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कुसमुंडा

SECL कुसमुंडा खदान में डंपर पलटा, कर्मचारी की मौत:आक्रोशित कर्मचारियों ने हड़ताल की, मैनेजर हटाने और परिजन को अनुकंपा नियुक्ति की मांग

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कोरबा/कुसमुंडा । कोरबा जिले की SECL की कुसमुंडा खदान में एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात मिट्टी अनलोड करते समय 60 टन क्षमता का डंपर अनियंत्रित होकर करीब 150 फीट गहरी खाई में गिर गया।

हादसे में डंपर चालक और विभागीय कर्मचारी सत्यनारायण (38) की मौत हो गई। घटना के बाद खदानकर्मियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है।

मिट्टी अनलोड करते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, सत्यनारायण शनिवार रात करीब 1 बजे कुसमुंडा खदान के खोदरी फेस में डंपर से मिट्टी अनलोड कर रहे थे। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा।

हादसे की सूचना मिलते ही खदान प्रबंधन की एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक कर्मचारी की मौत हो चुकी थी। मृतक कुसमुंडा स्थित पंप हाउस कॉलोनी के SECL क्वार्टर जी-25 में परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पत्नी और चार छोटे बच्चे हैं।

कर्मचारियों ने काम बंद कर शुरू की हड़ताल

घटना से नाराज कर्मचारियों ने रविवार सुबह खोदरी फेस में काम बंद कर दिया और हड़ताल पर बैठ गए। कर्मचारियों का आरोप है कि खदान प्रबंधन और मैनेजर कैलाशचंद बल लगातार काम का दबाव बनाते हैं, लेकिन कर्मचारियों की सुरक्षा और समस्याओं पर ध्यान नहीं देते।

उनका कहना है कि खदान में सुरक्षा उपकरण और इंतजाम नाकाफी हैं, और मैनेजर का व्यवहार भी कर्मचारियों के प्रति ठीक नहीं है। सुरक्षा इंतजामों और कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी की जाती है।

मैनेजर को हटाने और अनुकंपा नियुक्ति की मांग

हड़ताली कर्मचारियों ने खदान प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मैनेजर कैलाशचंद बल को तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही मृतक कर्मचारी के परिवार के एक सदस्य को सात दिन के भीतर अनुकंपा नियुक्ति और उचित मुआवजा देने की मांग भी रखी है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने पर कुसमुंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक पंचनामा कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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कुसमुंडा

गेवरा प्रोजेक्ट (PNC कंपनी) में ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, दो गरीब ग्रामीणों से ऐंठे रू.1.05 लाख, पीड़ित भटक रहे दर-दर

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रमेश दास (नरईबोध) पर लगे नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठने के गंभीर आरोप

कुसमुंडा एवं हरदीबाजार थानों में शिकायत दर्ज, एनसीआर (NCR) दर्ज कर पुलिस ने सक्षम न्यायालय की शरण में जाने की दी सलाह

कोरबा/हरदीबाजार/कुसमुंडा। जिले में निजी ठेका कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर भोले-भाले ग्रामीण युवाओं को ठगने का मामला सामने आया है। हरदीबाजार एवं कुसमुंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम ढ़ोलपुर निवासी दो गरीब ग्रामीणों नरोत्तम दास एवं प्रदीप महंत ने पी.एन.सी. (P.N.C.) कंपनी के गेवरा प्रोजेक्ट में ड्राइवर पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर कुल रू.1,05,000/- (एक लाख पांच हजार रुपये) की ठगी का आरोप लगाया है ।

पीड़ितों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अनावेदक रमेश दास निवासी ग्राम नरईबोध थाना कुसमुंडा/हरदीबाजार के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 174 के तहत असंगेय अपराध की सूचना NCR No. 199/26 एवं 0192/2026 दर्ज की है ।

मामले का विवरण, पीड़ितों की आपबीती

नरोत्तम दास पिता भूखन दास उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम ढोलपुर

  1. नरोत्तम दास के अनुसार अनावेदक रमेश दास ने पी.एन.सी. कंपनी के गेवरा प्रोजेक्ट में ड्राइवर पद पर नौकरी लगवाने का वादा किया था, इसके बदले उसने कुल रू.45,000/- की मांग की ।
  2. प्रार्थी ने दिनांक 02.02.2026 को ऑनलाइन (PhonePe) के माध्यम से रू.45,000/- का भुगतान किया ।
  3. 15 दिनों में नौकरी लगवाने या काम न होने पर पैसा तुरंत लौटाने का भरोसा दिया गया था ।
  4. नौकरी न लगने पर काफी दबाव बनाने के बाद आरोपी ने 23.05.2026 को रू.10,000/- वापस किए लेकिन शेष रू.35,000/- की राशि आज-कल करते हुए दबाकर बैठा है ।

प्रार्थी का कहना है कि वह एक गरीब मजदूर है और उसने ब्याज पर पैसे लेकर दिए थे जिससे वह मानसिक व आर्थिक रूप से अत्यंत परेशान है ।

प्रदीप महंत पिता सुमरन दास महंत उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम ढोलपुर

  1. प्रदीप महंत से भी आरोपी रमेश दास ने उसी कंपनी में ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर रू.60,000/- नकद (Cash) ऐंठ लिए ।
  2. काम न बनने पर आरोपी द्वारा रू.20,000/- नकद तथा 28.05.2026 को रू.20,000/- PhonePe से कुल रू.40,000/- लौटाए गए, लेकिन रू.20,000/- अभी भी बकाया हैं ।

पीड़ित प्रदीप महंत ने बताया कि उसने अपने खेत गिरवी रखकर रमेश दास को पैसे दिए थे ।

कुल ठगी एवं पुलिस की कार्यवाही

दोनों पीड़ितों नरोत्तम दास एवं प्रदीप महंत से आरोपी रमेश दास ने नौकरी के नाम पर कुल रू.1,05,000/- प्राप्त किए थे, जिसमें से आरोपी ने रू.50,000/- वापस किए और कुल रू.55,000/- की बकाया राशि हड़प ली है ।

मामले में हरदीबाजार एवं कुसमुंडा पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर धारा 174 बी.एन.एस.एस. (BNSS) के तहत एनसीआर (NCR) क्रमांक 199/26 कुसमुंडा एवं 0192/2026 हरदीबाजार दर्ज किया है। चूंकि मामला आपसी रुपयों के लेन-देन से जुड़ा पाया गया, इसलिए पुलिस प्रशासन द्वारा पीड़ितों को कानूनी कार्यवाही एवं बकाया राशि वापस पाने हेतु सक्षम न्यायालय की शरण में जाने की सलाह दी गई है ।

पीड़ितों की मांग

गरीब और बेरोजगार पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन व उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि आरोपी रमेश दास पर सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जाए और उनकी मेहनत व गिरवी रखी जमीन से जुटाई गई गाढ़ी कमाई का पैसा वापस दिलाया जाए ।

पुलिस की जनहित में अपील

औद्योगिक क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाने वाले ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि:-

  1. किसी भी संस्थान या कंपनी में नौकरी के नाम पर किसी बिचौलिये को नकद राशि न दें ।
  2. किसी भी प्रकार के भुगतान या प्रक्रिया से पहले संबंधित कंपनी के आधिकारिक HR विभाग या अधिकृत स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें ।

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कुसमुंडा

सरस्वती शिशु मंदिर कुसमुंडा में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, राधा-कृष्ण बनकर सजे नन्हे-मुन्ने

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श्रीकृष्ण-राधा साज-सज्जा प्रतियोगिता में बच्चों ने बिखेरी मनमोहक छटा
दही हांडी और मटका फोड़ प्रतियोगिता ने बढ़ाया उत्साह, विद्यालय परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल
विजेता बच्चों को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से किया गया सम्मानित

कोरबा/कुसमुंडा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमुंडा में 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में किया गया। इस दौरान शिशु वाटिका के नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों के लिए ‘श्री कृष्ण-राधा सजाओ प्रतियोगिता’ आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने राधा और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजकर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के व्यवस्थापक मनीष मिश्रा, कोषाध्यक्ष रामेश्वर सोनी, पूर्व प्राचार्य श्यामलाल चंद्रा एवं संस्था प्रमुख चिंतामणि कौशिक द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ किया गया। दीप प्रज्वलन और पूजन के बाद विद्यालय परिसर में आयोजित जन्माष्टमी समारोह में बच्चों, आचार्यों और उपस्थित अतिथियों का उत्साह देखते ही बना।

श्रीकृष्ण-राधा सजाओ प्रतियोगिता में शिशु वाटिका के नन्हे भैया-बहनों ने आकर्षक वेशभूषा में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के बाल स्वरूप को जीवंत कर दिया। किसी बच्चे ने श्रीकृष्ण का मनमोहक रूप धारण किया तो किसी ने राधा रानी की सुंदर वेशभूषा में सभी का मन मोह लिया। बच्चों की साज-सज्जा, आत्मविश्वास और उत्साह ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
जन्माष्टमी समारोह के दौरान प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप पर आधारित नृत्य प्रस्तुति दी। ‘मैया यशोदा, यह तेरा कन्हैया’ गीत पर बच्चों ने सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों की खूब सराहना बटोरी। नन्हे कलाकारों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इसके साथ ही मिडिल विभाग के भैया-बहनों के लिए अंधा मटका फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों का जोश और उत्साह देखते ही बना। वहीं हाई स्कूल के भैया-बहनों की टीम ने पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इस आयोजन के माध्यम से बच्चों ने टीम भावना, अनुशासन, आपसी सहयोग और एकजुट होकर लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश प्रस्तुत किया।
विद्यालय के प्राचार्य एवं संस्था प्रमुख चिंतामणि कौशिक ने कार्यक्रम में उपस्थित भैया-बहनों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश देते हुए बच्चों को सत्य, कर्म और प्रेम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को सत्य, कर्तव्य और प्रेम का संदेश देता है तथा विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निर्णायक मंडल में श्रीमती संगीता वर्मा, सुधा चौबे, भूमोती जंघेला, हेमलता शर्मा, खगेश्वरी चंद्रा, काकोली चौधरी, संगीता दुबे, तनु मुखर्जी, सुष्मिता दीदी, हेमेंद्र साहू, बसंत यादव, अशोक दुबे, उमाशंकर जायसवाल, अनूप सावलकर, कुमार तिवारी, सुरेश सोनी, नरेंद्र पटेल, संतोष कैवर्त, कामता चंद्रा एवं सुधीर सिन्हा उपस्थित रहे।
प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्थान प्राप्त भैया-बहनों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी सुसज्जित भैया-बहनों को भी सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिवार की ओर से बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस प्रकार के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया गया।
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ आचार्य दीपचंद जंघेला ने किया। उनके संचालन में कार्यक्रम क्रमबद्ध एवं उत्साहपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। विद्यालय के आचार्यगण, भैया-बहनों और समिति के पदाधिकारियों की सहभागिता से जन्माष्टमी समारोह यादगार बन गया।

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कुसमुंडा

SECL कुसमुंडा में स्थानीय भू-विस्थापितों व मजदूरों के हकों पर कुठाराघात, 20 वर्षों से कार्यरत श्रमिकों को दरकिनार कर KNRCL कंपनी में गुपचुप बाहरी भर्ती का आरोप

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कोरबा/कुसमुंडा। SECL कुसमुंडा क्षेत्र में गोदावरी डिफाई जेवी (Godavari Defai JV) का कार्य समाप्त होने के बाद नई ठेका कंपनी KNRCL द्वारा की जा रही भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितता तानाशाही और स्थानीय हितों की अनदेखी का गंभीर मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव एवं सांसद प्रतिनिधि तनवीर अहमद ने SECL कुसमुंडा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) को पत्र लिखकर प्रबंधन व KNRCL की सांठगांठ से की जा रही गुपचुप बाहरी भर्तियों पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है ।

20 वर्षों से सेवाएं दे रहे मजदूर हुए बेरोजगार

सांसद प्रतिनिधि तनवीर अहमद ने बताया कि गोदावरी कंपनी में पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार अपनी निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे ऑपरेटर ड्राइवर सहित सैंकड़ों स्थानीय श्रमिक कंपनी का ठेका समाप्त होते ही अचानक बेरोजगार हो गए हैं ।

प्रबंधन के वादे और आश्वासन की उड़ीं धज्जियां

उन्होंने बताया कि पूर्व में SECL कुसमुंडा के मुख्य महाप्रबंधक एवं गोदावरी कंपनी प्रबंधन के साथ हुई वार्ता में यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया था कि नई ठेका कंपनी KNRCL में सर्वप्रथम स्थानीय भू-विस्थापितों को प्राथमिकता दी जाएगी, तत्पश्चात गोदावरी कंपनी में कार्यरत सभी पुराने व अनुभवी श्रमिकों को शत-प्रतिशत काम पर वापस लिया जाएगा ।

इस आधिकारिक आश्वासन के बाद सभी गरीब मजदूर व भू-विस्थापित शांतिपूर्ण ढंग से SECL द्वारा जारी की जाने वाली रोजगार सूची का इंतजार कर रहे थे ।

पीठ पीछे बाहरी व्यक्तियों की गुपचुप भर्ती

तनवीर अहमद ने आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन के संरक्षण में KNRCL कंपनी द्वारा स्थानीय भू-विस्थापितों और 20 वर्षों से कार्यरत अनुभवी श्रमिकों के पेट पर लात मारते हुए चुपके-चुपके बाहरी व्यक्तियों की भर्ती की जा रही है। यह न केवल स्थानीय युवाओं के साथ छल और अन्याय है, बल्कि प्रबंधन के वादे की सीधी खिलाफत है ।

आंदोलन की चेतावनी

तनवीर अहमद ने SECL एवं KNRCL प्रबंधन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:-

  1. 100% समायोजन:- KNRCL कंपनी में स्थानीय भू-विस्थापितों के अतिरिक्त गोदावरी कंपनी के प्रतीक्षाचरत सभी 100% श्रमिकों की तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित की जाए ।
  2. बाहरी भर्ती पर रोक:- बाहरी व्यक्तियों की गैर-कानूनी व गुपचुप भर्ती पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए ।
  3. आर-पार की लड़ाई:- यदि पात्र स्थानीय श्रमिकों को तत्काल रोजगार से वंचित किया गया तो कांग्रेस पार्टी मजदूरों और भू-विस्थापितों के साथ मिलकर SECL व KNRCL प्रबंधन के खिलाफ विशाल जन-आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा। जिसकी पूरी नैतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी SECL एवं KNRCL प्रबंधन की होगी ।

उच्च अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि

मामले की गंभीरता को देखते हुए, इस ज्ञापन की प्रतिलिपि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, जिलाध्यक्ष मनोज चौहान (ग्रामीण) , कलेक्टर कोरबा एवं SDM कटघोरा को प्रेषित कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है ।

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