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छत्तीसगढ़

आज लगाया गया हर पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी विरासत बनेगा- अमर सुल्तानिया 

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पेड़ सिर्फ लगाइए नहीं, उन्हें परिवार की तरह पालिए

हरिलीला ट्रस्ट ने हाथीटिकरा से शुरू किया हरित अभियान

जांजगीर-चांपा। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से हरिलीला चेरिटेबल ट्रस्ट, बनारी (जांजगीर-नैला) द्वारा ग्राम पंचायत हाथीटिकरा के खेल मैदान से वृक्षारोपण अभियान (हरित अभियान) का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर हरिलीला चेरिटेबल ट्रस्ट एवं श्री श्याम वेयर हाउसिंग एंड पॉवर प्रा. लि. के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संक्षिप्त लेकिन सार्थक कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर लगभग 500 पेड़ लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ धरती माता की पूजा अर्चना कर नारियल फोड़कर और मिठाई बांटकर किया गया। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रस्ट के सचिव अमर सुल्तानिया ने कहा कि “पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं है, उन्हें परिवार के सदस्य की तरह स्नेह, सुरक्षा और देखभाल देना भी हमारी जिम्मेदारी है। आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सबसे बड़ी धरोहर बनेगा। आइए, वृक्षारोपण को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का स्थायी अभियान बनाएं।” उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया, ताकि क्षेत्र हराभरा बने और पर्यावरण संतुलित रहे।

कार्यक्रम में विशेष रूप उपस्थित छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री मेघाराम साहू ने हरिलीला चेरिटेबल ट्रस्ट के हरित अभियान की सराहना करते की और उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि हरित प्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब पौधरोपण के साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी समाज निभाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को वृक्षों के प्रति संवेदनशील बनाना समय की आवश्यकता है। लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखते हुए उन्हें विशाल वृक्ष बनते देखना ही इस अभियान की वास्तविक सफलता होगी।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर अध्यक्ष संजय भोपालपुरिया तथा ग्राम पंचायत हाथीटिकरा के सरपंच प्रतिनिधि सरोज साहू, बनारी सरपंच देवनारायण सिदार ने भी संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण में जनसहभागिता को आवश्यक बताया। कार्यक्रम का संचालन बृजेश अग्रवाल ने किया, जबकि प्रकाश शर्मा ने आभार प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह, सरोज साहू एवं पंचगण, ग्राम पंचायत बनारी के सरपंच देवनारायण सिदार, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के जिला अध्यक्ष संजय भोपालपुरिया, जिला महामंत्री बृजेश अग्रवाल, तपन अग्रवाल, हरि मोदी, अंकित झाझरिया, राहुल अग्रवाल (हरदी) सहित रामेश्वर सिंह उपसरपंच हाथीटिकरा, ​धनपत धीवर उपसरपंच बनारी, पंच ​महेंद्र पटेल, पंच ​मनोज पटेल (पंच), सुशील पटेल, लक्ष्मीकांत पटेल, ​राहुल पटेल, राजा सूर्यवंशी, ​सतीश यादव, मनोज वैष्णव, रामप्रसाद गोंड़, ​राजेश्वर वैष्णव, संजू चौहान, प्रियांशु नर्मदा, अमर पटेल, रितेश पटेल, पंकज यादव, उदय पटेल, ​रामचरण पटेल, अरुण यादव, सुरेंद्र सिदार, विकास पटेल, लटेश्वर यादव, सुरजीत साहू, मानसिंह चौहान, लक्ष्मी पटेल, दीपक गोड़, बजरंग यादव कृष्ण कुमार, राजेश पटेल, मनोज कुमार, गणेश चौहान, महत्तर शिन्दे, शंभू पटेल, दिनेश वैष्णव सही युवा एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

प्रेमी की मौत की खबर मिलते प्रेमिका ने लगाई फांसी:जिस पेड़ पर लटका था प्रेमी, 2 दिन बाद उसी पर फंदे से झूली प्रेमिका

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम धाराशिव में प्रेमी-प्रेमिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विष्णुकांत पुरी (40) शादीशुदा था। उसका लीलाबाई सूर्यवंशी (27) से प्रेम संबंध था। साथ रहने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद युवती ने उसके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

इस घटना के बाद प्रेमी ने पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दो दिन बाद लीलाबाई को इसकी जानकारी मिली तो उसने भी उसी जगह फंदा लगाकर जान दे दी। मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने दोनों के शव बरामद कर लिए हैं। दोनों के बीच 1 साल से अफेयर था। विष्णुकांत चार बच्चों का पिता था।

एक साल से अधिक समय से था प्रेम संबंध

विष्णुकांत पुरी (40) और लीलाबाई सूर्यवंशी (27) धाराशिव गांव में रहते थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच पिछले एक वर्ष से अधिक समय से प्रेम संबंध था। पुलिस के मुताबिक, विष्णुकांत पहले से शादीशुदा था और उसके चार बच्चे हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों के संबंधों को लेकर अक्सर विवाद होता था। जानकारी के अनुसार, लीलाबाई कई बार विष्णुकांत के घर गई थी, जहां उसकी पत्नी के साथ विवाद और मारपीट की घटनाएं भी हुई थीं।

20 जुलाई को दर्ज कराई थी शिकायत

पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई को लीलाबाई ने विष्णुकांत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद जब पुलिस युवक के घर पहुंची तो वह वहां से फरार मिला। इसके बाद से वह लापता था। उसके बाद विष्णुकांत ने लगभग 20 जुलाई को ही खेत में पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी थी। जब उसका शव मिला, तब तक वह काफी हद तक सड़-गल चुका था।

प्रेमी की मौत की जानकारी मिलने के बाद पहुंची युवती

23 जुलाई को जब लीलाबाई को विष्णुकांत की मौत की जानकारी मिली तो वह उसी खेत में पहुंची। इसके बाद उसने भी कथित तौर पर उसी पेड़ की डाल पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।

सूचना पर पामगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र का है।

मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र का है।

दोनों मामलों की जांच जारी

पामगढ़ थाना पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

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कोरबा

कोरबा में घर के छज्जे पर लटका मिला कोबरा:रेस्क्यू के लिए तोड़ना पड़ा छज्जा, 1 घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया

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कोरबा। कोरबा जिले के बरमपुर गांव में गुरुवार देर रात एक घर में कोबरा घुस गया। करीब 5 फीट लंबा कोबरा कच्चे मकान के छज्जे पर लटका फुंकार रहा था। सांप को देखकर घर में मौजूद महिलाएं और बच्चे डर गए और बाहर भाग गए। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

घटना रात करीब 11 बजे की है। प्रकाश यादव का परिवार सोने की तैयारी कर रहा था, तभी कमरे के छज्जे से सरसराहट की आवाज सुनाई दी। टॉर्च की रोशनी में देखने पर करीब 5 फीट लंबा कोबरा छज्जे से लटका दिखाई दिया और फुंकार मार रहा था।

मकान कच्चा और खपरैल का होने के कारण कोबरा आसानी से अंदर घुस आया। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर मानस यादव और उमेश यादव की टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि कोबरा छज्जे की दरार में छिपा हुआ था, जिससे रेस्क्यू करना चुनौतीपूर्ण हो गया।

17 फीट ऊंचाई पर चढ़कर किया रेस्क्यू

रेस्क्यू टीम को करीब 17 फीट की ऊंचाई पर चढ़कर जोखिम उठाना पड़ा। सांप तक पहुंचने के लिए घर के एक हिस्से को हल्का तोड़ना भी पड़ा। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया।

जंगल में छोड़ा गया कोबरा

रेस्क्यू के बाद वन विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

बरसात में बढ़ जाती हैं ऐसी घटनाएं

स्नेक कैचर उमेश यादव ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों की छत, स्टोर रूम, अनाज रखने की जगह और छज्जों में पहुंच जाते हैं।

लोगों से की अपील

स्नेक कैचर ने लोगों से अपील की कि घर में सांप दिखने पर घबराएं नहीं। उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।

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कोरबा

पिता से पूछा-मां मुझसे नाराज क्यों है, फिर फूट-फूटकर रोया:सुबह किराए के कमरे में फंदे पर लटका मिला बेटा, सेलून में करता था काम

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में किराए के मकान में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने अपने पिता को फोन कर पूछा, “मां मुझसे नाराज क्यों है?” इसके बाद वह फूट-फूटकर रोने लगा। कुछ देर बाद उसने कॉल काट दी।

शुक्रवार सुबह जब उसके माता-पिता किराए के कमरे पर पहुंचे, तो युवक फांसी के फंदे पर लटका मिला। फिलहाल आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। यह मामला सीएसईबी पुलिस चौकी क्षेत्र का है।

पंखे से लटकर युवक से आत्महत्या कर ली।

पंखे से लटकर युवक से आत्महत्या कर ली।

सेलून में करता था काम

जानकारी के मुताबिक युवक का नाम रोहन उर्फ अमन श्रीवास (24) है, जो ट्रेंड्ज़ स्टूडियो सैलून में काम करता था। रोहन टीपी नगर में किराए के मकान में रहता था। मूल रूप से वह बरपाली का रहने वाला था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन भी है।

देर रात पिता को किया था फोन

रिश्तेदारों ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे रोहन की पिता से सामान्य बातचीत हुई थी। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे उसने फिर कॉल किया। कॉल पर वह रो रहा था और बार-बार पूछ रहा था, “मां मुझसे नाराज क्यों है?” इसके बाद उसने फोन काट दिया।

सुबह कमरे में फंदे पर लटका मिला

शुक्रवार सुबह जब रिश्तेदारों ने कई बार फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। अनहोनी की आशंका पर माता-पिता तुरंत उसके कमरे पहुंचे। दरवाजा खोलने पर रोहन का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। इसके बाद फौरन पुलिस को सूचना दी गई।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

सूचना मिलते ही सीएसईबी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।

माता-पिता और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

जांच के बाद सामने आएगी वजह

सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत का सही कारण पता चल सकेगा। पुलिस रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।

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