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कोरबा

गिरफ्तार भू विस्थापितों की रिहाई की मांग: सीएमडी का फूंका पुतला

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रोजगार की मांग करने वाले 3 महिला समेत 4 भू विस्थापित को जेल से रिहा करने की मांग: माकपा और किसान सभा ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

एसईसीएल के दमन के आगे नहीं झुकेंगे किसान: किसान सभा

कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा,माकपा और भू विस्थापित संगठनों ने कुसमुंडा खदान में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे सरिता कौशिक,गोमति केवट,मीना कंवर,लंबोदर श्याम को तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए एसईसीएल के दमनकारी सीएमडी हरीश दुहान का कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय के सामने पुतला फूकने के बाद आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की है ।

उल्लेखनीय है कि कुसमुंडा खदान क्षेत्र के कई गांवों की जमीन को 1978 से लेकर 2004 के मध्य कोयला खनन के लिए अधिग्रहित किया गया है, लेकिन तब से अब तक विस्थापित ग्रामीणों को न रोजगार दिया गया है, न पुनर्वास। ऐसे प्रभावितों की संख्या 1000 से भी अधिक है और वे लंबे समय से रोजगार के लिए आंदोलनरत है, जबकि एसईसीएल प्रबंधन उन्हें रोजगार देने में आनाकानी कर रहा है।आंदोलनकारी रोजगार और पुनर्वास से जुड़े अपने अधिकारों के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे और दमन की किसी भी कार्यवाही से डरने वाले नहीं है। इसके पहले भी वे लाठी और जेल का सामना कर चुके हैं।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव प्रशांत झा ने भू विस्थापितों की गिरफ्तारि की निंदा करते हुए भू विस्थापितों को रिहा करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एसईसीएल और प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण ही विस्थापित बेरोजगारों का आंदोलन इतने चरम पर पहुंचा है, जिसे प्रबंधन उचित पहलकदमी करके टाल सकता था। उन्होंने कहा कि एसईसीएल प्रबंधन ने समस्या को हल करने का कई बार वादा किया लेकिन इस दिशा में उसने कोई ठोस कार्य नहीं किया। माकपा नेता प्रशांत झा ने आरोप लगाया की जब से एसईसीएल के नए सीएमडी हरीश दुहान बैठे है तब से एसईसीएल आंदोलन को दबाने के लिए दमन की नीति पर काम कर रहा है।उसने पूरे कोल फील्ड में आंदोलनकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करवाए है और आंदोलनकारियों को जेल भेज कर डराने की कोशिश कर रहे हैं।कुसमुंडा में आंदोलनकारी महिला की गिरफ्तारी इसी दमन की कड़ी है। माकपा,किसान सभा और भू विस्थापित संगठन इसका जवाब आंदोलन को और तेज करके देगा।जल्द भू विस्थापितों को एकजुट सम्मेलन कर बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी जमीन से विस्थापित किसान रोजगार और पुनर्वास के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के सचिव दीपक साहू, सुमेंद्र सिंह कंवर ने आंदोलन कर रहे भू विस्थापितों पर लादे गए फर्जी मुकदमों को वापस लेने की मांग करते हुए उन्हों ने कहा कि भू विस्थापितों के शिनाख्ती के आधार पर फर्जी नियुक्तियां को रद्द कर वास्तविक और पात्र लोगों को रोजगार दिया जाए, अन्यथा पीड़ित को मुआवजा सहित उनकी जमीन वापस की जानी चाहिये। उन्होंने कहा कि भूविस्थापितों का शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा और एसईसीएल प्रबंधन को सभी भू विस्थापितों को रोजगार देना ही होगा।

भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के रेशम यादव,दामोदर श्याम,रघु यादव,जय कौशिक ने कहा कि भू विस्थापित अपने अधिकार की मांग कर रहे थे और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज कर एस ई सी एल आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है भू विस्थापित संगठन ने मांग की है की गिरफ्तार भू विस्थापितों को जल्द रिहा किया जाए नहीं तो और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

एसईसीएल प्रबंधन के किसान विरोधी दमनात्मक रवैये के खिलाफ छत्तीसगढ़ किसान सभा ने पूरे कोल फील्ड में किसानों और भू विस्थापितों का संयुक्त आंदोलन खड़ा करने की घोषणा की है।उन्होंने कहा है कि अपने सामाजिक उत्तरदायित्यों का पालन करने के लिए एसईसीएल को आंदोलन के जरिए मजबूर किया जायेगा।

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कोरबा

कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस अब रोज दौड़ेगी:दो ट्रेनों का हुआ विलय, 1 अगस्त से एक ही नंबर 18249/18250 से मिलेगा दैनिक सफर

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बिलासपुर/कोरबा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) बिलासपुर जोन ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए हसदेव एक्सप्रेस की सेवाओं का विलय कर इसे प्रतिदिन संचालित करने का निर्णय लिया है। अब ट्रेन संख्या 18249/18250 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस 1 अगस्त से रोजाना चलेगी

अब तक 18249/18250 रायपुर-कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस सप्ताह में चार दिन और 18251/18252 रायपुर-कोरबा-रायपुर हसदेव एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन संचालित होती थी। रेलवे ने दोनों सेवाओं का विलय कर एक ही ट्रेन नंबर के साथ इसे दैनिक कर दिया है।

यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा

रेलवे के इस निर्णय से यात्रियों को अब अलग-अलग ट्रेन नंबर और उनके संचालन के दिन याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी। 18249/18250 हसदेव एक्सप्रेस के प्रतिदिन चलने से यात्रा की योजना बनाना पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक होगा।

15 आधुनिक एलएचबी कोच के साथ चलेगी ट्रेन

रेलवे के अनुसार, दैनिक संचालन के दौरान हसदेव एक्सप्रेस में कुल 15 आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच लगाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी।

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कोरबा

चलती ट्रेन में टॉयलेट की खिड़की से लटकती मिली लाश:दोस्त संग उज्जैन घूमने गया था कोरबा का युवक, बीना में गार्ड ने देखा शव

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के रहने वाले गुरुवार सिंह (30) का शव बीना रेलवे स्टेशन पर पुष्पक एक्सप्रेस के जनरल कोच के टॉयलेट की खिड़की से फंदे पर लटका मिला। तलाशी के दौरान मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सिंह बाइक बेचकर दोस्त के साथ उज्जैन घूमने गया था। परिजनों के अनुसार, उसका स्वभाव गुस्सैल था। घटना की सूचना मिलते ही परिवार बीना के लिए रवाना हो गया। उसके पिता किसान होने के साथ मजदूरी भी करते हैं।

ट्रेन में सफर कर रहे कुछ यात्रियों ने GRP को बताया कि युवक भोपाल रेलवे स्टेशन से ट्रेन के गेट पर बैठकर यात्रा कर रहा था। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मौत के कारणों की जांच कर रही है। घटना गुरुवार देर रात की है।

गुरुवार सिंह दोस्तों के साथ उज्जैन घूमने गया था।

गुरुवार सिंह दोस्तों के साथ उज्जैन घूमने गया था।

भोपाल से रवाना होने के दो घंटे बाद मिली लाश

जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 12534 पुष्पक एक्सप्रेस गुरुवार रात करीब 10 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन से रवाना हुई थी। ट्रेन का अगला निर्धारित ठहराव ललितपुर था। इसी दौरान रात करीब 12 बजे ट्रेन के गार्ड की नजर जनरल कोच के शौचालय की खिड़की पर फंदे से लटके युवक पर पड़ी।

पुष्पक एक्सप्रेस के टॉयलेट की खिड़की पर गुरुवार सिंह की फंदे से लटकती लाश मिली है।

पुष्पक एक्सप्रेस के टॉयलेट की खिड़की पर गुरुवार सिंह की फंदे से लटकती लाश मिली है।

गार्ड की सूचना पर बीना स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन

इसके बाद गार्ड ने फौरन रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन पर रोकने का फैसला लिया गया। सूचना मिलने के बाद ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रोका गया। पहले से मौके पर मौजूद जीआरपी ने शव को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए बीना के सिविल अस्पताल भेजा।

ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रोका गया। (फाइल फोटो)

ट्रेन को बीना रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रोका गया। (फाइल फोटो)

आधार कार्ड से हुई मृतक की पहचान

पुलिस ने मौके से मृतक के सामान की तलाशी ली, जिसमें मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान गुरुवार सिंह (30), निवासी कोरबा (छत्तीसगढ़) के रूप में हुई। जीआरपी की शुरुआती पूछताछ में ट्रेन में सफर कर रहे कुछ यात्रियों ने बताया कि गुरुवार सिंह भोपाल रेलवे स्टेशन से ही जनरल कोच में सवार हुआ था।

आधार कार्ड से मृतक युवक की पहचान हो पाई।

आधार कार्ड से मृतक युवक की पहचान हो पाई।

भोपाल से जनरल कोच में हुआ था सवार

यात्रियों के मुताबिक वह काफी देर तक कोच के गेट के पास बैठकर यात्रा कर रहा था। इसके बाद वह कब शौचालय की ओर गया और यह घटना कैसे हुई, इसकी किसी को जानकारी नहीं है। पुलिस यात्रियों के बयान दर्ज कर रही है।

हर पहलू से जांच कर रही जीआरपी

जीआरपी ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक ने आत्महत्या की या फिर उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। साथ ही मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जाएंगे।

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कोरबा

तेज रफ्तार स्कूटी हादसे में 9वीं के छात्र की मौत:कोरबा में स्कूटी डिवाइडर से टकराई, दोस्त घायल, 11 नाबालिग वाहन चालक गिरफ्तार

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कोरबा। कोरबा में तेज रफ्तार और नाबालिग द्वारा वाहन चलाने की लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। सुनालिया मोड़ के पास बुधवार शाम हुए सड़क हादसे में सेंट जेवियर्स स्कूल के कक्षा 9वीं के छात्र हर्षवर्धन सिंह (13) की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त वंशु कुमार जोशी (13) गंभीर रूप से घायल है।

जानकारी के अनुसार, मिशन रोड निवासी हर्षवर्धन सिंह और वंशु कुमार जोशी बुधवार (29 जुलाई) शाम स्कूटी से टीपी नगर की ओर जा रहे थे। स्कूटी हर्षवर्धन चला रहा था। सुनालिया मोड़ के पास तेज रफ्तार के कारण स्कूटी अनियंत्रित होकर फिसल गई और डिवाइडर से जा टकराई।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

हादसे में हर्षवर्धन का सिर डिवाइडर से टकराने से उसे गंभीर चोट आई, जबकि पीछे बैठा वंशु उछलकर दूर जा गिरा और उसके कंधे में फ्रैक्चर हो गया। स्थानीय लोगों ने दोनों को तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया। गुरुवार को उपचार के दौरान हर्षवर्धन ने दम तोड़ दिया, जबकि वंशु का इलाज जारी है।

परिवार और स्कूल में शोक

हर्षवर्धन की असमय मौत से परिवार में मातम छा गया है। स्कूल में भी शोक का माहौल है। सहपाठी और शिक्षक इस हादसे से स्तब्ध हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

नाबालिगों के वाहन चलाने पर फिर उठे सवाल

पुलिस ने बताया कि हादसे के शिकार दोनों छात्र नाबालिग थे। लगातार जागरूकता अभियान चलाने और अभिभावकों को चेतावनी देने के बावजूद नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो गंभीर हादसों का कारण बन रही हैं।

अभियान में 11 नाबालिग चालक पकड़े गए

इसी बीच “सजग कोरबा-सतर्क कोरबा” अभियान के तहत यातायात पुलिस ने सघन वाहन जांच अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर हुई कार्रवाई में 11 नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 22 हजार रुपये का समन शुल्क लगाया गया। पुलिस ने अभिभावकों को भी नाबालिगों को वाहन न देने की सख्त हिदायत दी।

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