छत्तीसगढ़
बंदूक पकड़कर बनाया फिल्मी पोस्टर..लिखा- SHOOTER
बिलासपुर में डॉन-माफिया बताने वालों से पुलिस ने कराई उठक-बैठक; दुर्ग से भी 6 बदमाश गिरफ्तार
बिलासपुर/दुर्ग,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस अब सोशल मीडिया पर दबंगई दिखाने वालों पर एक्शन ले रही है। खुद को डॉन माफिया बताने वालों को थाने बुलाकर माफी मांगनी पड़ रही है। पुलिस उनसे कान पकड़कर उठक बैठक करा रही है।
बिलासपुर में ऐसी ही कार्रवाई का वीडियो सामने आया। इन बदमाशों ने बंदूक पकड़कर एक फिल्मी जैसा पोस्टर बनाया और सोशल मीडिया में पोस्ट किया। इस पोस्टर में लिखा था- SHOOTER
ऐसे ही दुर्ग जिले में भी 6 लड़कों को चाकू और तलवार के साथ फोटो डालने पर गिरफ्तार किया गया। रायगढ़, रायपुर जैसे शहरों में भी पुलिस इस तरह की कार्रवाई कर रही है। देखिए अलग-अलग शहरों की रिपोर्ट-
पहले- इस तरह का पोस्टर बनाया

माफिया राज, हैबीचुअल ऑफेंडर, नाम बदनाम जैसी आईडी बनाने वाले बदमाशों पर पुलिस ने कार्रवाई की।
अब- ऐसे हुई कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों से उठक-बैठक कराकर उनसे माफी मंगवाई और उनका वीडियो अपलोड किया।
- केस-1, बिलासपुर
बिलासपुर पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम को ऐसे कई इंस्टाग्राम प्रोफाइल मिले थे, जिनसे दहशत फैलाकर खुद का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। इन प्रोफाइलों में हजारों की संख्या में फॉलोअर्स थे, जिससे नकारात्मक प्रभाव समाज पर पड़ रहा था। ये हिंसक शब्दों और कंटेंट से हिंसा, दबंगई और आपराधिक मानसिकता को बढ़ावा दे रहे थे।
पुलिस ने इनकी पहचान की। इसके बाद सभी को पकड़कर थाने ले आई। सभी से उठक-बैठक कराते हुए वीडियो बनाकर उनकी ही आईडी पर अपलोड कराया। सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने कहा कि, ऐसे मामलों की जानकारी संबंधित थाना और साइबर सेल को कोई भी व्यक्ति दे सकता है।

सभी से माफी मांगते हुए वीडियो बनाई और अपने-अपने आईडी पर अपलोड कराया।
- केस-2, दुर्ग
दुर्ग जिले के 6 लड़कों को चाकू और तलवार के साथ सोशल मीडिया में पोस्ट डालकर दबंगई दिखाना महंगा पड़ गया। दुर्ग पुलिस ने उन सभी को खोजकर गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए न्यायिक हिरासत में भेजा।
एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने सोशल मीडिया में तलवार, चाकू और अन्य हथियार लेकर पोस्ट करने पर नजर रखी जाए। यदि कोई ऐसा करते दबंगई करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

तलवार और चाकू के साथ कुछ नाबालिग भी ऐसी फोटो सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं।

दुर्ग में 3 नाबालिग समेत 6 लड़कों के खिलाफ कार्रवाई।
एसएसपी के निर्देश के बाद एसीसीयू और सभी थाने की गठित संयुक्त टीम ने सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर बनाई। इस दौरान उन्हें 3 बालिग और 3 नाबालिग सहित 6 लड़के फेसबुक और इंस्टा में चाकू और तलवार के साथ फोटो डाले हुए दिखे।
पुलिस ने सभी का पता और जानकारी जुटाई। इसके बाद उन सभी को उनके घर से गिरफ्तार कर थाने लगाया गया। इसके बाद उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

रायगढ़ में 2 युवक तलवार लेकर थाने पहुंच गए थे।
- केस-3, रायगढ़
2 महीने पहले रायगढ़ में 2 युवक तलवार लेकर थाने पहुंच गए। इसके बाद रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल होने लगा। जब मामले की जानकारी पुलिस को हुई, तो पुलिस ने युवकों की क्लास लगा दी। थाना के सामने युवकों को कान पकड़कर उठक-बैठक करवाया गया।
मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक रामनवमी के दिन 2 युवक रील बनाने के चक्कर में चक्रधर नगर थाना पहुंच गए। युवकों ने अपने हाथों में खुली तलवार लेकर चलते हुए स्लो मोशन वीडियो बनाया।
युवकों की पहचान कर दोनों युवकों को थाना लाया गया। जहां उनसे पूछताछ करने पर युवकों ने बताया कि मौज-मस्ती के उद्देश्य से वीडियो बनाया था। पुलिस ने उन्हें समझाइश देते हुए भविष्य में ऐसा नहीं करने की हिदायत दी।

थाना के सामने युवकों को कान पकड़कर उठक-बैठक करवाया गया।
युवकों ने भी अपनी गलती की माफी मांगी। कहा कि हम पुलिस से माफी मांगते हैं और लोगों से अपील करते हैं कि कानून के साथ मजाक न करें। इसके बाद इंस्टाग्राम से पोस्ट को डिलीट कराया गया और उनके परिजनों की मौजूदगी में उन्हें छोड़ा गया।
- केस 4- रायपुर
रायपुर पुलिस सड़क पर खड़े होकर न्यूसेंस फैलाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने वालों के खिलाफ लगातार एक्शन मोड में है। रायपुर SSP लाल उम्मेद सिंह ने कुछ महीने पहले शहरभर के बदमाशों और हुडदंग मचाने वालों को गंज थाने में बुलाकर फटकार लगाई थी।

सोशल मीडिया पर हथियार के साथ फोटो अपलोड करने वालों एक्शन।
उन्होंने हिदायत देते हुए कहा था कि सोशल मीडिया पर हथियार के साथ फोटो अपलोड करने वालों पर भी सख्त एक्शन होगा। इसके अलावा इस मामले में एंटी क्राइम यूनिट के सोशल मीडिया पर नजर रखने वाली टीम को भी ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर स्पेशल टीम की मॉनिटरिंग
दुर्ग में एसएसपी के निर्देश के बाद एसीसीयू (एंटी क्राइम यूनिट) और सभी थाने की गठित संयुक्त टीम सोशल मीडिया पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं रायपुर और बिलासपुर में भी एक टीम सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग कर रही है। जो भी हथियार के साथ फोटो पोस्ट कर रहे हैं, उन्हें थाने बुलाया जा रहा है।
नकली हथियार के साथ फोटो डालने पर भी एक्शन
हथियार लेकर रील्स बनाने पर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाता है, जिससे युवकों को जेल भी जाना पड़ता है। स्टूडेंट हैं तो उनके करियर पर असर पड़ सकता है। नकली वेपन के साथ फोटो वीडियो और रील्स बनाने पर भी वैधानिक कार्रवाई का प्रावधान है, क्योंकि, उनके इस तरह की हरकत को दहशतगर्दी माना जाता है। नकली हथियार के साथ वीडियो बनाने पर पुलिस प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करती है।
कोरबा
रामनवमी की शुभकामनाएं दी पीएमजेएफ लायन राजकुमार अग्रवाल ने
कोरबा। कोरबा के लब्ध प्रतिष्ठित समाज सेवी, लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के संचालक, नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा के डायरेक्टर, द इंटरनेशनल एसोसिएशन आफ लायंस क्लब्स एमडि 3233 के पूर्व वाईस चेयरमेन एवं पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने कोरबा सहित पूरे प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं प्रेषित की है।

लायन अग्रवाल ने रामनवमी पर शुभता का संदेश देते हुए कहा है कि रामनवमी वह एतिहासिक दिन है, जब समाज में आदर्श स्थापना एवं जनता के प्रति राजा के कर्त्तव्यों का संदेश देने के लिए भगवान बिष्णु ने सातवें अवतार के रूप में भगवान राम के रूप में इस धरा पर अवतरित हुए और किस तरह भगवान राम ने अपने माता-पिता के वचनों को पूरा करने के लिए सत्ता त्याग कर 14 वर्ष वनवास काटा। राम त्याग, परोपकार और मानव कल्याण के प्रतीक थे। भगवान राम का सम्पूर्ण जीवन मानव कल्याण के लिए था और वे भारत की संस्कृति थे। भगवान राम का जन्म ही समस्त चर-अचर और विश्व कल्याण के लिए था। रामनवमी उस महापर्व का नाम है, जब हम भगवान राम के आदर्शों का कुछ अंश अपने जीवन में उतारें और क्षमता एवं सामर्थ्य के अनुसार समाज निर्माण में अपना योगदान दें। इसी में ही रामनवमी की सार्थकता है।
छत्तीसगढ़
LIC को आयकर विभाग का बड़ा झटका, ₹7,000 करोड़ से ज्यादा की डिमांड
मुंबई, एजेंसी। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को आयकर विभाग की ओर से वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बड़ा डिमांड ऑर्डर मिला है। इसमें टैक्स और ब्याज शामिल है। इस आदेश के तहत कंपनी से रू.6,146.71 करोड़ आयकर और रू.953.25 करोड़ ब्याज सहित कुल रू.7,099 करोड़ से अधिक की मांग की गई है।

किन कारणों से बनी इतनी बड़ी डिमांड?
कंपनी के अनुसार, आयकर विभाग की असेसमेंट यूनिट ने आकलन के दौरान कुछ मदों को आय में शामिल किया और कई दावों को अस्वीकार कर दिया, जिससे टैक्स देनदारी बढ़ गई। इसमें अंतरिम बोनस को आय में जोड़ना, ‘जीवन सुरक्षा फंड’ से हुए नुकसान को शामिल करना, निगेटिव रिजर्व को आय मानना, धारा 80M के तहत क्लेम किए गए डिडक्शन को खारिज करना और TDS देरी से जमा करने पर ब्याज को अस्वीकार करना जैसे कारण शामिल हैं।

आदेश को चुनौती दे सकती है LIC
LIC ने संकेत दिया है कि वह इस डिमांड ऑर्डर को आयकर आयुक्त (अपील) के समक्ष चुनौती दे सकती है। कंपनी का कहना है कि इस आदेश का असर केवल बताई गई टैक्स और ब्याज राशि तक सीमित है और इसके नियमित कारोबार पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
शेयर पर रहेगी नजर
बाजार की नजर अब कंपनी के शेयर पर बनी हुई है, जो 25 मार्च को बीएसई पर रू.780.60 पर बंद हुआ था, जबकि 26 मार्च को रामनवमी के कारण बाजार बंद रहा।

कोरबा
दिव्यांग महोत्सव: प्रतिभा, सम्मान और समावेशन का उत्सव 9 एवं 10 मई को बिलासपुर में
कोरबा/बिलासपुर। बिलासपुर में आगामी 9 और 10 मई को दिव्यांग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव समाज में समावेशन और संवेदनशीलता का एक सशक्त उदाहरण बनने जा रहा है। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य दिव्यांगजनों की प्रतिभा, क्षमता और उनके बहुमूल्य योगदान को पहचानना तथा उन्हें सम्मानित करना है।

दिव्यांग विमर्श के संयोजक डॉ. गजेंद्र तिवारी ने बताया कि यह कार्यक्रम दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक ऐसा मंच प्रदान करेगा, जहां वे अपनी विविध प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर सकेंगे। इसमें संगीत, नृत्य, खेल, कला सहित कई विधाओं में प्रतिभागी हिस्सा लेंगे और अपनी क्षमताओं का परिचय देंगे। यह महोत्सव न केवल दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास को बढ़ाने का कार्य करेगा, बल्कि समाज के अन्य वर्गों को भी उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह है कि दिव्यांगजनों को समाज में एक गरिमामय स्थान मिले और उनकी क्षमताओं को सही पहचान मिल सके। समाज के सभी वर्गों से इस महोत्सव में भाग लेने और दिव्यांगजनों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। उनका मानना है कि ऐसे आयोजनों से समाज में समावेशी सोच को बढ़ावा मिलता है और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलता है।
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ विनय कुमार पाठक ने कहा कि परिषद् का लक्ष्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में लाना है। दिव्यांग महोत्सव के माध्यम से हम उनकी प्रतिभा, आत्मविश्वास और क्षमता को पूरे देश के सामने लाएंगे। यह आयोजन एक नई सोच और नई ऊर्जा का प्रतीक बनेगा।
राष्ट्रीय महामंत्री मदनमोहन अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि सेवा कार्यों को अब और व्यापक स्तर पर ले जाने का समय आ गया है। परिषद् हर उस दिव्यांग तक पहुंचेगी, जिसे सहयोग और मंच की आवश्यकता है।
दिव्यांग विमर्श के संयोजक डॉ गजेंद्र तिवारी ने बताया कि दिव्यांग महोत्सव एक ऐसा आयोजन है, जो दिव्यांग व्यक्तियों की प्रतिभा, क्षमता और योगदान को पहचानता है और उनका सम्मान करता है। इस महोत्सव में दिव्यांगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, जैसे कि संगीत- नृत्य, खेल, कला और अलग-अलग विधाओं में भाग ले सकते हैं।
यह महोत्सव दिव्यांगों को अपने आप को व्यक्त करने और अपनी प्रतिभा को दिखाने का एक मंच प्रदान करता है। यह आयोजन न केवल दिव्यांगों के लिए है, बल्कि यह समाज के सभी वर्गों के लोगों को एक साथ लाने और दिव्यांगों की प्रतिभा को पहचानने का एक अवसर भी है। यह महोत्सव निश्चित रूप से प्रतिभा, सम्मान और समानता का एक प्रेरणादायक संगम साबित होगा।
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