6 से हार गई।
रियाद, एजेंसी। दुबई से तेल अवीव जा रही एक फ्लाइट को हाईजैक कर क्रैश कराने की कोशिश हुई है। को-पायलट ने साथी पायलट पर चाकू से हमला किया और विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की। दूसरे पायलट और कुछ यात्रियों ने हाथापाई कर उसे रोक लिया।
टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक फ्लाई दुबई की फ्लाइट में यह घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे हुई। इस वजह से 1 मिनट के अंदर विमान करीब 17 हजार फीट नीचे आ गया। इसके बाद विमान से हाईजैक का अलर्ट भेजा गया।
इजराइल ने तुरंत फाइटर जेट्स रवाना किए। उनकी निगरानी में फ्लाइट का रास्ता बदला गया और उसे सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। फ्लाइट में करीब 180 यात्री सवार थे, जिनमें लगभग 150 इजराइली नागरिक थे।
दावों के मुताबिक जिस व्यक्ति के कपड़ों पर खून दिखाई दे रहा है उसने क्रू मेंबर की मदद से हमलावर पर काबू पाया।
चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, सादे कपड़ों में पायलटों की एक दूसरी टीम भी यात्री के तौर पर सवार थी। इन्हीं पायलटों ने विमान का कंट्रोल लेने की कोशिश कर रहे पायलट को रोकने में मदद की।
फ्लाइट में हुई हाथापाई के कुछ ही देर बाद एक यात्री ने वीडियो में कहा कि विमान को हाईजैक करने की कोशिश हुई थी।
वीडियो में घायल पायलट की मदद करते यात्री नजर आ रहे हैं। इस दौरान पायलट ऑक्सीजन मास्क पहने हुए दिखाई दे रहा है।
लैंडिंग के बाद यात्री ताली बजाकर जश्न मनाते नजर आए।
7 पॉइंट्स में जानिए विमान में क्या-क्या हुआ
1. पहले इमरजेंसी, फिर हाईजैक का अलर्ट
विमान ने पहले 7700 कोड भेजा। इसका मतलब होता है कि विमान में कोई इमरजेंसी है। कुछ ही सेकंड बाद विमान ने 7500 कोड भेजा। यह कोड विमान में हाईजैक का है।
2. प्लेन 1 मिनट में 17 हजार फीट नीचे आया
फ्लाइट रडार मुताबिक, विमान सिर्फ दो मिनट में 34 हजार फीट से घटकर 16,600 फीट की ऊंचाई पर आ गया। इसके बाद विमान ने अपना रास्ता बदला और सऊदी अरब के ताबुक की ओर चला गया।
3. कॉकपिट में पायलटों के बीच झगड़ा हुआ
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विमान के कॉकपिट में पायलट और को-पायलट के बीच झगड़ा हुआ था। इसी दौरान विमान से इमरजेंसी सिग्नल भेजे गए। हालांकि, दोनों के बीच झगड़ा किस बात पर शुरू हुआ था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
4. यात्रियों ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को रोका
इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स में चश्मदीदों के हवाले से दावा किया गया कि झगड़ा तब शुरू हुआ, जब एक पायलट ने विमान को जमीन की तरफ मोड़कर क्रैश करने की कोशिश की।
जब विमान नीचे गिरने लगा तो आगे बैठे कुछ इजराइली यात्री कॉकपिट की तरफ दौड़े। उन्होंने हमलावर पायलट से लड़कर उसे कॉकपिट से बाहर निकाला।
यात्री के मुताबिक, विमान में सादे कपड़ों में दो और पायलट भी मौजूद थे। उनमें से एक पायलट ने विमान का कंट्रोल संभाला।
5. घायल पायलट की जान बचाने की कोशिश
मिरियम नाम की एक यात्री ने बताया कि उसने कॉकपिट से चीखने की आवाजें सुनी थीं। दरवाजा खुलने पर उसने एक पायलट को घायल हालत में देखा। उसके हाथ में फोल्डिंग चाकू था और हर तरफ खून बिखरा हुआ था।
एक यात्री के मुताबिक, चाकू से घायल पायलट की हालत गंभीर थी। विमान में मौजूद एक इजराइली डेंटिस्ट ने उसका इलाज किया और उसकी जान बचाने में मदद की।
6. इजराइल ने फाइटर जेट भेजे, ताबुक में हुई लैंडिंग
हाईजैक का अलर्ट मिलने के बाद इजराइली एयरफोर्स ने फाइटर जेट भेजे और देश का सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की।
इसके बाद फ्लाइट का रास्ता बदलकर सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर लैंडिंग कराई गई। इजराइल ने कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस भी बंद कर दिया था।
7. इजराइल में मामले की जांच शुरू, आतंकी हमले का दावा भी
जेरूशलम पोस्ट के मुताबिक, इजराइल की सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को संभावित आतंकी हमले के एंगल से भी देख रही हैं। शुरुआती जांच में जिस पायलट पर हमला करने का आरोप है, उसके ओमान का नागरिक होने की बात सामने आई है।
इजराइल में प्रधानमंत्री-रक्षा मंत्री की इमरजेंसी बातचीत
हिब्रू मीडिया के मुताबिक, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने भी मामले को लेकर इमरजेंसी बातचीत की। इस दौरान विमान की स्थिति और उसमें सवार यात्रियों को लेकर जानकारी जुटाई गई।
चैनल 12 से इजराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि फ्लाईदुबई की इस फ्लाइट में बहुत बड़ी अनहोनी होने से बच गई। अगर पायलट पर समय रहते काबू नहीं पाया होता तो यह 2001 में हुए अमेरिका के 9/11 जैसी घटना हो सकती थी।
नगोया, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स के 4×400 मीटर महिला रिले रेस में गोल्ड जीत लिया है। टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकेंड में रेस पूरी की। इसके साथ ही एशियन गेम्स में भारत को 6 गोल्ड मिल गए हैं।
मंगलवार को भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में लगातार छठी बार 50 मेडल का आंकड़ा भी पार किया। एशियन गेम्स हर 4 साल में होते हैं और 2006 से भारत हर बार 50 या ज्यादा मेडल जीत रहा है।
इससे पहले गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर रेस में 13 मिनट 32.75 सेकेंड के समय के साथ ब्रॉन्ज जीता। वे 10 हजार और 1500 मीटर में सिल्वर जीत चुके हैं। वे मेडल की हैट्रिक करने वाले पहले भारतीय पुरुष धावक बने।
इधर, नीरू ढांडा ने विमेंस ट्रैप शूटिंग में गोल्ड जीता। 10 दिन पहले फ्लू की वजह से अस्पताल में भर्ती रहीं नीरू इस इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
एशियन गेम्स के 10वें दिन भारत ने 8 मेडल जीते। टीम के कुल मेडल 53 हो गए हैं और मेडल टेबल में 10वें स्थान पर है।