‘ड्रग्स क्वीन’ नव्या बोली- सिंडिकेट के संपर्क में 850 रईसजादे:इसमें होटल कारोबारी-राजनेताओं के बेटे, मलिक से 30 घंटे पूछताछ, अब मददगार-ग्राहकों की तलाश
रायपुर,एजेंसी। पाकिस्तानी हेरोइन और दिल्ली की MDMA ड्रग्स रायपुर में बेचने वाली इंटीरियर डिजाइनर नव्या मलिक को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नव्या मलिक से 30 घंटे पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक 850 रईसजादे इस ड्रग्स सिंडिकेट के संपर्क में थे। जिसमें होटल कारोबारी और राजनेताओं के बेटों के नाम भी सामने आए हैं।
आरोपियों से करोड़ों के ड्रग्स और पाकिस्तानी पिस्टल भी बरामद हुई है। नव्या को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 3 दिन के रिमांड पर भेज दिया है। वहीं ड्रग्स तस्करी मामले में 4 और गिरफ्तारी हुई।
ड्रग्स तस्करी मामले में रायपुर ने गुरुवार को 4 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
विधि अग्रवाल (27), सोहेल खान (29), जुनैद अख्तर (28) और ऋषिराज टंडन को भी गिरफ्तार किया गया है। विधि अग्रवाल को भी 3 दिन की रिमांड पर भेजा गया है। एनडीपीएस कोर्ट ने 6 सितंबर तक पुलिस रिमांड की अनुमति दी है।
इस दौरान नव्या और विधि दोनों से पूछताछ की जाएगी। माना जा रहा है कि पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। वहीं, अयान खान, जुबेर अख्तर और ऋषिराज टंडन को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
नव्या मलिक समेत 30 से ज्यादा आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
रायपुर पुलिस ने नव्या मलिक से 30 घंटे पूछताछ की थी।
इन आरोपियों से हुई पूछताछ
इस सिंडिकेट में युवतियां भी शामिल थीं। गिरफ्तार आरोपियों में पुलिस ने सबसे ज्यादा पूछताछ पंजाब निवासी लवजीत सिंह, रायपुर निवासी रुपिंदर उर्फ पिंदर सिंह उर्फ पाब्लो और रायपुर निवासी नव्या मलिक से की है।
लवजीत और रुपिंदर से पुलिस को हेरोइन खरीदने वालों की और नव्या मलिक से एमडीएमए खरीदने वाले रसूखदारों की जानकारी मिली।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस ड्रग्स सिंडिकेट के संपर्क में 850 से ज्यादा रईसजादे थे। इनकी जानकारी जुटाई जा रही है। सभी से पूछताछ होगी और अवैध कारोबार में मदद करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
हिस्ट्रीशीटर पिंदर को मीडिया के सामने पेश पुलिस ने पेश किया था।
पिंदर से 25 घंटे पूछताछ
पाकिस्तान की हेरोइन ट्रकों के जरिए रायपुर भेजने वाले हिस्ट्रीशीटर पिंदर से पुलिस ने रिमांड में लेकर 25 घंटे पूछताछ की। कोर्ट में पेश कर मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया है। पिंदर ने पुलिस की पूछताछ में ड्रग्स रायपुर में भेजने का तरीका बताया और उसके ग्राहकों की जानकारी दी।
ड्रोन से ड्रग्स की बॉर्डर पार सप्लाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिंदर पाकिस्तानी ड्रग्स ड्रोन के माध्यम से बॉर्डर पार करवाता था, फिर उसके सिंडिकेट में काम करने वाले लड़के बॉर्डर इलाकों से ड्रग्स सिंडिकेट के ठिकानों तक पहुंचाते थे। इन ठिकानों से माल ट्रकों के माध्यम से राजधानी रायपुर समेत देश भर में भेजा जाता था।
ट्रक से माल भेजने पर जब कार्रवाई शुरू हुई, तो अपने सिंडिकेट के लड़कों को माल के साथ पहले दिल्ली और फिर रायपुर भेजता था। कई बार रायपुर में सक्रिय लड़कों को माल लेने के लिए दिल्ली बुलाता था और दिल्ली-पंजाब का माल है बोलकर हेरोइन बेचते थे।
पिंदर के सिंडिकेट के 17 से ज्यादा आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है। इस सिंडिकेट के कई आरोपी अंडर ग्राउंड है। उनकी तलाश पुलिस कर रही है। पिंदर का हेरोइन रायपुर में खपाने वाले सुवित श्रीवास्तव के अकाउंट से पुलिस को 600 से ज्यादा ग्राहकों की जानकारी मिली है। इन ग्राहकों के अकाउंट का फ्रीज करवाकर पुलिस आगे की जांच कर रही है।
इन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नव्या का नाम सामने आया था।
नव्या मलिक से 30 घंटे पूछताछ
रायपुर के कटोरा तालाब इलाके की रहने वाली नव्या मलिक को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। नव्या की जानकारी पुलिस को MDMA रायपुर में बेचने वाले हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया ने दी थी। इन तीनों आरोपियों को पुलिस ने 23 अगस्त को देवेंद्र नगर से पकड़ा था।
नव्या को गिरफ्तार कर पुलिस ने पांच दिन की रिमांड ली, फिर अलग-अलग समय में 30 घंटे तक पूछताछ की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नव्या ने पूछताछ में उसके मददगारों और ग्राहकों का नाम बताया है।
MDMA रायपुर में कैसे खपाया है? इसकी जानकारी भी दी है। नव्या मलिक के संपर्क में रहने वाले पांच आरोपियों को पुलिस अब तक पकड़ चुकी है।
नव्या मलिक को पुलिस ने ड्रग्स बेचने के आरोप में पकड़ा है।
कोर्ट ने नव्या मलिक की 3 दिन की रिमांड बढ़ा दी है।
इन इलाकों के रईसजादे शामिल
नव्या के खुलासे के बाद पुलिस ने शंकर नगर, पेंशनबाड़ा, समता कॉलोनी, राजेंद्र नगर, वीआईपी रोड, कटोरा तालाब, संतोषी नगर, देवेंद्र नगर और तेलीबांधा के कई बड़े कारोबारियों और रसूखदारों की सूची तैयार की है।
ड्रग्स पार्टी करते हुए रईसजादों की फोटो वायरल हुई थी।
होटल रूम में बैठकर ड्रग्स का सेवन करती हुई युवती।
इस तरह चलता था नशे का कारोबार
आरोपियों ने बताया कि, नशे का कारोबार पहले वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए चलता था। बाद में केवल परिचित ग्राहकों को ही सप्लाई दी जाती थी। एडवांस लेकर होटल, पब, बार या आफ्टर पार्टी में डिलीवरी की जाती थी। इन पार्टियों में वही लोग शामिल होते थे, जो ऑनलाइन फॉर्म भरकर एंट्री पाते थे।
परंपरागत हुनर के साथ आधुनिक उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण,आजीविका के नए अवसर सृजित करने की पहल
कोरबा, 13 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को आजीविका से जोड़ने और उनकी पारंपरिक कला एवं कौशल को रोजगार के बेहतर अवसरों में परिवर्तित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोनकोना के आश्रित ग्राम समेलीभाटा में निवासरत बिरहोर परिवारों को बांस कला का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 10 से 19 सितंबर तक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(आरसेटी)कोरबा के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है।
समेलीभाटा के बिरहोर परिवार लंबे समय से पारंपरिक रूप से बांस शिल्प निर्माण का कार्य करते आ रहे हैं। इनके द्वारा बांस से टोकनी, सूपा, झापी सहित विभिन्न उपयोगी वस्तुएं तैयार कर स्थानीय हाट-बाजारों में विक्रय की जाती हैं। हालांकि पारंपरिक उत्पादों तक सीमित बाजार और उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण कारीगरों को अपनी मेहनत के अनुरूप पर्याप्त आमदनी प्राप्त नहीं हो पाती। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा इन परिवारों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने की पहल की गई है।
प्रशिक्षण के दौरान बांस शिल्पकारों को पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ आधुनिक एवं आकर्षक सजावटी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें आकर्षक गुलदस्ते, सीनरी, झालर तथा अन्य उपयोगी एवं सजावटी बांस उत्पाद शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य बांस शिल्पकारों के कौशल में निखार लाते हुए उनके उत्पादों में विविधता, गुणवत्ता और आकर्षण बढ़ाना है, ताकि वे स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर व्यापक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकें।
जिला प्रशासन की इस पहल से बिरहोर परिवारों की पारंपरिक कला को संरक्षित करने के साथ ही उसे आय के स्थायी एवं बेहतर माध्यम के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पश्चात राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से इन परिवारों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे बांस शिल्पकारों को अपने उत्पादों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने, बाजार से सीधे जुड़ने तथा अपनी आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।
शांति नगर में गणेशोत्सव समिति द्वारा गणेश चतुर्थी मनाने तैयारी पूरी कोरबा/पाली। कल 14 सितम्बर को पूरे भारत वर्ष में गणेश चतुर्थी की धूम रहेगी। जिले में विभिन्न गणेशोत्सव समितियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में कल गणेश चतुर्थी पर पाली के राजा का भी भव्य और दिव्य आगमन होगा।
गणेशोत्सव समिति शांति नगर पाली के आयोजकों ने बताया कि कल 14 सितम्बर सोमवार को लालबाग के राजा की प्रतिमा बड़े धूमधाम से मंत्रोच्चार के साथ विराजित की जाएगी। भगवान श्रीगणेश की भव्य प्रतिमा पाली के राजा का शुभ आगमन संध्या 7.00 बजे होगा और पाली मुख्य बाजार से कार्यक्रम स्थल तक रैली की शक्ल में आकर्षक आतिशबाजी, आकर्षक एसएफएक्स एवं धूमाल के साथ लाई जाएगी और पंडित जी के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ विघ्रहर्ता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आयोजन समिति ने इस भव्य आयोजन में सभी क्षेत्र वासियों को सादर आमंत्रित किया है और पाली के राजा की आगमन रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।
कोरबा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई भी प्रस्तावित
कोरबा। थाना उरगा क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे मांगने, पैसे देने से मना करने पर युवक के साथ मारपीट करने तथा बाद में उसके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोरबा पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
शराब के लिए पैसे मांगे, मना करने पर की मारपीट
दिनांक 10.09.2026 की रात्रि लगभग 09:00 बजे प्रार्थी संतोष राठौर निवासी फरसवानी अपने दोस्तों के साथ पार्टी में जाने के लिए निकला था। इसी दौरान आरोपीगण द्वारा उसे रोककर गाली-गलौज करते हुए शराब पीने के लिए पैसे की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा पैसे देने से मना करने पर आरोपीगण द्वारा उसके साथ हाथ-मुक्का से मारपीट की गई।घटना के कुछ समय बाद आरोपीगण पुनः रात्रि लगभग 12:30 बजे प्रार्थी के घर पहुंचे और उसके साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मारपीट की घटना में प्रार्थी के हाथ में चोट आई।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 507/2026 धारा 296, 115(2), 351(3), 126(2), 119(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना उरगा पुलिस द्वारा तत्काल आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को सक्रिय किया गया। लगातार पतासाजी के दौरान मुख्य आरोपी के अपने सकुनत पर मौजूद होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल दबिश देकर ज्ञान प्रसाद राठौर पिता लखन लाल राठौर, उम्र 21 वर्ष, निवासी फरसवानी, थाना उरगा, जिला कोरबा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 BW 0830 को विधिवत जब्त किया गया।
आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार आरोपी ज्ञान राठौर पूर्व में भी आपराधिक प्रकरण में संलिप्त रहा है तथा हत्या के प्रयास के मामले में जेल जा चुका है। आरोपी कुछ दिन पूर्व ही जेल से बाहर आया था और उसके विरुद्ध पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।वर्तमान घटना में पुनः आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने तथा उसकी आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए आरोपी के विरुद्ध गुंडा बदमाश प्रकरण तैयार कर कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस द्वारा आरोपी की पूर्व आपराधिक गतिविधियों एवं वर्तमान प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
आरोपी न्यायिक रिमांड पर
गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर दिनांक 12.09.2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।प्रकरण में विवेचना जारी है तथा घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
कोरबा पुलिस की स्पष्ट नीति — अपराध एवं आपराधिक प्रवृत्ति पर प्रभावी कार्रवाई कोरबा पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रतिबंधात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।