कोरबा। महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने नगर पालिक निगम कोरबा के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधिगण व निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
26 जनवरी गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर नगर पालिक निगम कोरबा के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन की मुख्य अतिथि महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने इस मौके पर ध्वजारोहण किया तथा गणतंत्र दिवस की अपनी हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं नगरवासियों को दी। इस मौके पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हम विश्व के सबसे बडे़ लोकतंत्र भारतीय गणराज्य के निवासी है, जहाॅं पर लोकतंत्र अपने सच्चे स्वरूप में विद्यमान है तथा हम सब इस लोकतंत्र के अभिन्न अंग हैं। उन्होने आगे कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में विगत 02 वर्षो में राज्य सरकार ने प्रदेश का तेजी से विकास किया तथा प्रदेश के किसान, मजदूर, श्रमिक, गरीब, महिला, युवा एवं समाज के सभी वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए दर्जनों योजनाए संचालित की, सैकड़ों जनहितकारी निर्णय लिए, जिनके परिणाम स्वरूप प्रदेश के लाखों, करोड़ो लोग इन जनकल्याणकारी निर्णयों से लाभान्वित हुए। विगत 02 वर्ष के दौरान कोरबा नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यो हेतु विविध मदों से लगभग 800 करोड़ रूपये से अधिक की राशि स्वीकृति की गई, परिणाम स्वरूप निगम क्षेत्र में विकास को नई ऊर्जा मिली तथा क्षेत्र की जनता जनार्दन की इच्छा, मांग व उनकी आवश्यकता के अनुरूप विकास को गति व दिशा दी गई। इस हेतु मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करती हॅू, आभार ज्ञापित करती हॅू। उन्होने निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय को बधाई देते हुए कहा कि उनके कुशल दिशा निर्देशन में हमारा नगर निगम कोरबा, शहर की स्वच्छता, नगर के विकास व शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है, मैं धन्यवाद देती हूॅं, अपने साथी पार्षदबंधुओं व बहनों का, जिनके अमूल्य सुझाव व सहयोग नगर के विकास के लिए मुझे लगातार प्राप्त हो रहे हैं। मैं साधुवाद देती हूॅं अपने अधिकारी कर्मचारियों को, जिनकी कर्तव्यनिष्ठा व परिश्रम की बदौलत हमारा नगर निगम नित नई उपलब्धियाॅं हासिल कर रहा है। उन्होने विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि विगत कुछ माहों के दौरान शहर की स्वच्छता व साफ-सफाई व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव आए हैं, हमारे नागरिकबंधुओं व माताओं बहनों में भी स्वच्छता व साफ-सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ी है, शहर का परिदृश्य परिवर्तित हुआ है और हमारा कोरबा शहर अब बदला-बदला नजर आ रहा है। इन्हीं सबका परिणाम है कि स्वच्छ सर्वेक्षण की रैकिंग में हमारे कोरबा ने देश में 8वीं रैंकिंग हासिल कर टाॅप टेन में जगह बनाई है, जिसकी गूॅंज प्रदेश व देश तक पहुुंची, जबकि विगत वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में कोरबा को देश में 24वीं रैंकिंग हासिल हुई थी, मुझे प्रसन्नता है कि हमारे कोरबा ने वाटर प्लस की उपलब्धि भी हासिल की है, छत्तीसगढ़ के 04 शहरों को यह उपलब्धि मिली, जिसमें हमारा कोरबा भी शामिल है, इसी प्रकार हमने 03 स्टार रेटिंग व ओ.डी.एफ. प्लस-प्लस की उपलब्धि भी हासिल की है। निश्चित रूप से यह सभी उपलब्धियाॅं हमारे नगर निगम के कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी कर्मचारियों की मेहनत व संकल्प शक्ति का परिणाम है, जिसके लिए मैं पुनः आप सबको बधाई व साधुवाद देती हूॅं। उन्होने अधिकारी कर्मचारियों का आव्हान करते हुए कहा किगणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर हम पुनः संकल्प लें कि आगे आने वाले दिनों में भी हम शहर की स्वच्छता, नगर के सर्वांगीण विकास, जनसमस्याओं के निराकरण, नागरिक सुविधाओं की और अधिक बेहतरी एवं आमजनता के हित में पूरी निष्ठा, तत्परता व इच्छाशक्ति के साथ कार्य करेंगे।
हम लोक सेवकों का प्रथम दायित्व नागरिकों के हितों की रक्षा
इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस का यह ऐतिहासिक दिन हमें याद दिलाता है कि हमने इस दिन अपने संविधान को अंगीकृत करते हुए संविधान के प्रावधानों के अनुरूप चलने का संकल्प लिया था। उन्होने कहा कि हम जनप्रतिनिधि व अधिकारी कर्मचारी लोक सेवक व जनसेवक हैं तथा हमारा प्रथम दायित्व अपने नागरिकों के हितों की सुरक्षा करना हैं, हमारा कर्तव्य है कि हम दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करें तथा लोकतंत्र की मजबूती हेतु कार्य करें। उन्होने कहा कि हम सब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में स्वच्छ भारत, आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल भारत और सबका साथ-सबका विकास के संकल्प को पूरा करने आगे बढ़ रहे हैं।
अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदार रहे, पूर्ण निष्ठा से दायित्व निभाएं
इस अवसर पर दिए गए अपने उद्बोधन में आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि हम सबके लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि हमारा लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र हैं, इस महान लोकतंत्र की सुरक्षा करना तथा इसे मजबूती देना हमारा परम् कर्तव्य है। उन्होने अधिकारियों कर्मचारियों का आव्हान करते हुए कहा कि हम अपने कर्तव्यों के प्रति, अपने परिवार व समाज के प्रति, अपने प्रदेश व राष्ट्र के प्रति पूर्ण रूप से ईमानदार रहें तथा पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए लोकतंत्र की मजबूती हेतु कार्य करें एवं जनसेवा को अपना लक्ष्य बनाएं। उन्होने आगे कहा कि मुझे खुशी है कि महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अगुवाई में नगर निगम कोरबा के अधिकारी कर्मचारी पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं तथा माननीय जनप्रतिनिधियों व पार्षदजनों का भरपूर सहयोग व मार्गदर्शन भी मिल रहा है। उन्होने कहा कि कोरबा में स्वच्छता का उजाला फैल रहा है, अन्य औद्योगिक शहरों की अपेक्षा हमारा शहर कोरबा प्रदूषण मुक्त व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उच्च पायदान पर पहुंचा है तथा देश के प्रदूषण मुक्त शहरों में हमारा कोरबा 13वं नम्बर पर है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में सबसे ज्यादा डी.पी.आर. तैयार कर हम प्रदेश में प्रथम नम्बर पर रहे हैं तो वहीं प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के क्रियान्वयन की दिशा में हम तेजी से कार्य कर रहे हैं।
उत्कृष्ट कार्यो हेतु सम्मानित हुए कर्मचारी
इस मौके पर महापौर श्रीमती राजपूत, सभापति श्री ठाकुर व आयुक्त श्री पाण्डेय ने नगर निगम कोरबा के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। जिनको सम्मानित किया गया, उनमें वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा, उप अभियंता गुलिस्ता साहू, कार्यालय अधीक्षक रामसिंह नेताम, सहायक राजस्व निरीक्षक उत्तम राठौर, समयपाल सीताराम पटेल, सी.एल.टी.सी. धवल शर्मा, सहायक ग्रेड-2 तीजराज साहू, डाटासेंटर से जितेन्द्र यादव, सहायक ग्रेड-3 परमेश्वर शर्मा व आदर्श दहायत, एन.यू.एल.एम. से परविन बेगम, कम्प्युटर आपरेटर अजय धीवर, तीरथबाई कुर्रे, ड्रायवर मनमोहन दीप, उद्यान शाखा से पनइतलाल यादव, जलप्रदाय शाखा रितेश चन्द्रा, विद्युत शाखा से दीपक निर्मलकर आदि शामिल हैं।
गणतंत्र दिवस समारोह में एम.आई.सी.सदस्य ममता यादव, पार्षद लक्ष्मण श्रीवास, पंकज देवांगन, रूबीदेवी सागर, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, उपायुक्त त्रय नीरज कौशिक, बी.पी.त्रिवेदी, पवन वर्मा, लेखाधिकारी भवकांत नायक, कार्यपालन अभियंता अखिलेश शुक्ला, भूषण उरांव, विनोद शांडिल्य, एन.के.नाथ, तपन तिवारी, प्रकाश चन्द्रा, राकेश मसीह, सुनील तांडे, लीलाधर पटेल, संपदा अधिकारी अनिरूद्ध सिंह, सहा. अभियंता पीयूष राजपूत, विपिन मिश्रा, राहुल मिश्रा, आकाश अग्रवाल, हेमंत गभेल, अरूण मिश्रा, आनंद दुबे, दिवाकांत जायवाल, उत्तम साहू, शांतिलाल सोनी, अरविंद वानखेडे़, हिमांशु राठौर, अरूण वर्मा, दीनदयाल साहू, अजय शुक्ला, अरविंद पाण्डेय, निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारी एन.पी.देवांगन, गिरीश साहू, डी.एस.बैस, जी.एस.चंदेल, कमल देवांगन आदि उपस्थित थे।
कोरबा। कोरबा के बांकीमोंगरा में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मारपीट के 4 और SECL बांकी खदान नंबर-4 में डकैती के 2 आरोपी शामिल हैं।
मारपीट के मामले में आरोपियों ने शराब पीने के लिए 500 रुपए मांगे थे। वहीं, खदान में नकाबपोश बदमाशों ने चौकीदारों को बंधक बनाकर लोहे के रैक और पाइप काटकर चोरी किए थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 नवंबर को जेल भेज दिया।
शराब पीने के लिए मांगे 500 रुपए, मना करने पर बेल्ट से पीटा
पहले मामले में सूरज कुमार बिंझवार ने 1 नवंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे वह अपने साथी दिनेश कुमार बिंझवार के साथ देसी शराब भट्ठी से लौट रहे थे। रास्ते में आरोपियों ने उन्हें रोक लिया और शराब पीने के लिए 500 रुपए मांगे।
पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बेल्ट और हाथ-मुक्कों से दोनों की पिटाई की। पुलिस ने अपराध क्रमांक 226/2026 के तहत BNS की धारा 296, 351(3), 119(1) और 191(2) में केस दर्ज किया।
मारपीट के मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए समीर कुर्रे (19), आशीष कुमार पाटले (29), अमन कुमार कुर्रे (24) और हेमलाल कुर्रे (42) को गिरफ्तार किया। चारों मोंगरा बस्ती, बांकीमोंगरा के रहने वाले हैं। समीर कुर्रे के पास से घटना में इस्तेमाल बेल्ट भी जब्त की गई। चारों को 2 नवंबर को जेल भेज दिया गया।
SECL खदान में चौकीदारों को बनाया बंधक
दूसरे मामले में सुरक्षा गार्ड व्यासनारायण चौहान ने 28 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 26 और 27 अक्टूबर की दरम्यानी रात करीब 1 बजे 10 से 12 नकाबपोश लोग SECL बांकी खदान नंबर-4 में घुस गए।
आरोपियों ने चौकीदारों को बंधक बनाकर उनके मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद गैस कटर से स्टोर में रखे लोहे के रैक और पाइप काटकर ले गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब 28 हजार रुपए बताई गई है।
पिकअप, गैस कटर और ऑक्सीजन सिलेंडर जब्त
पुलिस ने अपराध क्रमांक 223/2026 के तहत BNS की धारा 310(2), 127(2), 317(3) और 317(5) में केस दर्ज किया था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर राहुल विश्वकर्मा (22) और आकाश साहू (20) को गिरफ्तार किया गया।
राहुल पिकअप चालक है, जबकि आकाश कबाड़ दुकान संचालित करता है। पुलिस ने उनके पास से पिकअप वाहन (CG 12 BJ 6180), गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और 2 मोबाइल फोन जब्त किए। दोनों आरोपियों को भी जेल भेज दिया गया।
कोरबा। कोरबा में पटवारियों की बेमियादी हड़ताल मंगलवार को 20वें दिन भी जारी रही। जिलाध्यक्ष को निलंबित करने और 175 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस देने के बाद भी वे घंटाघर धरना स्थल पर डटे रहे। हड़ताल के कारण राजस्व से जुड़े काम और गिरदावरी रुकी हुई है। इससे 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी पर भी असर पड़ने की आशंका है।
पटवारी 13 अक्टूबर से अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं। कोरबा जिले के पटवारी भी घंटाघर धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के कारण राजस्व संबंधी काम प्रभावित हो रहे हैं।
जिलाध्यक्ष निलंबित, 175 पटवारियों को नोटिस
शासन के निर्देश पर प्रशासन ने रविवार से कार्रवाई शुरू की। बलरामपुर जिले में 5 और कोरबा में एक पटवारी को निलंबित किया गया। कोरबा में राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष मिथलेश वर्मा को कलेक्टर ने निलंबित किया है।
प्रशासन के मुताबिक, शासकीय काम में लापरवाही और कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई।
कोरबा जिले के 254 हल्कों में 201 पटवारी पदस्थ हैं। इनमें से हड़ताल में शामिल 175 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सोमवार को कार्यालय समय खत्म होने तक किसी ने जवाब नहीं दिया और न ही कोई काम पर लौटा।
पटवारियों ने कहा- कार्रवाई से नहीं डरेंगे
धरना स्थल पर पटवारियों ने प्रशासन की कार्रवाई को दमनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि वे कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और हड़ताल जारी रखेंगे।
संघ के जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश प्रधान ने कहा कि पटवारी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करते हैं। इसके बावजूद शासन उनकी मांगें पूरी करने के बजाय दमनात्मक नीति अपना रहा है।
जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई पूरे संघ पर कार्रवाई
प्रधान ने कहा कि जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई पूरे संघ पर कार्रवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर किसानों का पूरा धान नहीं खरीदना चाहती। इसी वजह से पटवारियों पर कार्रवाई की जा रही है।
पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
पटवारियों की चार प्रमुख मांगों में पटवारी से राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करना और 2017 के वेतन संशोधन से पैदा हुई वेतन विसंगति दूर करना शामिल है।
कोरबा। कोरबा में त्योहारी सीजन में मिठाइयों की खरीदारी बढ़ने के बीच कोरबा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में लिए गए 120 खाद्य पदार्थों के सैंपलों में से करीब 20 जांच में फेल पाए गए।
यानी लगभग 17% सैंपल अमानक मिले। इस सूची में शहर के कुछ नामी प्रतिष्ठानों के साथ बड़े ब्रांडों के उत्पाद भी शामिल हैं। पतंजलि शुद्ध देसी घी और हल्दीराम के रसगुल्ला-चना के सैंपल भी मानकों पर खरे नहीं उतरे।
120 में करीब 20 सैंपल अमानक
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विभाग ने बीते 10 महीनों में 120 नमूने लिए। इनमें से करीब 20 सैंपल जांच में फेल पाए गए। यह आंकड़ा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सेहत को लेकर सवाल खड़े करता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय भारत के अनुसार, अमानक और मिसब्रांडेड खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मिलावटी दूध, खोवा और मिठाइयों के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां, फूड पॉइजनिंग, दस्त और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
कई प्रतिष्ठानों पर लगाया गया जुर्माना
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर इस साल की गई कार्रवाई में कई प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया गया है। इनमें स्पेशल रेस्टोरेंट पर 1 लाख रुपए, कुरुदभुरी और चेक पोस्ट स्थित होटल पर 50-50 हजार रुपए, नेचुरल स्वीट्स पर 20 हजार रुपए, सरौन डेयरी पर 20 हजार रुपए और मानिकपुर निर्मल डेयरी पर 35 हजार रुपए का जुर्माना शामिल है।
मिलावट पर सजा और जुर्माने का प्रावधान
अभिहित अधिकारी अर्जित कुमार ने बताया कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। उनके अनुसार, खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाए जाने पर मामला कोर्ट में जाता है।
स्वास्थ्य को नुकसान नहीं होने की स्थिति में 1 लाख रुपए और गंभीर बीमारी होने पर 3 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। उपभोक्ता की मृत्यु होने पर उम्रकैद और 10 लाख रुपए तक जुर्माने की बात भी कही गई है।
संयुक्त टीम ने चार प्रतिष्ठानों पर की कार्रवाई
कलेक्टर कुणाल दुदावत और आयुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर तहसीलदार अतुल वैष्णव के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सोमवार देर शाम चार प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। इस दौरान कुल 13 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। टीम ने काजू कतली समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए हैं। इन नमूनों की जांच के बाद ही उनकी गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।