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कोरबा

अंधेरे से उजाले की ओर, लामपहाड़ में शिक्षा की नई भोर

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युक्ति युक्तकरण से शिक्षकविहीन विद्यालय लाम पहाड़ प्राथमिक शाला में शिक्षक की हुई नियुक्ति

पहाड़ी कोरवाओं बच्चों का बदलेगा भविष्य

कोरबा। कुछ समय पहले लाम पहाड़ का नाम सुनते ही एक कठिन राह पर मुश्किल सफर का दृश्य उभर कर आँखों में छा जाता था। पहाड़ो में बसाहट होने और यहाँ तक पहुचने में अनेक चुनौतियां होने की वजह से यहाँ रहने वाले पहाड़ी कोरवाओं को कई सुविधाओं से महरूम होना पड़ता था। अब जबकि बिजली,पानी और सड़क के साथ इस बसाहट में स्कूल बनकर संचालित हो रहा है तो लाम पहाड़ क्षेत्र के पहाड़ी कोरवाओं के बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अन्धकारमय जीवन से बाहर निकलकर शिक्षा के भोर के सहारे बेहतर भविष्य गढ़ने का अवसर मिल गया है। यहाँ आवागमन सहित अन्य चुनौतियों की वजह से शिक्षकविहीन की श्रेणी में आने वाले लामपहाड़ के पाठशाला को शासन की युक्ति युक्तकरण की पहल ने न सिर्फ नियमित शिक्षक की सौगात दी अपितु यहाँ पढ़ाई करने आने वाले बच्चों के भविष्य की राह भी आसान कर दी है।


कोरबा विकासखंड अंतर्गत अन्तिमछोर के ग्रामपंचायत बड़गांव के आश्रित ग्राम लामपहाड़ की पहचान भले ही अब कठिन राह पर मुश्किल सफर की नहीं रही, लेकिन बड़ी संख्या में निवास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा ही यहाँ की पहचान अभी भी है। शहर से बहुत दूर घने जंगलों के आसपास निवास करने वाले पहाड़ी कोरवाओं को विकास की मुख्य धारा में जोड़ने शासन द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में यहाँ विद्यालय का संचालन कर पहाड़ी कोरवा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की पहल की गई, लेकिन विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका के पदोन्नति होकर अन्यत्र स्थानान्तरण के बाद विगत कुछ वर्षों से नियमित शिक्षक नहीं होने का खामियाजा विद्यार्थियों को उठाना पड़ता था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अतिशेष शिक्षको के समायोजन व युक्ति युक्तकरण की पहल ने यहाँ की तस्वीर बदलने का काम किया।

यहाँ संचालित प्राथमिक शाला और माध्यमिक शाला में शिक्षको की पदस्थापना होने से अब यह विद्यालय शिक्षकविहीन की श्रेणी से बाहर आ गया है। नियमित शिक्षक के नियुक्ति से पहाड़ी कोरवा विद्यार्थियों की पढ़ाई भी नियमित होने लगी है। यहाँ जाने पर युक्ति युक्तकरण से प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक कलेश्वर राम कटेला क्लास में विद्यार्थियों को पढ़ाई कराते नजर आए। उन्होंने बताया कि युक्ति युक्तकरण से लामपहाड़ के प्राथमिक शाला को दो और माध्यमिक शाला को एक शिक्षक मिले हैं। प्राथमिक शाला में कुल 33 बच्चे और मिडिल स्कूल में 19 बच्चे हैं। इन सभी विद्यार्थियों में अधिकांश विशेष पिछड़ी जनजाति वाले पहाड़ी कोरवा जाति के हैं। मीडिल स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक दीपक यादव ने बताया कि युक्ति युक्तकरण से एक नए शिक्षक के आ जाने से मीडिल स्कूल में 3 शिक्षक हो गए हैं। इधर विद्यालय में पढ़ाई करने वाले पहाड़ी कोरवा विद्यार्थियों सुखशिला, फूलमती, संगीता, देवशीला, फुलमनिया ने बताया कि नियमित शिक्षक आने से क्लास में लगातार पढ़ाई हो रही है। शिक्षक समय पर आ जाते हैं और पूरे समय तक ठहरते हैं। उन्होंने बताया कि उनके माता पिता पहले स्कूल दूर होने से पढ़ाई नहीं कर पाए। अब स्कूल पास ही है इसलिए हमें पढ़ाई करने भेजते हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें समय पर नाश्ता और मध्यान्ह भोजन भी मिलता है। हमारा मन पढ़ाई में लगने लगा है।

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कोरबा

एकलव्य आवासीय स्कूल में अव्यवस्था का मामला : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

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कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव

गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!

एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।

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कोरबा

528.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

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कोरबा। कोरबा जिले में एक जून से 28 जुलाई तक कुल 528.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई।
   अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 546.1 मिलीमीटर, अजगरबहार 372.8, भैंसमा, 478.4, करतला 471.1, बरपाली 567.5, कटघोरा 540.9 दीपका 572.5, दर्री 661.3, पाली 581.4, हरदीबाजार 429.4, पोंड़ी-उपरोड़ा 577.6, और पसान तहसील में 539.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

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कोरबा

सीतामढ़ी, बरमपुर, राताखार सहित अन्य स्थानों से अवैध खनिज परिवहन कर रहे 9 वाहन जब्त

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खनिज विभाग कोरबा की लगातार कार्यवाही से खनिज माफियाओं में मचा हड़कंप

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश तथा उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में अवैध उत्खनन परिवहन व भण्डारण पर प्रतिबंध लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत गठित खनिज उड़़नदस्ता दलों द्वारा जिले के कई स्थानों पर छापा मारकर सघन जांच की गई। जिस दौरान सीतामढ़ी में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर, बरमपुर में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर, राताखार में गिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे 2 हाइवा व रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर, कुसमुंडा में ईंट का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर तथा कटघोरा में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 ट्रेक्टर सहित कुल 9 वाहनों पर कार्यवाही करते हुए जब्त कर सिटी कोतवाली थाना, सर्वमंगला पुलिस चौकी, कुसमुंडा थाना, दर्री थाना व  खनिज जांच चौकी, कटघोरा की अभिरक्षा में सुरक्षार्थ रखा गया है।

      खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर प्रतिबंध सुनिश्चित करना, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। नियमों का उल्लघंन करने, अवैध उत्खनन एवं परिवहन तथा भण्डारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध खान और खनिज ( विकास और विनियमन)  अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़़ गौण खनिज नियम 2015 और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण के विरुद्ध सघन अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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